Connect with us
Saturday,01-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

बीजेपी को कैसे और आक्रामक बनाने में जुटे हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा?

Published

on

jpNadda

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, इस वक्त भारतीय जनता पार्टी को आक्रामक मोड में लेकर चल रहे हैं। यूं तो आक्रामक राजनीति के लिए भाजपा की पहले से पहचान रही है मगर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से नड्डा ने इसे और धार देने की कोशिश की है। यह जेपी नड्डा की आक्रामक स्टाइल है कि वह कांग्रेस के हर वार का जवाब खुद आगे बढ़कर दे रहे हैं।

वर्चुअल रैलियों में उनके सुर काफी तीखे हो चले हैं। विपक्ष के बयानों को वह एक-दो दिन उधार रखने की जगह तुरंत जवाब के रूप में लौटाते हैं। चाहे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सुरेंद्र मोदी लिखकर ‘सरेंडर मोदी’ की तरफ इशारा करना हो या फिर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मोदी पर निशाना साधना हो, इन बयानों पर तत्काल राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद ‘ढाल-तलवार’ चलाते दिखे।

कांग्रेस को तथ्यों से घेरने के लिए उन्होंने अपनी पूरी रिसर्च टीम बना रखी है। जैसे ही कांग्रेस की तरफ से कोई बयान आता है तो रिसर्च से निकले फैक्ट्स के जरिए नड्डा कांग्रेस की घेराबंदी करने में जुट जाते हैं। दावे के समर्थन में नड्डा, पुरानी खबरों की कतरनें भी ट्वीट करना नहीं भूलते। पार्टी में जेपी नड्डा की आक्रामता पसंद की जा रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि चीन के मसले पर बीजेपी के पास कांग्रेस के खिलाफ इतना मसाला है कि उसे बैकफुट पर खेलने की जरूरत ही नहीं है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल आईएएनएस से कहते हैं, “इसमें कोई दो राय नहीं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की शैली काफी आक्रामक है। चीन के मसले पर पार्टी का रुख सख्त है। पूरे कोरोना काल में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है। उन्होंने विपक्ष को बताया कि कैसे संकट की घड़ी में कैसे एक संगठन का इस्तेमाल करोड़ों जरूरतमंदों की मदद में हो सकता है। सभी पार्टी नेताओं को वह नियमित टास्क देते हैं। काम और कार्यकर्ता, इन दोनों से उनका लगाव है।”

चीन के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हर बार जेपी नड्डा ढाल लेकर खड़े हो जाते हैं। मिसाल के तौर पर, जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 22 जून को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को चीन के मसले पर नसीहत दी तो जवाब देने के लिए खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ही आगे आ गए। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह, उसी पार्टी से जुड़े हैं, जिसने भारत की 43 हजार वर्ग किमी जमीन चीन को सरेंडर कर दी। यह मनमोहन सिंह का ही कार्यकाल था कि वर्ष 2010 से लेकर 2013 के बीच चीन ने छह सौ बार भारत की सीमा में घुसपैठ की।”

इससे पहले जब 21 जून को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए सरेंडर मोदी लिखा तो भी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उसी दिन उत्तर प्रदेश की वर्चुअल रैली को जवाब देने के लिए चुना। बीजेपी, अब तक विभिन्न राज्यों में 36 से ज्यादा रैलियां कर चुकी है। इनमें से कई रैलियों को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कांग्रेस खेमे से आने वाले हर सवालों का आक्रामकता से काउंटर करने की कोशिश की है। छोटे से लेकर बड़े बयानों पर भी जेपी नड्डा खुद मोर्चा संभाल रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की इस आक्रामकता से पार्टी विपक्ष पर बढ़त हासिल कर रही है, वहीं पार्टी नेताओं को भी ऊर्जा मिल रही है।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को जहां गांधी परिवार को शाही राजवंश की संज्ञा से नवाजा। वहीं उन्होंने 2012 में विदेश राज्य मंत्री ई अहमद के राज्यसभा में दिए गए एक जवाब के हवाले से भी कांग्रेस पर निशाना साधा। जिसमें तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री ई अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में भारत की 78 हजार वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर रखा है, साथ ही चीन ने भी 38 हजार वर्ग किमी जमीन हथिया रखी है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

