राजनीति
मैं साफ छवि का इंसान हूं, मोदी से नहीं डरता : राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि वह साफ छवि वाले व्यक्ति हैं, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं डरते। उनके साथ कोई रहे या न रहे, फिर भी वह अकेले ही लड़ते रहेंगे। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। इस दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कृषि कानूनों को लेकर ‘खेती का खून’ नाम से एक बुकलेट जारी की।
राहुल गांधी ने कहा, “मेरा एक चरित्र है। मैं मोदी या किसी से डरता नहीं हूं। मैं एक साफ-सुथरा व्यक्ति हूं और वे मुझे तक नहीं सकते। हां, वे मुझे गोली मार सकते हैं। मगर मैं एक देशभक्त हूं और मैं अपने देश के हित के लिए लड़ रहा हूं। अगर हर कोई दूसरी तरफ जाकर खड़ा हो जाएगा, तब भी मैं अकेला ही खड़ा रहूंगा और संघर्ष करूंगा, क्योंकि यही मेरा धर्म है।”
राहुल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख जे.पी. नड्डा की टिप्पणी पर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान भी कांग्रेस भट्टा पारसौल में किसानों के साथ खड़ी थी। उन्होंने कहा, “नड्डा न तो वहां गए थे और न ही भाजपा किसानों के साथ खड़ी थी।”
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नए तीनों कृषि कानून भारतीय कृषि प्रणाली को नष्ट करने के लिए बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा, “एक बहुत बड़ी त्रासदी सामने आई है और मैं सिर्फ किसानों के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, क्योंकि केवल यही नहीं हो रहा है। इस देश में विश्वास रखने वाले युवाओं को भी ध्यान से सुनने की जरूरत है।”
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये तीनों कृषि कानून देश को खत्म कर देंगे। सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि आज तक खेती पर मेहनतकश किसानों का पूरी तरह एकाधिकार नहीं हुआ, मगर यह अब चार-पांच बड़े अमीरों के हाथों में खेती का पूरा ढांचा ही देने जा रही है। राहुल ने कहा कि हर इंडस्ट्री में चार-पांच लोगों का एकाधिकार बढ़ रहा है, मतलब ये कि जो चार-पांच लोग हैं, इस देश के यही नए मालिक हैं।
उन्होंने कहा कि सिर्फ चार-पांच लोग ही देश को चलाएंगे और सारा कोरोबार वही करेंगे। राहुल ने कहा कि जब सिर्फ चार-पांच उद्योगपतियों के हाथों सबकुछ सौंपा जा रहा है, तब आने वाले दिनों में मध्यम वर्ग को बहुत तकलीफ होने वाली है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के किसान देश के 65 करोड़ किसानों की ओर से लड़ रहे हैं।
राहुल ने कहा, “वे सच्चे देशभक्त हैं, जो 65 करोड़ लोगों की आजीविका की रक्षा कर रहे हैं। मैं उनका समर्थन करता हूं। वे हमारे लिए लड़ रहे हैं।”
चीन की घुसपैठ के बारे में एक सवाल के जवाब में, राहुल गांधी ने कहा, “चीन भारत की कमजोरी को नोटिस कर रहा है। चीन के पास रणनीतिक दृष्टि है, क्योंकि वह पूरी दुनिया को अपनी तरह का आकार देना चाहता है। चीन ने भारत का दो बार टेस्ट लिया है। अगर भारत चीन के खिलाफ रणनीति नहीं बनाएगा तो वह इसका लाभ उठाएगा और उस समय इस क्षति को कोई भी रोक नहीं पाएगा।”
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा का काम ठीक से नहीं हो रहा है।
राहुल ने इस बात पर भी जोर दिया कि जो कोई भी सरकार के खिलाफ बोलता है तो उसे राष्ट्रद्रोही या अपराधी ठहरा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह किस तरह का लोकतंत्र है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरने से 8 लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी (लीड-1)

एनडीआरएफ के अनुसार, महाराष्ट्र भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं और घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।
इमारत गुरुवार देर रात अचानक से गिर गई। खतरा भांपकर वहां काम कर रहे कई मजदूरों ने इमारत खाली कर दी थी। बताया जा रहा है कि उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे माना जा रहा है कि गिरने के समय अंदर लोगों की संख्या कम थी।
घटना में बचे दीपक कुमार यादव ने आईएएनएस को बताया, “पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत का काम चल रहा था। रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक हमें इमारत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया।”
