राजनीति
महाराष्ट्र: ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ विधेयक विधानसभा से पास, विधान परिषद में आज बिल पर चर्चा
मुंबई, 17 मार्च : महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार देर रात तगड़ी बहस के बाद धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 पारित किया गया। सत्तारूढ़ महायुति सरकार ने गैरकानूनी और जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए विधेयक की जरूरत पर जोर दिया। शिवसेना (यूबीटी) ने भी इस विधेयक का समर्थन किया। जिससे महा विकास अघाड़ी में मतभेद दिखाई दिया। कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और समाजवादी पार्टी सहित अन्य सहयोगी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया।
बता दें कि विधेयक में सामान्य मामलों में 7 साल तक की जेल और 1-5 लाख रुपये जुर्माना,महिला/नाबालिग/एसी-एसटी मामलों में 10 साल तक जेल और 7 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। धर्म परिवर्तन के लिए 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित नोटिस देना अनिवार्य होगा, और बाद में घोषणा भी। अवैध धर्मांतरण से हुई शादी निरस्त मानी जा सकती है।
विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक पारित करने के लिए विधान परिषद को भेजा गया है। मंगलवार को विधान परिषद में इस पर चर्चा है। विधानसभा में चर्चा के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी खास वर्ग के खिलाफ नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसे केवल जबरदस्ती, धोखाधड़ी या प्रलोभन के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में सरकार के रुख को स्पष्ट किया। ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ नाम का यह विधेयक शुक्रवार को गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) डॉ. पंकज भोयर ने सदन में पेश किया। जिसका उद्देश्य प्रलोभन, छल या बल के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर अंकुश लगाना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और राजस्थान सहित कई राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से ही लागू हैं। इसी को देखते हुए महाराष्ट्र ने भी ऐसा ही कानून लागू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार देता है। सभी को अपने धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने का अधिकार। हालांकि, किसी को जबरदस्ती धर्मांतरित करना, धोखाधड़ी, दबाव, बल प्रयोग या प्रलोभन देना स्वतः ही गलत है, इसलिए ऐसे मामलों को रोकने के लिए यह कानून आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहते हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्हें धर्म परिवर्तन के बारे में अधिकृत अधिकारियों को सूचित करना होगा। सक्षम अधिकारी स्वीकृति देने से पहले यह सत्यापित करेंगे कि धर्म परिवर्तन वास्तव में स्वैच्छिक है।
इस विधेयक का समर्थन करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के भास्कर जाधव ने कहा कि इसका उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना और अवैध धर्मांतरण को रोकना है। यह व्यापक है और अफवाहों या गलतफहमियों के बावजूद किसी विशेष धर्म को निशाना नहीं बनाता है। इसका उद्देश्य अनैतिक प्रथाओं और धर्म के दुरुपयोग पर रोक लगाना है।
जाधव ने कहा कि मीडिया में झूठे दावे किए जा रहे हैं कि यह विधेयक किसी विशेष धर्म को निशाना बनाता है; यह गलत है। यह विधेयक सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होता है, और इसका उद्देश्य धर्मांतरण में जबरदस्ती या प्रलोभन को रोकना है।
बहस के दौरान, एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 पर बोलते हुए विधानसभा में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। अपने भाषण में, आव्हाड ने विभिन्न ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला दिया। हालांकि, जब उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का विशेष रूप से उल्लेख किया, तो सदन में हंगामा मच गया। अध्यक्ष राहुल नरवेकर ने आव्हाड से खेद व्यक्त करने का निर्देश दिया। जिसके बाद उन्होंने ने सदन से माफी मांगी।
महाराष्ट्र
भिवंडी के डिंगाड में दो गुटों के बीच झड़प, मांसाहारी भोजन को लेकर विवाद में 6 लोग घायल

भिवंडी: भिवंडी के डिंगाड इलाके में युवाओं के दो गुटों के बीच कथित तौर पर मांसाहारी भोजन को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में छह लोगों के घायल होने की सूचना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंगाड पहाड़ी क्षेत्र में किसी बात को लेकर युवाओं के दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई। बताया जा रहा है कि वहां मांसाहारी भोजन लाने या खाने को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और मारपीट होने लगी।
घटना में घायल हुए छह लोगों को इलाज के लिए भिवंडी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बताया जाता है कि अस्पताल में भी दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों, इसमें शामिल लोगों और मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा का रूप न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
राष्ट्रीय समाचार
नीट-पीजी 2026: एनबीईएमएस 25 अगस्त को जारी करेगा एडमिड कार्ड

