राजनीति
श्रीकांत त्यागी मामले को लेकर सपा में अंतर्कलह, नोएडा महानगर उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
श्रीकांत त्यागी मामले को लेकर आज अनु त्यागी से समाजवादी पार्टी का 9 सदस्यीय डेलिगेशन मिलेगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव के पत्र के बाद डेलिगेशन आज नोएडा में अनु त्यागी से मिलेगा। लेकिन ठीक उससे पहले नोएडा महानगर के उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार (वर्णवाल) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। और सपा पर आरोप लगाया है की वो ठंडे तवे पर रोटियां सेंकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को पत्र लिख कर अपना इस्तीफा सौंपा है। इस्तीफा पत्र में शैलेंद्र कुमार ने लिखा है कि, “मैं शैलेंद्र कुमार उपाध्यक्ष नोएडा महानगर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल के श्रीकांत त्यागी ( सोसाइटी के महिला के साथ बदतमीजी एवं धक्का-मुक्की के साथ वैश्य जाति पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोपी) के परिवार से मिलने के पार्टी के निर्णय से असहमत होते हुए जिला उपाध्यक्ष नोएडा महानगर अपने पद एवं समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपने सभी सहयोगियों के साथ इस्तीफा दे रहा हूं। महिलाओं के साथ गाली गलौज धक्का-मुक्की और बदतमीजी मुझे या मेरे किसी भी सहयोगी को बर्दाश्त नहीं है।”
उन्होंने कहा कि आखिर राष्ट्रीय अध्यक्ष 9 सदस्य प्रतिनिधिमंडल को इनाम घोषित अपराधी श्रीकांत त्यागी के परिवार से मिलने की अनुमति कैसे दे सकते हैं ?
जिस अपराधी प्रवृति के व्यक्ति से बीजेपी ने दामन छुड़ा लिया उससे सपा कैसे चिपक सकती है? सोसाइटी के अलावा नोएडा उत्तर प्रदेश और पूरे देश में हर कोई महिला की साथ दुर्व्यवहार पर दुखी हैं। ज्ञात रहे कि जिस दिन विशेष वर्ग की रैली श्रीकांत के पक्ष में हुई थी उसी दिन सोसायटी में महिलाओं ने जोरदार विरोध किया था।
“राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी को मैं बताना चाहता हूं कि उस रैली में, नोएडा के किसी भी सोसाइटी के 10 लोग भी श्रीकांत के पक्ष में नहीं पहुंचे थे। सभ्य समाज में कोई भी इंसान महिला के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह किसी भी जाति धर्म संप्रदाय लिंग या भाषा का हो।”
“मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय से पूछना चाहता हूं कि जब यह मामला ठंडा पड़ रहा था तो अचानक महिला विरोधी निर्णय क्यों?” आखिर कहीं ठंडे तवे पर रोटी स्ेाकी जाती है क्या?
उन्होंने आगे कहा, “महिला की प्रतिष्ठा से छेड़छाड़ का यह संवेदनशील मामला है जिसमें आधी आबादी श्रीकांत त्यागी के इस घृणित कृत्य से दुखी है और न्याय चाहती है। इसका वीडियो भारत के हर महिलाओं एवं बच्चियों के पास पहुंच चुका है। इसके अलावा जातिसूचक शब्द का गंदे तरीके से प्रयोग श्रीकांत द्वारा किया गया है।”
“प्रतीत होता है कि यह प्रतिनिधिमंडल सिर्फ श्रीकांत त्यागी को संतुष्ट करने के लिए भेजा जा रहा है क्योंकि ज्यादातर सदस्य उसी की जाति के हैं, जबकि पीड़ित महिला की जाति के एक भी सदस्य को उस डेलिगेशन में रखा नहीं गया है। इसका मतलब यह है समाजवादी पार्टी के इस डेलिगेशन भेजने से जातीय संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा। समाजवादी पार्टी पर पहले से ही जातीयता का ठप्पा लगते रहा है।
राजनीति
एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए गुलाबराव पाटिल दे रहे धमकी : संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार और एकनाथ शिंदे गुट पर बड़ा हमला बोला है। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, “एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनके मंत्री ने धमकी दी है। उनका नाम गुलाबराव पाटिल है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई आएगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।”
संजय राउत ने कहा कि यह बात कहने वाला कोई आम आदमी नहीं बल्कि फडणवीस कैबिनेट में बैठा मंत्री है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “ये सब फडणवीस की कैबिनेट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य हैं। सीएम देवेंद्र फडणवीस के लिए क्या यह सीधी धमकी नहीं है? मतलब शिंदे देवेंद्र फडणवीस को खत्म करके मुख्यमंत्री बनेंगे। अगर कोई विरोध करेगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।”
संजय राउत ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल पूछा कि अगर यह गुलाबराव पाटिल की धमकी है, तो देवेंद्र फडणवीस आप क्या कर रहे हैं? इतना ही नहीं, संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के दुश्मन हैं। केंद्रीय गृह मंत्री देश के दुश्मन हैं और चुनाव आयोग भी देश का दुश्मन है।
शिवसेना का कहना है कि पार्टी का विस्तार किया जाएगा और बहुत जल्द एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। इस बयान के बाद संजय राउत ने मंत्री गुलाबराव पाटिल के बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पहले मंगलवार को संजय राउत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि एक बार फिर देश में ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश हो रही है।
