Connect with us
Saturday,14-February-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

भारतीय सुखोई-30 और रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स के ग्रिपेन के बीच होगा ज़ोरदार मुकाबला, मलक्का स्ट्रेट के पास होगा साझा अभ्यास

Published

on

नई दिल्ली, 7 फरवरी : भारतीय सेना के तीनों अंगों के साथ दुनिया के कई मित्र देश अभ्यास करना चाहते हैं। सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी फेहरिस्त और भी लंबी हो गई है। इसी कड़ी में साल 2026 का पहला अभ्यास किसी मित्र देश की एयरफोर्स के साथ 9 फरवरी को अंडमान के पास आयोजित किया जा रहा है।

भारत और थाईलैंड की वायु सेनाओं के बीच होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की ओर से फ्रंटलाइन फाइटर जेट सुखोई-30 और रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स की ओर से ग्रिपेन फाइटर एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना के मिड-एयर रिफ्यूलर टैंकर और एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम एडब्ल्यूएसीएस की भी तैनाती की जाएगी।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और बेस्ट प्रैक्टिस साझा करना है। अभ्यास अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास नॉर्थ मलक्का स्ट्रेट में आयोजित किया जाएगा। भारतीय वायुसेना की ओर से 4 से 6 सुखोई विमान भाग लेंगे, जबकि रॉयल थाईलैंड एयर फोर्स के भी इतने ही ग्रिपेन इसमें शामिल होंगे।

अभ्यास के दौरान सर्च एंड रेस्क्यू के लिए समुद्र में जहाजों की भी तैनाती होगी। सुखोई-30 अंडमान के एयरबेस से टेकऑफ करेंगे, जबकि ग्रिपेन थाईलैंड के एयरबेस से उड़ान भरेंगे। इस अभ्यास का एक उद्देश्य द्वीप क्षेत्रों में लॉजिस्टिक एंड्यूरेंस की क्षमता को परखना भी है।

दो महीनों में होंगे कई अभ्यास

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय वायुसेना अपने एक्सरसाइज कैलेंडर के अनुसार लगातार अभ्यास कर रही है। अगले दो महीनों में तीन बड़े वायुसेना अभ्यास प्रस्तावित हैं, जिनमें फ्रांस, अमेरिका और ग्रीस की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ ऑपरेशनल कौशल साझा करेंगी।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए अभ्यासों की सूची पर नज़र डालें तो भारत ने फ्रांस के साथ एक्सरसाइज गरुड़, रूस के साथ अविइंद्रा और कई मल्टीनेशनल अभ्यासों में हिस्सा लिया है।

भारत और थाईलैंड: रक्षा सहयोग

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत और थाईलैंड की साझा समुद्री सीमाएँ हैं और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में थाईलैंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को भारत की ‘लुक ईस्ट’ नीति से गति मिली, जिसे बाद में ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में उन्नत किया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मई 2003 में शुरू किए गए सुरक्षा सहयोग पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप ने सहयोग को मजबूत करने के लिए सात प्राथमिक क्षेत्रों में से एक के रूप में सैन्य सहयोग को नामित किया।

भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) 25 जनवरी 2012 को हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते में नियमित संयुक्त अभ्यास, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास आतंकवाद, समुद्री डकैती और तस्करी का मुकाबला करने के लिए संयुक्त समुद्री गश्त, एक-दूसरे की सशस्त्र सेनाओं के प्रशिक्षण संस्थानों में अधिकारियों का प्रशिक्षण, सेवा-स्तरीय वार्ता और विभिन्न स्तरों पर यात्राओं का आदान-प्रदान शामिल है।

राजनीति

पुलवामा हमले की बरसी: पीएम मोदी ने किया शहीद जवानों को याद, खड़गे-शरद पवार ने भी दी श्रद्धांजलि

