राजनीति
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने राज्य में चल रहे संकट को लेकर मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह को तत्काल हटाने की मांग की
नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार सुबह मांग की कि मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को “तुरंत” हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मणिपुर में महिलाओं और बच्चों सहित छह निर्दोष लोगों की हत्या को लेकर चल रहे तनाव के बीच 5,000 अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस कर्मियों की तैनाती के लिए सरकार की आलोचना की।
चिदंबरम ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस संकट का कारण मानने की जरूरत है, साथ ही उन्होंने मांग की कि उन्हें “तुरंत” हटाया जाए। उन्होंने कहा कि मैतेई, कुकी-जो और नागा एक राज्य में तभी साथ रह सकते हैं, जब उन्हें क्षेत्रीय स्वायत्तता मिले।
पी चिदंबरम ने पीएम मोदी पर कटाक्ष किया
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर का दौरा करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें तो यह राजनेता की योग्यता होगी।
“5,000 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस जवानों को भेजना मणिपुर संकट का समाधान नहीं है। यह अधिक समझदारी की बात है: यह स्वीकार करना कि मुख्यमंत्री श्री बीरेन सिंह संकट के कारण हैं और उन्हें तत्काल हटाना चाहिए। यह अधिक समझदारी की बात है: कि मैतेई, कुकी-जो और नागा एक राज्य में तभी साथ रह सकते हैं जब उनके पास वास्तविक क्षेत्रीय स्वायत्तता हो। यह अधिक राजनेता की बात है: माननीय प्रधानमंत्री को अपनी हठधर्मिता त्यागनी चाहिए, मणिपुर का दौरा करना चाहिए और मणिपुर के लोगों से विनम्रता से बात करनी चाहिए और उनकी शिकायतों और आकांक्षाओं को सीधे जानना चाहिए,” पी चिदंबरम ने कहा।
मणिपुर के विधायकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किया
इस बीच, मणिपुर के कई विधायकों ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर अपनी मांगों को सूचीबद्ध किया, जिसमें केंद्र सरकार से राज्य में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) लागू करने की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जिरीबाम में महिलाओं और बच्चों सहित छह लोगों की हत्या के लिए कथित रूप से जिम्मेदार कुकी उग्रवादियों के खिलाफ सात दिनों के भीतर एक सामूहिक अभियान शुरू किया जाना चाहिए। इसमें तीन प्रमुख मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की भी मांग की गई है जो एक महिला की जलकर मौत, छह निर्दोष नागरिकों की हत्या और एक महिला किसान की हत्या से जुड़े हैं।
विधायकों ने अपने प्रस्ताव में महिलाओं और बच्चों सहित छह निर्दोष लोगों की हत्या के लिए जिम्मेदार कुकी उग्रवादियों को सात दिनों के भीतर “गैरकानूनी संगठन” घोषित करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रस्ताव में कहा गया है, “यदि उपरोक्त प्रस्तावों को निर्धारित अवधि के भीतर क्रियान्वित नहीं किया जाता है, तो सभी एनडीए विधायक राज्य के लोगों के परामर्श से भविष्य की कार्रवाई का निर्णय लेंगे।” इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार मणिपुर में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी।
सोमवार को मणिपुर सरकार ने इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, काकचिंग, कांगपोकपी, थौबल और चुराचांदपुर के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं के अस्थायी निलंबन की अवधि बढ़ाने की घोषणा की।
यह निलंबन बुधवार, 20 नवंबर 2024 को शाम 5:15 बजे तक जारी रहेगा।
राजनीति
एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए गुलाबराव पाटिल दे रहे धमकी : संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार और एकनाथ शिंदे गुट पर बड़ा हमला बोला है। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, “एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनके मंत्री ने धमकी दी है। उनका नाम गुलाबराव पाटिल है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई आएगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।”
संजय राउत ने कहा कि यह बात कहने वाला कोई आम आदमी नहीं बल्कि फडणवीस कैबिनेट में बैठा मंत्री है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “ये सब फडणवीस की कैबिनेट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य हैं। सीएम देवेंद्र फडणवीस के लिए क्या यह सीधी धमकी नहीं है? मतलब शिंदे देवेंद्र फडणवीस को खत्म करके मुख्यमंत्री बनेंगे। अगर कोई विरोध करेगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।”
संजय राउत ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल पूछा कि अगर यह गुलाबराव पाटिल की धमकी है, तो देवेंद्र फडणवीस आप क्या कर रहे हैं? इतना ही नहीं, संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के दुश्मन हैं। केंद्रीय गृह मंत्री देश के दुश्मन हैं और चुनाव आयोग भी देश का दुश्मन है।
