राजनीति
यूपी में दो दिन के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, गुरुवार सुबह 7 बजे तक बंदी
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से बढ़ते मामले देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कोरोना कर्फ्यू को दो दिन और बढ़ा दिया है। अब 6 मई मतलब गुरुवार सुबह सात बजे तक बंदी रहेगी। बता दें कि इसके पहले शुक्रवार शाम आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन घोषित किया गया था, जो दो दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। ये आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 के साथ बैठक में दिए हैं।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्र में शुक्रवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को दो दिन और बढ़ाकर छह तारीख की सुबह सात बजे तक कर दिया गया है। शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू हुआ लॉकडाउन अब कुल मिलाकर पांच दिन का हो गया है। अब गुरुवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा। इस दौरान अनिवार्य सेवा पहले की तरह से चालू रहेंगी। नगर पालिका और नगर निगम की टीमें प्रदेश में इस दौरान जगह-जगह पर सैनिटाइजेशन का काम करेंगी। सरकार के दो दिन लॉकडाउन बढ़ाने के कारण अब प्रदेश में पंचायत चुनाव के विजेता बड़ा जश्न मनाने से भी वंचित रहेंगे।
कोरोना वायरस का प्रकोप उत्तर प्रदेश में लगातार जारी है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने पहले वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान किया था, लेकिन उसे सोमवार तक बढ़ा दिया था। यानी शुक्रवार शाम से मंगलवार की सुबह तक लॉकडाउन था। शुक्रवार शाम से मंगलवार की सुबह तक लॉकडाउन था। अब इसी पाबंदी को मंगलवार व बुधवार के लिए लागू कर दिया गया है। इस लॉकडाउन के दौरान किसी का भी बेवजह बाहर निकलना बंद होगा। जरूरी क्षेत्र के लोगों को छूट रहेगी और परिवहन भी जारी रहेगा। बाजार बंद रहेंगे, साप्ताहिक मार्केट नहीं लगेंगी।
कोरोना केस को लेकर यूपी में हर दिन उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है तो कभी पॉजिटिव की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। बीच-बीच में कोरोना केसों में गिरावट भी दर्ज की जा रही है।
राष्ट्रीय समाचार
रक्षाबंधन पर ‘भारत रक्षा पर्व’ स्कूली बच्चों ने थल सेनाध्यक्ष को बांधी राखी

रक्षाबंधन के मौके पर स्कूली छात्राओं ने भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को राखी बांधी है। यह कार्यक्रम ‘भारत रक्षा पर्व’ के तहत आयोजित किया गया। छात्राओं ने थल सेनाध्यक्ष को राखी बांधकर भारतीय सेना के प्रति अपना प्यार, सम्मान और आभार जताया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया।
दरअसल रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम ने देशवासियों और सेना के बीच विश्वास, स्नेह और सम्मान के मजबूत रिश्ते को सामने रखा है। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भारतीय सेना की ओर से ‘भारत रक्षा पर्व’ के तहत ये स्कूली बच्चियां थल सेनाध्यक्ष से मिलीं और देश के सैनिकों के प्रति अपना प्रेम, सम्मान व आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर छात्राओं के नन्हे हाथों से बांधी गई राखियों और उनके चेहरे पर झलकती मासूम मुस्कान ने देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति नागरिकों की भावनाओं को बेहद खूबसूरत तरीके से सामने रखा। छात्राओं ने राखी बांधकर सेना के जवानों और अधिकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया तथा देश की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण को नमन किया।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई औपचारिकता भर नहीं है बल्कि यह कार्यक्रम देश की जनता और भारतीय सेना के बीच विश्वास, स्नेह और आत्मीयता के उस शाश्वत रिश्ते को रेखांकित करता है। सेना के जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
रक्षाबंधन का यह अवसर उनके और देशवासियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने वाला रहा। बच्चों द्वारा थल सेनाध्यक्ष को राखी बांधना इसी भावना का प्रतीक है कि देश का हर नागरिक अपने सैनिकों को परिवार के सदस्य की तरह देखता है। ‘भारत रक्षा पर्व’ के माध्यम से रक्षाबंधन के पर्व को देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले रक्षकों के सम्मान से जोड़ा गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय सेना और देश की जनता के बीच रिश्ता केवल सुरक्षा और जिम्मेदारी का नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का भी है।
राजनीति
नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने नेपाल में आई भीषण बाढ़, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक, गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण, कॉमेडियन समय रैना के सम्मान और कर्नाटक में ‘वंदे मातरम’ के दो छंद गाए जाने के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेपाल की त्रासदी पर चिंता जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मदद की बात कही, जबकि पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब एक हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी इस आपदा में फंसे हैं और कुछ के हताहत होने की आशंका है। नेपाल का दुख भारत का भी दुख है और भारत सरकार तथा देश नेपाल के साथ खड़ा रहेगा। नेपाल को जितनी सहायता की जरूरत होगी, भारत सरकार मदद करेगी।
बाढ़ के कारणों पर उन्होंने ग्लेशियरों और प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्राकृतिक संतुलन के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। नेपाल की नदियों का सीधा संबंध बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से है। नेपाल में भारी बारिश या बाढ़ आने पर कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियों में भी जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें अलर्ट मोड में हैं और बाढ़ से पहले जान-माल की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने पर निरुपम ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर अपराध है। यह समस्या किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराज्यीय स्तर पर आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है। पेपर लीक करने वाले माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अलग-अलग राज्यों की सरकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ऐसे नेटवर्क को खत्म करना चाहिए। साथ ही कोचिंग और करियर गाइडेंस के नाम पर चल रहे उन संस्थानों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाते हैं।