महाराष्ट्र

मुंबई साइबर फ्रॉड: बैंक से 10 लाख रुपये निकालने की कोशिश में 7 लोग गिरफ्तार, 84 साइबर केस में वॉन्टेड आरोपी पुलिस कस्टडी में

Published

on

मुंबई; मुंबई साइबर पुलिस ने साइबर फ्रॉड में शामिल 7 लोगों को बैंक अकाउंट से 10 लाख रुपये निकालते हुए गिरफ्तार करने का दावा किया है। साइबर पुलिस को जानकारी मिली थी कि मुंबई में ओवरसीज बैंक बोरीवली ब्रांच से सलमान पठान अपने मेवल बैंक अकाउंट से पैसे निकालने वाला है। जब उसके साथी इंडिया ओवरसीज बैंक आए और 10 लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तो पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की गई। दोनों चेक के जरिए बैंक से 10 लाख रुपये निकालने की कोशिश कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सलमान पठान के केजीएन ऑफिस पर छापा मारा और यहां से चार लोगों को हिरासत में लिया। जब सातों आरोपियों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि फर्जी अकाउंट बनाकर फ्रॉड किया जा रहा था और बैंकों से पैसे निकाले जा रहे थे। इस मामले में केस दर्ज कर सात आरोपियों सलमान हबीब पठान (37), साजिद नौशाद कोटवाल (43), चिराग केतन (31), सैयद वजाहत (41), राकेश रमाशंकर मिश्रा (42), रश्तित राजंद (35) और आर्यन रितेश ठक्कर (18) को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 10 लाख रुपये कैश, 16 मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों की 31 सील, अलग-अलग कंपनियों के 23 सिम कार्ड, कुल 22 बैंक अकाउंट, 7 इंडियन ओवरसीज बैंक अकाउंट, एक कैश गिनने की मशीन, बैंक अकाउंट खोलने के डॉक्यूमेंट, 11 लोगों के आधार कार्ड, अलग-अलग बैंक अकाउंट के स्टेटमेंट खोलने वाले टैब मिले हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि उनके खिलाफ देशभर में 84 से ज़्यादा केस दर्ज हैं। साइबर सेल ने अपील की है कि साइबर जालसाजों के जाल में न फंसें और अपने बैंक अकाउंट की डिटेल न दें। साथ ही, सोशल मीडिया पर बात करते समय अपनी पर्सनल डिटेल न बताएं क्योंकि उनका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जाता है। साइबर डीसीपी बजरंग बनसोडे ने बताया कि पुलिस को इस मामले में साइबर फ्रॉड की जानकारी मिली थी और पुलिस ने साइबर मामलों में वॉन्टेड आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। उनके पास से 10 लाख रुपये कैश भी बरामद किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के डॉक्यूमेंट्स समेत दूसरी चीजें भी जब्त की हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

पिंगली वेंकैया: ब्रिटिश सैनिकों को सलामी देते देख आया था राष्ट्रीय ध्वज का विचार, फिर बना भारत का तिरंगा

Published

on

15 अगस्त 1947 को सुबह 5:30 बजे फहराया गया ध्वज एक नए युग के उदय के प्रतीक के रूप में शान से खड़ा था। सदियों के औपनिवेशिक शासन को सहने वाले राष्ट्र के लिए यह अपार खुशी, गौरव और राहत का क्षण था। उस विजयपूर्ण सुबह तक का सफर लंबा और कठिन था, जिसमें भारत के राष्ट्रीय ध्वज के विभिन्न स्वरूपों में बदलाव हुए। तीन रंगों और 24 चक्रों वाला राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा किसी डिजाइनर की कल्पना से नहीं बना, बल्कि इसके पीछे राष्ट्रप्रेम की भावना और देश को विश्व में अपनी विशिष्ठ पहचान देने का एक संकल्प था। पिंगली वेंकैया ही वे शख्सियत थे, जिन्होंने हिंदुस्तान को उसके अभिमान का प्रतीक तिरंगा दिया।

