राजनीति
पंजाब में कांग्रेस हार रही है, गरीब चन्नी के पास से करोड़ों की संपत्ति कैसे बरामद हुई : अश्विनी कुमार
कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं उन्होंने पंजाब में कांग्रेस पार्टी के हारने का दावा किया है।
कांग्रेस के सीनियर नेता रहे अश्विनी कुमार ने सोमवार को ही कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहना अब मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का ऑप्शन अभी खुला है। हालांकि फिलहाल उन्होंने किसी पार्टी में शामिल होने से इंकार किया है।
अश्विनी कुमार ने इस्तीफे के बाद कहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में नतीजे चौंकाने वाले होंगे, क्योंकि वहां कांग्रेस चुनाव हार रही है और आम आदमी पार्टी की सरकार आ रही है।
सवाल- आपने कांग्रेस पार्टी में इतने लंबे समय रहने के बाद अब छोड़ने का निर्णय लिया। क्या वजह है?
जवाब- वजह साफ है कि पिछले काफी महीनों से अपने आप को असहज, असहाय और अनदेखा महसूस कर रहा था और मैंने ये समझा कि अब हम लोगों की जरूरत पार्टी में नहीं है। इसलिए इससे पहले की और जलालत सहनी पड़े मैंने अपने आप को पार्टी से अलग कर लिया। और मैं ये मानता हूं कि पार्टी से बाहर मैं बहुत कुछ कर सकता हूं। पार्टी के अंदर रहकर मैं जो कुछ करना चाहता था वो मैं नहीं कर पा रहा था। इसलिए मैंने अपने प्रति ये फर्ज निभाते हुए ये तय किया कि अब हमको वो करना है जिससे हम सहज महसूस करें जिससे हम अपने आपको ऊपर उठा सकें।
सवाल- आपने पार्टी प्लेटफार्म पर अपनी बात को रखने का प्रयास किया। क्या उन सभी बातों को नजरअंदाज किया गया?
जवाब- पार्टी के प्लेटफॉर्म अब हैं कौन.. हमारे पास और जिनको कहना था। उनको अपने तौर से कहने की कोशिश की, बताने की कोशिश की पर हमको लगता है कि कोई न कोई वजह रही होगी कि आज जिस बात को इतना वजन देना चाहिए था वो नहीं मिला और इसलिए हमको लगता है कि संकेत साफ है कि मेरा इस पार्टी में वो योगदान नहीं हो सकता, जिस योग्यता का मैं हकदार हूं। मैंने इस मामले में काफी सोच-विचार किया और इस निर्णय पर पहुंचा कि ताजा परिस्थितियों और अपनी मर्यादाओं के अनुरूप मेरे लिए बेहतर होगा कि पार्टी से अलग होकर बड़े फलक पर राष्ट्रीय हित में काम करूं।
सवाल – पंजाब में कांग्रेस पार्टी में क्या सब कुछ ठीक चल रहा है। आपने ये संकेत भी दिए कि एक चौंकाने वाला नतीजा सामने आ सकता है।
जवाब- मैं बहुत हफ्ते पंजाब के प्रचार में पार्टी संगठन के काम में लगा कि आया हूं और जो मैंने सचाई जमीनी हकीकत देखी है, उससे मुझको ये लगाता है कि वहां पर आम आदमी पार्टी भारी बहुमत से आगे बढ़ रही है।
सवाल- कांग्रेस पार्टी पंजाब में सत्ताधारी दल है और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कहते हैं कि चरणजीत सिंह चन्नी बेहद लोकप्रिय भी हैं। इसलिए उनको इस बार चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया है। अब आपको ऐसा क्यों लगता है कि कांग्रेस हार रही है?
