खेल
आईपीएल में अपनी विशेष गेंदों का पिटारा खोलेंगे कुलदीप
चाइनमैन कुलदीप यादव पर आईपीएल के 13वें सीजन में भी अच्छा करने का दबाव है लेकिन वह इसकी परवाह किए बगैर अपने तरकश में से कुछ नए तीर निकालने को तैयार हैं।
आईपीएल का 13वां सीजन 19 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शुरू हो रहा है। कोविड-19 के कारण इस बार आईपीएल यूएई में खेला जा रहा है।
कुलदीप का पिछला आईपीएल अच्छा नहीं रहा था और वह नौ मैचों में सिर्फ चार विकेट ले पाए थे। इसी कारण अंत के मैचों में वह टीम अंतिम-11 से बाहर कर दिए गए थे। टीम पांचवें स्थान पर रही थी और प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी।
कुलदीप ने अपना आखिरी टी-20 मैच जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। वहीं पांच फरवरी को हेमिल्टन में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इसके बाद कोविड-19 ने सब कुछ रोक दिया।
कुलदीप ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैंने कुछ गेंदों पर काम किया है खासकर टी-20 प्रारूप के लिए। आईपीएल में आपको यह देखने को मिलेगा।”
कुलदीप ने कहा कि उनके सफल होने की संभावना यूएई में मौजूद पिचों के कारण और बढ़ गई हैं जिनका स्वाभव स्पिनरों के पक्ष में है।
बाएं हाथ के इस स्पिनर ने कहा, “यह परिस्थियां मुझे भाती हैं। यहां काफी गर्मी है। जब मैं घर पर पर था तब भी ऐसा ही था, गर्मी और उमस। इसलिए मैं ज्यादा गर्मी महसूस नहीं करती। इस लिहाज से मैं काफी खुश हूं, अगर आप विकेट की बात करें तो मैं खुश हूं क्योंकि यहां स्पिनरों की मददगार विकेट हैं। इसलिए मुझे काफी फायदा होगा।”
कुलदीप से जब पिछले आईपीएल से मिली सीख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह अब किसी चीज को लेकर जल्दबाजी में नहीं रहेंगे और असफलता स्वीकार करने के लिए वो तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “आपको हर समय प्लान करने की जरूरत होती है। यह अनुभव काफी जरूरी है। साथ ही, आपको हमेशा कुछ करने का समय मिलता है। आपको जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अगर आप जल्दबाजी करते हो तो गलती होने की संभावना है। क्रिकेट ऐसा खेल है जहां आप हर समय अच्छा नहीं कर सकते। आपको असफलता स्वीकार करनी होगी। इसके बाद ही आप अच्छे खिलाड़ी बन पाओगे।”
उन्होंने कहा, “अनुभव ऐसी चीज है जिससे मैं सीखूंगा। मेरे साथ पिछले आईपीएल में जो हुआ वो सभी के साथ होता है। संघर्ष खेल का हिस्सा है। इस तरह से हाइप नहीं करना चाहिए कि आपके प्रदर्शन पर इसका असर पड़े, लोग बात करें। खिलाड़ी का आंकलन उस हिसाब से नहीं करना चाहिए। आप नहीं जानते हैं कि कितनी मेहनत लगती है। यह कई बार काम करता है और कई बार नहीं।”
उम्मीदों का दबाव है?, “मैं इसे दबाव के तौर पर नहीं लेता। यहां, प्रशंसकों, परिवार और टीम को आपसे उम्मीदें होती हैं। आप चाहते हो कि आप उन पर खरा उतरो। मेरे ऊपर दबाव नहीं है, लेकिन मैं उम्मीदों पर खरा उतरना चाहता हूं और टीम को आगे ले जाना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, “एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर आप हमेशा अच्छा करना चाहते हो और प्रशंसक भी यही चाहते हैं। इसलिए आप शायद थोड़ा नर्वस महसूस करते हो लेकिन मैं इसे दबाव के तौर पर नहीं लूंगा।”
अंतरराष्ट्रीय
डोनाल्ड ट्रंप के वीजा प्रतिबंधों से भारत और चीन को भारी नुकसान : रिपोर्ट

TRUMP
वॉशिंगटन, 23 मार्च : संयुक्त राज्य अमेरिका में 2025 के पहले आठ महीनों के दौरान कानूनी आप्रवासन में तेज गिरावट दर्ज की गई है। जिसमें भारत और चीन सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा वीजा नीतियों को सख्त किए जाने के चलते यह गिरावट आई है। द वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने जनवरी से अगस्त 2025 तक 2024 की इसी अवधि की तुलना में लगभग 250,000 कम वीजा जारी किए। मार्च की शुरुआत में जारी आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर स्थायी निवासी और अस्थायी वीजा की कुल स्वीकृतियों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है।
यह गिरावट छात्रों, कामगारों और अमेरिकी नागरिकों और कानूनी निवासियों के परिवार के सदस्यों के वीजा पर लागू होती है। इसी अवधि के दौरान पर्यटक वीजा में भी कमी आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन में वीजा की संख्या में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इन देशों के नागरिकों के वीजा में लगभग 84,000 की कमी आई। वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से छात्र, श्रमिक और पारिवारिक वीजा की संख्या में कमी के कारण हुई।
