राजनीति
कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों को एमएसपी खोने का डर : चिदंबरम
देश के पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। आर्थिक मामलों पर उनके विचारों को हमेशा महत्व दिया जाता रहा है। उन्होंने किसानों के समर्थन मूल्य से लेकर कोविड के चलते प्रभावित अर्थव्यवस्था तक कई मुद्दों पर आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत की। आईएएनएस के साथ विशेष साक्षात्कार के कुछ अंश :
प्रश्न : आपको कहां लगता है कि सरकार पेट्रो उत्पाद पर लगाए गए कर का उपयोग कर रही है? क्या सरकार इसे समाज कल्याण योजनाओं में खर्च कर रही है?
उत्तर : ये तो बजट अनुमान के ड्राफ्ट को देखने के बाद ही पता चलेगा। कल्याणकारी योजनाओं के तहत अब तक के वास्तविक खर्च को देखे बिना प्रश्न का उत्तर देना मुश्किल है। व्यापक रूप में, यह कहना सही होगा कि सरकार को राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। रक्षा और स्वास्थ्य जैसे मदों में खर्च प्रारंभिक अनुमान से कहीं ज्यादा है और उस खर्च को कम कर दिया गया है। फिर भी कुल राजस्व की प्राप्ति और कुल व्यय में बड़ा अंतर है। इसलिए, साल के बीच मेंकर लगाने से अर्जित अतिरिक्त राजस्व शायद उस गैप को भरने और राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद करेगा।
प्रश्न : पिछले छह सालों में मोदी सरकार ने यूपीए का जनकल्याणकारी मॉडल ही अपनाया है और लगता है कि इस मार्ग पर चलते हुए उसने कई चुनाव जीते। क्या ये सही है?
उत्तर : पिछले छह वर्षों में, भाजपा चुनाव जीती भी है और हारी भी। आप भूल गए हैं कि पिछले छह वर्षों में भाजपा कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव हारी है। इसके अलावा, भाजपा ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में खराब प्रदर्शन किया है। यह सही है कि भाजपा ने पूरी तरह से कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा किया है और यूपीए सरकारों की तरह इसे लागू किया गया है। मेरे पास ‘गहरे प्रशासनिक सुधार’ का और कोई सबूत नहीं है।
प्रश्न : कोविड का प्रभाव अर्थव्यवस्था पर कितना होगा? क्या आप अर्थव्यवस्था की वी-शेप में रिकवरी देख रहे हैं?
उत्तर : प्रभाव तो बहुत ज्यादा होगा। आईएमएफ और ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्र के अनुसार, भारत सबसे अधिक प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। रिकवरी में भी काफी देर लगेगी और धीरे होगी। मुझे नहीं लगता कि वी-शेप रिकवरी हो पाएगी।
प्रश्न : सरकार के वित्त में काफी गड़बड़ी दिख रही है, जीएसटी मुआवजे को लेकर राज्य हंगामा कर रहे हैं। क्या होगा आगे?
उत्तर : केंद्र और राज्य सरकार — दोनों की ही वित्तीय व्यवस्था खराब हालत में है। केंद्र सरकार ने राज्यों के कर राजस्व या जीएसटी हिस्सा देने का वादा पूरा नहीं किया है। संघीय प्रणाली के लिए भविष्य काफी अंधकारमय है।
प्रश्न : विवादास्पद कृषि बिलों पर किसान गुस्से में हैं। लेकिन क्या आपको लगता है कि कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बनाया? ये कानून कैसे किसानों के खिलाफ है? ये एक अच्छा सुधार लगता है।
उत्तर : कृषि बिलों की कमियों को हमने उजागर किया है, मैं उन्हें यहां दोहराना नहीं चाहता। महत्वपूर्ण सवाल है — न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)। आज कितने किसानों को एमएसपी मिलता है और भविष्य में कितनों को मिलेगा? जो किसान इससे फायदा उठा रहे थे, उनको इसे खोने का डर है। वही किसान विरोध में सबसे आगे हैं। वर्तमान खाद्य सुरक्षा प्रणाली के तीन स्तंभों का निर्माण करने वाली कांग्रेस ने एमएसपी, पब्लिक प्रोक्योरमेंट और पीडीएस का एक ढांचा खड़ा किया था। यह पार्टी के लिए काफी अहम है। हमें एमएसपी और पीडीएस के लिए लड़ना होगा।
प्रश्न : आर्थिक सुधार की जब बात आती है, तो क्या यह सरकार यथास्थिति में विश्वास रखती है या बोल्ड स्टेप लेने वाली सरकार है?
