राष्ट्रीय समाचार
मथुरा जंक्शन पर ट्रेन प्लेटफार्म से टकराई, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
मथुरा: रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शकूरबस्ती मथुरा मेमू (04446) उत्तर प्रदेश के मथुरा में मथुरा जंक्शन पर एक प्लेटफॉर्म से टकरा गई। कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ क्योंकि सभी यात्री और यहां तक कि लोको-पायलट, टीटीई और ट्रेन गार्ड सहित चालक दल भी स्टेशन पर उतर गए थे। मेमू रेक उत्तर रेलवे का था और रात 10:48 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचा। एनसीआर के आगरा डिवीजन, जिसके अंतर्गत स्टेशन आता है, के सूत्रों ने कहा, “एमईएमयू प्लेटफॉर्म 2ए पर पहुंची और पांच मिनट के बाद यह ओवरहेड बिजली (ओएचई) पोल को तोड़ते हुए पलट गई, जिससे ओएचई आपूर्ति बाधित हो गई और प्लेटफॉर्म को भी नुकसान पहुंचा।”
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक बंद के बीच हिरासत में लिए गए कन्नड़ कार्यकर्ता, स्कूल और बाजार खुले

कर्नाटक बंद का आह्वान कन्नड और किसान समर्थित संगठनों की ओर से किया गया है। यह बंद तमिलनाडु की ओर से कावेरी जल जारी किए जाने को लेकर बुलाया गया है। इस बंद को लेकर गुरुवार को राज्यभर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है।
कन्नड कार्यकर्ताओं पुलिस की एहतियाती कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया। वहीं स्कूल, कॉलेज, दुकान, बाजार और व्यावसायिक संस्थान सामान्य रूप से चलते नजर आए।
यह बंद मुख्य रूप से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और कावेरी जल विनियमन समिति की ओर से बुलाई गई है। इस बंद का मुख्य उद्देश्य यह है कि तमिलनाडु कावेरी का जल जारी करें। इस दौरान पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके रखी और यह सुनिश्चित किया कि राज्यभर में शांति व्यवस्था बनी रहे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई बंद को प्रभावी करने के लिए बलपूर्वक रास्ते का इस्तेमाल नहीं करें।
कन्नड़ संगठनों के महासंघ के अध्यक्ष (जिसे कन्नड़ ओक्कूटा के नाम से भी जाना जाता है) और कन्नड़ चालुवली वटल पक्ष के अध्यक्ष वटल नागराज ने जैसे बंद के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इस बीच कन्नड और किसान संगठनों से जुड़े कई नेता मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात करने वाले थे। इस मुलाकात के दौरान इस संगठन से जुड़े नेता मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने वाले हैं। यह ज्ञापन मुख्य रूप से तमिलनाडु की ओर कावेरी नदी पानी छोड़े जाने के संबंध में है।
बेंगलुरू में स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से चलते रहे। जहां बड़ी संख्या में स्टूडेंट बड़ी संख्या में क्लास अटेंड करते हुए नजर आए। राज्यभर में किसी भी शिक्षण संस्थान में बंद का ऐलान नहीं किया गया। बच्चों के माता पिता ने यह फैसला किया है कि किसी भी सूरत में बंद का समर्थन नहीं किया जाए, क्योंकि बच्चों की परीक्षाएं नजदीक आ रही है। ऐसी स्थिति में उनके लिए यह जरूरी हो जाता है कि वो परीक्षा की तैयारी पूरी ईमानदारी से करें।
वहीं, बेंगलुरू में सार्वजनिक वाहनों पर भी बंद का कोई असर नहीं पड़ा। सड़कों पर बड़ी संख्या में सार्वजनिक वाहन चलते नजर आए। वहीं दुकान, बाजार और अन्य व्यवसायिक संस्थान खुले रहे। उधर, कई जिलों में लोग बंद का समर्थन करते हुए भी नजर आए।
हालांकि, ऐहतियात बरतते हुए कर्नाटक से तमिलनाडु के लिए बस की सेवा को निलंबित कर दिया गया। इससे पड़ोसी राज्यों के लोगों को सफर करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामनगर के इज़ुरु सर्कल में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। इजरू सर्कल को प्रमुख जंक्शन के रूप में जाना जाता है। करुणाडु सेना और कर्नाटक रक्षणा वेदिके (प्रवीण शेट्टी गुट) के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु की तरफ से कावेरी नदी के पानी को जारी करने को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने खाली बर्तन लेते हुए कावेरी नदी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से यह अपील की है कि वो अपना ध्यान पानी की किल्लत पर ध्यान दें। मौजूदा समय में कर्नाटक के कई हिस्सों में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन से कांग्रेस और सोरेन सरकार को कोई मतलब नहीं : संजय सरावगी