अंतर्राष्ट्रीय छात्र सबसे अधिक प्रभावित हुए। 2025 के पहले आठ महीनों में छात्र वीजा में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। एक्सचेंज वीजा में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और इनकी संख्या लगभग 30,000 कम हो गई। स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड के लिए वीजा स्वीकृतियों में भी कमी आई है। सबसे बड़ी गिरावट कामगारों, अफगानिस्तान और इराक जैसे देशों के नागरिकों के वीजा में देखी गई।
अधिकारियों और विश्लेषकों ने इस गिरावट का कारण नीतिगत बदलावों और प्रशासनिक कारकों के संयोजन को बताया है। अखबार के अनुसार, इनमें 19 देशों पर यात्रा प्रतिबंध, छात्र वीजा साक्षात्कारों पर अस्थायी रोक और सोशल मीडिया जांच सहित विस्तारित जांच आवश्यकताएं शामिल हैं।
विदेश विभाग में कर्मचारियों की छंटनी से भी प्रक्रिया क्षमता कम हो गई है। कई व्यस्त स्थानों पर कम कांसुलर अपॉइंटमेंट और लंबे प्रतीक्षा समय की सूचना मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा, “वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। बाइडन प्रशासन के विपरीत, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से समझौता करके बिना जांच-पड़ताल वाले विदेशी नागरिकों के बड़े पैमाने पर देश में प्रवेश की अनुमति देने को तैयार नहीं हैं।”
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प को अमेरिकी नागरिकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के भारी जनादेश के साथ चुना गया था और उनके द्वारा लिए गए हर नीतिगत निर्णय में यह प्राथमिकता झलकती है।”
विश्लेषकों का कहना है कि नीति और मांग दोनों कारक इस गिरावट के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
निस्कनेन सेंटर की सेसिलिया एस्टरलाइन ने कहा, “हमारे पास यह स्पष्ट रूप से बताने के लिए कोई डेटा नहीं है कि इस गिरावट का कितना हिस्सा मांग और कितना नीति के कारण है। ये दोनों ही स्पष्ट रूप से जारी किए जाने वाले वीजा की संख्या पर दबाव डाल रहे हैं।”
आलोचकों का तर्क है कि इन प्रतिबंधों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के जेसन फरमैन ने कहा, “अमेरिकी अर्थव्यवस्था के वर्तमान और भविष्य के लिए आप्रवासन से अधिक महत्वपूर्ण कोई नीति नहीं है। जब हम आप्रवासन को प्रतिबंधित करते हैं, तो हम न केवल आज श्रम शक्ति की वृद्धि को बाधित करते हैं, बल्कि भविष्य में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि को भी कम करते हैं।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरानी हमले के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे राष्ट्रपति हर्जोग, ईरान को कड़ी चेतावनी दी

तेल अवीव, 23 मार्च : ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष में एक नया और गंभीर मोड़ आया है। 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुए हमलों के क्रम में, ईरान ने शनिवार को इजरायल के न्यूक्लियर शहर अराद और डिमोना पर हमला किया। इतने दिनों में पहली बार ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर ठिकाने को निशाना बनाया। घटना के बाद रविवार को इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ईरान को कड़ी चेतावनी दी।
हालांकि ईरान के इस हमले में किसी भी इजरायली नागरिक की मौत नहीं हुई, लेकिन इमारतों को नुकसान पहुंचा। अराद में ईरानी हमले में एक बेकरी हाउस को भी नुकसान पहुंचा। राष्ट्रपति हर्जोग ने बेकरी के मालिक से भी मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जाहिर की।
इजरायली राष्ट्रपति ने बताया कि बेकरी के मालिक के बेटे को 7 अक्टूबर 2023 को हमास की ओर से किए गए हमले में किडनैप कर लिया गया था। हालांकि, बंधकों की रिहाई वाले समझौते के तहत उसकी वापसी भी हो गई। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने लिखा, “अराद में हाउस ऑफ ब्रेड बेकरी पर कल रात शहर पर ईरानी मिसाइल हमला हुआ। इस जगह के मालिक डिमोना के कालपोन परिवार हैं, जिनके प्यारे बेटे सेगेव को गाजा में किडनैप कर लिया गया था और पिछली होस्टेज डील में हमें लौटा दिया गया था।”
उन्होंने आगे कहा कि इस परिवार ने बहुत कुछ झेला है, इतने दिनों तक दर्द और दुआएं की और कल उनके बिजनेस पर भी असर पड़ा। सब कुछ होने के बावजूद, आज उनकी मुस्कान, उनका विश्वास और इजरायली भावना, जो लगातार मजबूती से धड़क रही है, देखकर मैं उम्मीद से भर गया।
इजरायली राष्ट्रपति ने कहा, “छोटे बिजनेस को समर्थन करना पूरे इजरायली भावना को समर्थन करना है। उन्हें और इलाके के सभी लोगों को ढेर सारा प्यार। यह ‘इजरायली राष्ट्रवाद’ का सर्वश्रेष्ठ स्वरूप है।”
वहीं डिमोना के दौरे पर उन्होंने कहा, “हम यहां डिमोना में हैं। हम खास जरूरतों वाले लोगों के लिए एक हॉस्टल में हैं।” ईरानी हमले में हुई तबाही के बावजूद, हर्जोग ने बताया कि किसी की मौत नहीं हुई, उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब सायरन बजा तो लोग सुरक्षा के लिए बंकर में पनाह लेने लगे। उन्होंने कहा, “खुशकिस्मती से, किसी की जान नहीं गई। क्योंकि नगर पालिकाओं और लोगों ने निर्देश सुने।”
