अंतरराष्ट्रीय
निजी कारणों से आईपीएल से बाहर हुए मलिंगा
मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने आईपीएल के 13वें सीजन से नाम वापस ले लिया है। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक मलिंगा ने निजी कारणों का हवाला देकर लीग से अपना नाम वापस लिया है। टीम ने उनकी जगह आस्ट्रेलिया के जेम्स पेटिनसन को आईपीएल खेलने का मौका दिया है। पेटिनसन ने अभी तक आईपीएल नहीं खेला है।
वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, “मलिंगा के पिता बीमार हैं और उन्हें आने वाले सप्ताह में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। मलिंगा ऐसे में श्रीलंका में अपने पिता के साथ रहना चाहते हैं और इसलिए ही उन्होंने पिछले महीने टीम के साथ अबुधाबी न जाने का फैसला किया।”
ऐसा माना जा रहा था कि मलिंगा लीग के बीच में टीम के साथ जुड़ सकते हैं लेकिन अब उन्होंने लीग में नहीं खेलने का फैसला किया है।
टीम की वेबसाइट पर टीम के मालिक आकाश अंबानी के हवाले से लिखा है, “लसिथ मलिंगा महान हैं और टीम की मजबूती हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि उनको मिस किया जाएगा। हम हालांकि उनकी इस समय श्रीलंका में परिवार के साथ रहने की जरूरत को समझते हैं।”
पेटनिसन के बारे में आकाश ने कहा, “वह टीम के लिए सही विकल्प हैं।”
कोविड-19 के कारण इस बार का आईपीएल यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच खेला जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय
हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिका के ‘दबाव’ को खारिज करते हैं, भारत की विदेश नीति स्वतंत्र : रूसी राजदूत

नई दिल्ली, 1 अप्रैल : भारत के तेल बाजार को लेकर अमेरिका के दबाव के आरोपों पर रूस ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने साफ कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के ‘अमेरिकी दबाव’ को पूरी तरह खारिज करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि नई दिल्ली अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है।
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में डेनिस अलिपोव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से बिल्कुल सही तरीका नहीं हैं।
जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि क्या टैरिफ विवाद के बीच भारत रूसी तेल का आयात कम कर रहा है, तो उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत व्यापार पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के दबाव को सख्ती से खारिज करते हैं। यह व्यापार करने का सही तरीका नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम साफ तौर पर देख रहे हैं कि अमेरिका भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिश कर रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और व्यापार के लिए सही तरीका नहीं है। हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिकी दबाव को खारिज करते हैं। भारत एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है और हम ऐसे दबाव को ठुकराने के उसके रुख का स्वागत करते हैं।”
रूस के राजदूत ने यह भी बताया कि मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत ने रूस से तेल आयात काफी बढ़ा दिया है।
डेनिस अलिपोव ने कहा, “हम दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों का विस्तार कर रहे हैं। हाल ही में भारत को रूस से तेल की आपूर्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। हम इस दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे दोनों देशों को लाभ हो।”
मध्य पूर्व में जारी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उन्होंने इसे ‘अमेरिकी ऑयल डिसरप्शन डिप्लोमेसी’ का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व की परिस्थितियों के बीच ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। लेकिन रूस और भारत के बीच व्यापार, खासकर तेल के क्षेत्र में, तेजी से आगे बढ़ रहा है और हम इसे जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित रूस यात्रा को लेकर अलिपोव ने कहा कि मॉस्को इस साल उनकी यात्रा का दिल से स्वागत करेगा।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच हर साल शिखर बैठक का एक तंत्र है और पिछले साल दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति ने भारत का दौरा किया था।
अंतरराष्ट्रीय
इराक में अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, अमेरिका ने ईरान से जुड़े मिलिशिया की संलिप्तता का किया दावा

