खेल
आईएसएल-7 : चेन्नईयन से भिड़ेगी जमशेदपुर एफसी
हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन में आज वास्को डि गामा के तिलक मैदान स्टेडियम में दो बार की पूर्व चैम्पियन चेन्नईयन एफसी का सामना जमशेदपुर एफसी से होगा। इस सीजन में कोच के रूप में जमशेदपुर एफसी से जुड़ने वाले ओवेन कॉयले पिछले सीजन में चेन्नईयन एफसी टीम के कोच थे। उनके मार्गदर्शन में चेन्नईयन की टीम ने अंकतालिका में नीचे से ऊपर उठते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां खिताबी मुकाबले में उसे एटीके से हार का सामना करना पड़ा था।
लेकिन कॉयले इस बार जमशेदपुर एफसी के कोच हैं। कॉयले ना केवल खुद जमशेदपुर की टीम से जुड़े हैं बल्कि उन्होंने पिछले सीजन के संयुक्त रूप से टॉप स्कोरर और गोल्डन बूट विजेता नेरीजुस व्लास्किस को भी अपने साथ जमशेदपुर एफसी में लेकर आए हैं।
कॉयले ने इसके अलावा मिजोरम के डिफेंडर लालदिनलियाना रेंथलेई को भी जमशेदपुर एफसी का हिस्सा बनाया है, जोकि पिछले कई सीजन से चेन्नईयन का हिस्सा थे। कॉयले जानते हैं कि इन खिलाड़ियों ने पहले बेहतरीन प्रदर्शन किया है और वे उनकी ताकतों को जानते हैं।
व्लास्किस के जुड़ने से जमशेदपुर के आक्रमण को मजबूती मिलेगी। लेकिन टीम ने पिछले सीजन में 35 गोल खाए थे और कॉयले को यह चिंता जरूर सता रही होगी।
चेन्नईयन की टीम इस बार अपने नए कोच क्साबा लाजलो के मार्गदर्शन में सीजन की शुरुआत करने उतरेगी। टीम के लिए उन खिलाड़ियों की जगह भरना मुश्किल होगा, जो क्लब का साथ छोड़ चुके हैं। पिछले सीजन में जो विदेशी खिलाड़ी टीम में थे उनमें से अब केवल नए कप्तान राफेल क्रिवेल्लारो और डिफेंडर अली सेबिया ही बचे हुए हैं।
कोच लाजलो को उम्मीद है कि जैकब सिल्वेस्टर और डिफेंडर एनीस सिपोविच के आने से वो पिछले खिलाड़ियों की भरपाई कर सकते हैं।
खेल
सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन थ्रो के बाद ‘ट्रिपल जंप’ में डबल धमाल, प्रवीण ने सिल्वर जीता, सेल्वा के नाम ब्रॉन्ज मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ‘मेंस जैवलिन थ्रो’ के बाद ‘मेंस ट्रिपल जंप’ में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इससे पहले, शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ तीन सेंटीमीटर से मेडल चूकने वाले प्रवीण ने आखिरकार 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित पोडियम फिनिश हासिल किया। वहीं, सेल्वा ने 16.52 मीटर की अपनी सीजन की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ गोल्ड मेडल जीता; जिन्होंने प्रवीण को सिर्फ 14 सेंटीमीटर से पीछे छोड़ा।
प्रवीण ने पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 16.05 मीटर से शुरुआत की, फिर 15.64 मीटर की छलांग लगाई, तीसरे प्रयास में सुधार करते हुए 16.31 मीटर तक पहुंचे और चौथे प्रयास में 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। उनका पांचवां प्रयास 16.40 मीटर का था, जबकि आखिरी प्रयास फाउल रहा।
कॉम्पिटिशन आगे बढ़ने के साथ सेल्वा ने भी अपनी लय बनाई। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने 15.87 मीटर से शुरुआत की, फिर 16.17 मीटर और तीसरे राउंड में 16.43 मीटर तक सुधार किया। चौथे प्रयास में फाउल होने के बाद, उन्होंने पांचवें राउंड में 16.52 मीटर की शानदार छलांग लगाकर ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति हासिल की और अंत में 16.08 मीटर की छलांग लगाई।