2 अगस्त 1876 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जन्मे पिंगली वेंकैया एक स्वतंत्रता सेनानी थे। आजादी की लड़ाई के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को डिजाइन किया, जो आजादी के आंदोलन का प्रतीक बन गया था। जुलाई 1947 में हुई संविधान सभा की बैठक में इस ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया गया।

इतिहास में दर्ज है कि पिंगली वेंकैया ने ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा की और दक्षिण अफ्रीका के एंग्लो-बोअर युद्ध में भाग लिया था। यहीं से पिंगली गांधीजी के संपर्क में आए और उनकी विचारधारा से बहुत प्रभावित हुए।

युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों को उनके ध्वज को सलाम करते देखकर वह अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने सोचा कि भारत के पास इस प्रकार का कोई ध्वज नहीं है और यहां से भारत के ध्वज के डिजाइन बनाने की शुरुआत हुई।

1906 में एआईसीसी के अधिवेशन में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को बनाने की इच्छा दिखाई। उन्होंने गांधीजी को सुझाव दिया कि हमारा अपना ध्वज होना चाहिए। गांधीजी को सुझाव पसंद आया और उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि वे स्वयं ध्वज का डिजाइन करें।

इतिहासकार राजीव लोचन ने एक इंटरव्यू में बताया, “पिंगली वेंकैया ने विचार किया कि हमें देश के लिए अलग से झंडा बनाना चाहिए, जोकि हमारे देश को आसानी से बता सके और उन्होंने झंडे के लिए तकरीबन 25 डिजाइनें चुनीं। झंडे के बारे में उन्होंने लोगों से चर्चा करना भी शुरू कर दिया था।”

कई बदलाव के बाद उन्होंने महात्मा गांधी के सामने एक फाइनल डिजाइन प्रस्तुत किया। 1921 में ध्वज ने अपना अधिक परिचित स्वरूप धारण किया, जिसे पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था। तीन पट्टियां भारत के अलग-अलग समुदायों का प्रतिनिधित्व करती थीं और विविधता में एकता का आह्वान करती थीं। केंद्र में स्थित चरखा भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक था।

अंतिम परिवर्तन 1931 में हुआ, जब ध्वज के रंगों को अंतिम रूप दिया गया। केसरिया रंग साहस का, सफेद रंग शांति का और हरा रंग उर्वरता और विकास का प्रतीक था। चरखे की जगह धर्म चक्र को शामिल किया गया, जो शाश्वत धर्मचक्र और प्रगति का प्रतीक है। यह ध्वज, जिसे संविधान सभा की ओर से 22 जुलाई 1947 को औपचारिक रूप से अपनाया गया था, आज हमारा पूजनीय तिरंगा बन गया।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

जुलाई में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी, लेनदेन का कुल मूल्य बढ़कर 29.88 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

Published

on

देश में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए किए गए ट्रांजैक्शन्स की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 23.66 अरब हो गई। वहीं, इन ट्रांजैक्शनों का कुल मूल्य 19 प्रतिशत बढ़कर 29.88 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के दौरान प्रतिदिन औसतन 76.3 करोड़ (763 मिलियन) यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए। वहीं, प्रतिदिन औसतन 96,383 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए।

इससे पहले, जून 2026 में यूपीआई के जरिए 22.72 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, जो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत अधिक थे। जून में इनका कुल मूल्य 20 प्रतिशत बढ़कर 28.92 लाख करोड़ रुपए रहा था। उस महीने प्रतिदिन औसतन 75.7 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे और दैनिक औसत लेनदेन मूल्य 96,405 करोड़ रुपए था।

