Connect with us
Tuesday,06-January-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ सपाट खुला, निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा गिरा

Published

on

SHARE MARKET

मुंबई, 5 जनवरी: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने मामूली गिरावट के साथ सपाट शुरुआत की। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स 121.96 अंक गिरकर 85,640.05 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 5.15 अंक बढ़कर 26,333.70 के स्तर पर खुला।

खबर लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स 105.24 अंक यानी 0.12 प्रतिशत गिरकर 85,656.77 पर ट्रेड रहा था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 25.75 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,302.80 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार में व्यापक रुझान देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में 0.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

क्षेत्रीय स्तर पर, निफ्टी पीएसयू बैंक 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाला इंडेक्स रहा, उसके बाद मीडिया में 1.08 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 0.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स पैक में बीईएल, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स शेयर रहे, जबकि एचसीएलटेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।

इसी तरह, एनएसई पर बीईएल, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और हिंडाल्को टॉप गेनर्स वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि एचसीएलटेक, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और टीसीएस टॉप लूजर्स वाले शेयरों में रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ हुई है, जिनका असर दुनिया भर पर गहराई से पड़ सकता है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई से वैश्विक भू-राजनीति और ज्यादा अस्थिर हो सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द खत्म होने के आसार कम हैं और यह संघर्ष आगे भी लंबा खिंच सकता है।

इसके अलावा, ईरान में विरोध-प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं और ऐसे में यह देखना अहम होगा कि ईरानी सरकार कैसे प्रतिक्रिया देती है, खासकर तब जब ट्रंप की ओर से हस्तक्षेप की आशंका बनी हुई है। इतनी ज्यादा अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के माहौल का लाभ उठाकर चीन ताइवान को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भू-राजनीति की यह भारी अनिश्चितता और अप्रत्याशितता बाजार को भी प्रभावित करेगी। लेकिन यह देखना होगा कि आगे घटनाएं किस दिशा में जाती हैं। वेनेजुएला संकट से भारत के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि इसका मध्यम से दीर्घकालिक प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर नकारात्मक है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि शेयर बाजार की स्थिति पर बात करें तो, निकट भविष्य में बाजार में मजबूती बनी रह सकती है, क्योंकि इंडेक्स इस समय अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है और तेजी का रुख बुल्स को सपोर्ट दे सकता है। बैंक निफ्टी मजबूत स्थिति में है और इसे तेज क्रेडिट ग्रोथ का ठोस फंडामेंटल सपोर्ट मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है, जिससे इस सेक्टर को और मजबूती मिल सकती है।

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, ऑयल और गैस शेयरों में बिकवाली हुई

Published

on

मुंबई, 6 जनवरी: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 376.28 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 और निफ्टी 71.60 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26,178.70 पर था।

बाजार पर दबाव बनाने का काम निफ्टी ऑयल एंड गैस शेयरों ने किया। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.75 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.18 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.05 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.56 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.38 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई और निफ्टी रियल्टी 0.33-0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

दूसरे तरफ निफ्टी हेल्थकेयर 1.85 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.69 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.59 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.55 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.29 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई, सन फार्मा, एचयूएल, टीसीएस, एसबीआई, एशियनपेंट्स, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और भारती एयरटेल गेनर्स थे। ट्रेंट, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और इटरनल लूजर्स थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 117.15 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,148.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38.55 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,887.85 पर था।

सेंट्रम ब्रोकिंग में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स के प्रमुख नीलेश जैन ने कहा कि बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी अपने अहम सपोर्ट 26,200 के स्तर से नीचे फिसल गया है। निफ्टी के लिए सपोर्ट 26,020 है और जब तक इंडेक्स इस स्तर को होल्ड करता है। यह 26,250 से 26,300 के स्तर तक जा सकता है।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। इस दौरान निफ्टी 50 पिछले दिन के बंद भाव से 60.6 अंक गिरकर 26,189.70 पर खुला। तो वहीं, सेंसेक्स 108.48 अंक गिरकर 85,331.14 पर खुला।

