राष्ट्रीय समाचार
गुजरात में अघोरी बाबा बनकर बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये की ठगी, तीन और आरोपी गिरफ्तार
गुजरात के वलसाड जिले में अघोरी बाबा और गुरु बनकर दैवीय आशीर्वाद दिलाने तथा पैसे दोगुने करने का झांसा देकर 76 वर्षीय बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब शेख (23), सरफराज पठान (39) और साहिलमियां शेख (23) के रूप में हुई है। तीनों को महीसागर जिले के वीरपुर से वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने जांच के बाद गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, ठगी की यह घटना 29 अप्रैल को हुई थी। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने इंटरनेट के जरिए शिकायतकर्ता के 76 वर्षीय पिता से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को अघोरी बाबा और गुरु बताकर उन्हें देवी का आशीर्वाद दिलाने और रुका हुआ पैसा दोगुना करने का झांसा दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों का विवरण दिया और उनमें पैसे जमा कराने के लिए राजी कर लिया। इस तरह बुजुर्ग से कुल 19,60,500 रुपये से अधिक की ठगी की गई।
मामले में वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि छह अन्य को वांछित घोषित किया गया था। इसके बाद साइबर क्राइम टीम ने फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक लेनदेन और रिश्तेदारों, दोस्तों व सहयोगियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी भी जुटाई गई।
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर को पुलिस उपनिरीक्षक डी.एस. पटेल को सूचना मिली कि वांछित आरोपी महबूब शेख को बालासिनोर के देव चौक के पास देखा गया है। वह महीसागर जिले के वीरपुर का रहने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और स्थानीय दुकानदारों, ऑटो रिक्शा चालकों तथा मुखबिरों की मदद से उसकी तलाश की। महबूब की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को अन्य दो वांछित आरोपियों सरफराज पठान और साहिलमियां शेख के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दोनों को भी वीरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, सरफराज पठान पेशे से ड्राइवर है और वीरपुर के टिंबा फली इलाके में पानी की टंकी के पास रहता है। वहीं, साहिलमियां शेख पान की दुकान चलाता है और कस्बे में देसाई सीएम हाई स्कूल के पास रहता है। महबूब शेख योगेश्वर पार्क सोसायटी के सामने रहता है और नौकरी करता है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है।
इस बीच पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि तांत्रिक अनुष्ठानों या धार्मिक क्रियाओं के जरिए पैसे दोगुने करने के दावे पूरी तरह धोखाधड़ी हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल करने वालों को पैसे ट्रांसफर न करें और न ही उनके साथ अपनी निजी जानकारी साझा करें। किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत बातचीत बंद कर दें। साइबर ठगी का शिकार होने या संदिग्ध कॉल और संदेश मिलने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
राजनीति
चक्रवात ‘अर्नब’ से तबाही पर खड़गे और प्रियंका गांधी ने जताई चिंता, कार्यकर्ताओं से मदद की अपील

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से बने हालात पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने की अपील की।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दोनों राज्यों में चक्रवात और खराब मौसम से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता जताई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने को कहा।
उन्होंने लिखा, “मेरी संवेदनाएं आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ से तबाही झेल रहे लोगों और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ हैं। मैं सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करती हूं कि वे प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करें और राहत तथा बचाव प्रयासों में सहयोग दें।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी आंध्र प्रदेश में जान-माल के नुकसान और ओडिशा में चक्रवात से जनजीवन में आए व्यवधान पर दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के उपाय करने और प्रभावित परिवारों को मदद सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
खड़गे ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश में लोगों की जान जाने और ओडिशा में जनजीवन में बड़े पैमाने पर व्यवधान से बहुत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के समन्वित प्रयास करने चाहिए और पीएम केयर्स फंड के जरिए सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे मुसीबत में फंसे लोगों की हर संभव मदद करें।”
इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ ने राज्य में सात लोगों की जान ले ली है और इससे करीब 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।
चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 4,600 करोड़ रुपए है, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
सीएम नायडू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चक्रवात से हुए नुकसान के बारे में बात की है, उन्हें मौजूदा स्थिति और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है और केंद्र को नुकसान पर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है।
वहीं, ओडिशा सरकार ने भी चक्रवात के कारण असाधारण रूप से भारी बारिश से आई बाढ़ के बाद गंजम और गजपति जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भूटान की हिमनद झील के फटने से बंगाल-असम में बाढ़ की चेतावनी, प्रशासन सतर्क

