Connect with us
Sunday,02-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

भाजपा की सहयोगी आरएलपी कृषि कानून को लेकर एनडीए से हुई अलग

Published

on

NDA

शिरोमणि अकाली दल के बाद, एनडीए की एक और सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने शनिवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ अपने गठबंधन को तोड़ने की आधिकारिक घोषणा की। पार्टी ने यह फैसला विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पूरी नहीं किए जाने की वजह से लिया है। आरएलपी के संयोजक और राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने हजारों किसानों की उपस्थिति में अलवर जिले में शाहजहांपुर-खेड़ा सीमा पर अपनी पार्टी के एनडीए से अलग होने की घोषणा की।

किसानों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, “भाजपा के साथ आरएलपी का गठबंधन शनिवार को समाप्त हो गया है।”

इससे पहले 19 दिसंबर को बेनीवाल ने किसानों के आंदोलन के समर्थन में संसद की तीन समितियों से इस्तीफा दे दिया था।

आरएलपी का एनडीए से अलग होने का निर्णय इस गठबंधन के लिए बीते तीन महीने में दूसरा झटका है। 26 सितंबर को, शिरोमणी अकाली दल ने तीन कृषि कानून पर मतभेद के बाद एनडीए का साथ छोड़ दिया था।

बेनीवाल ने साथ ही कहा कि अगर केंद्र कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तो वह लोकसभा से भी इस्तीफा दे देंगे।

उन्होंने कहा, “मैं एनडीए के साथ फेवीकोल से नहीं जुड़ा हूं। मैंने एनडीए से खुद को अलग कर लिया है..मैंने तीन कृषि कानूनों के विरोध में गठबंधन छोड़ दिया है, जोकि किसान विरोधी है। मैंने एनडीए का साथ भले ही छोड़ दिया है, लेकिन मैं कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करूंगा।”

इससे पहले शनिवार सुबह ‘दिल्ली चलो’ मार्च के लिए जयपुर के समीप कोटपुतली के पास हजारों की संख्या में किसान इकट्ठे हुए थे।

बेनीवाल ने सुबह आईएएनएस से कहा था, “करीब 2 लाख किसान मेरे साथ दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं। हम एनडीए के साथ हमारे गठबंधन के बारे में ऑन द स्पॉट निर्णय लेंगे। अगर कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो, हम एनडीए से हमारे गठबंधन को तोड़ने का फैसला करेंगे।”

इससे पहले बेनीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा था कि अगर कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो वह भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने को लेकर विचार करेंगे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राष्ट्रीय समाचार

राजस्थान: श्रद्धालुओं से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 22 घायल

Published

on

राजस्थान के टोंक जिले के नया गांव के पास नेशनल हाईवे 52 पर करीब 25 यात्रियों को ले जा रही बस एक ट्रक से टकराने के बाद कम से कम 22 लोग घायल हो गए।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए हादसे में घायल एक महिला यात्री ने बताया कि वे दर्शन करने जा रहे थे, रास्ते में हादसा हो गया। एक और महिला यात्री ने बताया कि कोटा से स्वस्ति धाम दर्शन करने के लिए एक बस रवाना की गई थी। रास्ते में वह टकरा गई। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सभी का इलाज चल रहा है। भगवान से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द सभी ठीक हों और मां के दर्शन करें।”

कोटा की रहने वाली रेनू जैन ने बताया कि बस की टक्कर होने से कई लोग घायल हो गए हैं। कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।

यात्री मुकेश कुमार जैन ने बताया कि कोटा से मौजमाबाद दर्शन करने जा रहे थे। खड़े ट्रेलर से बस की टक्कर हो गई। बस में 25 लोग सवार थे, जिसमें से 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि तीन लोगों को मामूली चोट लगी है। चालक की हालत गंभीर है।

एक और शख्स ने कहा कि हादसे में 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी का उपचार किया जा चुका है। जिनको गंभीर चोटें लगी हैं, उनको जयपुर रेफर किया जा रहा है।

मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि मुझे टेलीफोन के माध्यम से जानकारी मिली थी कि यात्रियों से भरी एक बस का एक्सीडेंट हो गया है। सभी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। सभी घायलों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

शिक्षा के मुद्दे पर छात्र आंदोलन दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी : दीपांकर भट्टाचार्य

Published

on

शिक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर कथित हमलों और छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर भाकपा (माले) ने रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा के सवाल पर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने की हर कोशिश विफल होगी और यह आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है।

पटना के गांधी मैदान के समीप आईएमए हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा का सवाल केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह नई पीढ़ी और समाज के विभिन्न तबकों का साझा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि बिहार से लेकर दिल्ली तक छात्र, युवा, मजदूर और मेहनतकश वर्ग इस संघर्ष के साथ खड़े हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो बयान पर भी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को माफी देने की बात के बहाने रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक 15 वर्षीय छात्रा तक को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, नई पीढ़ी के साथ खड़ा होना लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा का प्रश्न है।

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस नहीं लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रेस वार्ता में मौजूद भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि देशभर के छात्र-युवाओं में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन, विशेषकर छात्राओं को निशाना बनाकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने और फीस वृद्धि के जरिए गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया।

आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने कहा कि संगठन बिहार में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।

उन्होंने स्नातक में 7.5 सीजीपीए की शर्त हटाने, पीएचडी फीस वृद्धि वापस लेने और नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही आरोप लगाया कि गांधी मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस ने बर्बरता की तथा कई लोगों को बिना सूचना के हिरासत में रखा गया। उन्होंने कहा कि दमन की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक आंदोलन से दिया जाएगा।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

Published

on

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7.51 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) हो गया। इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिक उत्पादन और पूरे क्षेत्र में लगातार दर्ज की गई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। यह जानकारी केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने रविवार को दी।

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था।

जुलाई के दौरान कोयले का डिस्पैच भी बेहतर रहा और यह सालाना आधार पर 17.34 प्रतिशत बढ़कर 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 73.57 मिलियन टन था।

मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वह देश में कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पूरे क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश का संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जबकि संचयी कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का रहा। कंपनी ने जुलाई में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने जुलाई के दौरान 63.67 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 17.43 प्रतिशत ज्यादा रहा।

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जुलाई अवधि में सीआईएल का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.81 प्रतिशत बढ़ा।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में विकास की गति बनाए रखने, कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में कोयला क्षेत्र की अहम भूमिका को और सुदृढ़ करती है।

Continue Reading
Advertisement
खेल2 hours ago

दिलीप ट्रॉफी: तिलक वर्मा संभालेंगे साउथ जोन की कमान; रिकी भुई बने उप-कप्तान

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

राजस्थान: श्रद्धालुओं से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 22 घायल

खेल3 hours ago

बुमराह के बाएं घुटने में तकलीफ, श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट से बाहर रह सकते हैं बाहर

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

शिक्षा के मुद्दे पर छात्र आंदोलन दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी : दीपांकर भट्टाचार्य

व्यापार4 hours ago

देश की शीर्ष 10 में से नौ कंपनियों का मार्केटकैप 2.51 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

जापान में आए भूकंप के बाद लगभग 80 हजार घरों में पानी की किल्लत, मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हुई

खेल6 hours ago

सीडब्ल्यूजी 2026: एक दिन में 16 मेडल जीतकर भारत ने लगाई मेडल टैली में लंबी छलांग, टॉप पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

राष्ट्रीय समाचार7 hours ago

‘नशा मुक्त युवा’ अभियान की शुरुआत, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बोले- इससे युवाओं का जीवन बदलेगा

खेल3 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

अपराध5 days ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन2 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

अपराध4 weeks ago

मुंबई: ईओडब्ल्यू ने 30 करोड़ के शेयर बाज़ार निवेश घोटाले में कार्रवाई की, आरोपी गिरफ़्तार, 1 करोड़ बरामद।

महाराष्ट्र4 weeks ago

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान के बाद बिगड़ी तबीयत, हालत स्थिर

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 डांस बारों के लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित

राजनीति2 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

रुझान