व्यापार
मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच मामूली बढ़त में खुला भारतीय शेयर बाजार
मुंबई, 12 सितंबर। अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों और मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हल्की बढ़त में रहे।
सुबह 9.25 बजे तक, सेंसेक्स 114 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 81,663 पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 39 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 25,045 पर था।
ब्रॉडकैप सूचकांकों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी पैक में अदाणी एंटरप्राइजेज, इंफोसिस, टीसीएस, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे, जबकि बजाज फिनसर्व, टाइटन कंपनी और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स टॉप लूजर्स रहे।
सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी ऑटो 1.01 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे आगे रहा। निफ्टी आईटी 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 0.59 प्रतिशत की बढ़त में रहे। निफ्टी एफएमसीजी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान में रहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को संभावित व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया है,जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। यह एक ऐसा कदम होगा, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।
निफ्टी गुरुवार को 25,000 के स्तर को पार करने में कामयाब रहा और लगातार सातवें दिन अपनी ऊपर की यात्रा जारी रखते हुए 21 अगस्त के बाद अपने उच्चतम स्तर पर बंद हुआ।
विश्लेषकों ने कहा कि निफ्टी का अल्पकालिक रुझान तेजी का बना हुआ है क्योंकि यह 5, 20 और 50 डीएमए से ऊपर बना हुआ है। निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध 25,153 पर देखा जा रहा है, जो पिछले स्विंग हाई से प्रेरित है।
अमेरिकी बाजारों में रातोंरात नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए क्योंकि बेरोजगारी के दावे चार वर्ष के उच्चतम स्तर 263,000 पर पहुंच गए, जिससे अगस्त में मुद्रास्फीति के 2.9 प्रतिशत तक पहुंचने के बावजूद फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती की उम्मीदें मजबूत हुईं।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.36 प्रतिशत, नैस्डैक 0.72 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.85 प्रतिशत की बढ़त में रहे।
अधिकांश एशियाई बाजारों में सुबह के सत्र के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की गई। चीन का शंघाई सूचकांक 0.24 प्रतिशत और शेन्जेन सूचकांक 0.15 प्रतिशत की बढ़त में रहे, जापान का निक्केई सूचकांक 0.91 प्रतिशत की तेजी में रहा, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.42 प्रतिशत बढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.15 प्रतिशत की बढ़त में रहा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,472.37 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,045.54 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
राष्ट्रीय समाचार
सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

gold
डॉलर इंडेक्स पर दबाव और महंगाई कम होने की संभावना के चलते सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6 हजार रुपए और 17 हजार रुपए से अधिक महंगे हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,471 रुपए बढ़कर 1,46,344 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,39,873 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,34,051 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,28,124 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,09,758 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,04,905 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 1 जुलाई को सुबह के सत्र में 1,39,434 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 3 जुलाई को शाम के सत्र में 1,46,344 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है।
चांदी का दाम 17,317 रुपए बढ़कर 2,33,858 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,16,541 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 3 जुलाई को शाम के सत्र में 2,33,858 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 1 जुलाई को सुबह के सत्र में 2,21,355 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,170 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 62 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह कच्चे तेल में कमजोरी आने के कारण महंगाई की संभावना कम होना है। इससे साथ ही पिछले दो सत्रों डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने से कीमती धातुओं में तेजी को सहारा मिला है।
व्यापार
अदाणी ग्रुप निवेशकों को आकर्षित करने में रहा सफल, एईएल क्यूआईपी की मांग 38,000 करोड़ रुपए रही

अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
अदाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एआईएल) बीते एक वर्ष में निवेशकों से फ्रैश इक्विटी के जरिए करीब 40,000 करोड़ रुपए जुटाने सफल रही है। वहीं, कई बड़े वैश्विक और घरेलू निवशकों ने समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी को बढ़ाया है।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने इस हफ्ते अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) का साइज बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया था। कंपनी को इसके लिए लगभग 38,000 करोड़ रुपए की बोलियां मिलीं, जो बेस इश्यू साइज का 3.8 गुना है। यह फंड जुटाने की प्रक्रिया कंपनी के 25,000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू के एक साल से भी कम समय में हुई है, जिससे पिछले एक साल में जुटाई गई कुल इक्विटी कैपिटल लगभग 40,000 करोड़ रुपए हो गई है।
ताजा फंड जुटाने की प्रक्रिया में कई बड़े संस्थागत निवशकों ने भाग लिया, जिनमें कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैश, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा शामिल हैं। घरेलू स्तर पर भी बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया। इसमें एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड शामिल थे।
इस डील से जुड़े लोगों ने बताया कि इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही ऑर्डर बुक पूरी तरह भर गई थी। बैंकरों का कहना था कि निवेशक शेयर पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। कंपनी ने पहले 10,000 करोड़ रुपए के बेस साइज के साथ क्यूआईपी लॉन्च किया था, लेकिन जबरदस्त मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपए कर दिया।
फंड जुटाने की यह प्रक्रिया अदाणी ग्रुप के प्रति निवेशकों की सोच में आए बड़े बदलाव का ताजा संकेत है। एक समय ऐसा भी था जब कई संस्थागत निवेशक अदाणी ग्रुप के शेयरों को पसंद नहीं करते थे, लेकिन अब ये शेयर ग्लोबल फंड और घरेलू एसेट मैनेजरों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले शेयरों में से एक बन गए हैं।
पिछले एक साल में, अदाणी एंटरप्राइजेज के साथ-साथ अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों में फंड जुटाने और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन में बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। निवेशकों की इस लिस्ट में लगातार दुनिया के कुछ सबसे बड़े एसेट मैनेजर और लगभग सभी बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड शामिल रहे हैं, जो ग्रुप के लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पाइपलाइन में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
यह नई मांग तब आई है जब अमेरिका के एक फेडरल जज ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से हटाने पर रोक लगा दी है और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को केस वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने का निर्देश दिया है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से पता चलता है कि निवेशक ग्रुप के ऑपरेटिंग बिजनेस, कैपिटल एलोकेशन और ग्रोथ की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट, एआई और डेटा सेंटर, सोलर और विंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, सड़क, पीवीसी, मेटल और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है। क्यूआईपीसे एक दिन पहले, कंपनी ने भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आईएचसी के साथ 11.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में घोषित अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) है।
राष्ट्रीय समाचार
लगातार दूसरे दिन बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 579 अंकों की उछाल, आईटी सेक्टर ने किया बेहतर प्रदर्शन

अमेरिका और ईरान के बीच व्यापार वार्ता के सकारात्मक संकेतों के चलते तेल की कीमतों में गिरावट आने से गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी50, दोनों में 0.70 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या 579.48 अंक बढ़कर 77,502.12 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 0.71 प्रतिशत यानी 169.85 अंक बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ।
दिन के सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,922.64 से 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77083.14 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 656.28 अंकों यानी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,578.93 का इंट्रा-डे हाई छुआ।
वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद 24,005.85 से 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,062.20 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 0.78 प्रतिशत की उछाल के साथ 24194.55 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी ने 4.64 प्रतिशत की तेजी के साथ सेक्टोरल इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और मई 2025 के बाद से इंट्राडे में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। वहीं इसके विपरीत कैपिटल गुड्स, पावर, टेलीकॉम और पीएसयू बैंक सेक्टर में 0.4-0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और विप्रो के शेयर शामिल रहे, जबकि नुकसान उठाने वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक, रिलायंस और मारुति सुजुकी शामिल रहे।
ध्यान देने वाली बात है कि कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता संपन्न होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आने से शेयर बाजार में तेजी आई। वार्ता होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित थी, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए किसी समझौते की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई।
इसी बीच, रुपया 24 पैसे गिरकर 95.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
व्यापक स्तर पर खरीदारी के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 476.50 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 479.75 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति एक दिन में लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई।
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