उत्तर : भाजपा सरकार यथास्थिति में विश्वास नहीं करती, वो देश को पीछे ले जाने में विश्वास रखती है। ये ऐसी नीतियां अपना रही है जो हमें निरंकुशता, लाइसेंस और नियंत्रण के युग में वापस ले जाएगी।
प्रश्न : क्या आरबीआई को कॉर्पोरेट्स घराने को बैंक लाइसेंस देना चाहिए? क्या आप आरबीआई की कार्यप्रणाली से खुश हैं?
उत्तर : नहीं, कॉर्पोरेट्स और व्यावसायिक घरानों को बैंकिंग क्षेत्र में बैंक खोलने की अनुमति देना अच्छा आइडिया नहीं है। मैंने पहले ही अपने कारण बता दिए हैं। हम डॉ. रघुराम राजन और डॉ. विरल आचार्य द्वारा किए गए विश्लेषण का समर्थन करते हैं। आरबीआई ने अपनी काफी सारी स्वायत्तता सरकार को दे दी है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है।
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले ठंडी पड़ी एनएसई आईपोओ की ग्रे मार्केट चमक, जीएमपी 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले तेज गिरावट का शिकार हुआ है।
ग्रे मार्केट को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, शनिवार को 218 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा जीएमपी शुक्रवार दोपहर तक घटकर 84 रुपए रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 61.46 प्रतिशत कम है।
हालांकि ग्रे मार्केट में उत्साह कमजोर पड़ा है, इसके बावजूद 22,569 करोड़ रुपए के एनएसई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे एनएसई के पास नहीं जाएगी।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए बैठता है।
यह सार्वजनिक निर्गम 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि कंपनी के शेयरों के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक सूचीबद्ध होने से पहले इश्यू मूल्य के ऊपर कितनी अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं। जीएमपी किसी भी तरह से यह सुनिश्चित नहीं करता कि शेयर प्रीमियम पर ही सूचीबद्ध होगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई का वित्त वर्ष 2025-26 में संचालन से राजस्व 16,601.31 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 17,140.67 करोड़ रुपए की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम है।
इसी अवधि में एक्सचेंज की आय का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क से राजस्व में भी गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 4 प्रतिशत की सालाना कमी को दर्शाता है।
बाजार की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 24 सितंबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी, जहां निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया एनएसई के शेयर के प्रदर्शन को तय करेगी।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
ग्रेटर नोएडा में कार चालक ने स्कूल जा रही बच्ची को मारी टक्कर, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित आदर्श विहार सोसायटी में एक सड़क हादसा सामने आया। यहां स्कूल जाने के लिए घर से निकली एक मासूम बच्ची को तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रही कार ने टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। पूरी घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के मुताबिक, बच्ची स्कूल जाने के लिए सोसायटी परिसर से होकर जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार कार वहां से गुजरी। वाहन की तेज गति को देखते हुए चालक का लापरवाह रवैया स्पष्ट था। कार की चपेट में आने से बच्ची सड़क पर गिर गई और उसके पैर में चोट आई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बच्ची को संभाला और उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने बच्ची के पैर में फ्रैक्चर बताया है। हादसे की पूरी घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में बच्ची को सड़क से गुजरते हुए देखा जा सकता है। इसी दौरान कार तेज गति से वहां आती है और बच्ची उसकी चपेट में आ जाती है। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट जाती है।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद कार चालक की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। यह मामला थाना बीटा-2 क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कार की गति कितनी थी और वाहन कौन चला रहा था।
पुलिस के स्तर से घटना की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बच्ची के परिजनों की ओर से भी मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि आवासीय परिसर में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि यहां बच्चे और बुजुर्ग अक्सर पैदल आते-जाते हैं।
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