राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु सरकार का फैसला, भवानीसागर बांध से 15 दिन के लिए छोड़ा जाएगा पानी
तमिलनाडु सरकार ने किसानों को बड़ी रहत देते हुए भवानीसागर बांध से लोअर भवानी परियोजना (एलबीपी) नहर प्रणाली में 15 दिनों तक पानी छोड़ने का आदेश दिया है। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिली है, जो सिंचाई के लिए तत्काल जल आपूर्ति की मांग कर रहे थे।
आमतौर पर हर साल 15 अगस्त को लोअर भवानी नहर से जुड़े क्षेत्रों में खेती के लिए भवानीसागर बांध से पानी छोड़ा जाता है। हालांकि इस वर्ष बांध का जलस्तर 60 फीट से नीचे रहने और जलप्रवाह कम होने के कारण अनिश्चितता बनी हुई थी।
राज्य सरकार ने शनिवार देर रात तक सिंचाई के लिए पानी छोड़ने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया था, जिससे इरोड जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई थी। किसानों का कहना था कि अधिक देरी होने पर खड़ी फसलों और आगामी कृषि कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
पानी छोड़ने की मांग को लेकर लोअर भवानी सिंचाई प्रणाली पर निर्भर किसानों ने इरोड के पास धरना भी दिया। उन्होंने जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में फसलों को बचाने के लिए कम से कम सीमित मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
किसानों के विरोध और ज्ञापनों के बाद इरोड के जिला कलेक्टर कंदासामी ने विशेष सिंचाई व्यवस्था की घोषणा की। कलेक्टर द्वारा जारी बयान के अनुसार, जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर भवानीसागर बांध से 15 दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा।
इससे लगभग 1,300 एकड़ कृषि भूमि को लाभ मिलने की उम्मीद है। पानी लोअर भवानी मुख्य नहर और चेन्नासमुद्रम वितरण नहर के विषम संख्या वाले स्लूइस गेटों से छोड़ा जाएगा। बांध में कम जल भंडारण को देखते हुए अधिकारियों को जल प्रवाह का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्लूइस गेट पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने वाला एक विशेष गेट होता है, जिसे बांध, नहर, जलाशय या नदी में लगाया जाता है।
हालांकि इस घोषणा से किसानों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन खेती के बाकी सीजन में पानी की उपलब्धता को लेकर उनकी चिंता बनी हुई है। किसानों ने मांग की है कि जल वितरण की निगरानी की जाए ताकि पानी नहर के अंतिम छोर तक पहुंचे और बीच में उसकी बर्बादी या डायवर्जन न हो।
भवानीसागर बांध इरोड और आसपास के जिलों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। इसके जलस्तर में किसी भी तरह की कमी का सीधा असर लोअर भवानी नहर नेटवर्क पर निर्भर हजारों किसान परिवारों पर पड़ता है।
अधिकारियों ने किसानों से उपलब्ध पानी का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पानी छोड़े जाने का फैसला जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश और बांध में आने वाले जल प्रवाह पर निर्भर करेगा।
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हजारीबाग में अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, पिता-पुत्री की मौत, पत्नी गंभीर

झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात रात एक सड़क हादसे में तीन वर्षीय बच्ची और उसके पिता की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा बड़कागांव-केरेडारी मुख्य मार्ग पर देशवारी के पास हुआ। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद देर रात आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया।
मृतकों की पहचान केरेडारी के बेलतू निवासी यासिम और उनकी तीन वर्षीय बेटी के रूप में हुई है। यासिम की पत्नी हादसे में गंभीर रूप से घायल हैं, और उनका इलाज हजारीबाग में कराया जा रहा है। यासिम शनिवार रात अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक से जोको ग्राम स्थित ससुराल से बेलतू गांव लौट रहे थे।
इसी दौरान देशवारी के पास हजारीबाग की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों सड़क पर गिर पड़े।
हादसे के बाद चालक स्कॉर्पियो लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तीनों घायलों को केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने यासिम और उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल यासिम की पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग भेज दिया गया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस फरार स्कॉर्पियो और उसके चालक की तलाश कर रही है। आसपास के इलाकों में वाहन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इधर, घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात बड़कागांव-केरेडारी मुख्य मार्ग को देशवारी के पास जाम कर दिया। ग्रामीण फरार वाहन और चालक को जल्द पकड़ने, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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झारखंडः निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया, ‘एसआईआर के तहत नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं, इसका उद्देश्य सिर्फ त्रुटि दूर करना’

