Connect with us
Monday,12-October-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के निवेशकों को भारत के अहम क्षेत्र में साझेदार बनने का दिया न्योता

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के निवेशकों और बिजनेस हाउस को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सिविल एविएशन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी गतिशीलता, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और डिजिटल इकॉनमी क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी करने के लिए निमंत्रण दिया।

भारत के जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने नवाचार, फिनटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच घनिष्ठ जुड़ाव का आह्वान किया।

सीईओ और व्यापारिक नेताओं के एक चुनिंदा समूह को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि डेयरी विज्ञान, बागवानी और वानिकी में न्यूजीलैंड की ताकत और भारत के उपभोक्ता बाजार, खाद्य पार्क और कृषि-तकनीक प्रतिभा को वैश्विक खाद्य मूल्य शृंखला बनाने के लिए एक साथ आना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने व्यवसाय को निवेश और कमर्शियल साझेदारी बढ़ाने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग 35,000 करोड़) करने के टारगेट को पूरा करने में मदद करने के लिए बढ़ावा दिया।

पीएम मोदी ने जोर दिया कि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी सबको साथ लेकर चलने वाले और टिकाऊ व्यापार के लिए एक मॉडल और इनोवेशन और खुशहाली के लिए एक प्लेटफॉर्म बन सकती है।

इस कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के सम्मान, विविधता और सतत विकास के लिए एक आम प्रतिबद्धता से बंधे हैं, जो एक बड़ी और आगे की सोच वाली आर्थिक साझेदारी के लिए एक मजबूत नींव देता है।

उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक लैंडमार्क डील बताया, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में गहराई और तेजी लाएगा और मार्केट एक्सेस, निवेश, सेवाओं, तकनीक और टैलेंट मोबिलिटी के लिए नए मौके खोलेगा।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की लगातार तेजी से बढ़ोतरी, युवा और स्किल्ड वर्कफोर्स, बढ़ता मिडिल क्लास, डिजिटल क्रांति, नेक्स्ट-जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर और लगातार हो रहे आर्थिक सुधार न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार, निवेश और इनोवेशन के बड़े मौके देते हैं।

इसके बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज सुबह ऑकलैंड में प्रधानमंत्री लक्सन के साथ लंबी और फायदेमंद बातचीत हुई। पिछले साल उनके भारत दौरे ने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को ऊर्जा दी और आज मेरे दौरे, जो चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है, ने भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती को और बढ़ावा दिया है। हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने का फैसला किया है। हम हर क्षेत्र में साफ लक्ष्यों और ठोस नतीजों के साथ आगे बढ़ेंगे।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पीएम लक्सन के साथ बातचीत में जिन क्षेत्रों पर खास तौर पर बात हुई, उनमें व्यापार, तकनीकी और निवेश लिंकेज शामिल हैं। हमने कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क भी बनाया है। स्वास्थ्य सुविधाओं और ट्रेडिशनल मेडिसिन पर भी उतना ही जोर देना जरूरी है। रक्षा और सुरक्षा में हमारा बढ़ता सहयोग हमारे दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक भरोसे को दिखाता है। यह कुछ ऐसा है जिसे हम और आगे बढ़ाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

युद्ध खत्‍म करना चाहता है रूस, जेलेंस्‍की ने गंवाए शांत‍ि वार्ता के कई मौके: डोनाल्ड ट्रंप

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। वहीं, उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता के कई मौके गंवा दिए।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मॉस्को समझौते के लिए तैयार दिख रहा है लेकिन कीव की ओर से समझौते की इच्छा उतनी स्पष्ट नहीं है।

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।”

उन्होंने कहा क‍ि जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, इस मामले का समाधान कई बार हो सकता था लेकिन किसी वजह से जेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते। ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध को खत्म करने में पुतिन की दिलचस्पी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुंचना चाहते हैं।”

ट्रंप की यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई उनकी टेलीफोन बातचीत के बाद आई है। यह ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूस के डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं।

ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा। उनका कहना था कि यह कदम ईरान संघर्ष की वजह से पैदा हुई ईंधन कमी और बढ़ती कीमतों को कम करने में मदद करेगा।

हालांकि, इस फैसले की जेलेंस्की ने आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा निर्यात से रूस की अतिरिक्त कमाई उसकी सैन्य क्षमता को और मजबूत करेगी तथा उसे युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी। इस विवाद ने यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की अमेरिकी कूटनीतिक कोशिशों को और जटिल बना दिया है।

ट्रंप ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव न कराने को लेकर भी जेलेंस्की की आलोचना दोहराई। उन्होंने कहा क‍ि मेरा मानना है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था और वह इस मामले को कई बार सुलझा सकते थे। ट्रंप का कहना था कि अगर यूक्रेनी नेतृत्व दो साल पहले किसी समझौते पर पहुंच जाता तो वह बातचीत में कहीं मजबूत स्थिति में होता। उन्होंने कहा क‍ि अगर उन्होंने दो साल पहले समझौता कर लिया होता तो यह समझदारी भरा कदम होता। तब यूक्रेन कहीं बेहतर स्थिति में होता और उसे कहीं बेहतर शर्तें मिलतीं।

ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत और संख्या बल का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी बातचीत की रणनीति पर फिर से विचार करना चाहिए। हालांकि, पुतिन की मंशा को लेकर ट्रंप की यह राय उनकी अपनी व्याख्या है। दोनों नेताओं के बीच हालिया बातचीत के बाद युद्ध खत्म करने को लेकर किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

वहीं, क्रेमलिन ने भी संकेत दिया है कि शांति वार्ता तुरंत दोबारा शुरू होगी, यह अभी निश्चित नहीं है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई।

