व्यापार
भारतीय शेयर बाजार की नए साल पर सपाट शुरुआत
मुंबई, 1 जनवरी। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक बुधवार को नए साल की शुरुआत पर सपाट खुले। शुरुआती कारोबार में निफ्टी पर ऑटो, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा और मेटल सेक्टर में बिकवाली देखी गई।
सुबह करीब 9:35 बजे सेंसेक्स 84.89 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,054.12 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 27.25 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,617.55 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार का रुख सकारात्मक रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 1,538 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 621 शेयर लाल निशान में थे।
बाजार के जानकारों के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजार के लिए नए साल की शुरुआत निराशाजनक रही।
उन्होंने कहा, “कमजोर जीडीपी और आय वृद्धि के कारण मैक्रो कंस्ट्रक्ट के साथ निकट अवधि का रुझान कमजोर दिखाई देता है।”
निफ्टी बैंक 46.65 अंक या 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,813.55 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 70.95 अंक या 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,270.40 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 62.35 अंक या 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,831.55 पर था।
सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी में आईटी, एफएमसीजी, मीडिया और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली।
सेंसेक्स पैक में एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, एसबीआई, नेस्ले इंडिया, टाटा मोटर्स, एमएंडएम और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स में शामिल थे। वहीं, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स थे।
पिछले कारोबारी सत्र में डॉव जोन्स 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 42,544.22 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,881.60 पर और नैस्डैक 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,310.79 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में जकार्ता और हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
जबकि चीन, बैंकॉक, सोल और जापान लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मजबूत डॉलर (डॉलर इंडेक्स 108.5 प्रतिशत पर है) और उच्च अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से 2025 के शुरुआती दिनों में बाजार पर अधिक एफआईआई बिकवाली का असर पड़ेगा।
जानकारों ने कहा, “भले ही एफआईआई बिकवाली के साथ-साथ डीआईआई खरीद भी हो, लेकिन इस रस्साकसी में, निकट भविष्य में, भावनाएं एफआईआई के पक्ष में हैं क्योंकि मूल्यांकन लगातार ऊंचा बना हुआ है।”
जानकारों का कहना है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार में संभावित रूप से आने वाले मैक्रो डेटा पर नजर रखनी चाहिए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 31 दिसंबर को 4,645.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी दिन 4,546.73 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
राष्ट्रीय समाचार
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच हल्की बढ़त के साथ खुला भारतीय शेयर बाजार, टेक स्टॉक्स में खरीदारी

मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की बढ़त के साथ हुई है। इस दौरान सेंसेक्स 186 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,388 और निफ्टी 63 अंक या 0.26 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,142 पर था।
शुरुआती कारोबार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी 1.80 प्रतिशत की मजबूती के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी हेल्थकेयर भी हरे निशान में थे।
इसके अलावा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सूचकांक लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, टाइटन, टीसीएस, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, एचयूएल, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और अल्ट्राटेक सीमेंट गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, इटरनल, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एसबीआई और एलएंडटी लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव न होने और ग्लोबल मार्केट के स्थिर रहने के कारण, हमारे बाजार सकारात्मक रुख के साथ एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, इसलिए मार्केट इन नतीजों पर प्रतिक्रिया दे सकता है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई और सोल लाल निशान में थे। वहीं, हांगकांग, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ था। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं और बुधवार को उन्होंने 735.83 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की और इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 704.93 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम एशिया तनाव के बीच मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में 130 अंकों की बढ़त

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी सत्र बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। शुरुआती तेजी के बाद दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख बेंचमार्कों निफ्टी और सेंसेक्स में 0.17 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर था, तो वहीं निफ्टी50 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 24,078.50 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,054.94 से 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,192.76 पर खुला और एक समय यह 591.33 अंकों या 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,646.27 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,052.05 से 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085.85 पर खुला और दिन के कारोबार के दौरान यह 168.3 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,220.35 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया था।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मं 0.28 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.67 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
वहीं, सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.73 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.69 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.63 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके साथ ही निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी ऑटो में भी तेजी दर्ज की गई।
इसके विपरीत, निफ्टी मेटल में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी में भी कमजोरी रही।
निफ्टी 50 इंडेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स, और एसबीआई के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
इस बीच, मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “कल हमने देखा कि तेल की कीमतों में तेजी की वजह से सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक गिर गया था। आज यह ‘गैप अप’ के साथ खुला है और अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो ट्रेडिंग के पहले घंटे में ही सेंसेक्स 400 अंक ऊपर है। यह पॉज़िटिव है, लेकिन यह ज्यादातर एक ‘टेक्निकल बाउंस-बैक’ जैसा लग रहा है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 85-86 के लेवल के आसपास ही हैं। बेशक, यह उस समय की तुलना में बेहतर है जब कीमतें 112 डॉलर से भी ऊपर चली गई थीं। ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमतें 70 के नीचे आती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो घरेलू बाजार को और सपोर्ट मिलेगा और बाजार फिर से रिकवरी कर सकता है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-यूके सीईटीए के लागू होने से स्थानीय सेवाओं और सामानों की मांग बढ़ेगी: फिक्की

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने बुधवार को भारत-यूके सीईटीए के लागू होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह अहम समझौता भारतीय इंडस्ट्री के लिए नए मौके खोलेगा, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएगा और ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ देश की भागीदारी को मजबूत करेगा।
इस समझौते के लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए, फिक्की के सेक्रेटरी जनरल अनंत स्वरूप ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) से सामान और सेवाओं, दोनों ही क्षेत्रों में कारोबार के लिए नए मौके बनेंगे।
स्वरूप ने कहा, “भारत-यूके सीईटीए के लागू होने पर फिक्की की ओर से पीएम मोदी को बहुत-बहुत बधाई। यह समझौता भारतीय इंडस्ट्री के लिए सामान और सेवाओं, दोनों में नए मौके खोलेगा। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी में सहयोग से भारतीय इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।”
उन्होंने इस समझौते को भारत की मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) यात्रा में एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि इससे ग्लोबल वैल्यू चेन में देश की भागीदारी बढ़ेगी और भारत व यूके, दोनों जगह इनोवेशन-बेस्ड ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह अहम समझौता भारत की लगातार आर्थिक वृद्धि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता और इंटरनेशनल मार्केट के साथ गहरे जुड़ाव की आकांक्षाओं को मजबूत करके ‘विकसित भारत’ के विजन को पूरा करने में मदद करेगा।
गोयनका ने कहा, “जैसे-जैसे भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उच्च-गुणवत्ता वाली आर्थिक साझेदारियां व्यापार के अवसरों को बढ़ाने, औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार और निवेश नेटवर्क में देश की भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, यह समझौता आर्थिक जुड़ाव के प्रति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है और भारत की अधिक समृद्धि, नवाचार और आर्थिक परिवर्तन की यात्रा का समर्थन करेगा।
भारत-यूके एफटीए बुधवार से लागू हो गया, जिससे भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात के लिए बिना किसी शुल्क के बाजार तक पहुंच मिली और इसमें द्विपक्षीय व्यापार मूल्य का लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।
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