सरकार के अनुसार, पिछले पांच वित्त वर्षों में यूपीआई ट्रांजैक्शन में लगातार तेज वृद्धि दर्ज की गई है।

वित्त वर्ष 2021-22 में यूपीआई के जरिए 4,595.61 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनका कुल मूल्य 84.16 लाख करोड़ रुपए था। इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 में ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 8,371.44 करोड़ और कुल मूल्य 139.15 लाख करोड़ रुपए हो गया।

इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में यूपीआई के जरिए 13,112.95 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनका मूल्य 199.95 लाख करोड़ रुपए रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 18,586.60 करोड़ ट्रांजैक्शन और 260.56 लाख करोड़ रुपए के कुल ट्रांजैक्शन तक पहुंच गई।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले महीने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया था कि एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल), जिसकी स्थापना अप्रैल 2020 में एनपीसीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में की गई थी, भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लिए विभिन्न देशों के साथ साझेदारी कर रही है।

इन साझेदारियों के जरिए भारतीय पर्यटक और विदेशों में रहने वाले भारतीय आसानी से सीमा पार डिजिटल भुगतान कर पा रहे हैं। साथ ही, साझेदार देशों को भी यूपीआई जैसी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली और रुपे जैसी घरेलू कार्ड भुगतान व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल रही है।

फिलहाल यूपीआई संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस और श्रीलंका समेत आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिससे वैश्विक फिनटेक क्षेत्र में भारत की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।

Continue Reading
Advertisement
खेल7 minutes ago

सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन थ्रो के बाद ‘ट्रिपल जंप’ में डबल धमाल, प्रवीण ने सिल्वर जीता, सेल्वा के नाम ब्रॉन्ज मेडल

खेल19 minutes ago

मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा, मैं अब उनके लिए योगदान देना चाहता हूं: फिल फोडेन

महाराष्ट्र56 minutes ago

मुंबई साइबर फ्रॉड: बैंक से 10 लाख रुपये निकालने की कोशिश में 7 लोग गिरफ्तार, 84 साइबर केस में वॉन्टेड आरोपी पुलिस कस्टडी में

खेल3 hours ago

‘थोड़ा और बेहतर हो सकता था, इंजरी से वापसी करने पर डर रहता है’, सिल्वर मेडल जीतने पर बोले नीरज चोपड़ा

मनोरंजन5 hours ago

सलमान खान ने संजय दत्त के लिए किया खास पोस्ट, त्रिशाला और मान्यता ने भी किया रिएक्ट

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

पिंगली वेंकैया: ब्रिटिश सैनिकों को सलामी देते देख आया था राष्ट्रीय ध्वज का विचार, फिर बना भारत का तिरंगा

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

जुलाई में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी, लेनदेन का कुल मूल्य बढ़कर 29.88 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

व्यापार5 hours ago

सेंसेक्स और निफ्टी जुलाई में करीब 2 प्रतिशत बढ़े, आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा

मनोरंजन21 hours ago

मृणाल ठाकुर बर्थडे : डेंटिस्ट बनने का दबाव, क्राइम रिपोर्टर बनने की चाह, फिल्मों से जुड़ा ‘किस्मत कनेक्शन’

महाराष्ट्र23 hours ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

खेल3 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

अपराध4 days ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन2 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह करेंगे न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी

अपराध4 weeks ago

मुंबई: ईओडब्ल्यू ने 30 करोड़ के शेयर बाज़ार निवेश घोटाले में कार्रवाई की, आरोपी गिरफ़्तार, 1 करोड़ बरामद।

महाराष्ट्र4 weeks ago

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान के बाद बिगड़ी तबीयत, हालत स्थिर

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 डांस बारों के लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित

रुझान