बगदाद, 1 अप्रैल : इराक के बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार को अपहृत कर लिया गया है। अमेरिका के विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि इसमें ईरान‑समर्थित मिलिशिया समूह का संदेह है, जिससे इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह अमेरिकी पत्रकार की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
ग्लोबल पब्लिक अफेयर्स के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट डिलन जॉनसन ने सोशल साइड एक्स पर पोस्ट में कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग को बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार के अपहरण की सूचना है। विभाग ने पहले इस व्यक्ति को संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दी थी और हम एफबीआई के साथ समन्वय जारी रखेंगे ताकि उसकी जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित हो सके।”
उन्होंने कहा, “इरान‑समर्थित मिलिशिया समूह कताइब हिज़्बुल्लाह से जुड़े एक व्यक्ति पर अपहरण में शामिल होने का संदेह है, उसे इराकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।”
जॉनसन ने यह भी दोहराया कि इराक अभी भी लेवल 4 यात्रा सलाह के तहत है और अमेरिकियों को किसी भी हालत में देश की यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है तथा वहां मौजूद लोगों को तुरंत छोड़ने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा, “विदेश विभाग सभी अमेरिकियों, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, से अनुरोध करता है कि वे सभी यात्रा सलाहों का पालन करें।”
पहले, इराकी गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में पुष्टि की थी कि पत्रकार को बगदाद में “अज्ञात व्यक्तियों” द्वारा अगवा किया गया है। सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया और अपहरण में प्रयुक्त कथित वाहन जब्त किया। मंत्रालय ने कहा कि अन्य व्यक्तियों को पकड़ने और पत्रकार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
अपहृत पत्रकार की पहचान शेली किटलसन के रूप में हुई है। वह एक फ्रीलांस रिपोर्टर हैं और मीडिया एडलोकेसी संगठन और एआई-मॉनिटर जैसी प्रकाशनों में योगदान दे चुकी हैं।
किटलसन अपने व्यापक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं, खासकर सीरिया और इराक के संघर्ष क्षेत्रों में वह कई वर्षों से इस क्षेत्र में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं।
एआई-मॉनिटर ने अपने बयान में कहा कि वे उनके अपहरण से “गहरा चिंतित” हैं और उनकी “सुरक्षित और तात्कालिक रिहाई” की मांग की। “हम उनके महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग के समर्थन में खड़े हैं और उनके त्वरित लौटने की अपील करते हैं ताकि वे अपना महत्वपूर्ण कार्य जारी रख सकें।”
इंटरनेशनल वीमेंस मीडिया फाउंडेशन के अनुसार, किटलसन एक “वैध पत्रकार” हैं, जिनके पास मध्य पूर्व में पर्याप्त अनुभव है और वर्तमान में वह रोम में आधारित हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान में क्रूर शासन के खिलाफ हमारे संघर्ष की दहाड़ पूरी दुनिया सुन रही : नेतन्याहू

तेल अवीव : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, इस स्वतंत्रता के पर्व की पूर्व संध्या पर इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। पूरी दुनिया ईरान की दुष्ट सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारी शेर जैसी गर्जना सुन रही है, एक ऐसी लड़ाई जिसमें हमने बेहद बड़ी व विशाल उपलब्धियां हासिल की हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इसकी एक पीड़ादायक कीमत भी है। अभी कल ही, हमने अपने चार सर्वश्रेष्ठ बेटों को खो दिया। इजरायल के नागरिकों की ओर से और मेरी व मेरी पत्नी सारा की ओर से मैं शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। हम सभी प्रेम के साथ उन परिवारों को गले लगाते हैं जिन्होंने अपना सबसे अनमोल सदस्य खो दिया है और हम अपने वीर घायल साथियों को भी प्रेम से गले लगाते हैं। हम एक ही लोग हैं, एक साझा नियति की डोर से बंधे हुए, अपने अस्तित्व और अपने भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए साथ हैं।
अमेरिका के साथ हमारे संयुक्त अभियान के एक महीने पूरे होने पर हम व्यवस्थित रूप से उस आतंकी शासन को कुचल रहे हैं जिसने दशकों तक यह नारा लगाया: “अमेरिका की मौत, इजरायल की मौत।” यह सच है कि हर पीढ़ी में वे हमें नष्ट करने के लिए उठ खड़े होते हैं और इस पीढ़ी में आयतुल्लाओं के शासन ने हमें समाप्त करने, मध्य पूर्व पर कब्ज़ा करने और पूरी दुनिया को धमकाने का बड़ा प्रयास किया। उसने इन घातक इरादों को आगे बढ़ाने के लिए परमाणु कार्यक्रमों और बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास किया, हमारे आसपास आतंकवादी संगठनों को धन और हथियार दिए और उस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को झेलते हुए आगे बढ़ा। अब मैं आपको बताना चाहता हूं कि वर्षों में इस सब पर ईरान को लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का खर्च आया है। अब यह कहा जा सकता है कि वह पैसा व्यर्थ चला गया।