संजय राउत ने कहा था कि मैंने जो अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अराजकता फैलेगी, मैं फिर कह रहा हूं कि अराजकता फैलेगी। अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो अराजकता फैलना तय है। मैंने इसी बात की चेतावनी दी थी।
राष्ट्रीय समाचार
सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस को राहत, निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित

सुप्रीम कोर्ट से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक स्थगित करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, चुनाव आयोग उम्मीदवारों के नामांकन पर विचार करेगा, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण शामिल हैं। जहां भी आवश्यक हो, चुनाव आयोग नामांकन की तिथि स्थगित करने का निर्णय लेगा। चुनाव आयोग को गुरुवार तक निर्णय लेना होगा।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की आंध्रप्रदेश नगर निगम चुनावों मे अपने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा है। इसके साथ ही कहा कि डीजीपी नामिनेशन सेंटर और प्रत्याशियों की सुरक्षा का बंदोबस्त करें और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करें।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कहा है कि प्रत्याशियों की लिस्ट 25 अक्टूबर तक फाइनल न करें। जो प्रत्याशी नामिनेशन दाखिल करना चाहते है, उनकी अर्जी पर राज्य चुनाव आयोग तथ्यों के आधार पर विचार कर फैसला ले।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की वेकेशन बेंच ने मामले की सुनवाई की। जस्टिस बागची ने कहा कि हम तारीख बदलने के लिए कोई एकतरफा आदेश जारी नहीं करेंगे। चुनाव आयोग हर मामले को अलग-अलग देखेगा और संभावित उम्मीदवारों द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर फैसला लेगा।
जस्टिस बागची ने कहा कि सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। दूसरी पार्टी सत्ताधारी दल से मुकाबला करने की कोशिश कर रही है, इसे सम्मानजनक तरीके से होने दें। वाईएसआर पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके उम्मीदवारों पर हमला किया गया, उनके नामांकन पत्र फाड़ दिए गए और उन्हें नामांकन केंद्रों से भगाया गया। चुनावी हिंसा के कारण आगामी आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था। नगर निगम चुनाव के मतदान 28 अक्टूबर को होने हैं।
राजनीति
2027 के चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, सीट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं : आराधना मिश्रा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा है कि पार्टी ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल सीटों की संख्या या गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अभी चुनाव में सीटों की संख्या को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। कांग्रेस संगठन और नेतृत्व ने तैयारियों की समीक्षा की है और सभी नेताओं को अपने-अपने स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी रणनीति और गठबंधन को लेकर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी, स्थिति और स्पष्ट होती जाएगी। पार्टी अपनी ताकत का आकलन करने और संगठन को मजबूत बनाने में जुटी है।
उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और प्रत्येक विधानसभा सीट की समीक्षा करने पर ध्यान दिया जा रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों की समीक्षा की जा रही है। सीटों की अंतिम संख्या और बंटवारे को लेकर फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की रणनीति और संभावित गठबंधन को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका पर आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी प्रदेश कांग्रेस इकाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगठन में लंंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों का अच्छा अनुभव है।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को सक्रियता से निभाया है और आगे भी निभाती रहेंगी। जब भी गठबंधन या राजनीतिक बातचीत से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, वह प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश से संबंधित संगठनात्मक फैसलों और संभावित गठबंधन पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी से सलाह ली जाती है। वह इन चर्चाओं में सक्रिय भागीदार रही हैं और आगे भी रहेंगी।
आराधना मिश्रा ने देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने को राष्ट्रीय कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है लेकिन आज लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर के नाम पर सामने आ रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को गंभीर बताया।
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