Continue Reading

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में खुला, ऑयल एंड गैस में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट

Published

on

SHARE MARKET

मुंबई, 6 जनवरी: वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच आज सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में लाल निशान में खुला। इस दौरान ऑयल एंड गैस शेयरों में कमजोरी के चलते घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की।

इस दौरान निफ्टी50 पिछले दिन के बंद भाव से 60.6 अंक गिरकर 26,189.70 पर खुला। तो वहीं, सेंसेक्स 108.48 अंक गिरकर 85,331.14 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स 198.80 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 85,240.82 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50.35 अंक या 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,199.95 पर कारोबार कर रहा था।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 0.17 प्रतिशत की बढ़त में रहा, जबकि निफ्टी मिडकैप लगभग सपाट कारोबार करता दिखा।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो, निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और इसमें 1.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी मेटल सेक्टर में 0.95 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं ट्रेंट, रिलायंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

इसी तरह एनएसई पर एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप गेनर्स वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि ट्रेंट, रिलायंस और टीएमपीवी यहां भी टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने कहा कि वेनेजुएला अभी भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है, लेकिन यह पोर्टफोलियो के लिए बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में निजी क्षेत्र में रोजगार वृद्धि में हालिया मजबूती से यह संकेत मिलता है कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए वहां की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में बनी हुई है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में अमेरिका की बेरोजगारी दर घटकर करीब 4.5 प्रतिशत तक आ सकती है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि निफ्टी फिलहाल 26,250.30 के स्तर पर है। अगर यह 26,200 के ऊपर बना रहता है तो इसमें हल्की तेजी के साथ 26,350 तक की वापसी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 26,100 की ओर फिसल सकता है। डेरिवेटिव बाजार में पीसीआर 1.53 पर है, जो एक्सपायरी के दौरान सीमित उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। आरएसआई करीब 54 के आसपास बना हुआ है, जो दिन के कारोबार में तटस्थ से हल्का सकारात्मक रुझान दिखाता है।

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने करीब 12,500 करोड़ रुपए के मेगा आईपीओ के लिए कथित तौर पर 9 बैंकरों को नियुक्त किया है, जिसके 2026 की पहली छमाही में आने की उम्मीद है।

Continue Reading

व्यापार

कर व्यवस्था पर एशिया में सबसे ज्यादा विश्वास, भारत सबसे आगे : रिपोर्ट

Published

on

INCOME TAX

नई दिल्ली, 5 जनवरी: दुनिया में कर (टैक्स) व्यवस्था को लेकर जनता का विश्वास सबसे ज्यादा एशिया में देखा गया है। इस मामले में भारत खास तौर पर आगे है, जहां लोगों में कर चुकाने की नैतिक भावना और सरकारी वित्त व्यवस्था पर भरोसा मजबूत है। सोमवार को एसीसीए, आईएफएसी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड (सीए एएनजेड) और ओईसीडी द्वारा संयुक्त रूप से जारी एक नई रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के लगभग 45 प्रतिशत लोगों का मानना है कि सरकार द्वारा इकट्ठा किया गया कर जनहित के कामों में खर्च होता है। वहीं 41 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कर देना उनके लिए कोई बोझ नहीं, बल्कि अपने समाज और देश के लिए योगदान है। इससे यह साफ होता है कि भारत में टैक्स को नागरिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 68 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे किसी भी हालत में टैक्स चोरी को सही नहीं ठहराएंगे, चाहे उन्हें ऐसा करने का मौका ही क्यों न मिले। यह भारत में लोगों के उच्च नैतिक मूल्यों को दिखाता है।

सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि भारत में लोग पर्यावरण और समाज के लंबे समय के विकास के लिए टैक्स देने को तैयार हैं।

लगभग 80 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि वे टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए थोड़ा या ज्यादा अतिरिक्त कर देने को भी तैयार हैं। इससे पता चलता है कि लोग कर नीति को देश और समाज के भविष्य से जोड़कर देखते हैं।