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले जो उम्मीदवार एडमिट कार्ड जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने नीट-पीजी 2026 की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख 24 अगस्त से बदलकर 25 अगस्त कर दी है।
एनबीईएमएस की ओर से नीट-पीजी 2026 एडमिट कार्ड सोमवार को नहीं, बल्कि मंगलवार को जारी किए जाएंगे। इसी को लेकर एनबीईएमएस ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर कर साफ किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश पत्र जारी करने की तिथि को पूर्व निर्धारित तिथि 27 अगस्त से संशोधित कर 24 अगस्त किया गया था, जिसे किन्हीं अपरिहार्य परिस्थितियों तथा असम और मेघालय से संबंधित प्राप्त अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए 24 अगस्त के स्थान पर 25 अगस्त को जारी किया जाएगा।
इसी के साथ एनबीईएमएस ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी या आधिकारिक संचार माध्यमों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। कैंडिडेट्स अफवाहों, सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली पोस्ट या तीसरे पक्ष द्वारा फैलाए गए संदेशों पर ध्यान न दें।
नीट-पीजी 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा। वहां लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज कर सबमिट कर दें। फिर एडमिट कार्ड आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा। प्रवेश पत्र चेक करने के बाद डाउनलोड कर लें। भविष्य के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकाल कर रख लें।
बता दें कि एनबीईएमएस की ओर से नीट-पीजी 2026 का आयोजन देश भर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 30 अगस्त को एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, एग्जाम में शामिल होने के लिए जिन अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की थी, उनके लिए टेस्ट सिटी इंटिमेशन 11 अगस्त को जारी कर दिए गए हैं, जिसे उम्मीदवार एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
कनाडा और अमेरिका दौरे पर जाएंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आर्थिक और वित्तीय साझेदारी मजबूत करने पर रहेगा फोकस

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर तक कनाडा और अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत की आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को मजबूत करना, निवेश संबंधों को गहरा करना और वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के पहले चरण में सीतारमण कनाडा के टोरंटो पहुंचेंगी, जहां वह कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के साथ आयोजित होने वाले पहले आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में भाग लेंगी। यह मंच दोनों देशों को व्यापक आर्थिक परिस्थितियों, वित्तीय क्षेत्र सहयोग, द्विपक्षीय निवेश अवसरों और साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा। इसके साथ ही भारत-कनाडा संबंधों के आर्थिक और वित्तीय स्तंभ को और मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
टोरंटो में वित्त मंत्री एक विशेष निवेश गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगी, जिसमें ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, उद्योग प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इस बैठक का उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाना, नए निवेश अवसरों की पहचान करना और दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान गिफ्ट सिटी-आईएफएससी में उपलब्ध अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सीतारमण कनाडा स्थित विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन चर्चाओं में भारत की विकास संभावनाओं, निवेश वातावरण और भारतीय बाजार में कनाडाई कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर विशेष ध्यान रहेगा।
कनाडा के बाद वित्त मंत्री अमेरिका जाएंगी, जहां उनका कार्यक्रम शिकागो, एशविल (नॉर्थ कैरोलिना) और न्यूयॉर्क में आयोजित होगा। शिकागो में वह प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगी और निजी क्षेत्र के अग्रणी उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। इन चर्चाओं का केंद्र भारत में निवेश अवसर, आर्थिक परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना होगा।
इस दौरान वह यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन का भी दौरा करेंगी, जहां नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है।
यात्रा के अगले चरण में एशविल में वित्त मंत्री जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वैश्विक आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, निवेश और अन्य प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी।
न्यूयॉर्क में सीतारमण अग्रणी कंपनियों के मुख्य अधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ निवेशक गोलमेज बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, उन्हें नैस्डैक द्वारा विशेष बेल-रिंगिंग समारोह में भी आमंत्रित किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा वित्तीय बाजारों में तेजी से बढ़ती तकनीकी भूमिका, प्रौद्योगिकी और पूंजी बाजारों के बदलते संबंधों तथा वैश्विक निवेश रुझानों को समझने का भी अवसर प्रदान करेगी।
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