राजनीति
गृहमंत्री से की गई सुदर्शन टीवी के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील
विवाद का रूप ले चुके ‘यूपीएससी जिहाद’ को लेकर 91 पूर्व सिविल सेवकों के एक समूह ने गृहमंत्री अमित शाह को और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिविल सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों के साजिशन घुसपैठ या यूपीएससी जिहाद और सिविल सर्विसेज जिहाद जैसे बयान विकृत विचारधारा का उदाहरण और दंडनीय अपराध है। पत्र में हस्ताक्षरकतार्ओं ने कहा, “ऐसे सांप्रदायिक और गैरजिम्मेदाराना बयानों से नफरत फैलती है और पूरे समुदाय की बदनामी होती है।”
पत्र में गृहमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण, दिल्ली के उपराज्यपाल व दिल्ली के मुख्यमंत्री सचिव, गृह मंत्रालय सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और पुलिस आयुक्त दिल्ली को संबोधित किया गया है।
पूर्व सिविल सेवकों ने कहा, “हम इस पत्र के माध्यम से सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल द्वारा एक सांप्रदायिक आरोप, विभाजनकारी और सनसनीखेज सीरीज के प्रसारण को लेकर एक जरूरी मुद्दा उठा रहे हैं। यह सीरीज देश के दो सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं आईएएस और आईपीएस में मुस्लिम अधिकारियों की संख्या में अचानक वृद्धि होने को लेकर भर्ती प्रक्रिया में साजिश का पदार्फाश करने का दावा करती है।”
उन्होंने समाचार चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आगे कहा, “इस संबंध में जामिया मिलिया इस्लामिया को चुना गया है। हम जानते हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सीरीज के टेलीकास्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, हमें लगता है कि इसे लेकर मजबूत कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।”
पत्र में कहा गया, “यह आरोप लगाना कि सिविल सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों की साजिशन घुसपैठ करने, या इस संबंध में यूपीएससी जिहाद या सिविल सेवा जिहाद जैसे शब्दों का प्रयोग अत्यंत अनुचित है। ऐसे सांप्रदायिक और गैरजिम्मेदाराना बयान और भाषण से घृणा फैलने के साथ पूरे समुदाय की बदनामी होती है।”
हस्ताक्षरकतार्ओं ने पत्र में कहा, “यदि इस कार्यक्रम के प्रसारण की अनुमति दी जाती है तो यह देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिमों के प्रति बिना किसी ठोस आधार के घृणा उत्पन्न करेगा। देश में मुस्लिमों के खिलाफ कोरोना जिहाद और लव जिहाद के आरोप सहित कई घृणित भाषण के मुद्दे पहले ही सुलग रहे हैं, जिसे विभिन्न अदालतों ने भी गलत माना है। यह टेलीकास्ट उसी आग को बढ़ाने में ईंधन का काम करेगा।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सिविल सेवा भर्ती के लिए प्रमुख संगठन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की त्रुटिहीन प्रतिष्ठा को, इसके भर्ती प्रकिया के पक्षपाती होने का दावा करते हुए धूमिल करेगा।
पत्र में आगे कहा गया है, “यह सरकारी सेवाओं में खासकर आईएएस और आईपीएस सेवाओं के लिए चुने जाने वाले मुसलमानों की संख्या में वृद्धि के बारे में गलत धारणा फैलाएगा।”
उन्होंने कहा, ” ‘यूपीएससी जिहाद’ और ‘सिविल सेवा जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल देश के नागरिक प्रशासन को धर्म के आधार पर बांटने का एक प्रयास है और पूरे भारत के विकास के लिए प्रशासकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट योगदान को नजरअंदाज करने वाला है।”
हाल ही में इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कार्यक्रम के प्रसारण पर कोई रोक न लगाते हुए कहा, “हम ध्यान दें कि सक्षम प्राधिकरण, वैधानिक प्रावधानों के तहत कानून के पालन को सुनिश्चित करने के लिए शक्तियों के साथ निहित है, जिसमें सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक कानून के प्रावधान भी शामिल हैं।”
उन्होंने मांग करते हुए कहा, “इसलिए हम केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने का आग्रह करते हैं। हम सूचना और प्रसारण मंत्रालय और न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्डस अथॉरिटी ऑफ इंडिया से यह भी जांच करने का अनुरोध करते हैं कि वे जांच करे कि यह शो केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994, केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशन) अधिनियम के तहत चलना चाहिए या नहीं और उसके बाद कोड ऑफ एथिक्स और ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड के अनुसार उन पर कार्रवाई करें।”
इस पत्र पर दिल्ली के पूर्व उप-राज्यपाल नजीब जंग, आईएफएस (सेवानिवृत्त) व पूर्व विदेश सचिव और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष राहुल खुल्लर, मध्य प्रदेश सरकार में काम कर चुके हर्ष मंदर, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में पूर्व सचिव अनीता अग्निहोत्री और सीबीआई में पूर्व स्पेशल डायरेक्टर के. सलीम अली ने हस्ताक्षर किए हैं।
वहीं अन्य हस्ताक्षरकतार्ओं में राजस्थान में पूर्व मुख्य सचिव सलाउद्दीन अहमद, कैबिनेट सचिवालय में पूर्व विशेष सचिव आनंद अरनी, मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्य सचिव शरद बेहर, पूर्व स्वास्थ्य सचिव जाविद चौधरी, भारतीय खाद्य निगम के पूर्व अध्यक्ष पी. आर. दासगुप्ता, यूनाइटेड किंगडम के पूर्व उच्चायुक्त नरेश्वर दयाल, वित्त मंत्रालय में पूर्व सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार नितिन देसाई, पूर्व स्वास्थ्य सचिव केशव देसीराजू, पूर्व सचिव (राजस्व) और एशियन डेवलपमेंट बैंक के पूर्व एक्जीक्यूटिव निर्देशक पी.के. लाहिड़ी भी शामिल हैं।