Published

on

नई दिल्ली, 14 फरवरी : पुलवामा आतंकी हमले को सात साल हो गए हैं। यह भारत के इतिहास का एक दुखद अध्याय था जब देश ने आतंकी हमले में 40 बहादुर जवानों को खो दिया। पूरा देश उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है। पुलवामा हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति सेवा हमारी सामूहिक चेतना में सदा अमिट रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “2019 में आज के दिन पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों को याद कर रहा हूं। उनकी निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति सेवा हमारी सामूहिक चेतना में सदा अमिट रहेंगे। हर भारतीय को उनके अटूट साहस से शक्ति मिलती है।”

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए सभी अमर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “मां भारती के वीर सपूतों का अमर बलिदान हमें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। आज भारत आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस की नीति’ के साथ एकजुटता एवं मजबूती से खड़ा है और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मैं साल 2019 में आज ही के दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और राष्ट्र के प्रति उनकी अभूतपूर्व सेवा का स्मरण करता हूं। हमारे अमर जवानों का बलिदान भारतीय शौर्य और पराक्रम के उस अजेय संकल्प का उद्घोष है, जो हमें आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्र आपके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव ऋणी रहेगा।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों को याद किया। उन्होंने लिखा, “हमारे अमर जवानों का बलिदान भारतीय शौर्य के उस अजेय संकल्प का उद्घोष है, जो हमें आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने हेतु सदैव प्रेरित करता है।”

विपक्ष के भी कई नेताओं ने पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, “हम भारत माता के उन वीर शहीदों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति दी।”

खड़गे ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “बहादुर जवानों का अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति अटल समर्पण हमेशा हमारी यादों में रहेगा। उनका सर्वोच्च बलिदान चिरकाल तक अमर रहेगा। हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।”

एनसीपी-एसपी के प्रमुख शरद पवार ने लिखा, “भारतीय सैनिकों ने हमेशा अपने साहस, बहादुरी, त्याग और बलिदान से देश की सुरक्षा व संप्रभुता को बनाए रखा है। उनकी अटूट राष्ट्र निष्ठा और देशभक्ति को हमेशा याद रखा जाएगा। पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले सभी शहीद सैनिकों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार, भारत समेत दक्षिण एशिया पर क्या हो सकता है असर?

Published

on

नई दिल्ली, 13 फरवरी : बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को गिराए जाने के लगभग 18 महीनों के बाद गुरुवार को संसदीय चुनाव हुए। शुक्रवार को सामने आए परिणामों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन ने 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की। इससे साफ हो गया है कि बांग्लादेश में बीएनपी की बहुमत की सरकार बन रही है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि बीएनपी की सरकार आने के बाद बांग्लादेश के भारत और दक्षिण एशिया के साथ रिश्तों पर कैसा असर पड़ेगा।

बांग्लादेश की कमान बीएनपी के हाथों में आने के बाद दक्षिण एशिया में रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं कि भारत और बांग्लादेश के बीच क्या संबंध रहेंगे। शेख हसीना की सरकार गिराए जाने के बाद से बांग्लादेश में यूनुस की अंतरिम सरकार के शासन में भारत और बांग्लादेश के बीच काफी तनाव देखने को मिला।

इसके साथ ही बांग्लादेश में पाकिस्तान को एंट्री मिल गई। इतना ही नहीं, बांग्लादेश में आईएसआई की सक्रियता भी बढ़ी है। आईएसआई के कमांडर बांग्लादेश में युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसका मकसद भारत के खिलाफ इन युवाओं का इस्तेमाल करना है।

जिस तरह से यूनुस के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ दोस्ती में गहराई आई है, बीएनपी के आने से इसमें कुछ बदलाव देखने को जरूर मिलेगा। बीएनपी भारत के साथ अपने राजनयिक और कूटनीतिक संबंध बेहतर करने का प्रयास करेगी। बीएनपी की वापसी से दोनों देशों के बीच सीमा, अवैध आव्रजन और जल बंटवारे (जैसे तीस्ता) जैसे मुद्दे फिर प्रमुख बन सकते हैं।

