राजनीति
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की तैयारी तेज, प्रदेश समिति का किया गठन
नई दिल्ली, 16 सितंबर। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश चुनाव समिति के गठन के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। प्रदेश समिति के गठन का ऐलान पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने किया है।
महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति के गठन के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। इस समिति में 39 नेताओं को जगह दी गई है, जिनमें शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, संजीव प्रसाद टोनी और राजेश कुमार राम शामिल हैं।
इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने इस समिति में जितेंद्र गुप्ता, शकील-उज-जमान अंसारी, मोतीलाल शर्मा, कपिल देव प्रसाद यादव, अंशुल अविजित, ब्रजेश कुमार पांडेय, जमाल अहमद भल्लू, मंजू राम, आजमी बारी, नागेंद्र कुमार विकास, कैलाश पाल, राजेश राठौर, निर्मलेंदु वर्मा, कैसर अली खान, प्रभात कुमार सिंह, कमल देव नारायण शुक्ला, कुमार आशीष, जमोत्री ममता निषाद, शकील-उर-रहमान, संतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. विश्वनाथ सर्राफ, डॉ. रमेश प्रसाद यादव और शशि रंजन को जगह दी है।
साथ ही, सुबोध मंडल, नदीम अख्तर अंसारी, नीतू निषाद, फौजिया राणा, रामशंकर कुमार, उदय मांझी, रेखा सोरेन, तारक चौधरी, विश्वनाथ बैठा, सुनील कुमार पटेल, साधना रजक और खुशबू कुमारी को भी प्रदेश चुनाव समिति में शामिल किया गया है।
बिहार कांग्रेस ने समिति में शामिल किए गए नेताओं को बधाई दी। बिहार कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिस्ट को साझा किया।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति के गठन को मंजूरी दी है। नई समिति का गठन तत्काल प्रभाव से किया गया है। हम सब मिलकर बिहार में कांग्रेस पार्टी के संगठन और जनआंदोलन को और मजबूत बनाएंगे।
बिहार कांग्रेस ने आगे कहा कि सभी सम्मानित साथियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका चीन और रूस की जासूसी ‘और भी बेहतर’ तरीके से करता है : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को अपने मध्यावधि चुनाव प्रचार अभियान का समापन किया। ईरान पर अमेरिकी हमले का बचाव किया, तेल की कीमतों को लेकर अपना पक्ष रखा और चीन -रूस की जासूसी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। दावा किया कि अमेरिका ये काम उनसे कहीं बेहतर तरीके से करता है।
आयोवा के डुबुक में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने चीन और रूस की जासूसी को लेकर जताई गई चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “किसी ने मुझसे कहा कि चीन हमारी जासूसी कर रहा है। मैंने कहा, हां और हम भी उनकी जासूसी कर रहे हैं। इस बारे में चिंता न करें।”
उन्होंने आगे कहा, “चीन और रूस हमारी जासूसी कर रहे हैं। मैंने कहा, यह सच है। और हम भी उनके साथ ऐसा ही कर रहे हैं। लेकिन हम उनसे कहीं बेहतर तरीके से ऐसा करते हैं। इसलिए, इस बात की चिंता न करें।”
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब न तो कोई सैन्य क्षमता बची है और न ही बातचीत करने के लिए कोई नेता। उन्होंने कहा, “हमने इसकी शुरुआत नहीं की थी, लेकिन हम इसे खत्म कर रहे हैं। हम उनकी अच्छे से धुनाई कर रहे हैं।”
ट्रंप ने कहा, “उनके पास न तो रडार है, न ही विमान-रोधी हथियार और न ही कोई नेता। शायद हम नेताओं के मामले में कुछ ज्यादा ही आगे निकल गए हैं (इसका मतलब शीर्ष ईरानी नेतृत्व की हमलों में मौत से है), अब बात करने के लिए कोई बचा ही नहीं है। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को खोजने की कोशिश कर रहा हूं जिससे बात की जा सके, लेकिन कोई भी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता।”
डुबुक में दो घंटे से कुछ अधिक समय तक बोलने के बाद, ट्रंप अपने मध्यावधि (मिडटर्म) अभियान की आखिरी रैली के लिए कंसास के सलीना रवाना हो गए।
सलीना की रैली में, ट्रंप ने फिर से अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “पिछले तीन महीनों में आपकी महंगाई दर 1.7 प्रतिशत तक गिर गई है। मुझे ‘स्लीपी’ (सुस्त) जो बाइडेन से विरासत में ऊंची कीमतें मिली थीं; मैंने ये कीमतें नहीं बढ़ाईं।”
उन्होंने कहा, “मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है।” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि “तेल की कीमतें बाइडेन और बराक हुसैन ओबामा के समय की तुलना में काफी कम हैं।”
ट्रंप ने ईंधन की ऊंची कीमतों को “इस देश और दुनिया की सुरक्षा के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत” बताते हुए कहा, “जब यह संघर्ष खत्म हो जाएगा, तो कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी।”
अमेरिका में मंगलवार को मतदान होगा, जिसमें हाउस (प्रतिनिधि सभा) और सीनेट पर नियंत्रण दांव पर लगा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती के खिलाफ सऊदी गठबंधन का अभियान, दावा- अहम सैन्य संसाधनों को किया तबाह

यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि उसने हूती गुट के महत्वपूर्ण संसाधनों को निष्क्रिय करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “अभियान रविवार सुबह चलाया गया। यह कदम सऊदी अरब और यमन में नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के जवाब में उठाया गया था।”