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया का मकसद किसी पात्र भारतीय नागरिक को परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है। उन्होंने कहा कि पात्र भारतीय नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय उनकी मदद के लिए तैयार हैं। के रवि कुमार ने रविवार को बताया कि 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और दूसरी श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न हो और कोई अपात्र या विदेशी नागरिक इसमें शामिल न हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में बीएलओ संबंधित मतदाता को ईआरओ की ओर से जारी नोटिस देगा। नोटिस मिलने के बाद दस्तावेज जमा करने के लिए पहले सात दिन का समय मिलेगा। इस अवधि में दस्तावेज नहीं देने पर बीएलओ दोबारा संपर्क करेगा और फिर सात दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर तक है। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 14 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस समय नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची में दर्ज गलतियों को सुधारने का काम भी चल रहा है। ऐसे लोग जिनका नाम किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और वे झारखंड में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, वे फॉर्म-8 और जरूरी घोषणा पत्र जमा कर सकते हैं। एक ही परिवार के सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र की सूची में दर्ज करने का काम भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान मिले आवेदन और आंकड़ों में यदि कोई गलती या विसंगति सामने आती है तो नोटिस और सुनवाई के जरिए उसका सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नाम और दूसरे विवरणों की जांच जरूर करें और जरूरत पड़ने पर समय पर जरूरी दस्तावेज जमा करें।
के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर के बाद तैयार मतदाता सूची को स्थायी रिकॉर्ड के तौर पर रखा जाएगा। इसमें दर्ज सही और प्रमाणित जानकारी भविष्य में मतदाता और उसके परिवार के लिए भी महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकती है। उन्होंने राजनीतिक दलों, बूथ लेवल एजेंटों और आम लोगों से अपील की कि किसी विदेशी नागरिक को मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग न करें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई विदेशी नागरिक भारत की नागरिकता हासिल करना चाहता है तो उसे पहले गृह मंत्रालय से निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय नागरिकता लेनी होगी। नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन करना कानूनन अपराध है। एसआईआर, नोटिस, दावा-आपत्ति या जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
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यूजीसी-नेट प्रोविजनल ‘आंसर की’ जारी, 18 अगस्त तक आपत्ति दर्ज करने का मौका

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के ‘आंसर की’ जारी की है। यह ‘आंसर की’ यूजीसी-नेट परीक्षा के 84 विषयों के लिए है। इसके साथ ही उत्तर कुंजी को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एनटीए के मुताबिक यूजीसी-नेट परीक्षा के अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में संबंधित प्रश्नों और उत्तरों की जांच कर अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
गौरतलब है कि यूजीसी-नेट के माध्यम से अभ्यर्थियों की सहायक प्रोफेसर के लिए पात्रता और कनिष्ठ अनुसंधान अध्येता के लिए पात्रता निर्धारित की जाती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, उत्तर कुंजी को चुनौती देने की प्रक्रिया 16 अगस्त से शुरू होकर 18 अगस्त की रात 11 बजकर 59 मिनट तक जारी रहेगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अपनी आपत्तियां दर्ज करें।
एनटीए का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के उपरांत कोई चुनौती स्वीकार नहीं की जाएगी। अनंतिम उत्तर कुंजी में किसी प्रश्न या उसके उत्तर को गलत मानने वाले अभ्यर्थी को चुनौती दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपये का शुल्क देना होगा। यह शुल्क प्रत्येक चुनौती के लिए अलग से लागू होगा। आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थी को संबंधित प्रश्न का चयन करने के बाद अपनी आपत्ति के समर्थन में उचित आधार और प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
परीक्षा व्यवस्था में अनंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त चुनौतियों की विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाएगी। इस जांच के उपरांत अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाती है। अभ्यर्थियों को केवल आपत्ति दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित शुल्क का भुगतान भी समय सीमा के भीतर करना होगा। शुल्क भुगतान की अंतिम समय सीमा 18 अगस्त रात 11 बजकर 59 मिनट है।
एनटीए द्वारा अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और आपत्ति तथा शुल्क भुगतान की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लें। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया है कि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र तीन विषयों के संबंध में अलग प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को लेकर प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति इन शिकायतों की जांच कर अपनी सिफारिशें देगी। इन सिफारिशों के आधार पर अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के संबंध में अलग सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार, इन तीन विषयों से संबंधित अभ्यर्थियों को अलग सार्वजनिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि यूजीसी-नेट जून 2026 से संबंधित उत्तर कुंजी, आपत्ति प्रक्रिया, शुल्क, समय सीमा और आगे की कार्रवाई के संबंध में केवल आधिकारिक वेबसाइट तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के सत्यापित सामाजिक माध्यम खातों पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अनंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। परीक्षा परिणाम भी अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर तैयार किया जाएगा।
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