एसीसीए के भारत निदेशक मोहम्मद साजिद खान ने कहा कि भारत के नतीजे पूरे एशिया के रुझान को दिखाते हैं। एशिया में लोग कर व्यवस्था को न्यायपूर्ण, पारदर्शी और जनकल्याण से जुड़ा मानते हैं। भारत में लोगों की अतिरिक्त टैक्स देने की इच्छा यह दिखाती है कि कर नीति और समाज के लक्ष्य एक दिशा में बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट में शामिल 29 देशों के सर्वेक्षण में पाया गया कि एशिया के लोग अपने टैक्स सिस्टम को दूसरे क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा निष्पक्ष और उपयोगी मानते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में तो लगभग 65 प्रतिशत लोगों ने टैक्स को समाज के लिए योगदान माना है, न कि एक खर्च।

एसीसीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेलेन ब्रांड ओबीई ने कहा कि एशिया में कर व्यवस्था पर जनता का भरोसा पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है। इस भरोसे को बनाए रखने के लिए सरकारों को लगातार ईमानदारी और पारदर्शिता दिखानी होगी।

ओईसीडी के कर नीति और प्रशासन केंद्र की निदेशक मनल कोर्विन ने कहा कि यह एशिया में कर नैतिकता पर शुरू किए गए एक नए अध्ययन का पहला चरण है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम सरकारों के साथ मिलकर इन परिणामों पर चर्चा करेंगे ताकि पूरे एशिया में टैक्स सिस्टम में विश्वास के कारकों और विश्वास बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों की पहचान की जा सके। इससे सरकारों को अधिक निष्पक्ष, अधिक उत्तरदायी और अधिक सुसंगत टैक्स सिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार3 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, ऑयल और गैस शेयरों में बिकवाली हुई

राजनीति4 hours ago

पश्चिम बंगाल में डीजीपी की नियुक्ति पर पेंच, यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की दी सलाह

महाराष्ट्र5 hours ago

फुटपाथ से उठाकर विधायक बनाया, लेकिन पार्टी के लिए कुछ नहीं किया: अबू आसिम आज़मी का रईस शेख पर बड़ा हमला

राष्ट्रीय समाचार7 hours ago

दिल्ली हाईकोर्ट में होगी दुष्यंत गौतम के मानहानि मामले की सुनवाई, 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा

राजनीति7 hours ago

विलासराव देशमुख के खिलाफ रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर नवाब मलिक बोले- मर्यादा का पालन करें

अपराध8 hours ago

दिल्ली: द्वारका पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 361 विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेजा

अपराध8 hours ago

युवक की पीटकर हत्या करने के मामले में दो वांछित बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार

राजनीति9 hours ago

ममता बनर्जी के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान कैटरिंग आरक्षण की होगी जांच, एनएचआरसी ने रेलवे बोर्ड को भेजा नोटिस

व्यापार10 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में खुला, ऑयल एंड गैस में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट

पर्यावरण11 hours ago

मुंबई मौसम अपडेट (6 जनवरी, 2026): शहर घने धुंध की चपेट में, वायु गुणवत्ता की गंभीर स्थिति; समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 319

राजनीति4 weeks ago

न्यायपालिका को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: शिवसेना (यूबीटी)

अपराध2 weeks ago

मुंबई: रिटायर्ड अधिकारी से 4.10 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच उच्च स्तर पर खुला भारतीय शेयर बाजार

व्यापार2 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 367 अंक फिसला

महाराष्ट्र1 week ago

अंदरूनी कलह पड़ी भारी, 211 वार्ड में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी खेल

पर्यावरण4 weeks ago

8 दिसंबर, 2025 के लिए मुंबई मौसम अपडेट: शहर में ठंड का मौसम, फिर भी धुंध से भरा आसमान; AQI 255 पर अस्वस्थ बना हुआ है

व्यापार3 weeks ago

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें मार्केट में आज की कीमत

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पटना में बढ़ती ठंड पर डीएम का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के समय में बदलाव

व्यापार3 weeks ago

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इन पांच कारण से तेजी को मिल रही हवा

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई बिरयानी में ज़्यादा नमक होने पर पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार

रुझान