वहीं पत्र पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई कुरैशी, संस्कृति मंत्रालय के पूर्व सचिव और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जौहर सिरकार, इंटर स्टेट काउंसिल के पूर्व सचिव अमिताभ पांडेय, गुजरात सरकार में पूर्व पुलिस महानिदेशक पी. जी. जे नामपूथिरी, पूर्व विदेश सचिव व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी के पूर्व चेयरमैन श्याम सरन और वित्त मंत्रालय में पूर्व सचिव नरेंद्र सिसोदिया ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
राजनीति
टीवीके ने तमिलनाडु उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की

मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची शनिवार को जारी की जाएगी। इसके साथ ही 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए जोरदार प्रचार अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
शनिवार उम्मीदवारों के लिए अपना नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी अंतिम सूची जारी करेंगे और निर्दलीय उम्मीदवारों तथा गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करेंगे।
चेंगलपट्टू जिले में स्थित मदुरंतकम सीट के लिए 48 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए, जिससे नामांकन वापसी की समय-सीमा से पहले मैदान में काफी उम्मीदवार बने हुए हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों में टीएमसी की मरगथम कुमारवेल, डीएमके के परंथमन, एआईए़डीएमके की गनिथा संपत, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की सुगंधि और नाम तमिलर काची के जानकीरमन शामिल हैं। चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की सही संख्या शनिवार को अधिकारियों द्वारा नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव अधिकारियों ने जांच के बाद 22 नामांकन पत्र स्वीकार किए। यहां भी, अंतिम मुकाबले की तस्वीर तभी साफ होगी जब जो उम्मीदवार दौड़ में बने नहीं रहना चाहते, वे औपचारिक रूप से अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
इन उपचुनावों ने काफी राजनीतिक ध्यान खींचा है, क्योंकि पार्टियां इन मुकाबलों को अपनी संगठनात्मक ताकत और जनता के समर्थन की एक अहम परीक्षा मान रही हैं। कई उम्मीदवार पहले ही मतदाताओं से मिलना, नुक्कड़ सभाएं करना और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करना शुरू कर चुके हैं। उम्मीद है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार में तेजी आएगी।
राजनीतिक पार्टियां प्रचार के बचे हुए समय में जनसभाएं, घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने के कार्यक्रम और वरिष्ठ नेताओं की रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही हैं।
इस बीच, टीवीके ने दो उपचुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की है। पार्टी द्वारा घोषित प्रमुख प्रचारकों में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी शामिल हैं। स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, एमडीएमके महासचिव वाइको, दुरई वाइको और कादर मोहिदीन के नाम भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग और वोटों की गिनती बिना किसी रुकावट के, सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पोलिंग स्टेशन तैयार करने, स्टाफ तैनात करने और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने जैसे काम कर रहे हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के बड़े नेताओं की भागीदारी से राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। वोटिंग के दिन से पहले मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश में पार्टियां अपने प्रचार अभियान को स्थानीय विकास के मुद्दों और राज्य-स्तर के बड़े राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित कर सकती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले ठंडी पड़ी एनएसई आईपोओ की ग्रे मार्केट चमक, जीएमपी 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले तेज गिरावट का शिकार हुआ है।
ग्रे मार्केट को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, शनिवार को 218 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा जीएमपी शुक्रवार दोपहर तक घटकर 84 रुपए रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 61.46 प्रतिशत कम है।
हालांकि ग्रे मार्केट में उत्साह कमजोर पड़ा है, इसके बावजूद 22,569 करोड़ रुपए के एनएसई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे एनएसई के पास नहीं जाएगी।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए बैठता है।
यह सार्वजनिक निर्गम 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि कंपनी के शेयरों के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक सूचीबद्ध होने से पहले इश्यू मूल्य के ऊपर कितनी अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं। जीएमपी किसी भी तरह से यह सुनिश्चित नहीं करता कि शेयर प्रीमियम पर ही सूचीबद्ध होगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई का वित्त वर्ष 2025-26 में संचालन से राजस्व 16,601.31 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 17,140.67 करोड़ रुपए की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम है।
इसी अवधि में एक्सचेंज की आय का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क से राजस्व में भी गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 4 प्रतिशत की सालाना कमी को दर्शाता है।
बाजार की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 24 सितंबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी, जहां निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया एनएसई के शेयर के प्रदर्शन को तय करेगी।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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