इससे पहले पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध काफी अच्छे थे। हालांकि, अवामी लीग से पूर्व जब खालिदा जिया के नेतृत्व में बीएनपी का शासन था, तब भारत और बांग्लादेश के बीच कड़वाहट देखने को मिली थी। लेकिन, तारिक रहमान के हाथ में सत्ता की कमान होने के बाद इसमें थोड़ा बदलाव जरूर हो सकता है।

चीन की अगर बात करें, तो उसकी हमेशा से ही चटगांव पोर्ट पर नजर रही है। यूनुस के शासन में यह खबरें भी सामने आ रही थी कि बांग्लादेश के सभी बड़े पोर्ट का संचालन चीन के हाथों में सौंप दिया जाएगा। अगर ऐसा हो जाता, तो चीन भविष्य में भारत के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता था।

बीएनपी सरकार चीन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सहयोग को और बढ़ा सकती है। इससे दक्षिण एशिया, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है।

उम्मीद की जा रही है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों में कुछ नरमी आ सकती है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक संतुलन प्रभावित होगा। भारत के लिए यह सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण मुद्दा होगा। यदि आंतरिक राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ता है, तो अस्थिरता का असर पड़ोसी देशों तक महसूस हो सकता है।

भारत के पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सतर्कता बढ़ सकती है। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को पुनर्जीवित करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा पर इसकी सफलता निर्भर करेगी।

भारत के लिए बांग्लादेश एक बड़ा निर्यात बाजार है। नीतिगत बदलाव से कारोबारी माहौल प्रभावित हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बीएनपी की वापसी के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच हालात में सुधार की संभावनाएं हैं, लेकिन अगर जमात-ए-इस्लामी की वापसी होती तो यह भारत के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता था।

Continue Reading

राजनीति

यूपी में वंदे मातरम पर भाजपा ने विपक्ष पर लगाया देश को गुमराह करने का आरोप

Published

on

लखनऊ, 13 फरवरी : उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘वंदे मातरम’ और विधानसभा की कार्यवाही को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के नेताओं ने कहा कि विपक्ष देश को ‘वंदे मातरम’ के नाम पर गुमराह कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाचार एजेंसी मीडिया से बात करते हुए ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का गजट जारी हो चुका है और अब पूरे देशवासियों को इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में गाना चाहिए। इसे उन्होंने गर्व का विषय बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी।

केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि भारत में रहते हुए ‘वंदे मातरम’ गाना आवश्यक कर दिया गया है और इसका विरोध करने वाले अपना “असली रंग” दिखाएंगे।

कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान पर निशाना साधते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह अभियान खोखला है। उनका दावा है कि सरकार की विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों में व्यापक विकास कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने बजट को लेकर भी विपक्ष पर तंज कसा और कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उन्हें बजट में भी भ्रष्टाचार नजर आता है, जबकि विकास पर ध्यान देने वालों को विकास दिखाई देता है।

प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी ‘वंदे मातरम्’ के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गान और ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्र चेतना और राष्ट्र प्रेम का आधार हैं। उनके अनुसार, इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे किसी मजहब या व्यक्ति को ठेस पहुंचे, इसलिए सभी को इसे सम्मानपूर्वक गाना चाहिए। मेरे ख्याल से ‘वंदे मातरम्’ में कोई भी ऐसी चीज़ नहीं है जिसके गाने से किसी मजहब या व्यक्ति पर कोई असर पड़े, इसलिए सभी को इसे गाना चाहिए।

वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि हाल ही में विधानसभा की कार्यवाही बेहद सकारात्मक और सार्थक रही।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को सदन रात करीब 9:30 बजे तक चला और सभी विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाया। सरकार ने भी सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया, जिससे लोकतांत्रिक संवाद मजबूत हुआ।