निरुपम ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले सामान्य परिवारों के युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। पेपर लीक उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसलिए दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण और इस मुद्दे पर दाखिल पीआईएल पर निरुपम ने कहा कि सरकार की स्थिति स्पष्ट है। जो लोग मराठी सीख चुके हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए और जो अभी भाषा नहीं सीख पाए हैं, उन्हें पर्याप्त समय मिलना चाहिए। किसी चालक का लाइसेंस रद्द करना, परमिट जब्त करना या बैज रद्द करना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जरूरत के अनुसार समय देने की बात कही है।
साइबर सिक्योरिटी से जुड़े एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने पर विपक्ष के सवालों पर निरुपम ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को बढ़ावा देना गलत है और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अच्छा काम करता है तो सरकार द्वारा उसके काम को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जा सकता है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ‘वंदे मातरम’ के केवल दो छंद गाने संबंधी बयान पर निरुपम ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत है और इसे संसद से कानूनी दर्जा प्राप्त है। संसद ने इसके सभी छह छंद गाने के लिए कानून बनाया है। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, सरकार या मुख्यमंत्री अपनी ओर से केवल दो छंद गाने की जिद करता है, तो यह संसद द्वारा बनाए गए कानून का उल्लंघन होगा।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस विषय को समझने की अपील करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और हजारों-लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। इसलिए इसके सम्मान और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय समाचार
योगी सरकार को महिलाओं की याद देर से आई, योजनाएं जमीन पर दिखें: इमरान मसूद

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी की रैली रद्द होने, अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान, योगी सरकार की योजनाओं, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और नेपाल में आई बाढ़ समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल का अपना एजेंडा है और उसे अपने हिसाब से काम करने का अधिकार है।
समाजवादी पार्टी की रैली रद्द होने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि यह उनकी पार्टी का कार्यक्रम है, इसलिए इस बारे में सवाल सपा से ही पूछा जाना चाहिए। वहीं, अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि संबंधित नेता ने केवल पहले कही गई बात को दोहराया था और ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया जिससे किसी एक समाज का अपमान होता हो।
यह पूछे जाने पर कि क्या इस बयान का खामियाजा अखिलेश यादव को भुगतना पड़ेगा, मसूद ने कहा कि राजनीति में इस तरह की भविष्यवाणियों का कोई खास महत्व नहीं होता। हर पार्टी का अपना एजेंडा है और सभी अपने हिसाब से राजनीति करते हैं।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के सवाल पर मसूद ने कहा कि यदि अदालत को लगता है कि गलत हुआ है तो उसे कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट को केवल पूछने की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए, वह आदेश भी दे सकता है।
योगी सरकार की ओर से जेनीजी के लिए रोजगार, स्टार्टअप और अन्य पहलों के सवाल पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि इन योजनाओं का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। जब तक जमीन पर परिणाम नजर नहीं आते, तब तक ऐसे दावों का कोई खास अर्थ नहीं है। महिलाओं के लिए प्रस्तावित योजनाओं पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को महिलाओं की याद काफी देर से आई है। उन्होंने चुनावों से पहले घोषित आर्थिक सहायता योजनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के बाद किस्तों को लेकर स्थिति बदल जाती है। मसूद ने इसे वोट हासिल करने की राजनीति बताते हुए कहा कि इस तरह की परंपरा लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
सपा द्वारा सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपए देने के वादे पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने निश्चित रूप से अपना अध्ययन और आकलन करने के बाद यह घोषणा की होगी।
मायावती द्वारा भाजपा पर सवाल उठाने के मुद्दे पर इमरान मसूद ने कहा कि देश में इस समय दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष है। उन्होंने एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरी तरफ राहुल गांधी को प्रमुख राजनीतिक चेहरों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दल सहयोगी के तौर पर खड़े हैं। सपा के इस दावे पर कि भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई है, मसूद ने कहा कि व्यापक वैचारिक लड़ाई राहुल गांधी भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं और विपक्षी दल उनके साथ हैं।
मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर मसूद ने कहा कि इससे बहुजन आंदोलन कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि बसपा का राजनीतिक प्रभाव लगातार घटा है। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए मायावती पर भाजपा की तारीफ करने को लेकर भी सवाल खड़े किए।
शामली में सिंगर अंकित बालियान की हत्या पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर मसूद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था तो बहुत अच्छी है।
वहीं, एटीएस की ओर से संदिग्धों से पूछताछ और प्रदेशभर में सर्च ऑपरेशन के सवाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई राजनीतिक एजेंडे के तहत लक्षित हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोगों को आतंकवाद के आरोपों में गिरफ्तार किया जा सकता है और बाद में अदालत से रिहाई मिल सकती है, लेकिन तब तक उनका जीवन प्रभावित हो चुका होगा।
नेपाल में आई बाढ़ और तबाही पर इमरान मसूद ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पानी के वेग के साथ छेड़छाड़ के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने मानसरोवर यात्रा से लौट रहे लोगों से जुड़े कथित वीडियो का जिक्र करते हुए इसे बेहद विचलित करने वाला बताया।
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