जवाब- मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कहते हैं कि वो गरीब घर से आये हैं तो उनके ‘घर में सिर्फ 10-12 करोड़ रुपये मिले’ हैं ज्यादा तो मिला नहीं। तो अब कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर चन्नी की नजर में गरीबी की परिभाषा भी बदल गुई है। अब देखते हैं कि पंजाब में कितने लोगों के घरों में 10-12 करोड़ रुपये हैं। जिनके पास इतने पैसे हैं वो तो जरूर वोट डालेंगें। पंजाब में कमियां साफ दिख रही हैं। मैंने कभी ऐसा नहीं सुना था कि बीच चुनाव में सीएम पद की कुर्सी के लिए लड़ाई हो, जबकि गद्दी अभी मिली नहीं है। पंजाब में कांग्रेस का मजाक बनाया जा रहा है। वहां ऐसा दिखाया जा रहा जैसे दो-तीन नेताओं के अलावा किसी ने पार्टी के लिए कुछ किया ही नहीं है। ऐसे हालातों में इतनी पुरानी पार्टी आगे कैसे बढ़ेगी यह मेरी समझ के बाहर है। मुझे जितना समझ आ रहा है कि पंजाब में कांग्रेस चुनाव हार रही है और आम आदमी पार्टी चुनाव जीत रही है। जब आप के उम्मीदवार का नाम नहीं सुना था वहां लोग तब से झाड़ू की बात कर रहे हैं। देहाती इलाकों में जहां कभी अकाली दल, कांग्रेस का वर्चस्व था वहां नए उम्मीदवारों को समर्थन मिलता दिख रहा है।
सवाल- एक लंबा अनुभव रहा आपको करीब 46 साल कांग्रेस पार्टी में और केंद्रीय कानून मंत्री भी रहे आप। अब जबकि आपने इस्तीफा दे दिया है कांग्रेस पार्टी में बाहर से क्या सलाह देंगे आप जोकि आप पार्टी के भीतर रह कर नहीं कर पाये?
जवाब- हम अपनी डगर खुद नापेंगे। अब और दम से राजनीति करूंगा और अपनी तकदीर खुद लिखूंगा क्योंकि आज देश को लोगों को जोड़ने वाली राजनीति की जरूरत है।
सवाल- क्या अब आपने किसी और पार्टी में जाने का सोचा है?
जवाब- मैंने इस पर कोई विचार नहीं किया है मगर कोई भी पार्टी अछूत नहीं है। देश की हर कमी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराना भी ठीक नहीं है। मेरा हमेशा से मानना है कि विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, व्यक्तिगत नहीं। देश और समाज की सेवा अगर पार्टी में रहकर नहीं की जा सकती तो पार्टी में रहना बेहतर नहीं है।
सवाल- क्या आप जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया और आरपीएन सिंह की तरह बीजेपी में जाएंगे या आम आदमी पार्टी से बातचीत चल रही है?
जवाब- मैंने पहले भी कहा अभी कोई फैसला नहीं लिया है, न ही बीजेपी में जाने की बात की है। न ही फिलहाल आम आदमी पार्टी में जाने का फैसला किया है। मैं क्या केजरीवाल ममता बनर्जी से भी मिलता रहा हूं। मेरे सभी नेताओं से अच्छे संबंध हैं पर अभी फैसला नहीं लिया।
सवाल- अपने पिछले 46 सालों में कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी सभी के नेतृत्व में काम किया क्या कुछ फर्क नजर आया?
जवाब- नई कांग्रेस जिसको खड़ा करने की कोशिश हो रही है, उसका भविष्य अंधकार में दिखता है। उसमें कोई सीनियर या जूनियर आए उससे फर्क नहीं पड़ता। आने वाले 10-12 सालों में मुझे इस पार्टी का भविष्य अंधकार में ही दिखाई पड़ता है। किसी अकेले शख्स से ना पार्टी चढ़ती है, ना डूबती है। जब ढांचा ही खराब हो जाए तो कोई क्या करे।
सवाल – कांग्रेस में तमाम असंतुष्ट नेता भी पार्टी का हिस्सा बने हुए हैं पर आप कभी जी-23 ग्रुप का हिस्सा क्यों नहीं बने?
