राष्ट्रीय
मुंबई मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन के कुछ दिनों बाद भी यात्रियों को मोबाइल नेटवर्क न होने से जूझना पड़ रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) के अंतिम चरण के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद, यात्रियों को नए खुले मार्ग पर प्रमुख भूमिगत स्टेशनों पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की कमी की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे की रिपोर्ट सबसे पहले फ्री प्रेस जर्नल ने दी थी, जिससे हजारों दैनिक यात्री निराश हो गए हैं, खासकर आचार्य अत्रे चौक और कफ परेड के बीच, जहां उपयोगकर्ताओं ने बताया कि सेलुलर सिग्नल शून्य है, जिससे कॉल करना, संदेश भेजना या डिजिटल यूपीआई भुगतान पूरा करना असंभव हो गया है।
उद्घाटन के बाद, लाइन 3 की दैनिक सवारियों की संख्या 1.5 लाख को पार कर गई, लेकिन नेटवर्क डेड जोन लगातार चिंता का विषय बन गया है।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) के प्रबंध निदेशक अश्विनी भिडे ने कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। बीएसएनएल को भी इसमें शामिल कर लिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी।”
कई यात्रियों के लिए मोबाइल सिग्नल की कमी ने अत्याधुनिक मेट्रो को दैनिक संघर्ष में बदल दिया है।
दक्षिण मुंबई में अकाउंटेंट के रूप में काम करने वाले मनोज शिंदे ने कहा, “मैं पूरी तरह से यूपीआई पर निर्भर हूँ और अपने साथ नकदी नहीं रखता। मुझे टिकट लेने के लिए भी बाहर निकलकर एटीएम ढूँढना पड़ता था।” उन्होंने आगे कहा, “इस दौर में, मुंबई जैसे शहर में बुनियादी मोबाइल कनेक्टिविटी का न होना अस्वीकार्य है।”
चर्चगेट से बस में चढ़ने वाली विनीता सिंह ने भी ऐसी ही निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह विडंबना ही है कि हमें कैशलेस रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन व्यवस्था हमें नकदी साथ रखने पर मजबूर करती है। मुझे ₹500 के छुट्टे पैसे देने को तैयार एक दुकान ढूँढ़ने के लिए सड़क के किनारे तक दौड़ना पड़ा।”
खराब वाई-फाई इस कमी को पूरा करने में विफल रहा
एमएमआरसी इस समस्या को कम करने के लिए भूमिगत स्टेशनों पर मुफ़्त वाई-फ़ाई उपलब्ध कराने का दावा तो करता है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि यह सेवा अविश्वसनीय है। कई यात्रियों की शिकायत है कि या तो डिवाइस वाई-फ़ाई का पता नहीं लगा पाते या अनिवार्य ओटीपी लॉगिन पूरा नहीं कर पाते, क्योंकि इस प्रक्रिया के लिए मोबाइल नेटवर्क एक्सेस की ज़रूरत होती है।
नियमित यात्री कुणाल शर्मा ने कहा, “स्टेशन में प्रवेश करने से पहले मुझे हमेशा यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि मेरे यूपीआई ऐप का क्यूआर कोड स्कैनर खुला हो। वरना, सिग्नल पाने के लिए मुझे वापस ऊपर चढ़ना पड़ता। वाई-फाई की समस्या है, और ओटीपी के लिए भी नेटवर्क की ज़रूरत होती है, इसलिए यह एक बंद रास्ता है।”
वर्ली और विधान भवन के बीच यात्रा करने वाली नियमित यात्री सुहासिनी देशपांडे ने स्थिति का स्पष्ट वर्णन करते हुए कहा,
“जैसे ही ट्रेन दक्षिण मुंबई के किसी स्टेशन पर रुकती है और दरवाजे खुलते हैं, लोग तुरंत अपने फोन चेक करना शुरू कर देते हैं, क्योंकि जैसे ही ट्रेन दोबारा चलना शुरू करती है, नेटवर्क गायब हो जाता है।”
कनेक्टिविटी की कमी के कारण सभी प्रमुख दूरसंचार नेटवर्कों पर बुनियादी सेवाएं बाधित हुई हैं, जिससे कॉल, मोबाइल डेटा और डिजिटल लेनदेन प्रभावित हुए हैं, जो दैनिक शहरी जीवन के आवश्यक तत्व हैं।
सूत्रों के अनुसार, बीएसएनएल उपयोगकर्ताओं को नए चरण में जल्द ही नेटवर्क कवरेज मिलने की संभावना है। हालाँकि, अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों ने अभी तक नेटवर्क उन्नयन योजना पर एमएमआरसी के साथ पूरी तरह से सहयोग नहीं किया है, जिसका अर्थ है कि निजी वाहकों के उपयोगकर्ताओं को अभी और इंतज़ार करना पड़ सकता है।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में छोटी-मोटी गड़बड़ियां होने की आशंका रहती है, लेकिन आधिकारिक लॉन्च से पहले बुनियादी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
एक विशेषज्ञ ने कहा, “यह घटना भूमिगत परिवहन प्रणालियों में मजबूत दूरसंचार बुनियादी ढांचे की महत्वपूर्ण आवश्यकता को उजागर करती है।” उन्होंने आगे कहा कि विश्वसनीय मोबाइल कनेक्टिविटी अब आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का एक अनिवार्य पहलू है।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
अनन्य
नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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