महाराष्ट्र
भू-माफियाओं का अजीबोगरीब कारनामा, पार्क और पहाडी सुरक्षा के लिए मनपा द्वारा आरक्षित करोड़ों की विशेष अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण
मुंबई,राज्य सरकार का सपना मुंबई को शंघाई बनाना है, लेकिन मुंबई में अवैध निर्माण और अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है.. सूचना का अधिकार कार्यकर्ता संजय तिवारी और शकील अहमद शेख ने आरटीआई में बहुत हैरतअंगेज जानकारी जुटाई है.. जानकारी के अनुसार कुर्ला एल विभाग के मौजे मोहिली, असल्फा, कुर्ला में कुल क्षेत्रफल जो 114578.65 वर्गमीटर है, 14/06/1991 को LAQ/14/87 के अनुसार विशेष भूमि अधिग्रहण संख्या 7 मुंबई और मुंबई उपनगरीय जिले द्वारा पूरी जमीन का अधिग्रहण किया गया है.. यह तलाठी कार्यालय, असल्फा, मोहिली, कुर्ला, साथ ही नगर सर्वेक्षण अधिकारी, घाटकोपर और कुर्ला में पंजीकृत है.. अधिग्रहित भूमि का विवरण इस प्रकार है..
मोहाली गांव में नगर भू. क्रमांक १७५ (पार्ट) २६६१४.२० (वर्ग मीटर) में और नगर भू. क्रमांक १७६ (पार्ट) में ५९८५१.२५ (वर्गमीटर) क्षेत्रफल संपादित किया गया है.. साथ ही नगर भू. क्रमांक.नगर भू. क्रमांक. ७६ (पार्ट) में१२२३.७५ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक ९० (पार्ट) में१३१६.८७५ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक. ९९ (पार्ट) में १७२४.३७४ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक १०० (पार्ट) में ४६१.२५ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक ८४(पार्ट) में १५१७.५५ (वर्गमीटर) और नगर भू. क्रमांक ८५(पार्ट) में २४२८.०८ (वर्गमीटर) में और नगर भू. क्रमांक ८६ (पार्ट) में ११४६०.२ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक ८७ (पार्ट) में ३०३१.०५ (वर्ग मी.) और नगर भू. क्रमांक ८८ (पार्ट) में, ३३१३.७ (वर्ग मी.) के साथ कुर्ला गांव स्थित नगर भू. क्रमांक. १०३८ (पार्ट) में ४३२.२(वर्ग मीटर) कुल मिलाकर ११४५७८.६५ वर्ग मीटर क्षेत्रफल है..
हालांकि, दुर्भाग्य से, १९९१ के बाद से आजतक अधिग्रहित जमीन का कब्जा मनपा ने नहीं लिया, इसलिए कुछ अधिकारियों,जनप्रतिनिधियों और कुछ असामाजिक तत्वों की मिलीभगत से अधिग्रहित भूमि पर अवैध व्यावसायिक गालों का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार मोहिली गांव की कुछ जमीन पर सार्वजनिक पार्क का काम मनपा की ओर से चल रहा है। हालांकि, मौजे असल्फा में अधिग्रहित भूमि पर (आशापुरा कंपाउंड और सनाउल्लाह कंपाउंड) में अवैध व्यावसायिक गालों में २७/१२/२०१९ को आग लग गई, जिसमें 23 व्यावसायिक गाले जल गए थे। जिसमें एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के संदर्भ में साकीनाका पुलिस स्टेशन में २८/१२/२०१९ दखल पात्र क्रमांक १६४/२०१९ में धारा ३०४(२), २८५, २८६, ३४ के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उसके बाद मनपा ने इस जगह से अवैध व्यावसायिक गालों को हटा दिया था।
लेकिन लाॅकडाउन का फायदा उठाकर भूमाफियाओं ने अगस्त 2020 में जली हुई जमीन (आशापुरा कंपाउंड) पर अवैध व्यावसायिक गालों का निर्माण शुरू कर दिया। मनपा ने नोटिस नं. L/ DO01L/ 159 / 354 A-MMC अधिनियम / L339N01 /25/08/2020 भी दिया था और मनपा ने अवैध व्यावसायिक गालों को भी हटा दिया थ, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के चलते राज्य के साथ-साथ मुंबई में भी लॉकडाउन लगा दिया गया था। इस लाॅकडाउन का लाभ उठाकर भू-माफिया द्वारा अधिग्रहित भूमि (आशापुरा कंपाउंड) पर अवैध व्यवसायिक गालों का निर्माण किया गया है। कुछ सजग नागरिकों ने भी इस अवैध निर्माणों की शिकायत की है, लेकिन मनपा एल विभाग और साकीनाका पुलिस स्टेशन के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
शकील अहमद शेख और संजय तिवारी ने इस संबंध में मुंबई पुलिस आयुक्त, मनपा आयुक्त, सहायक आयुक्त एल विभाग, साकीनाका पुलिस को पत्र भेजकर इन अधिग्रहित जमीनों पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की मांग की है और इस अधिग्रहित जमीन सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने साथ ही, अपराधियों पर एमआरटीपी और भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है..
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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