अपराध
वाजे मुंबई के लग्जरी होटल से कैसे चलाता था वसूली रैकेट
एसयूवी मामले का मुख्य आरोपी और गिरफ्तार किया गया पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे दक्षिणी मुंबई के मरीन ड्राइव में सी फेसिंग लग्जरी होटल से जबरन वसूली का रैकेट चलाता था। एनआईए के सूत्रों ने बताया कि वाजे द्वारा इस्तेमाल की गई लैंड क्रूजर के सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक से भरी एसयूवी खड़ी करने की साजिश को अंजाम देने से पहले भी मुंबई का यह बदनाम पुलिस अधिकारी इस होटल का इस्तेमाल कर रहा था। इतना ही नहीं एसयूवी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या में कथित रूप से शामिल वाजे का करीबी विनायक शिंदे भी इस होटल में स्पॉट किया गया था।
यह होटल वाजे के क्राइम ब्रांच ऑफिस से महज 10 मिनट की ड्राइव पर है। वाजे के इस तरह अंडरवल्र्ड से जुड़े होने पर भाजपा के प्रवक्ता और विधायक राम कदम ने कहा है कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी द्वारा प्रसिद्ध होटल से ऐसा वसूली रैकेट संचालित किया जाना साफ दर्शाता है कि उसे सरकार में उच्च पदस्थ लोगों द्वारा संरक्षण दिया गया था।
कदम ने आगे कहा, “क्रिकेट पर सट्टेबाजी कराने वाले सिंडिकेट्स से लेकर बार और रेस्तरां से हफ्ता वसूली करने तक वाजे इस संगठित आपराधिक गिरोह को मालिक के तौर पर संचालित करता था। मुझे तो यह भी पता चला है कि सरकार ने कोविड-19 उपायों के नाम पर जो रात को 11 बजे के बाद बार बंद करने का निर्देश दिया था, उसका मकसद ही यह था कि चुनिंदा बार से हफ्ता देकर उन्हें आधी रात के बाद भी खोलने की अघोषित अनुमति दी जा सके और ऐसा हुआ भी।”
वहीं मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया मुंबई का एक प्रमुख क्रिकेट सट्टेबाज नरेश धारे कथित तौर पर महाराष्ट्र में सक्रिय विभिन्न सट्टेबाजी सिंडिकेट्स से वाजे के लिए पैसा इकट्ठा करता था। कदम ने यह भी खुलासा किया है, “ऐसे लग्जरी होटलों में महंगे सुइट्स बुक करके वाजे विभिन्न सिंडिकेट्स के संचालकों के साथ गुप्त बैठकें करता था। मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट का नेतृत्व करने वाले वाजे ने ऐसे अपराध सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें शरण दी हुई थी।”
क्राइम ब्रांच मुंबई के एक पूर्व इंस्पेक्टर, जिनके अंडर में वाजे ने काम किया, वो कहते हैं, “इस बदनाम पुलिस अधिकारी ने सट्टेबाजी और हवाला रैकेट के कई मामलों की जांच की थी। काफी समय बाद मुझे पता चला कि वाजे के संयुक्त अरब अमीरात और अन्य मध्य-पूर्वी देशों से संचालित होने वाले सट्टेबाजी सिंडिकेट किंग्स से संबंध बना है।”
एनआईए के अधिकारी अब वाजे के अन्य सहयोगियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं जिन्होंने उसे जिलेटिन की छड़ें खरीदने, सिम कार्ड समेत अन्य गैजेट्स प्राप्त करने और पैसे का इंतजाम करने में मदद की।
सूत्र कहते हैं कि वाजे अपने पूर्व सहयोगी शिंदे को एक बड़ी रकम भी दे रहा था, जो कि पुलिस मुठभेड़ मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका था और पैरोल पर जेल से बाहर था। वह तमाम गैर कानूनी कामों में वाजे की मदद कर रहा था। इतना ही नहीं कई और दागी पुलिस वाले भी वाजे के संपर्क में थे।
अब एनआईए 25 मार्च तक वाजे से पूछताछ करेगी। साथ ही वह कोर्ट में वाजे की रिमांड बढ़ाने का भी अनुरोध कर सकती है क्योंकि उसका नाम मनसुख हिरेन की हत्या में भी शामिल है।
जिस पुलिस इंस्पेक्टर के तहत काम करके वाजे ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस सीखी और उसकी मदद से कई अपराध गिरोहों का भंडाफोड़ किया। वे कहते हैं, “मनसुख की बेरहमी से की गई हत्या बताती है कि वाजे ने अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने सहयोगी की ही हत्या कर दी और यही उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई।”
अपराध
बंगाल पुलिस की छापेमारी में 28 करोड़ रुपये और 15 किलो सोना जब्त, तुलु मंडल का रिश्तेदार गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को जिले के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार दोपहर शुरू हुए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया। बरामद नकदी की गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें लानी पड़ी।
गुरुवार सुबह नकदी की गिनती और दोबारा गिनती पूरी होने के बाद जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि बरामद नकदी की कुल राशि 28 करोड़ रुपये से कुछ अधिक पाई गई।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीनार मंडल के घर से 15 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने कहा, “बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है।”
गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। वहीं, पुलिस उसके घर से नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी अपने साथ ले गई।
मीनार मंडल को दिन में बाद में सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
शुरुआत में मीनार मंडल ने इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के स्रोत को लेकर पुलिस के बार-बार पूछे गए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। इसकी पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में नकदी और सोने के इस बड़े जखीरे का पता चला। इसके बाद बुधवार दोपहर उसके घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
बताया जाता है कि मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में बस चालक था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है।
मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने से उसके पड़ोसी भी हैरान रह गए हैं। इससे पहले भी पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।
अपराध
मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इन दोनों ने बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में बिल्डर ने गैंगस्टर जुल्फिकार और उसके भाई समेत 12 गैंगस्टरों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। क्राइम ब्रांच यूनिट 9 ने जाल बिछाकर इन 12 आरोपियों को फिरौती लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने आरोपियों को 31 जुलाई तक रिमांड पर रखने का आदेश दिया है। जुल्फिकार और मोहसिन ने मुंबई शहर और उपनगरों में आतंक मचाया था और कई बिल्डरों से फिरौती मांगने की कोशिश भी की थी। इसलिए पुलिस ने अपील की है कि अगर इस गैंग ने किसी से फिरौती मांगी है तो वे उनके खिलाफ पुलिस और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती, जॉइंट पुलिस कमिश्नर अनिल ने की। जांच कंभारे डीसीपी नुनाथ धोले और क्राइम यूनिट इंचार्ज सचिन प्रणक ने की।
अपराध
एएनसी की कार्रवाई : 3.5 मिलियन के साथ एमडी जब्त, एक गिरफ्तार

ARREST
मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक ड्रग स्मगलर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 35 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत की एमडी मेफेडोन बरामद हुई है। मुंबई के बांद्रा इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति संदिग्ध हालत में मिला। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस को उसके पास से 142 ग्राम एमडी मिला, जिसकी कीमत 35 लाख रुपये बताई जा रही है। उसके खिलाफ खेरवाड़ी पुलिस में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एएनसी वर्ली यूनिट ने की।
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