व्यापार
भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज दोगुना होकर 48.8 प्रतिशत हुआ: केंद्रीय मंत्री
नई दिल्ली, 6 मार्च। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 24.4 प्रतिशत से दोगुना होकर 48.8 प्रतिशत हो गया है।
बजट के बाद ‘इंवेस्टिंग इन पीपल’ थीम पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मांडविया ने भारत के युवाओं को कौशल प्रदान करने और उन्हें सशक्त बनाने के सरकार के मिशन को रेखांकित किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश की प्रतिभा वैश्विक प्रभाव डाल सके।
आईएलओ विश्व सामाजिक सुरक्षा रिपोर्ट 2024-26 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 24.4 प्रतिशत से दोगुना होकर 48.8 प्रतिशत हो गया है।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल का विस्तार, जिसमें 30.67 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक शामिल हैं और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत गिग श्रमिकों को शामिल करना, कार्यबल कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ई-श्रम के तहत 12 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को भी इंटीग्रेट किया है और पोर्टल को 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया है, जिससे श्रमिकों के परिवारों को सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा, “दस नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है और 10 और को मंजूरी दिए जाने की योजना है।”
केंद्रीय मंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के रोडमैप पर प्रकाश डाला और कहा कि लोगों में निवेश करना केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं है, बल्कि एक शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त समाज के लिए एक सामाजिक, नैतिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है।
रोजगार की सफलता को रेखांकित करते हुए पहलों के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि “2014-24 के बीच 17.1 करोड़ नौकरियां पैदा हुईं, जिनमें से 4.6 करोड़ नौकरियां पिछले साल ही पैदा हुई थीं”।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “बेरोजगारी दर में शानदार गिरावट आई है, जो 2017-18 में 6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत हो गई है।”
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में “महिला रोजगार में भी जोरदार वृद्धि हुई है, जो 22 प्रतिशत से बढ़कर 40.3 प्रतिशत हो गई है”,
उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय सरकार की प्रगतिशील नीतियों को दिया।
इस बीच, सचिव (श्रम और रोजगार) सुमिता डावरा ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आधुनिकीकरण में प्रमुख प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें साढ़े छह वर्षों में 6.2 करोड़ से अधिक नए सदस्यों का एनरोलमेंट शामिल है।
उन्होंने सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सिस्टम, पीएफ क्लेम का ऑटो सेटलमेंट और मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सुधारों का भी जिक्र किया।
व्यापार
अमेरिकी बाजार में हुंडई और किआ का जलवा, हाइब्रिड और ईवी की मजबूत मांग से अक्टूबर में दर्ज की अब तक की सबसे बड़ी बिक्री

दक्षिण कोरिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों हुंडई मोटर और किआ ने अमेरिका में अक्टूबर के दौरान रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। कंपनियों के अनुसार, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती मांग ने बिक्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी की अमेरिकी सहायक कंपनी हुंडई मोटर अमेरिका ने अक्टूबर में अमेरिका में 73,452 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष इसी महीने की 70,118 इकाइयों की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के इतिहास में अक्टूबर महीने की सबसे अधिक बिक्री है।
हाइब्रिड वाहनों की मांग विशेष रूप से मजबूत रही। अक्टूबर में कंपनी की हाइब्रिड वाहन बिक्री में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह कुल मासिक बिक्री का 29 प्रतिशत हिस्सा रही। जनवरी से अक्टूबर की अवधि में हाइब्रिड बिक्री 50 प्रतिशत बढ़ गई।
मॉडल के आधार पर देखें तो सांता फे एसयूवी की बिक्री 52 प्रतिशत बढ़कर 17,959 इकाई हो गई, जबकि पैलिसेड एसयूवी की बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 10,840 इकाई रही। इसके अलावा कोना कॉम्पैक्ट एसयूवी की बिक्री 21 प्रतिशत बढ़कर 6,029 इकाई और एलांट्रा सेडान की बिक्री 17 प्रतिशत बढ़कर 12,011 इकाई पर पहुंच गई।
इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में आयॉनिक 5 की बिक्री भी 21 प्रतिशत बढ़कर 1,981 इकाई रही।
हुंडई मोटर उत्तरी अमेरिका के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रैंडी पार्कर ने कहा कि कंपनी ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ अक्टूबर प्रदर्शन किया है और ग्राहकों से सभी प्रमुख मॉडलों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान हुंडई की कुल अमेरिकी बिक्री 3 प्रतिशत बढ़कर 7,70,916 वाहनों पर पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 7,48,467 इकाई थी।
वहीं किआ अमेरिका ने अक्टूबर में 80,008 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो एक साल पहले की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। यह भी कंपनी के इतिहास का सबसे मजबूत अक्टूबर प्रदर्शन रहा।
किआ ने बताया कि हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता ने बिक्री को बढ़ावा दिया। कंपनी के इलेक्ट्रिक मॉडल ईवी9 की बिक्री 111 प्रतिशत बढ़कर 1,406 इकाई पहुंच गई। वहीं टेलुराइड एसयूवी की बिक्री 63 प्रतिशत बढ़कर 14,009 इकाई और ईवी6 की बिक्री 58 प्रतिशत बढ़कर 803 इकाई रही।
व्यापार
भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार अक्टूबर में 4 महीने के उच्चतम स्तर पर, मजबूत मांग से बढ़ी कारोबारी गतिविधियां: पीएमआई डेटा

मजबूत मांग और नए ऑर्डरों में बढ़ोतरी के चलते भारत के सेवा क्षेत्र ने अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। एचएसबीसी के ताजा परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र का पीएमआई सितंबर के 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 पर पहुंच गया। यह पिछले चार महीनों का सर्वोच्च स्तर है और सेवा क्षेत्र में लगातार मजबूत कारोबारी गतिविधियों का संकेत देता है।
सर्विसेज पीएमआई का स्तर 50 से ऊपर रहना आर्थिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। अक्टूबर में यह न केवल 50 के तटस्थ स्तर से काफी ऊपर रहा, बल्कि इसके दीर्घकालिक औसत से भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। सकारात्मक संकेत यह भी रहा कि इनपुट लागत मुद्रास्फीति अगस्त 2020 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इसके साथ ही सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों से वसूले जाने वाले शुल्कों में वृद्धि की गति भी जून के बाद सबसे कमजोर रही।
सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों को मिलाकर तैयार किया जाने वाला समग्र पीएमआई (कंपोजिट पीएमआई) सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 पर पहुंच गया। यह पिछले चार महीनों में कुल आर्थिक उत्पादन में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्शाता है और देश में मजबूत कारोबारी गतिविधियों का संकेत देता है।
एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत का सेवा क्षेत्र पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.8 पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है। उन्होंने बताया कि कारोबारी परिस्थितियों में सतर्क सुधार देखने को मिला है। हालांकि कुल मांग मजबूत बनी रही, लेकिन निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि दर फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी रही।
उन्होंने कहा कि इनपुट और आउटपुट दोनों कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, लेकिन इसकी गति सितंबर की तुलना में कम रही, जिससे मुद्रास्फीति के दबाव में कुछ राहत के संकेत मिले हैं।
पीएमआई सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा अर्थव्यवस्था के सभी चार प्रमुख क्षेत्रों में नए कारोबार और उत्पादन में तेज वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें वित्त एवं बीमा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जबकि रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज क्षेत्र अपेक्षाकृत पीछे रहा।
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि अक्टूबर में बिक्री वृद्धि का मुख्य स्रोत घरेलू बाजार रहा। भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों से मिली मांग ने सेवा क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भविष्य को लेकर भी सेवा क्षेत्र की कंपनियां आशावादी बनी हुई हैं। सर्वेक्षण में शामिल सेवा प्रदाताओं ने अगले 12 महीनों के दौरान उत्पादन और कारोबार में और वृद्धि की उम्मीद जताई है।