पटना, 13 अगस् । बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने गुरुवार को से बात करते हुए कहा कि झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन से कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा को कोई लेना-देना नहीं है। झारखंड में पेपर लीक हुआ, पंजाब में पेपर लीक हुआ। जहां-जहां विपक्ष की सरकारें हैं वहां पेपर लीक हो रहा है। लेकिन इन लोगों को छात्रों के हित से कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा, “झारखंड सरकार में कांग्रेस के चार-चार मंत्री हैं लेकिन आज तक कोई भी छात्र से मिलने नहीं गया। कांग्रेस की सरकार में बराबर की भागीदारी है। क्यों नहीं दबाव बनाते राहुल गांधी? लेकिन उनको छात्र हित से कोई मतलब नहीं है।”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के समय में कई पेपर लीक हुए लेकिन कभी भी स्पेसिफिक पेपर लीक पर कोई कानून नहीं बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून बनाया। 2024 में कानून बनाया और उसे और कड़ा किया। अब अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिले इसकी भी व्यवस्था की गई है।”
संसद के मानसून सत्र में चल रहे गतिरोध पर सरावगी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह एक-एक बात का जवाब देने को तैयार हैं। कल भी उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा। जिन-जिन बातों पर चर्चा चाहते हैं, 24 घंटा भी लोकसभा खोलनी पड़े तो खोलिए। एक-एक बात पर जवाब देने तैयार हैं। लेकिन राहुल गांधी अराजकता और झूठ के पोस्टर बॉय बन चुके हैं। इनको चर्चा से कोई मतलब नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का काम सुझाव देना होता है, लेकिन ये देश का समय बर्बाद कर रहे हैं।”
बिहार छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर एके-47 चलाने के विरोध में तेजस्वी यादव द्वारा राजभवन मार्च के आह्वान पर सरावगी ने कहा, “अब याद आ गए इनको छात्रों के आंदोलन। महीना भर यूरोप में थे, ठंडी हवा खा रहे थे। अब अचानक इनको छात्रों की याद आ गई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन जनता सब जानती है। बाकीपुर में भी इनके प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। इनको कोई मतलब नहीं है। न अपराध से मतलब है, न पेपर लीक से, न छात्रों के आंदोलन से।”
सरावगी ने तेजस्वी के परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा, “इनका तो पूरा परिवार बेल पर है। इनके पिताजी सजायाफ्ता हैं। दिल्ली के न्यायालय ने कहा था कि पूरा परिवार राजनीति में अपराधिक सिंडीकेट चलाता है। जब इनके पिताजी की सरकार थी तो अपराध और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज अपराधियों पर लगाम कसी जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बन रहे हैं। जो अपराधी या भ्रष्टाचारी अवैध संपत्ति अर्जित किए हुए हैं, उनकी संपत्तियों को खंगाला जा रहा है। कोई अपराधी भागता है तो पैर में भी गोली मारकर पकड़ा जा रहा है।”
राजनीति
कर्नाटक बंद के बीच हिरासत में लिए गए कन्नड़ कार्यकर्ता, स्कूल और बाजार खुले

कर्नाटक बंद का आह्वान कन्नड और किसान समर्थित संगठनों की ओर से किया गया है। यह बंद तमिलनाडु की ओर से कावेरी जल जारी किए जाने को लेकर बुलाया गया है। इस बंद को लेकर गुरुवार को राज्यभर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है।
कन्नड कार्यकर्ताओं पुलिस की एहतियाती कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया। वहीं स्कूल, कॉलेज, दुकान, बाजार और व्यावसायिक संस्थान सामान्य रूप से चलते नजर आए।
यह बंद मुख्य रूप से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और कावेरी जल विनियमन समिति की ओर से बुलाई गई है। इस बंद का मुख्य उद्देश्य यह है कि तमिलनाडु कावेरी का जल जारी करें। इस दौरान पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके रखी और यह सुनिश्चित किया कि राज्यभर में शांति व्यवस्था बनी रहे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई बंद को प्रभावी करने के लिए बलपूर्वक रास्ते का इस्तेमाल नहीं करें।
कन्नड़ संगठनों के महासंघ के अध्यक्ष (जिसे कन्नड़ ओक्कूटा के नाम से भी जाना जाता है) और कन्नड़ चालुवली वटल पक्ष के अध्यक्ष वटल नागराज ने जैसे बंद के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इस बीच कन्नड और किसान संगठनों से जुड़े कई नेता मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात करने वाले थे। इस मुलाकात के दौरान इस संगठन से जुड़े नेता मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने वाले हैं। यह ज्ञापन मुख्य रूप से तमिलनाडु की ओर कावेरी नदी पानी छोड़े जाने के संबंध में है।