शिवसेना का कहना है कि पार्टी का विस्तार किया जाएगा और बहुत जल्द एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। इस बयान के बाद संजय राउत ने मंत्री गुलाबराव पाटिल के बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पहले मंगलवार को संजय राउत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि एक बार फिर देश में ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश हो रही है।
संजय राउत ने कहा था कि मैंने जो अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अराजकता फैलेगी, मैं फिर कह रहा हूं कि अराजकता फैलेगी। अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो अराजकता फैलना तय है। मैंने इसी बात की चेतावनी दी थी।
राष्ट्रीय समाचार
सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस को राहत, निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित

सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, चुनाव आयोग उम्मीदवारों के नामांकन पर विचार करेगा, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण शामिल हैं। जहां भी आवश्यक हो, चुनाव आयोग नामांकन की तिथि स्थगित करने का निर्णय लेगा। चुनाव आयोग को गुरुवार तक निर्णय लेना होगा।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की आंध्रप्रदेश नगर निगम चुनावों मे अपने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा है। इसके साथ ही कहा कि डीजीपी नामिनेशन सेंटर और प्रत्याशियों की सुरक्षा का बंदोबस्त करें और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करें।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कहा है कि प्रत्याशियों की लिस्ट 25 अक्टूबर तक फाइनल न करें। जो प्रत्याशी नामिनेशन दाखिल करना चाहते है, उनकी अर्जी पर राज्य चुनाव आयोग तथ्यों के आधार पर विचार कर फैसला ले।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की वेकेशन बेंच ने मामले की सुनवाई की। जस्टिस बागची ने कहा कि हम तारीख बदलने के लिए कोई एकतरफा आदेश जारी नहीं करेंगे। चुनाव आयोग हर मामले को अलग-अलग देखेगा और संभावित उम्मीदवारों द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर फैसला लेगा।
जस्टिस बागची ने कहा कि सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। दूसरी पार्टी सत्ताधारी दल से मुकाबला करने की कोशिश कर रही है, इसे सम्मानजनक तरीके से होने दें। वाईएसआर पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके उम्मीदवारों पर हमला किया गया, उनके नामांकन पत्र फाड़ दिए गए और उन्हें नामांकन केंद्रों से भगाया गया। चुनावी हिंसा के कारण आगामी आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। नगर निगम चुनाव के मतदान 28 अक्टूबर को होने हैं।
राजनीति
2027 के चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, सीट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं : आराधना मिश्रा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा है कि पार्टी ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल सीटों की संख्या या गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अभी चुनाव में सीटों की संख्या को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। कांग्रेस संगठन और नेतृत्व ने तैयारियों की समीक्षा की है और सभी नेताओं को अपने-अपने स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी रणनीति और गठबंधन को लेकर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी, स्थिति और स्पष्ट होती जाएगी। पार्टी अपनी ताकत का आकलन करने और संगठन को मजबूत बनाने में जुटी है।
उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और प्रत्येक विधानसभा सीट की समीक्षा करने पर ध्यान दिया जा रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों की समीक्षा की जा रही है। सीटों की अंतिम संख्या और बंटवारे को लेकर फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की रणनीति और संभावित गठबंधन को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका पर आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी प्रदेश कांग्रेस इकाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगठन में लंंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों का अच्छा अनुभव है।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को सक्रियता से निभाया है और आगे भी निभाती रहेंगी। जब भी गठबंधन या राजनीतिक बातचीत से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, वह प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश से संबंधित संगठनात्मक फैसलों और संभावित गठबंधन पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी से सलाह ली जाती है। वह इन चर्चाओं में सक्रिय भागीदार रही हैं और आगे भी रहेंगी।
आराधना मिश्रा ने देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने को राष्ट्रीय कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है लेकिन आज लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर के नाम पर सामने आ रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को गंभीर बताया।
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