2018 में पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में गोल्ड और उसी साल यूथ ओलंपिक गेम्स में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाने के बाद से, प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में सिल्वर मेडल जीता और नेशनल इंडोर रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद, उन्होंने 17.37 मीटर के साथ भारतीय आउटडोर नेशनल रिकॉर्ड बेहतर किया और हांग्जो एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
दूसरी ओर, सेल्वा के लिए, यह ब्रॉन्ज मेडल इंटरनेशनल एथलेटिक्स में उनकी तेजी से बढ़ती कामयाबी का एक और पड़ाव था। मदुरै में जन्मे इस जंपर को सबसे पहले 2022 वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद पहचान मिली।
इसके बाद, वह 2023 में एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के ‘बेस्ट एशियन अंडर-20 मेल एथलीट ऑफ द ईयर’ चुने जाने वाले पहले भारतीय बने और 16.79 मीटर की जंप के साथ भारतीय अंडर-20 रिकॉर्ड तोड़ा। इस साल की शुरुआत में, सेल्वा ने 17.05 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ 17 मीटर का अहम आंकड़ा पार किया था।
खेल
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा, मैं अब उनके लिए योगदान देना चाहता हूं: फिल फोडेन

इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड के इस मिडफील्डर के लिए नए मैनेजर एन्जो मारेस्का का आना बहुत अच्छा मौका है। पिछले दो सीजन उनके लिए मुश्किल रहे थे, लेकिन अब वह फिर से शुरुआत करना चाहेंगे।
26 साल के फोडेन ने हाल ही में एतिहाद स्टेडियम में अपना कॉन्ट्रैक्ट 2030 तक बढ़ा लिया है। उन्होंने माना कि हालिया मुश्किलों के बावजूद क्लब द्वारा उन्हें नया कॉन्ट्रैक्ट देने के फैसले से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। फोडेन ने कहा, “इससे मुझे राहत मिली है, और अब मैं खुद को बेहतर बनाने और मुझ पर भरोसा करने वाले फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए कुछ करने पर ध्यान दे सकता हूं। क्लब का समर्थन देखकर अच्छा लगता है, और यह बहुत मायने रखता है। अब समय आ गया है कि मैं उन्हें कुछ लौटाऊं और क्लब के लिए योगदान दूं।”
फोडेन का 2023-24 सीजन उनके करियर का सबसे अच्छा सीजन रहा, जिसमें उन्होंने 19 गोल किए और सिटी ने प्रीमियर लीग का खिताब जीता। उन्होंने पीएफए प्लेयर्स प्लेयर ऑफ द ईयर और प्रीमियर लीग प्लेयर ऑफ द सीजन दोनों अवॉर्ड जीते। हालांकि, पिछले दो सीजन में वे उस सफलता को दोहरा नहीं पाए। आखिरी सीजन में वे सिर्फ 10 गोल कर पाए और क्लब और देश के लिए कुल मिलाकर वह अपने पिछले 31 मैचों में कोई गोल नहीं कर सके हैं।
अकादमी से निकले इस खिलाड़ी ने 17 साल की उम्र में पूर्व मैनेजर पेप गार्डियोला के अंडर सीनियर डेब्यू किया था। तब से उन्होंने सिटी के लिए 369 मैच खेले हैं और छह प्रीमियर लीग खिताब, एक यूईएफए चैंपियंस लीग और दो एफए कप जीते हैं। पिछले सीजन के आखिर में गार्डियोला के जाने और पूर्व असिस्टेंट एन्जो मारेस्का के कमान संभालने के बाद फोडेन का मानना है कि क्लब एक नए और रोमांचक दौर में पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा-एक नई शुरुआत, एक नए मैनेजर और अब तक मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा है। यह थोड़ा अजीब है, लेकिन मैं एन्जो को पहले से जानता हूं, इसलिए इससे मदद मिलती है। मैं उन्हें और उनके काम करने के तरीके को अच्छी तरह जानता हूं। उनके साथ अच्छे रिश्ते होने से निश्चित रूप से मदद मिली है।”