ईरान से वसूली गई कीमत केवल धन तक सीमित नहीं थी। आने वाले पासओवर (मुक्ति पर्व) की भावना में ‘मोचन युद्ध’ की शुरुआत से ही, हमने ‘बुराई के धुरी’ पर दस विपत्तियां डाली हैं। गाज़ा में हमास पर प्रहार, लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर प्रहार, सीरिया में असद पर प्रहार, यहूदिया और समारिया में आतंकी संगठनों पर प्रहार, यमन में हूतियों पर प्रहार, और ईरान पर पांच और प्रहार- उनके परमाणु कार्यक्रम पर प्रहार, उनकी मिसाइलों पर प्रहार, शासन की बुनियादी संरचना पर प्रहार, दमनकारी ताकतों पर प्रहार, और “पहिलौठों की विपत्ति”, या हमारे मामले में, शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार। तानाशाह खामेनेई से लेकर परमाणु वैज्ञानिकों तक और रिवोल्यूशनरी गार्ड व बसीज के कुख्यात हत्यारों तक, नसरल्लाह, हनियेह, डेइफ़, सिनवार और कई अन्य तक।
मिस्र की दस विपत्तियों के बाद भी फ़िरऔन ने इजरायल के लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और हम सभी जानते हैं उसका अंत क्या हुआ। यही स्थिति ईरानी ‘बुराई के धुरी’ के खिलाफ अभियान में भी है। यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन अभी भी यह कहा जा सकता है कि हमारे दुश्मनों पर आई इन दस विपत्तियों के मुकाबले, हमने ‘राइजिंग लॉयन’ और ‘रोअरिंग लॉयन’ अभियानों तथा पूरे ‘मोचन युद्ध’ में दस बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
पहला हमने एक रणनीतिक बदलाव किया। इन दोनों अभियानों से पहले, ईरान हमें घेरने की कोशिश कर रहा था। आज हम उन्हें घेर रहे हैं। ईरान का आयतुल्ला शासन पहले से कहीं अधिक कमजोर है और इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत।
दूसरा, हमने दुनिया को ईरान के खतरे के प्रति जागरूक किया। पहले दुनिया ने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया। आज कोई भी इस खतरे की गंभीरता को नहीं नकार सकता।
तीसरा, पहले हम अकेले लड़ रहे थे। आज हम अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं- एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सहयोग में।
चौथा, हमने उस आतंकी शासन की नींव हिला दी, जो पहले अजेय लगता था। अब यह शासन डगमगा रहा है, और देर-सबेर गिर जाएगा।
पांचवां, हमने दो अस्तित्वगत खतरों को समाप्त किया- परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा।
छठा, हमने ईरान की आतंकी सेनाओं की ताकत तोड़ दी, जो हमें चारों ओर से घेर रही थीं।
सातवां, हमने अपनी सीमाओं से परे गहरे सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए। आठवां, हमने अपनी सुरक्षा नीति बदली-अब हम पहल करते हैं और अपने दुश्मनों को चौंकाते हैं।
नौवाँ, हमने साबित किया कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। दसवाँ, हमने इजरायल की जनता और अर्थव्यवस्था की अद्भुत मजबूती दिखाई।
इजरायल के नागरिकों, ये उपलब्धियां आपकी वजह से संभव हुई हैं-आपके विश्वास और शक्ति के कारण। दुश्मन आते-जाते रहेंगे लेकिन उनका सामना करने की हमारी क्षमता और दृढ़ संकल्प ही हमारे भविष्य को सुरक्षित करता है। मिलकर हमने इजरायल को एक क्षेत्रीय शक्ति, और कुछ क्षेत्रों में वैश्विक शक्ति बना दिया है।
कई बार पिछले ढाई वर्षों में, मुझे कठिन निर्णय लेने पड़े- रफ़ाह, फिलाडेल्फ़ी, गाज़ा सिटी में प्रवेश, बंधकों की वापसी, सीरिया में हस्तक्षेप और ‘राइजिंग लॉयन’ व ‘रोअरिंग लॉयन’ जैसे साहसी कदम। इन सभी में मैंने आपकी आवाज़ सुनी, नागरिकों की और सैनिकों की।
आपने मुझसे कहा: “हम समझते हैं क्या दांव पर है। हम मजबूत हैं। प्रधानमंत्री, कमजोरी की आवाज़ों के सामने मत झुको। लड़ाई जारी रखो, हमें जीत की ओर ले चलो।” और हम वही कर रहे हैं।
गाज़ा और लेबनान में आगे बढ़ते सैनिक से लेकर तेहरान के आसमान में उड़ते पायलट तक-इस्राइली योद्धा चीते की तरह तेज, चील की तरह हल्के और शेर की तरह बहादुर हैं। हम आतंकी शासन को कुचलते रहेंगे, अपनी सुरक्षा को मजबूत करेंगे और अपने लक्ष्य हासिल करेंगे।
पासओवर हग्गादा में कहा गया है: “हर पीढ़ी में कोई न कोई हमें नष्ट करने उठ खड़ा होता है लेकिन ईश्वर हमें उनके हाथों से बचाते हैं।” यही विरासत हमें संभाले हुए है। राष्ट्र अडिग खड़ा है, और हमें भी अडिग रहना होगा। ईश्वर की कृपा से हम इजरायल की अनंतता सुनिश्चित करेंगे।
पूरे इजरायल को स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
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