व्यापार
ग्लोबल कंपनी जेबिल भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर रही निवेश : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 26 जुलाई। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जेबिल का गुजरात के साणंद स्थित प्लांट लगभग पूरा हो चुका है। यह प्लांट देश में सिलिकॉन फोटोनिक्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का निर्माण करेगा।
जेबिल के 25 से अधिक देशों में 100 से अधिक स्थानों पर 1,40,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जेबिल भारत में सिलिकॉन फोटोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस के विनिर्माण में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश कर रही है।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “साणंद स्थित प्लांट लगभग पूरा हो चुका है।”
जेबिल के ग्राहकों की सूची में स्वास्थ्य सेवा, पैकेजिंग, स्मार्टफोन और क्लाउड इक्विप्मेंट से लेकर ऑटोमोटिव और घरेलू उपकरणों तक, हर बाजार में दुनिया के 300 सबसे बड़े ब्रांड शामिल हैं।
इस बीच, दूरसंचार विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने कहा है कि 31 मार्च तक दूरसंचार उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 1,162 करोड़ रुपए वितरित किए हैं।
1 अप्रैल, 2021 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य दूरसंचार क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह चालू वित्त वर्ष के अंत में समाप्त होने वाली है।
इस योजना के तहत चयनित 42 कंपनियों में से 21 निर्माताओं ने अब तक सफलतापूर्वक प्रोत्साहन प्राप्त कर लिए हैं।
सरकार ने इस योजना के लिए 4,115 करोड़ रुपए निर्धारित किए थे, जिसका लक्ष्य अनुमानित 2.45 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिक्री और इसके दौरान 44,000 से अधिक नए रोजगार सृजित करना था।
जेबिल शीर्ष लाभार्थी के रूप में उभरा, जिसने दो वित्त वर्षों में 235.87 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन प्राप्त किया।
अन्य प्रमुख प्राप्तकर्ताओं में 165.12 करोड़ रुपए के साथ फ्लेक्सट्रॉनिक्स, 157.32 करोड़ रुपएके साथ नोकिया, 80.33 करोड़ रुपए के साथ फॉक्सकॉन राइजिंग स्टार्स और 53.23 करोड़ रुपए के साथ सिरमा एसजीएस का नाम शामिल है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि दूरसंचार ऑपरेटरों और सरकार के दृष्टिकोण के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। वे आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के लक्ष्यों को सही मायने में साकार करने के लिए ज्यादा स्थानीय मूल्य संवर्धन वाले दूरसंचार उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय
आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना जरूरी: एससीओ समिट में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें एससीओ समिट में आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की बात कही। स्पष्ट किया कि कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने वाले तत्वों पर रोक लगानी होगी। इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए हैं।
मंगलवार को सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पिछले पच्चीस वर्षों में एससीओ ने यूरेशिया के विशाल भूभाग में संवाद और सहयोग की एक मजबूत परंपरा विकसित की है। हमने मिलकर अपने लोगों की भलाई के साथ-साथ मानवता के विकास में भी बहुमूल्य योगदान दिया है। इन पच्चीस वर्षों में हमने सहयोग की मजबूत नींव तैयार की है। अब आने वाले पच्चीस वर्षों में हमारा लक्ष्य इस सहयोग को स्पष्ट परिणामों में बदलने का होना चाहिए।”
प्रधानमंत्री के मुताबिक एससीओ को लेकर भारत की सोच जाहिर की। उन्होंने कहा, “आज जब विश्व अनिश्चितता और अस्थिरता से गुजर रहा है, हमें अपने साझा भूगोल को साझा अवसरों में बदलना है और हमारे प्रयासों से हमारे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हैं।पिछली बैठक में मैंने एससीओ को लेकर भारत की सोच के तीन मुख्य स्तंभों का उल्लेख किया था: एस से सिक्योरिटी (सुरक्षा), सी से कनेक्टिविटी और ओ से ऑर्प्चुनिटी (अवसर)। अब समय है कि इन तीनों स्तंभों को विजन से आगे बढ़ाकर ठोस आउटकम (उपलब्धि) तक ले जाया जाए। और इसकी पहली आवश्यकता है—शांति और सुरक्षा। आतंकवाद आज भी पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। इसके विरुद्ध लड़ाई में हम एक्शन-रिएक्शन की सोच तक सीमित नहीं रह सकते।”
फिर पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा, ” हमें आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को ध्वस्त करना होगा। हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस गंभीर विषय पर द्विपक्षीय मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता।”
उन्होंने किसी भी देश का नाम लिए बगैर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ” जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाते हैं, आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश देना होगा कि आतंकवाद किसी के लिए स्ट्रेटेजिक एसेट नहीं हो सकता। शांत और सुरक्षित यूरेशिया की हमारी साझा आकांक्षा, अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से भी जुड़ी है। भारत अफगानिस्तान के लोगों के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहा है, और आगे भी देता रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने एक दूसरे से जुड़े रहने को दुनिया के लिए जरूरी करार दिया। पीएम बोले,” आज की इंटरकनेक्टेड दुनिया में सुरक्षा की परिधि और भी व्यापक हो चुकी है। पश्चिम एशिया के संकट ने यह दिखाया है कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष वहीं तक सीमित नहीं रहता। उसका प्रभाव पूरे विश्व की एनर्जी सिक्योरिटी, मैरीटाइम ट्रेड और सप्लाई चेन्स पर पड़ता है। इसका सबसे अधिक खामियाजा ग्लोबल साउथ के देशों को भुगतना पड़ता है। इसलिए भारत का आह्वान रहा है कि सभी तनावों और युद्धों का समाधान बैटलफील्ड पर नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही संभव है।”
पीएम मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को भी रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ” ड्रग ट्रैफिकिंग केवल एक अपराध नहीं है बल्कि हमारी युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एससीओ के अंतर्गत सिक्योरिटी थ्रेट्स, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, इन्फोर्मेशन सिक्योरिटी और नार्कोटिक्स जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए स्थापित किए जा रहे सेन्टर्स एक सकारात्मक कदम है। हमें व्यावहारिक समन्वय और समय पर कार्रवाई कर इन्हें प्रभावी माध्यम बनाना चाहिए।”