हादसे के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने कहा, “वे यह कहकर नीचे गए थे कि उन्हें कुछ चेक करना है। उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। वहां कुछ काम चल रहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं ऊपर ही रुकी हुई थी। मेरे पति रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं।”
एक अन्य पीड़िता संगीता प्रजापति ने कहा, “मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी मुझे इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते समय ही इमारत गिर गई। इस घटना में मुझे चोटें आईं।”
अभय कुमार यादव ने बताया, “हम रात के खाने के बाद अपने कमरे में थे, तभी हमें जोर की आवाज सुनाई दी। हमने तुरंत बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता नहीं था, इसलिए मैं पहली मंजिल से कूद गया। इससे मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में कुछ स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोग सुरक्षित नीचे उतर पाए। उस समय इमारत के अंदर लगभग 25 से 30 लोग थे। इमारत में करीब 45 कमरे हैं।”
राजनीति
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, बोले- जेन जी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जेन जी की आवाज को दबाना चाहती है।
राहुल गांधी ने लिखा, “पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेन जी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनके हाथ-पैर तोड़े। अब एफआईआर कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसे लेकर सावधान रहें।”
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि उनसे कहा गया कि अगर वे गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें बोलने दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया।
राहुल गांधी के मुताबिक उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बहाल करने और उन्हें बोलने देने की अपील की, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों को बार-बार बोलने का मौका मिला, जबकि उन्हें रोका गया।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई। एक छात्र की आंख में पैलेट लग गया है और उसकी रोशनी जाने का खतरा है। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है जिसमें पैलेट लगना कन्फर्म हुआ है।
राहुल गांधी ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए कहा था, “पैलेट गन का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना नहीं हो सकता। मैंने खुद संसद में अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन आ रहे थे। इसका मतलब सरकार को पता था कि सड़क पर क्या हो रहा है।”
महाराष्ट्र
मुंबई नगर निगम के स्कूलों के 2,000 छात्रों ने ड्रग्स के इस्तेमाल के खिलाफ शपथ ली

मुंबई के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ (नशामिक भारत) के विज़न को असरदार तरीके से लागू करने के लिए, यह ज़रूरी है कि सभी लोग मिलकर ‘ड्रग-फ्री मुंबई’, ‘ड्रग-फ्री महाराष्ट्र’ और ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ बनाने का कमिटमेंट करें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ़ कानून और व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ा है, जिसके लिए मिलकर कोशिश करना ज़रूरी है।
‘ड्रग-फ्री मुंबई’ कैंपेन की शुरुआत आज मुख्यमंत्री फडणवीस ने वर्ली में की। इस मौके पर मंगल प्रभात लोढ़ा (डेवलपमेंट, एम्प्लॉयमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन मिनिस्टर, और एंटी-ड्रग अवेयरनेस कैंपेन के लिए हाई-लेवल कमेटी के चेयरमैन), अश्विनी भिड़े (बीएमसी कमिश्नर), देविन भारती (मुंबई पुलिस कमिश्नर), रुबेल अग्रवाल (मुंबई कमिश्नर), सब-कमिश्नर कटराबन (मुंबई कमिश्नर) और दूसरे लोग भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत साइंस, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस रिसर्च और डिफेंस के क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है। ऐसे में देश के युवाओं को ड्रग्स के चंगुल में फंसाकर भारत को अंदर से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। इस सीक्रेट लड़ाई में ड्रग्स सबसे खतरनाक हथियार हैं और हर नागरिक को इसके खिलाफ लड़ाई को अपनी पर्सनल लड़ाई समझना चाहिए। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस, हेल्थ, सोशल जस्टिस और स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ-साथ पेरेंट्स, टीचर्स, स्टूडेंट्स और समाज के सभी वर्गों के बीच मिलकर काम करने की जरूरत है। ड्रग्स बनाने, उनकी ट्रैफिकिंग और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि खासकर स्कूल और कॉलेजों के आसपास ड्रग्स बेचने वाले गैंग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अगर स्टूडेंट्स “ड्रग्स को ना कहने” का पक्का इरादा कर लें, तो कोई भी उन्हें नशे की लत की ओर नहीं ले जा पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो से चार सालों में ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ का लक्ष्य पाने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने स्टूडेंट्स को समाज की आंख और कान बताया और उनसे नशे की तरफ झुकाव रखने वाले और ड्रग्स के धंधे में शामिल लोगों के बारे में जानकारी देने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि इस मामले में राज्य के सभी स्कूलों के हेडमास्टर और सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को लेटर भेजे जाएंगे, और भरोसा दिलाया कि सरकार ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ और ‘ड्रग-फ्री स्कूल’ के कॉन्सेप्ट को असरदार तरीके से लागू करने में पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ड्रग्स के बारे में जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और काम की जानकारी देने वालों को इनाम दिया जाएगा। नशे के आदी युवाओं के रिहैबिलिटेशन और उन्हें मेनस्ट्रीम में लाने पर फोकस करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगर युवा 21 या 22 साल की उम्र तक ड्रग्स से दूर रहते हैं, तो उनके जीवन भर ड्रग-फ्री रहने की संभावना बेहतर होती है। इसलिए उन्होंने युवाओं से ड्रग्स को पूरी तरह से छोड़ने और किसी भी लालच में न आने की अपील की।
स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का ज़िक्र करते हुए, फडणवीस ने कहा कि युवाओं की ताकत समाज को नुकसान पहुंचाने वाली ताकत के बजाय देश बनाने के लिए जीवन देने वाली ताकत साबित होनी चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज और भारत रत्न डॉ. ने सभी से ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ के वादे को पूरा करने की अपील की – बाबासाहेब अंबेडकर से प्रेरित होकर, उन्होंने मौजूद लोगों को ड्रग-फ्री समाज बनाने की शपथ दिलाई। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) स्कूलों के दो हज़ार स्टूडेंट्स वर्ली के ‘द डोम’ में हुए इस इवेंट में शामिल हुए और ड्रग-फ्री ज़िंदगी जीने का वादा किया। इसके अलावा, बीएमसी स्कूलों के स्टूडेंट्स ने ऑडियो-विजुअल लिंक के ज़रिए प्रोग्राम में हिस्सा लिया। बीएमसी स्टूडेंट्स ने वेन्यू पर डांस परफॉर्मेंस और नुक्कड़ नाटक पेश किए।
आइए ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ कैंपेन को लोगों का आंदोलन बनाएं: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि ‘ड्रग-फ्री मुंबई’ सिर्फ़ एक सरकारी कैंपेन नहीं है, बल्कि एक्टिव सोशल पार्टिसिपेशन से चलने वाला एक बड़ा लोगों का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि यह कैंपेन तब तक जारी रहेगा जब तक मुंबई पूरी तरह से ड्रग-फ्री नहीं हो जाता और उन्होंने हर नागरिक से सोशल ज़िम्मेदारी के तौर पर इस कैंपेन में हिस्सा लेने की अपील की। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि युवाओं को ड्रग्स के चंगुल में फंसाने की साज़िशों को नाकाम करने के लिए समाज को सरकार के साथ एक्टिव रूप से जुड़ना चाहिए, मंत्री लोढ़ा ने घोषणा की कि स्कूलों, कॉलेजों और अलग-अलग एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन, काउंसलिंग सेशन और एंटी-ड्रग उपाय लागू किए जाएंगे। उन्होंने माता-पिता, टीचरों, एनजीओ और समाज के हर वर्ग से बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए पहल करने की अपील की। केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं के हर तरह के विकास के लिए कई उपाय लागू कर रही हैं, उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री महाधन’ स्किल डेवलपमेंट स्कीम 15 अगस्त को लॉन्च होने वाली है।
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