जवाब – मेरी लड़ाई इस बात से थी कि जी-23 वाले पार्टी के अंदर हमेशा चुनावों की बात करते थे। बुनियादी मुद्दों की बात नहीं करते थे जबकि ये खुद जानते थे कि गांधी परिवार के चलते चुनाव में इनको पार्टी के अंदर 10 वोट नहीं मिलेंगे। जी-23 ऐसी की ऐसी लड़ाई थी जिसका कोई मतलब नहीं था। कांग्रेस के अंदर रहकर गांधी परिवार से लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती।
महाराष्ट्र
मुंबई: म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने बिना इजाज़त के फेरीवालों और कब्ज़ों को तुरंत हटाने और फुटपाथों से रुकावटें हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुंबई; मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) मुंबई के लोगों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बिना परेशानी वाला सफर पक्का करने के मकसद से ‘पैदल यात्री पहले’ कैंपेन को असरदार तरीके से लागू कर रही है। इस पहल के पहले फेज में, 320 केएम फुटपाथ से कब्ज़ा हटाया जाएगा। क्योंकि मुंबई में रोज़ाना लगभग 50% सफर पैदल ही होता है, इसलिए पैदल यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने सख्त निर्देश दिए हैं कि फुटपाथ से सभी बिना इजाज़त वाले फेरीवालों, कब्ज़ों और दूसरी रुकावटों को तुरंत हटा दिया जाए, ताकि वे पूरी तरह से रुकावटों से मुक्त हों। इसके अलावा, फुटपाथों के सुधार, सुंदरता और सुरक्षा से जुड़े ज़रूरी कदम तुरंत लागू किए जाएं। सभी एडमिनिस्ट्रेटिव वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर को रोज़ाना वार्ड लेवल पर काम का रिव्यू करना होगा, जबकि डिप्टी कमिश्नर को हफ़्ते में एक बार ज़ोनल लेवल पर रिव्यू करना होगा और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर को रिपोर्ट देनी होगी। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर को हर 15 दिन में रिव्यू करना होगा। इस कैंपेन में कोई लापरवाही, देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमिश्नर भिड़े ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी लापरवाही के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अलग-अलग डिपार्टमेंट की एक रिव्यू मीटिंग हाल ही में म्युनिसिपल हेडक्वार्टर में म्युनिसिपल कमिश्नर के गाइडेंस में हुई थी।
सभी असिस्टेंट कमिश्नरों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में फुटपाथों का रोज़ाना खुद इंस्पेक्शन करना चाहिए और अतिक्रमण हटाने के उपायों को असरदार तरीके से लागू करना पक्का करना चाहिए। यह प्रोसेस सिर्फ एक्शन लेने तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। अतिक्रमण को दोबारा होने से रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग ज़रूरी है। ‘पहले’ और ‘बाद’ की तस्वीरों के साथ रोज़ाना प्रोग्रेस रिपोर्ट का रिव्यू किया जाना चाहिए। भिड़े ने चेतावनी दी है कि काम में देरी, लापरवाही या लापरवाही के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने कहा कि फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त रखना सिर्फ एक बार का अभियान नहीं है, बल्कि यह एक लगातार चलने वाली एडमिनिस्ट्रेटिव ज़िम्मेदारी है। कंस्ट्रक्शन मटीरियल, मलबा, छोड़ी हुई या गलत तरीके से पार्क की गई गाड़ियां, जमा हुए कचरे के ढेर और ऊबड़-खाबड़ सतहें पैदल चलने वालों के लिए रुकावटें पैदा करती हैं। इसलिए, पब्लिक जगहों, खासकर स्कूल, हॉस्पिटल, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस डिपो, मार्केट और ज़्यादा भीड़ वाली जगहों के पास फुटपाथ पर सभी तरह के कब्ज़े तुरंत हटाए जाने चाहिए ताकि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और आसानी से इस्तेमाल किए जा सकें।
फुटपाथ पर बिना इजाज़त वाले एडवरटाइज़मेंट बोर्ड, होर्डिंग, बिल्डिंग से बाहर की ओर खुलने वाले दरवाज़े, ऊँचे रैंप और दूसरी रुकावटें तुरंत हटा दी जानी चाहिए। अश्विनी भिड़े ने आगे साफ़ किया कि संबंधित अधिकारियों को रेगुलर तौर पर यह वेरिफ़ाई करना चाहिए कि लाइसेंस वाले वेंडर अपनी बिक्री, सामान रखने, स्टॉल और साइनेज को अपने तय एरिया तक ही रखें। इसके अलावा, जो रैंप ठीक से नहीं बने हैं या ऊबड़-खाबड़ हैं, उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। यह पक्का किया जाना चाहिए कि बिल्डिंग के एंट्रेंस और दरवाज़े प्रॉपर्टी की बाउंड्री के अंदर ही खुलें। फुटपाथ में रुकावट डालने वाली पेड़ों की डालियों को ज़रूरत के हिसाब से साइंटिफिक तरीके से काटा जाना चाहिए। फुटपाथ का डिज़ाइन मौजूदा स्टैंडर्ड के हिसाब से तैयार किया जाना चाहिए। नए फुटपाथ तय स्टैंडर्ड डिज़ाइन के हिसाब से और एम-40 ग्रेड कंक्रीट का इस्तेमाल करके बनाए जाने चाहिए। किसी भी हालत में पेवर ब्लॉक या स्टैम्प्ड कंक्रीट का इस्तेमाल पूरी तरह मना है। इसके अलावा, फुटपाथों से गैप, ऊबड़-खाबड़ सतह और दूसरी सभी रुकावटों को हटाकर उन्हें सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। भिड़े ने संबंधित अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि इस मामले में कोई लापरवाही न बरती जाए। भिड़े ने कहा कि अतिक्रमण हटाने और फुटपाथों को पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और चलने लायक बनाने से स्टूडेंट्स, सीनियर सिटिजन, दिव्यांग लोगों और आम लोगों को बहुत फायदा होगा। इससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा बढ़ेगी, सड़क हादसों में कमी आएगी और ज़्यादा से ज़्यादा लोग फुटपाथ इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। नतीजतन, इससे सड़क ट्रैफिक की कुशलता और स्पीड को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा। जाम कम होने से हवा की क्वालिटी बेहतर होगी और लोगों की सेहत पर अच्छा असर पड़ेगा। सभी संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर फुटपाथों की लिस्ट बनानी चाहिए। अतिक्रमण को दोबारा होने से रोकने के लिए लगातार फॉलो-अप करके असरदार तरीके से लागू करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अधिकारियों को अपनी ड्यूटी में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने साफ कर दिया है कि फुटपाथ में रुकावट डालने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