इस बीच ताजा आंकड़ों से यह भी पता चला कि सेवा क्षेत्र की कंपनियां लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने में सफल रहीं। पिछले चार महीनों में तीसरी बार अधूरे कार्यों की मात्रा में कमी आई है, हालांकि यह गिरावट सीमित रही, जिसके चलते अक्टूबर के दौरान रोजगार वृद्धि की गति थोड़ी धीमी पड़ गई।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सेवा क्षेत्र में महंगाई का दबाव विनिर्माण क्षेत्र की तुलना में कम रहा। इससे संकेत मिलता है कि सेवा उद्योग लागत नियंत्रण के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है और इससे आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत ने यूएई को अनार और कीवी का किया निर्यात, किसानों की बढ़ेगी आय

भारत के अनार और कीवी फलों की ताजा खेप यूएई के दुबई के बाजार में पहुंच गई है, जिससे देश के किसानों के लिए नए बाजारों के रास्ते खुले हैं। यह केंद्र सरकार के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से संभव हुआ है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को दी।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, एपीडा ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी के परीक्षण निर्यात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई तक पहुंचाने में मदद की है।
अनार की इस खेप में 2-2 किलोग्राम के 650 बॉक्स शामिल थे, जिसका निर्यात उत्तर प्रदेश स्थित अमामा एक्सपोर्ट्स ने किया। इस पहल के तहत स्थानीय उत्पादकों और एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को निर्यातक से जोड़ा गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने के अवसर मिल रहे हैं।
बयान के अनुसार, अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर एफपीओ से खरीदे गए थे, जो लगभग 600 किसानों से जुड़ा हुआ है। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने खरीद और समन्वय में मदद करके इस पहल को समर्थन दिया।
यह पहल किसानों के लिए बाजार संपर्क मजबूत करने में प्रत्यक्ष खरीद और एफपीओ के माध्यम से सामूहिक भागीदारी की भूमिका को दर्शाती है। इस निर्यात में शामिल किसानों को घरेलू बाजार में प्रचलित कीमतों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक मूल्य मिला।
सिंदूरी किस्म हिमाचल प्रदेश में उगाई जाने वाली अनार की प्रमुख किस्मों में शामिल है। इसके अलावा यहां भगवा और कंधारी किस्मों की भी खेती होती है। आकर्षक लाल छिलके, रसीले दानों और मीठे-खट्टे स्वाद के लिए पहचाने जाने वाले सिंदूरी अनार ताजा खपत के लिए उपयुक्त हैं और इनमें निर्यात बाजार की भी अच्छी संभावनाएं हैं।
अरुणाचल प्रदेश से 1.5 मीट्रिक टन कीवी की परीक्षण निर्यात खेप सफलतापूर्वक दुबई पहुंची और अल कुसैस स्थित लुलु हाइपरमार्केट में प्रदर्शित की गई। यह पहल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस फल की संभावनाओं का आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के तहत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ‘कीवी: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी’ ब्रांडिंग अभियान के अंतर्गत राज्य के कीवी क्षेत्र को बढ़ावा देना और मजबूत करना है। राज्य सरकार के सहयोग से लागू इस पहल का लक्ष्य राज्य के कीवी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेश करना, उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया का आकलन करना और स्थानीय उत्पादकों के लिए निर्यात के अवसर बढ़ाने हेतु मजबूत बाजार संपर्क विकसित करना है।
अरुणाचल प्रदेश की ऊंचाई वाले क्षेत्रों की जलवायु और प्राकृतिक वातावरण कीवी की खेती के लिए अनुकूल हैं। यहां उगने वाले कीवी की गुणवत्ता और स्वाद विशिष्ट हैं। राज्य के उत्पादों में प्रीमियम घरेलू बाजारों, निर्यात को बढ़ावा देने और मूल्यवर्धित उत्पादों के क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से हेवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो किस्मों की खेती की जाती है। इनमें हेवर्ड किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कीवी उत्पादकों को संभावित विदेशी बाजारों से जोड़ना भी है, ताकि भविष्य में होने वाली खेपों के माध्यम से बिक्री के अतिरिक्त माध्यम और किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल सकें। उम्मीद है कि इस परीक्षण निर्यात से बाजार की प्रतिक्रिया का आकलन करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अरुणाचल प्रदेश के कीवी की पहुंच बढ़ाने के लिए जरूरी आवश्यकताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
