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भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 436 अंक फिसला
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मुंबई, 9 दिसंबर: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 436.41 अंक या 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,666.28 और निफ्टी 120.90 अंक या 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,839.65 पर था।
यह लगातार दूसरा सत्र था, जब बाजार में गिरावट देखी गई। इसका नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी,मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। दूसरी तरफ पीएसयू बैंक, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रा तेजी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में इटरनल (जोमैटो), टाइटन,अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी और भारती एयरटेल गेनर्स थे। एशियन पेंट्स,टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक लूजर्स थे।
लार्जकैप के उलट मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 188.10 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,676.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 194.15 अंक या 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,245.80 पर था।
बाजार के जानकारों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह अमेरिकी फेड के ब्याज दरों पर फैसलों से पहले निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली करना है। कमजोर रुपए, एफआईआई की बिकवाली और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अनिश्चितता के कारण बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में निवेशकों की फेड की कमेंट्री और अर्थव्यवस्था को लेकर आउटलुक पर निगाहें होंगी।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर सेंसेक्स 577.81 अंक या 0.68 प्रतिशत की गिरावट के बाद 84,524.88 स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 191.15 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट के बाद 25,769 स्तर पर बना हुआ था।
व्यापार
भारत में 7 हफ्तों में पहली बार 106 मिलियन डॉलर का आया निवेश: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले सप्ताह के दौरान 106 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश (इनफ्लो) दर्ज किया गया है, जो पिछले सात हफ्तों में पहली बार सकारात्मक रहा है।
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, यह इनफ्लो पिछले छह हफ्तों में करीब 5 अरब डॉलर की निकासी (आउटफ्लो) के बाद आया है, जिससे संकेत मिलता है कि भारत-केंद्रित फंड्स से बिकवाली का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि साप्ताहिक आउटफ्लो पहले के 1.2 अरब डॉलर के उच्च स्तर से घटकर करीब 180 मिलियन डॉलर रह गया है।
इस बीच, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) ने रिकवरी में अहम भूमिका निभाई और इस हफ्ते 220 मिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जबकि लॉन्ग-ओनली फंड्स में अभी भी लगभग 400 मिलियन डॉलर की निकासी देखी गई।
खास बात यह रही कि अमेरिका स्थित फंड्स, जो हाल के हफ्तों में भारी बिकवाली कर रहे थे, उन्होंने सात हफ्तों की लगातार निकासी (कुल 3.3 अरब डॉलर) के बाद इस हफ्ते 225 मिलियन डॉलर का निवेश किया।
हालांकि, सुधार के बावजूद भारत-केंद्रित निवेश रणनीतियों में लगातार नौ हफ्तों से निकासी जारी है।
वैश्विक स्तर पर तरलता की स्थिति चौथे हफ्ते भी मजबूत बनी रही, जिसमें प्रमुख फंड कैटेगरी में लगातार निवेश आ रहा है।
अमेरिकी इक्विटी फंड्स में पिछले एक महीने में हर हफ्ते 10 अरब से 22 अरब डॉलर तक का निवेश आया, जबकि ग्लोबल फंड्स में 16 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया।
ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (जीईएम) फंड्स में हर हफ्ते करीब 2 अरब डॉलर तक का निवेश जारी रहा, जबकि इमर्जिंग मार्केट ग्रोथ फंड्स में 1.4 अरब डॉलर का निवेश आया।
इसके विपरीत, यूरोप और चीन में पिछले पांच हफ्तों से लगातार निवेश निकल रहा है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रुझान दिखाता है।
कमोडिटी से जुड़े इक्विटी फंड्स में हाल के समय में तेजी के बाद अब निवेश की रफ्तार धीमी हो गई है।
साथ ही, ऊर्जा सेक्टर के फंड्स में निकासी कम हुई है, सोने में निवेश की गति धीमी गति से स्थिर हुई है, जबकि चांदी से जुड़े फंड्स में निवेश कमजोर बना हुआ है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में एआई इंजीनियरिंग भर्तियां 59.5 प्रतिशत बढ़ी, छोटे शहरों में मांग ने पकड़ी रफ्तार