बेंगलुरू में स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से चलते रहे। जहां बड़ी संख्या में स्टूडेंट बड़ी संख्या में क्लास अटेंड करते हुए नजर आए। राज्यभर में किसी भी शिक्षण संस्थान में बंद का ऐलान नहीं किया गया। बच्चों के माता पिता ने यह फैसला किया है कि किसी भी सूरत में बंद का समर्थन नहीं किया जाए, क्योंकि बच्चों की परीक्षाएं नजदीक आ रही है। ऐसी स्थिति में उनके लिए यह जरूरी हो जाता है कि वो परीक्षा की तैयारी पूरी ईमानदारी से करें।
वहीं, बेंगलुरू में सार्वजनिक वाहनों पर भी बंद का कोई असर नहीं पड़ा। सड़कों पर बड़ी संख्या में सार्वजनिक वाहन चलते नजर आए। वहीं दुकान, बाजार और अन्य व्यवसायिक संस्थान खुले रहे। उधर, कई जिलों में लोग बंद का समर्थन करते हुए भी नजर आए।
हालांकि, ऐहतियात बरतते हुए कर्नाटक से तमिलनाडु के लिए बस की सेवा को निलंबित कर दिया गया। इससे पड़ोसी राज्यों के लोगों को सफर करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामनगर के इज़ुरु सर्कल में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। इजरू सर्कल को प्रमुख जंक्शन के रूप में जाना जाता है। करुणाडु सेना और कर्नाटक रक्षणा वेदिके (प्रवीण शेट्टी गुट) के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु की तरफ से कावेरी नदी के पानी को जारी करने को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने खाली बर्तन लेते हुए कावेरी नदी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से यह अपील की है कि वो अपना ध्यान पानी की किल्लत पर ध्यान दें। मौजूदा समय में कर्नाटक के कई हिस्सों में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
हालांकि कर्नाटक में बंद के ऐलान कई बावजूद भी कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन सुचारू रूप से चल रहा है। बंद की वजह से प्रशासन की तरफ से सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा-व्यवस्था दुरूस्त कर दी गई है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति देखने को नहीं मिले।
राजनीति
खान एवं खनिज संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित, मानसून सत्र का समापन

खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित हो गया। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधेयक को सदन में पेश किया। विधेयक पेश किए जाने और चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। वहीं बिल पारित होने के साथ ही मानसून सत्र का भी समापन हो गया।
वहीं चर्चा का जवाब देते हुए जी. किशन रेड्डी ने कहा कि खनिज क्षेत्र से राज्यों को मिलने वाले राजस्व में नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि तेल के क्षेत्र में भी राज्यों को मिलने वाले राजस्व में काफी वृद्धि हुई है। रेड्डी ने कहा कि पहले राज्यों को करीब 50 प्रतिशत राजस्व मिलता था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद राज्यों को करीब 96 प्रतिशत राजस्व मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार को केवल 4 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को राज्यों के हित की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मोदी सरकार राज्यों के हित के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों के लिए लगातार काम कर रही है।
जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कराधान किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण साधन है। यदि संसद कराधान से जुड़े प्रावधानों पर सहमति नहीं बनाएगी तो देश के खनन और खनिज क्षेत्र का विकास प्रभावित होगा। इस विधेयक का उद्देश्य खनिज क्षेत्र का विकास करना और राज्यों के राजस्व को बढ़ाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि विधेयक के लागू होने से राज्यों का राजस्व बढ़ेगा और खनिज क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ”मेरा विश्वास है कि खनिज क्षेत्र के विकास से राज्यों का राजस्व बढ़ेगा और देश को इसका लाभ मिलेगा।”
इससे पहले राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों को बताया कि उन्हें संसदीय कार्य मंत्री की ओर से लोकसभा से पारित खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ था। इस अनुरोध में कहा गया था कि इसके लिए शून्यकाल में उठाए जाने वाले विषयों और प्रश्नकाल को स्थगित कर विधेयक को तुरंत लिया जाए।
विधेयक के महत्व और इस तथ्य को देखते हुए कि मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल को स्थगित किया गया ताकि सदन विधेयक पर तत्काल विचार कर सके। वहीं पहले से सूचीबद्ध प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे हुए मान लिया गया।
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