अल-मल्की ने बताया कि हूती विद्रोही इन संसाधनों का इस्तेमाल अपने युद्ध प्रयासों को समर्थन देने और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कर रहे थे, खासकर अपने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों के लिए।
समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के अनुसार, उन्होंने इस अभियान की जगह या इसके नतीजों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इसके अलावा, रविवार को यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में स्थानीय निवासियों और एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शहर में एक सरकारी सैन्य ठिकाने के पास हूती मिसाइल गिरी, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ।
अपना नाम न बताने की शर्त पर ‘सिन्हुआ’ से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका जिले में उस सैन्य ठिकाने के पास गिरी, जिसका इस्तेमाल सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना कर रही थी। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई इलाकों तक सुनाई दी। हूती समूह ने इस हमले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
अदन, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का अस्थायी मुख्यालय है, हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आ गया है।
यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया।
पिछले हफ्ते, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने ‘एक्स’ पर लिखा कि हूती समूह द्वारा भेजे गए एक ड्रोन को मक्का क्षेत्र में रोककर नष्ट कर दिया गया। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है।
हालांकि, हूती समूह ने सऊदी अरब पर किसी भी तरह का हमला करने से इनकार किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में, हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने मक्का के ऊपर ड्रोन रोके जाने के सऊदी अरब के दावे को खारिज करते हुए इसे “झूठा” बताया।
सरिया ने कहा कि उनके समूह ने शुक्रवार को “सऊदी अरब के क्षेत्र की ओर कोई अभियान नहीं चलाया।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
‘नियमों का उल्लंघन’ करने वाले तेल टैंकरों में विस्फोट, बारूदी सुरंग से टकराए थे दोनों: ईरान

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले कुछ घंटों के दौरान दो “नियम उल्लंघन करने वाले” सुपरटैंकर समेत एक तेल टैंकर में धमाका हुआ। कथित तौर पर ये दोनों बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकराए जिससे विस्फोट हुआ और दोनों वहीं रुक गए।
रविवार (स्थानीय समय) को आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट ‘सिपाह न्यूज’ पर जारी एक बयान में, नौसेना ने कहा कि ये टैंकर जलडमरूमध्य में एक “अनधिकृत” (बिना अनुमति वाले) रास्ते से गुजर रहे थे।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, इसमें आगे कहा गया कि सुपरटैंकर में “एक जोरदार विस्फोट हुआ और वह धू-धू कर जल रहा है।” बताया गया कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और पहचान प्रणालियों (आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) को बंद कर रखा था।
ईरान ने 28 फरवरी को इस स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली थी। उसने इजरायल और अमेरिका के जहाजों—या उनसे जुड़े जहाजों – के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।
इससे पहले, आईआरजीसी के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरानी बलों ने “दुश्मन” को नुकसान पहुंचाने और रोकने के लिए एक विशाल युद्धक्षेत्र तय कर लिया है।
अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से सिन्हुआ ने बताया कि रविवार (स्थानीय समय) को ईरान के दक्षिण-पूर्वी केरमान प्रांत में एक सम्मेलन में मोहेब्बी ने कहा कि ईरानी बल “दुश्मन को निर्णायक जवाब देने के लिए” पहले से कहीं अधिक तत्पर हैं।
उन्होंने सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई द्वारा वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को दिए गए हालिया आदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम लीडर के इन निर्देशों ने “युद्ध का एक नया अध्याय” शुरू कर दिया है।
मोहेब्बी ने खामेनेई की उस बात का उल्लेख खासतौर पर किया जिसमें कहा गया कि “अमेरिका के साथ युद्ध में कोई भौगोलिक सीमा नहीं है।” उन्होंने कहा कि आईआरजीसी ने अपने एजेंडे में दुश्मन के नए ठिकानों की पहचान करना और नए भौगोलिक क्षेत्रों में अभियानों की योजना बनाना शामिल किया है।
शनिवार को एक बयान में बताया गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों को आदेश दिया है कि “दुश्मनों” की ओर से आने वाले किसी भी स्तर और प्रकार के खतरे का, बिना किसी भौगोलिक सीमा के, “तत्काल और प्रभावी” जवाब दिया जाना चाहिए।
ये चेतावनियां ऐसे समय में आई हैं जब ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई की धमकियां तेज हो गई हैं।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (डब्ल्यूएसजे) के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से जुड़े विकल्पों के बारे में जानकारी दी थी। डब्ल्यूएसजे के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी के कई देशों को सूचित किया है कि वे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ एक संभावित, संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहें।
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