Continue Reading
Advertisement
अपराध38 minutes ago

मुंबई अपराध: दिंडोशी पुलिस ने फर्जी पुलिस प्रभाव के दावों का इस्तेमाल करके एसआरए एजेंट से 57 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में इतिहास-शीटर ​​को गिरफ्तार किया।

राष्ट्रीय48 minutes ago

मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ परियोजना: वर्सोवा में 348 पेड़ काटे जाएंगे, जिनमें नाना नानी पार्क के अंदर 80 पेड़ शामिल हैं, जिससे निवासियों में आक्रोश फैल गया है।

खेल1 hour ago

टी20 विश्व कप: भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेहद खराब, सिर्फ 1 मैच में मिली है जीत

राजनीति1 hour ago

पुलवामा हमले की बरसी: पीएम मोदी ने किया शहीद जवानों को याद, खड़गे-शरद पवार ने भी दी श्रद्धांजलि

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

न्यूयॉर्क हत्या साजिश में निखिल गुप्ता ने कबूला जुर्म, जानिए कितने साल तक हो सकती है जेल

महाराष्ट्र17 hours ago

ब्रिज डिपार्टमेंट और इंजीनियर्स को पुलों की सेफ्टी और सस्टेनेबिलिटी के लिए लेटेस्ट टेक्निकल स्किल्स हासिल करनी चाहिए, उन्हें और मजबूत बनाने के लिए एक दिन की वर्कशॉप होगी।

महाराष्ट्र18 hours ago

मुंबई: एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को लीलावती अस्पताल से सस्पेंड करने की घटना की जांच की मांग की है।

अंतरराष्ट्रीय18 hours ago

बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार, भारत समेत दक्षिण एशिया पर क्या हो सकता है असर?

व्यापार19 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़का

दुर्घटना20 hours ago

मुंबई में लोकल ट्रेनों में देरी जारी रहने से यात्री बाहर जमा हुए, शिवसेना के यूबीटी नेता ने रेल अधिकारियों से सवाल किए।

अपराध2 weeks ago

मुंबई अपराध: नागपाड़ा में हिंसक समूह झड़प के बाद 5 घायल, एक की हालत गंभीर; 13 हिरासत में; वीडियो वायरल

राजनीति4 weeks ago

बीएमसी चुनाव 2026 के विजेताओं की सूची: वार्डवार विजयी उम्मीदवारों के नाम देखें

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की बारामती के पास विमान दुर्घटना में मौत;

अपराध3 weeks ago

मुंबई के वडाला में ‘बदतमीज’ नाम की एक शहरी मसाज कंपनी की मसाज करने वाली महिला ने सेशन रद्द होने पर एक महिला पर हमला किया; लड़ाई का वीडियो वायरल होने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई ट्रैफिक अपडेट: व्यस्त समय के दौरान 1 फरवरी से शहर में भारी वाहनों पर प्रतिबंध; क्या अनुमति है और क्या नहीं?

राजनीति4 weeks ago

मुंबई बीएमसी चुनाव 2026 के परिणाम: एग्जिट पोल ने महायुति गठबंधन के लिए स्पष्ट बहुमत की भविष्यवाणी की

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई में स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाशअंधेरी में बाइक चोरों को गिरफ्तार करने के बाद 9 केस सुलझे, मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी

अपराध7 days ago

‘घर पर बेटियां नहीं हैं क्या?’ मुंबई के मरीन ड्राइव पर कथित तौर पर उसकी तस्वीरें खींचने के लिए लड़की ने आदमी का सामना किया; वीडियो हुआ वायरल

अपराध3 weeks ago

मुंबई में भयावह घटना: मलाड में ढाई महीने के पिल्ले के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट, आरोपी गिरफ्तार

राजनीति4 weeks ago

बीएमसी: गतगणना शुरू, पहले राउंड के नतीजे जल्द आने की उम्मीद (लीड)

रुझान