राजनीति
केजरीवाल ने अध्यादेश को लेकर केंद्र पर फिर बोला हमला
नई दिल्ली, 28 जून : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं को नियंत्रित करने के अध्यादेश को लेकर बुधवार को एक बार फिर केंद्र पर हमला बोला।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी. लोकुर के लेख को साझा करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति ने केंद्र के अध्यादेश की असंवैधानिकता को उजागर किया है।
केजरीवाल ने ट्विटर पर लेख का एक अंश साझा करते हुए लिखा, “अध्यादेश दिल्ली के लोगों, इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों और संविधान के साथ एक संवैधानिक धोखाधड़ी है।”
विशेष रूप से, केजरीवाल ने अध्यादेश मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ समर्थन मांगने के लिए कई विपक्षी दलों से मुलाकात की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अभी कांग्रेस ही केंद्र के खिलाफ अपना रुख साफ नहीं कर रही है।
केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर पूरे विपक्ष ने संसद में केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ मतदान में उनका समर्थन किया है।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु: श्रीलंका तस्करी के लिए भेजी जा रही 17 लाख रुपये की बीड़ी पत्तियां जब्त, तस्कर फरार

तमिलनाडु के थूथुकुडी तट पर शनिवार तड़के चलाए गए एक बड़े अभियान में क्यू ब्रांच पुलिस ने श्रीलंका तस्करी के लिए भेजी जा रही करीब 17 लाख रुपये मूल्य की बीड़ी पत्तियां जब्त की हैं। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही संदिग्ध तस्कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने यह खेप इनिगो नगर बीच के पास एक जंगलनुमा इलाके से बरामद की। खुफिया सूचना के आधार पर क्यू ब्रांच की इंस्पेक्टर विजय अनिता को जानकारी मिली थी कि बड़ी मात्रा में बीड़ी पत्तियां इनिगो नगर तटीय क्षेत्र में जमा की गई हैं, जिन्हें नाव के जरिए अवैध रूप से श्रीलंका भेजने की तैयारी थी।
सूचना मिलने के बाद सब-इंस्पेक्टर रामचंद्रन के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम ने देर रात थूथुकुडी सिटी सब-डिवीजन के दक्षिण पुलिस थाना क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। टीम में स्पेशल सब-इंस्पेक्टर रामर, इंस्पेक्टर इरुदयराज कुमार, इसाक्किमुथु तथा पुलिसकर्मी पलानी, बालामुरुगन और पेचीराज भी शामिल थे।
तलाशी के दौरान पुलिस को इनिगो नगर बीच के दक्षिणी हिस्से में जंगल के बीच छिपाकर रखी गई बीड़ी पत्तियों की बड़ी खेप मिली। जांच में 18 बंडल बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग 30 किलोग्राम था। पुलिस के मुताबिक, इन्हें समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने के लिए पूरी तरह तैयार किया गया था।
पुलिस के पहुंचते ही आसपास मौजूद संदिग्ध तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से पुलिस ने एक कार्गो वाहन भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल बीड़ी पत्तियों को तटीय क्षेत्र तक पहुंचाने में किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई बीड़ी पत्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये है। बरामद सामान और वाहन को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग को सौंपा जा रहा है।
पुलिस ने तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां जब्त वाहन के मालिक का पता लगाने के साथ-साथ थूथुकुडी तट पर सक्रिय बड़े तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि तमिलनाडु तट और श्रीलंका के बीच होने वाली सीमा पार तस्करी पर रोक लगाने के लिए क्यू ब्रांच और अन्य एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल यह भी जांच की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी जा रही थी और इसका संबंध किसी संगठित तस्करी गिरोह से है या नहीं।
महाराष्ट्र
नेस्को ड्रग ओवरडोज मामला: मुख्य आरोपी का भाई निक खेमलानी गिरफ्तार, 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया

मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में 11 अप्रैल को आयोजित एक ‘टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट’ में ड्रग्स के ओवरडोज से मैनेजमेंट के दो छात्रों की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के भाई को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह 14वीं गिरफ्तारी की गई है।
मुंबई की वनराई पुलिस ने केस के मुख्य आरोपी महेश उर्फ मार्क खेमलानी के भाई नितेश उर्फ निक खेमलानी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने निक खेमलानी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ड्रग नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के बाद की गई है। जांच में निक और पहले से पकड़े गए आरोपियों के बीच संदिग्ध पैसों के लेन-देन का खुलासा हुआ है। वनराई पुलिस अब निक से पूछताछ कर इस ड्रग सिंडिकेट के पूरे आर्थिक नेटवर्क और फंडिंग सोर्स का पता लगाने में जुटी है। इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
इस मामले में इससे पहले पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। नितेश उर्फ ‘निक’ खेमलानी मास्टरमाइंड महेश उर्फ ‘मार्क’ खेमलानी का जुड़वा भाई है।
मुंबई के एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट कॉलेज के करीब 19 छात्र गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट में शामिल होने गए थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि छात्रों ने ‘मर्सिडीज’ नाम की एक्स्टसी गोलियों का सेवन किया था।
वहीं, मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल की कांदिवली यूनिट की ओर से भी ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने 50 करोड़ की एमडी ड्रग्स को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि मुंबई में एमडी ड्रग्स का एक बड़ा सिंडिकेट चल रहा है, जिसके तार दूसरे राज्यों के साथ जुड़े हो सकते हैं।
राष्ट्रीय समाचार
नीट पेपर लीक मामला: दिल्ली की अदालत ने 24 जुलाई तक बढाई सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ाई। शनिवार को सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया।
इन आरोपियों में यश यादव, मांगी लाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा हवलदार, तेजस शाह, मनोज शिरूरे, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज मोटेगांवकर और मनीषा मंधारे शामिल हैं।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच अभी जारी है। अब तक सीबीआई ने मुख्य मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और अन्य कोचिंग संचालकों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि दो-तीन लोगों पर संदेह है, जिनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
सीबीआई के अनुसार, रसायन विज्ञान के पूर्व विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड है। कुलकर्णी कई सालों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे। उन्होंने एनटीए की प्रक्रिया का दुरुपयोग करके पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को पेपर लीक किया।
शिवराज मोटेगांवकर लातूर में आरसीसी कोचिंग के संचालक थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही उनके पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंच गए थे। आरोप है कि उन्होंने एनटीए के पैनल में शामिल कुछ लोगों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से यह पेपर हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने कोचिंग संस्थानों और छात्रों को कथित तौर पर नीट यूजी पेपर देकर इस घटना को अंजाम दिया।
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक के विवादों के कारण एनटीए ने इसे रद्द करके दोबारा 21 जून को कड़ी सुरक्षा और व्यापक निगरानी के बीच आयोजित किया था।
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