मुंबई: एमआईडीसी इलाके में बीईएसटी बसों में यात्रियों के मोबाइल फोन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 लोग गिरफ्तार: डीसीपी दत्ता नलवाडे

मुंबई पुलिस ने बीईएसटी बस यात्रियों के मोबाइल फोन चुराने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। आंध्र के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन इलाके के रहने वाले 49 साल के जगत ज्योति महंत 6 जून दोपहर को एसपीजेड बस स्टॉप एमआईडीसी से आंध्र के लिए रूट नंबर 415 की बस में सवार हुए थे। इस दौरान उनका मोबाइल फोन गायब हो गया। शिकायत करने वाले ने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल फोन अपनी पैंट की जेब में रखा था और किसी अनजान आदमी ने उसे चुरा लिया। इस मामले में पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान, एमआईडी पुलिस ने 40 से 45 सीसीटीवी फुटेज की जांच की और शिवाजी नगर में बीईएसटी बस यात्रियों के मोबाइल फोन चुराने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 12 लाख रुपये से ज़्यादा का सामान और 135 मोबाइल फोन जब्त किए। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर डीसीपी दत्ता नलावड़े ने की।
राष्ट्रीय समाचार
ई-20 पेट्रोल के विरोध में 4 अगस्त को पीएम आवास तक मार्च करेंगे अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि ई-20 पेट्रोल नीति के विरोध में मंगलवार को वह पार्टी के 100 कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे। उनका कहना है कि इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम तैयार की गई ऑनलाइन याचिका और जनता के पत्र उन्हें सौंपने का प्रयास किया जाएगा। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनसे मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे पर लोगों की चिंताओं को सुनेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के खिलाफ शुरू किए गए ऑनलाइन अभियान को कुछ ही दिनों में 2,33,238 लोगों का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि इतने लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जो इस नीति को लेकर जनता की चिंता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वह मंगलवार दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना होंगे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अब वह स्वयं प्रधानमंत्री आवास जाकर लोगों की ओर से तैयार की गई याचिका और पत्र सौंपने का प्रयास करेंगे तथा इस विषय पर चर्चा करना चाहेंगे। केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ई-20 नीति पर कई सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सरकार बिना पर्याप्त वैज्ञानिक और तकनीकी जवाब दिए देशभर में ई-20 पेट्रोल को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि इस ईंधन के उपयोग से लोगों की गाड़ियों की माइलेज प्रभावित हो रही है और कई वाहन मालिकों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास इस नीति के पक्ष में ठोस तर्क हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से रखा जाना चाहिए। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि ई-20 के विरोध में आवाज उठाने वालों को डराने और दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिक यदि इस मुद्दे पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें ट्रोल किया जाता है और कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आती है। उनके अनुसार इससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में आयोजित ई-20 विरोधी टाउनहॉल कार्यक्रम को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला। केजरीवाल के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे, जबकि लाखों लोगों ने इसे ऑनलाइन भी देखा। उन्होंने इसे ई-20 के खिलाफ बढ़ते जनसमर्थन का संकेत बताया। अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि ई-20 नीति के पीछे कोई ‘छिपा हुआ एजेंडा’ हो सकता है।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या भारत पर इथेनॉल नीति को किसी बाहरी दबाव में लागू किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर इथेनॉल आयात किए जाने की संभावना है और इस संबंध में केंद्र सरकार को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि मंगलवार का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और उसका उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री तक जनता की चिंताओं और मांगों को पहुंचाना है।
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