ईरान पर सीधा निशाना साधते हुए राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा, “मैं ईरान में हमारे दुश्मनों से बस इतना कहना चाहता हूं कि आप गलत हैं। आप इंसानों को मारने के लिए मिसाइल भेजकर इंसानियत के खिलाफ जुर्म करते रहेंगे, उम्र और लिंग, धर्म, या यहां तक कि उनकी डिसेबिलिटी में भी कोई फर्क नहीं करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि इजरायल टिकेगा और आखिर में जीतेगा। हर्जोग ने कहा, “आप गलत हैं। हमने हमेशा ज्यादा मजबूती दिखाई है। हम जानते हैं कि आपके नेतृत्व में तबाही और गड़बड़ी है। और हमें पक्का यकीन है कि न सिर्फ हम जीतेंगे, बल्कि आप भी मुंह के बल गिरेंगे।”
हफ्तों की लड़ाई के बाद इजरायली राष्ट्रपति ने रणनीतिक लक्ष्य बताते हुए कहा, “युद्ध तब खत्म होगा जब यह साफ हो जाएगा कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकते और निश्चित रूप से ईरान के पास अपनी बैलिस्टिक क्षमता नहीं हो सकती।”
अंतरराष्ट्रीय
अफगानिस्तान ने लगाया आरोप, युद्धविराम के बावजूद पाकिस्तान डूरंड लाइन पर कर रहा गोलाबारी

काबुल, 20 मार्च : पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के मद्देनजर 18 से 23 मार्च अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति जताई है। लेकिन अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना युद्ध विराम के बावजूद गोलाबारी कर रही है। अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने पाकिस्तान की सेना पर डूरंड लाइन पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना के किए हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बयान में दी गई। फितरत ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद पाकिस्तान की लगातार हो रही गोलाबारी यह दिखाती है कि इस्लामाबाद इस समझौते को लेकर गंभीर नहीं है और वह धोखा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि हालात और न बिगड़ें, इसलिए अफगानिस्तान ने अब तक कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है और वह युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले दोबारा हुए तो युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और तालिबान पाकिस्तान की कार्रवाई का निर्णायक जवाब देगा।
बुधवार को अफगानिस्तान ने कहा था कि वह ईद के मौके पर अपनी ‘रद अल-जुल्म’ रक्षात्मक कार्रवाई को रोक देगा। यह फैसला सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों के अनुरोध पर किया गया था।
पाकिस्तान ने भी ईद के लिए सैन्य कार्रवाई में अस्थायी विराम देने की घोषणा की थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा था कि यह फैसला क्षेत्रीय मध्यस्थों के आग्रह पर लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 70 से अधिक तोप के गोले दागे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुनार के सूचना और संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उर-रहमान स्पिन घर ने बताया कि नरई जिले के बारिकोट, डोकलाम और त्सोंगलई समेत कई इलाकों में 35 गोले दागे गए। इसके अलावा मनोगई जिले के कुछ हिस्सों में 37 गोले गिरने की खबर है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है, जबकि अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
16 मार्च को पाकिस्तानी हवाई हमले में काबुल के ओमिद नशामुक्ति केंद्र/अस्पताल को निशाना बनाया गया। जब अफगानिस्तान ने आम नागरिकों पर हमले को लेकर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरा तो पाकिस्तान ने कहा कि उसने किसी नागरिक ठिकाने को नहीं, बल्कि सैन्य ढांचे और “आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया था।
पिछले मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमलों की निंदा की थी और इसे मानवीय तथा इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी हमले में 408 से अधिक लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें अधिकांश नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे मरीज थे।
काबुल में राजनयिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा था कि पाकिस्तानी हवाई हमले में समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से एक यानी नशे की लत का इलाज करा रहे लोगों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी से अब तक अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में नागरिक इलाकों पर बार-बार हमले हुए हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान पर भरोसा कम हुआ है। मुत्ताकी ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान बल रक्षात्मक जवाब देता रहेगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जरूर करेगा।
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