फोडेन ने यह भी बताया कि जब उन्हें थॉमस ट्यूशेल की इंग्लैंड टीम से फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बाहर कर दिया गया था (जिसमें इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हार गई थी), तो मारेस्का ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया था। फोडेन ने कहा, “उन्होंने तुरंत मुझसे संपर्क करके पूछा कि क्या मैं ठीक हूं, जो बहुत अच्छी बात थी। इससे उनके व्यक्तित्व और उनके स्वभाव का पता चलता है।वह सभी की परवाह करते हैं और टीम के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहते हैं।”
मिडफील्डर ने माना कि यूरो 2024 के फाइनल में स्पेन से मिली हार में खेलने के बाद दूर से इंग्लैंड के वर्ल्ड कप अभियान को देखना दर्दनाक था। पिछले सीजन में टखने की चोट और व्यक्तिगत समस्याओं से जूझने के बाद फोडेन ने कहा कि अब वह पूरी तरह से फिट हैं और अपनी बेहतरीन फॉर्म में वापस आने के लिए उत्सुक हैं।
खेल
‘थोड़ा और बेहतर हो सकता था, इंजरी से वापसी करने पर डर रहता है’, सिल्वर मेडल जीतने पर बोले नीरज चोपड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में दो मेडल आए। नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, तो यशवीर सिंह ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाने में सफल रहे। नीरज ने माना कि इंजरी से वापसी करने पर मन में थोड़ा डर रहता है। उन्होंने कहा कि वह थोड़ा और बेहतर कर सकते थे।
नीरज ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा, “बहुत खुशी है कि मेरे साथ यशवीर भी मेडल जीतने में सफल रहे। ऐसा पहले एशियन गेम्स में हुआ था, जहां मैंने और किशोर ने मेडल जीता था और मुझे खुशी है कि यशवीर ने यहां अपने सीजन का बेस्ट प्रदर्शन किया। काफी अच्छा लग रहा है कि हम पोडियम पर हैं। हमारी हमेशा कोशिश रहती है कि देश का नेशनल एंथम बजे, लेकिन ठीक है मैंने भी सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन किया। मेरी वापसी ठीक हो रही है और आगे बाकी प्रतियोगिता में बेहतर करने की कोशिश करूंगा।”
नीरज ने गोल्ड मेडल जीतने वाले श्रीलंका के रोमेश थरंगा के थ्रो की तारीफ की, जिन्होंने 89.75 मीटर का थ्रो फेंका। उन्होंने कहा, “जाहिर तौर पर थरंगा का थ्रो काफी अच्छा था। मुझे भी लग रहा था कि मैं थोड़ा और बेहतर कर सकता हूं, लेकिन मैं लाइन नहीं पकड़ पा रहा था। मैं फिर से लय में आने की धीरे-धीरे कोशिश कर रहा हूं।” नीरज ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा, “पता नहीं मैं ठंड में उतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाता हूं, मुझे गर्मी पसंद है, क्योंकि मेरे अंदर भारतीय खून है ना।”
नीरज ने अपनी फिटनेस को लेकर बात करते हुए कहा, “देखिए, मैं यह नहीं कह सकता हूं कि मेरी फिटनेस पहले जैसी है। अभी धीरे-धीरे उस फिटनेस को हासिल करने का प्रयास जारी है। इंजरी के बाद मेरी पहली प्रतियोगिता दोहा में थी, जहां कोई नहीं कह सकता कि हम अच्छी तैयारी में थे। हालांकि, यहां थोड़ा बेहतर था। बस कोशिश है कि आने वाली प्रतियोगिता में पूरी तरह से लय हासिल कर सकूं। यकीनन अभी और सुधार होगा। मैं यह नहीं कह सकता हूं कि सीजन बेस्ट के मेरे इस प्रदर्शन में बहुत सुधार हुआ है, लेकिन आगामी इवेंट्स में मैं और बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगा।”
भारतीय स्टार एथलीट ने आगे कहा, “जब आप 100 प्रतिशत फिट रहते हैं, तो वो लड़ने का जज्बा अलग रहता है और लगता है कि कुछ भी कर सकते हैं। वहीं, जब आप इंजरी से आ रहे होते हैं, तो आपको सोच-समझकर कदम रखना पड़ता है। आज भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, कभी लग रहा था कि पूरी जोर से दौड़ लगाऊं, तो कभी लग रहा था कि खुद को कंट्रोल में रखूं। मिश्रित फीलिंग थी, लेकिन फिर भी थ्रो ठीक था।”
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