उत्तर-पश्चिमी भूटान में शिंताफू झील के फटने से पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारी इन दोनों राज्यों की ओर बहने वाली नदियों के किनारे स्थित संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहे हैं।
यह घटना गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में हुई। इससे गासा त्साचू में मौजूद बुनियादी ढाँचा बह गया। गासा त्साचू, मो छू नदी के पास स्थित एक लोकप्रिय प्राकृतिक गर्म पानी का स्रोत है। बाढ़ का पानी पहुँचने से पहले ही इस इलाके को खाली करा लिया गया था, इसलिए किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
मो छू नदी के उद्गम स्थल पर स्थित शिंताफू झील, भूटान की उन 17 हिमनद झीलों (ग्लेशियल लेक्स) में से एक है, जिन्हें संभावित रूप से खतरनाक माना गया है। इससे पहले 26 अगस्त 2021 को भी गासा त्साचू को अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा था, जब उफान पर बह रही मो छू नदी ने अपना रास्ता बदलकर गर्म पानी के स्रोत की ओर रुख कर लिया था।
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ का पानी पुनाखा जोंग से लगभग आठ किलोमीटर दूर, काबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके से आगे निकल गया है, जिससे नदी के निचले इलाकों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भूटान ने पश्चिम बंगाल और असम के प्रशासन को इस हिमालयी देश की सीमा से लगे जिलों के लिए संभावित खतरे के बारे में सतर्क कर दिया है। असम का धुबरी जिला और पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग पहाड़ियां, अलीपुरद्वार तथा जलपाईगुड़ी को संवेदनशील इलाकों के रूप में चिह्नित किया गया है।
पश्चिम बंगाल में, कूच बिहार प्रशासन ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क कर दिया है। यह नदी उत्तरी भूटान से निकलती है और उस नदी प्रणाली का हिस्सा है, जो हिमालयी क्षेत्र से पानी को असम में ब्रह्मपुत्र नदी तक पहुंचाती है।
अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
अलीपुरद्वार जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार शॉ ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। आईएएनएस से बात करते हुए, एसपी शॉ ने गुरुवार को कहा, “लोग थोड़े घबराए हुए हैं। मेरी सभी से अपील है कि किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। हम अलर्ट मोड पर हैं, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और सभी एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, इसलिए कोई समस्या नहीं है। हमें उम्मीद है कि हम कोई समाधान निकाल लेंगे और जनता को हो रही परेशानियों को दूर कर देंगे।”
इस अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भूटान में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुनाखा के गुमा गेवोग के अंतर्गत डोचुखा-जोमलिंगथांग-रित्सा चिवोग इलाके में इस साल की शुरुआत में लगाए गए सौर-ऊर्जा संचालित सिंचाई लिफ्टिंग सिस्टम को मो छू नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
एक स्थानीय नेता ने बताया कि सिंचाई प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि नुकसान कितना हुआ है।
इस बीच, बाढ़ के साथ बहकर आए मलबे ने जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा राजमार्ग के एक हिस्से को ढक दिया है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़) तब होती है, जब ग्लेशियर के पीछे हटने से बनी झील में जमा पानी अचानक बाहर निकल आता है – अक्सर ऐसा किसी प्राकृतिक बांध के टूटने के कारण होता है। ऐसी घटनाएं भारी बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप या ग्लेशियर के तेजी से पिघलने के कारण हो सकती हैं।
मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पीछे हटने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है, जिससे ग्लेशियर झीलों की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पानी का अचानक बाहर निकलना एक शक्तिशाली बाढ़ का रूप ले सकता है, जिससे नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, बुनियादी ढांचे और कृषि भूमि को खतरा पैदा हो सकता है।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने 1073 किलोग्राम से अधिक पटाखे जब्त किए, 10 एफआईआर दर्ज

त्योहारों के मौसम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पटाखों की अवैध बिक्री और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने पांच थाना क्षेत्रों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं और 1,073.426 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के तहत लाहौरी गेट, बुराड़ी, कोतवाली, बारा हिंदू राव और सब्जी मंडी थाना क्षेत्रों में ये बरामदगी की गई है। सबसे ज्यादा 622.88 किलोग्राम पटाखे सब्जी मंडी इलाके से बरामद हुए।
इसके बाद बारा हिंदू राव से 178.5 किलोग्राम, कोतवाली से 107.6 किलोग्राम, लाहौरी गेट से 88.916 किलोग्राम और बुराड़ी से 75.53 किलोग्राम पटाखे जब्त किए गए।
लाहौरी गेट थाना क्षेत्र में 16 अक्टूबर को बीएनएस की धारा 223(बी) और 288, तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 5 और 9बी के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई। सर शोभा सिंह पॉलीक्लिनिक के सामने वाले इलाके से कुल 88.916 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए।
बुराड़ी इलाके में, 18 अक्टूबर को बीएनएस की धारा 223(ए) और 288, तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने हिमगिरी के इलाके से 75.53 किलोग्राम पटाखे बरामद किए।
कोतवाली पुलिस ने इन बरामदगी के संबंध में दो एफआईआर दर्ज की हैं। 18 अक्टूबर को, प्रभा धर्मशाला के पास अंगूरी बाग फूल वाला रोड से 93 किलोग्राम पटाखे बरामद होने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद, 27 अक्टूबर को चांदनी चौक में मोती सिनेमा के पास 14.6 किलोग्राम पटाखे मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने कहा कि पटाखों का अनधिकृत भंडारण और असुरक्षित तरीके से उन्हें संभालना आग लगने और चोट लगने का गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में।
निवासियों, व्यापारियों, दुकानदारों और संपत्ति मालिकों से नियमों का पालन करने और पटाखों की अनधिकृत बिक्री, उन्हें अपने पास रखने या उनका भंडारण करने से बचने की अपील की गई है। नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे नियमों के उल्लंघन का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस ने लोगों की जान-माल की सुरक्षा करने और त्योहारों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाना सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया। इन मामलों में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही है।
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