भारत में एआई इंजीनियरिंग भर्तियों में सालाना आधार पर 59.5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह यूएस,यूके, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में एआई इंजीनियर्स की भर्तियों से ज्यादा है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
लिंक्डइन ने एक रिपोर्ट में बताया कि बेंगलुरु और हैदराबाद एआई हायरिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि, विजयवाडा जैसे शहरों में भी एआई भर्तियों में तेजी देखी जा रही है।
एआई इंजीनियरिंग भर्तियों में सालाना आधार पर हैदराबाद में 51 प्रतिशत और विजयवाडा में 45.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लघु एवं मध्यम आकार के व्यवसायों (एसएमबी) के बीच सबसे तेजी से विकसित हो रहे एआई कौशल में एआई एजेंट, एआई उत्पादकता और एज्योर एआई स्टूडियो शामिल हैं, जो व्यावहारिक और निष्पादन-केंद्रित क्षमताओं की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों में, एआई एजेंट और एआई प्रॉम्प्टिंग रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कौशल के रूप में उभर रहे हैं।
सभी आकार के संगठनों में एआई को तेजी से अपनाने के कारण एआई इंजीनियरिंग में भर्ती में वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े उद्यम बुनियादी ढांचे, शासन और बड़े पैमाने पर तैनाती में निवेश कर रहे हैं, जिसके चलते वे एआई प्रतिभाओं को सबसे अधिक संख्या में नियुक्त कर रहे हैं।
वहीं, छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ता जा रहा है, विभिन्न उद्योगों में एआई प्रतिभाओं की आपूर्ति भी बढ़ रही है। विनिर्माण क्षेत्र में, भारत में एआई इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की संख्या चार गुना बढ़कर 2025 में कार्यबल का 2 प्रतिशत हो गई है।
लिंक्डइन इंडिया इंजीनियरिंग के प्रमुख मलाई लक्ष्मणन ने कहा, “हम एआई एजेंटों और उत्पादकता उपकरणों जैसे व्यावहारिक एआई कौशल में मजबूत वृद्धि देख रहे हैं, जो सीधे वास्तविक दुनिया में उपयोग से जुड़े हैं।”
लक्ष्मणन ने आगे कहा, “इंजीनियरों के लिए, यह एक स्पष्ट संकेत है कि वे व्यावहारिक, प्रायोगिक क्षमताओं के निर्माण और एआई को रोजमर्रा के कार्यप्रवाह में एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करें। जैसे-जैसे सभी आकार के उद्योगों और संगठनों में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, प्रयोग से क्रियान्वयन की ओर बढ़ने वाले लोग इस अवसर का लाभ उठाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होंगे।”
महाराष्ट्र
सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला; आईटी सेक्टर, महंगा कच्चा तेल जैसे कारणों से तीन सत्रों से लगातार हो रही बिकवाली

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों से बिकवाली देखी जा रही है। शुक्रवार को दोपहर 12:50 बजे सेंसेक्स 1,007 अंक या 1.30 तिशत की गिरावट के साथ 76,656 और निफ्टी 278 अंक या 1.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,895 पर था।
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी कमजोर बने हुए थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 728.65 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,219 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 200 अंक या 1.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,520 पर था।
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह आईटी सेक्टर का कमजोर प्रदर्शन करना है। इन्फोसिस और एसीएल टेक जैसी कंपनियों के कमजोर नतीजों के कारण पूरे आईटी सेक्टर में बिकवाली है और इस कारण से आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक फिसल गया है।
कच्चे तेल की कीमतों का उच्च स्तर पर होना, बाजार में निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इसके साथ ही निकट अवधि में महंगाई भी बढ़ने का खतरा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी बाजार को निचले स्तर पर धकेल रही है। गुरुवार को लगातार चौथ दिन विदेशी निवेशक शुद्ध विक्रेता थे और इस दौरान उन्होंने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की इक्विटी में बिकवाली की।
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता पर अनिश्चितता के कारण मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है। वहीं, अमेरिका ने भी हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई और भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखी जा रही है।
भारत में अस्थिरता दर्शाने वाले इंडिया विक्स में भी तेजी देखी जा रही है। इंडिया विक्स 3.50 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19.24 पर था, जब भी इसमें तेजी देखने को मिलती है, तो आमतौर पर बाजार में गिरावट आती है।
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