ताजा घटनाक्रम यह दिखाता है कि युद्ध खत्म करने की शर्तों को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन मॉस्को के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है। वहीं, दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने की भी कोशिश कर रहा है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान से युद्ध समाप्‍त करने के ल‍िए ट्रंप ने रखी शर्त, परमाणु हथियार न बनाने की मांगी पक्‍की गारंटी

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो अभी ईरान में अपनी सैन्य भागीदारी खत्म कर सकता है, अगर पक्की गारंटी मिल जाए कि ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।

जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम अभी वहां से निकल सकते हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके पास परमाणु हथियार न हों और हम यह सुनिश्चित करेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी सैन्य अभियान के जरिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने का दावा करने के बावजूद वह जीत की घोषणा क्यों नहीं कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह खतरा दोबारा पैदा न हो।

उन्होंने कहा, “मुझे स्थिति को इसी तरह बनाए रखना है। मैं नहीं चाहता कि दो साल बाद फिर यही करना पड़े। हमें ऐसी गारंटी चाहिए कि भविष्य में उनके पास यह क्षमता न हो।”

ट्रंप की यह टिप्पणी टेनेसी के क्लार्क्सविल में दिए गए उनके भाषण के बाद आई, जहां उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। हालांकि उन्होंने इस संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सात महीनों से इस संघर्ष में शामिल है। उन्होंने इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे पुराने अमेरिकी युद्धों से की। उन्होंने कहा, “अब ईरान में हमें सात महीने हो चुके हैं” और फिर उन 18 अमेरिकी जवानों का जिक्र किया, जिनके मारे जाने का उन्होंने दावा किया।

ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, “हमारे कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन हमने उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है।”

राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की थी और कहा कि ऐसे पल उनके पद की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक होते हैं।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सिस्टम और कई निर्माण सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है।

राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है और इसके खत्म होने से वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, कई घर और पुल बह गए

Published

on

नेपाल के पश्चिमी गोरखा जिले में बहने वाली बूढ़ी गंडकी नदी में आई भीषण बाढ़ से कई घर और अन्य ढांचे बह गए हैं। रव‍िवार तड़के ही नेपाल का राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ की चेतावनी जारी की थी।

गोरखा जिला प्रशासन कार्यालय के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने रविवार को बताया कि फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, चीन की सीमा से लगे चुमनुबरी ग्रामीण नगर पालिका क्षेत्र से गुजरने वाली बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बने दर्जनों घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा, “हम बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं। चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के जगत और सल्लेरी गांवों के कुछ घर और 341 मेगावाट बूढ़ी जलविद्युत परियोजना का कैंप भी बाढ़ में बह गया है।”

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ में कई घर, झूला पुल और एक स्टील पुल बह गए हैं। इसके अलावा एक जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल को भी नुकसान पहुंचा है।

शुरुआती अनुमान के मुताबिक, बाढ़ की वजह लोकपा और चुम्लिंग के बीच हुए भूस्खलन को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस भूस्खलन से स्यार खोला, जो बूढ़ी गंडकी की एक सहायक नदी है, का प्रवाह रुक गया होगा। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बाढ़ का असली कारण और नुकसान का पूरा आकलन फिलहाल सामने नहीं आया है।

चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने स्थानीय समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइनखबर’ से कहा कि बूढ़ी गंडकी की यह बाढ़ काफी हद तक भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ जैसी लग रही है। उन्होंने कहा क‍ि यह बाढ़ भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिलाती है। दर्जनों घर बह गए हैं। फिलहाल नुकसान की सही तस्वीर बताना जल्दबाजी होगी।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

यह ताजा घटना रासुवा और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के एक महीने से कुछ अधिक समय बाद हुई है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, उस बाढ़ में 1,455 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5,285 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा है कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना की एक टुकड़ी को हवाई और जमीनी दोनों रास्तों से तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे वाले जगत क्षेत्र से 6 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।

बालेन शाह ने कहा कि काठमांडू में तैनात संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिएक्शन टीम) को भी हवाई मार्ग से प्रभावित इलाके में भेज दिया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा सके।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

अधूरे इश्क ने उठवाई कलम, अल्फाज ऐसे कि लाखों दिलों की आवाज बन गए निदा फाजली

राजनीति17 hours ago

सीजेपी प्रदर्शन रोकना लोकतंत्र का काला दिन, सौरभ भारद्वाज बोले-बदलाव नहीं रोक पाएगी भाजपा

मनोरंजन18 hours ago

नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए पवनदीप राजन, बोले- ‘दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे’

मनोरंजन18 hours ago

आर अश्विन ने पुडुचेरी पिच की प्रशंसा की, कहा- ऐसे वेन्यू पर ही वनडे खेला जाना चाहिए

मनोरंजन18 hours ago

इमरान खान समेत 400 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर, मुंबई में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिया था हिरासत में

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

युवा संगम: उत्तराखंड के युवाओं ने जाना पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक वैभव

खेल19 hours ago

मैनचेस्टर सिटी अटैक करने में माहिर, हमें एकजुट होकर खेलना होगा: एंडोनी इराओला

राजनीति19 hours ago

देश में हालत गंभीर, सरकार ने खुद दिल्ली में मचाया आतंकः अशोक गहलोत

राजनीति19 hours ago

सीएम योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर अखिलेश बोले-‘पवन की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे’

मनोरंजन20 hours ago

‘मेरे प्रिय गुरु अमिताभ बच्चन को जन्मदिन की शुभकामनाएं’, 84वें बर्थडे पर चिरंजीवी ने दी खास अंदाज में बधाई

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 days ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति4 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति2 days ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

व्यापार1 week ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

अपराध3 weeks ago

पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

रुझान