राजनीति
राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, भूपेंद्र हुड्डा बोले- हम ऐसी चीजों से नहीं डरते

उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस ने चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद कर्मवीर बौद्ध, विधायक गीता भुक्कल और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इन सभी नेताओं से बातचीत में भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
हरियाणा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “हम ऐसी चीजों से डरते नहीं हैं। न तो राहुल गांधी और न ही हम डरते हैं। राहुल गांधी ने मांग की थी कि हल्द्वानी में हुई घटना पर एफआईआर दर्ज की जाए, जहां हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने एक जनसभा की थी और कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण की रस्म निभाई थी। यह एक जायज मांग थी, क्योंकि संविधान का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। लेकिन इसके बजाय, उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।”
कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध से बातचीत में कहा, “देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं। आज जब कोई वरिष्ठ नेता गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, आदिवासियों और महिलाओं की आवाज उठाने के लिए आगे आता है और सदियों से उनके साथ हो रहे अत्याचार, भेदभाव और छुआछूत को उजागर करता है, तो आप रामलीला मैदान में हमारी पार्टी के सम्मानित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हल्द्वानी में एक कार्यक्रम के दो दिन बाद ‘शुद्धिकरण’ का अनुष्ठान करते हैं। जब कोई वरिष्ठ नेता दलितों के अपमान का मुद्दा उठाता है, तो आप एफआईआर दर्ज करके उन्हें रोकना चाहते हैं। यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।”
पंजाब कांग्रेस एससी विभाग के इंचार्ज सुधीर चौधरी ने कहा, “ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी और राजिंदर पाल गौतम के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया एससी विभाग के निर्देशानुसार, हम पंजाब के राज्यपाल को अपना संदेश सौंपेंगे। हम विरोध प्रदर्शन करेंगे और यह तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती। हम दलितों के प्रति नफरत देख रहे हैं। हमारे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ी ‘शुद्धिकरण’ की घटना हो या दलित अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी इन दोनों मामलों में रोजाना विरोध प्रदर्शन करेगी।”
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा, “भारत अभी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। जिस तरह से आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, वह चिंताजनक है। अगर छात्र पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बैठते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। अगर बच्चे आवाज़ उठाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी में सभा को संबोधित करने के बाद उस स्थल का भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण किया। हमारे नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। यह हैरान करने वाली बात है कि जब हमारे नेता आवाज उठाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।”
पंजाब कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने कहा, “मुझे लगता है कि वे कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस डरती नहीं है। देश के संविधान को खत्म करना और मनुस्मृति को वापस लाना उनका एजेंडा है। ऐसा नहीं होने वाला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “उन्होंने जो एफआईआर दर्ज की है, वह पूरी तरह से राजनीतिक है। वह युवा पीढ़ी और देश के लिए लड़ रहे हैं। यह उनका कर्तव्य और अधिकार है। यह न केवल उनका जन्मसिद्ध अधिकार है बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार भी है। वह जिस चीज़ के लिए लड़ रहे हैं, हम सब उनके साथ खड़े हैं।”
लखनऊ में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो संविधान या कानून में विश्वास नहीं करती है। यह जातिवाद, छुआछूत और मनुस्मृति का समर्थन करती है। एक तरफ, खड़गे ने कहा कि हल्द्वानी में जिस तरह से जगह को शुद्ध किया गया, वह छुआछूत और जातिवाद की पराकाष्ठा थी। जब खड़गे ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया, तो जेपी नड्डा ने कहा कि वे ऐसी किसी भी हरकत की निंदा करते हैं।”
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला; सेंसेक्स 76,900 के करीब

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को सपाट खुला। इस दौरान सेंसेक्स 25 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 76,920 और निफ्टी 29 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,037 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार को सहारा एफएमसीजी, कंजप्शन और मेटल स्टॉक्स से मिल रहा था। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑटो हरे निशान में थे।
इसके अलावा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ स्मॉलकैप भी करीब सपाट थे। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के कारण 19,910 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 545 अंक या 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,666 पर था।
सेंसेक्स पैक में आईटीसी, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एमएंडएम, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट्स गेनर्स थे। इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इटनरल, टीसीएस, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी और टाइटन लूजर्स थे।
ज्यादातर वैश्विक बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था।
जानकारों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड में भारी बढ़ोतरी जैसे वैश्विक दबाव बाजार पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। यूएस में 10-साल के बॉन्ड की यील्ड 4.77 प्रतिशत और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.24 प्रतिशत होना इक्विटी बाजार के लिए नकारात्मक है। ऐसे में सुरक्षित यूएस बॉन्ड की ओर पूंजी जा रही है। पिछले दो दिनों में एफआईआई के कैश मार्केट में 13,025 करोड़ रुपए की इक्विटी बेचने से भी इसकी पुष्टि होती है। इस दौरान निफ्टी के 23,000-25,000 की रेंज में कारोबार करने की उम्मीद है।
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