महाराष्ट्र
मुंबई में प्रस्तावित उर्दू भवन के विरोध में उतरी बीजेपी, मुस्लिम लीडर्स की खामोशी पर सवाल?
मुंबई का आग्रीपाड़ा इलाका एक मुस्लिम बहुल इलाका है..शायद इसीलिए यहां शिवसेना की यामिनी जाधव व स्थायी समिति के चेयरमैन यशवंत जाधव मुस्लिम समाज के लिए उर्दू भाषा के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण करवाना चाहते हैं..और इनके अथक प्रयास से इसकी शुरूआत भी हो गई है.. लेकिन अब इस प्रस्तावित उर्दू भवन को लेकर सियासत तेज़ हो गई है…मुंबई महानगरपालिका में सत्तारूढ़ शिवसेना आग्रीपाड़ा में आईटीआई को आबंटित जमीन पर उर्दू भाषा प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करना चाहती है ताकि इस इलाके के मुस्लिम समाज के बच्चों को इसका फायदा मिल सके..और उर्दू भाषा के पत्रकारों व बुध्दिजीवियों को भी इसका फायदा मिल सके..लेकिन इस भवन के निर्माण से पहले सियासत शुरू हो चुकी है…
मंगलवार को बीजेपी के नेताओं ने इसका विरोध करने के लिए यहां का मार्च किया…महाराष्ट्र विधानपरिषद के विरोध पक्ष नेता प्रवीण दरेकर ने बीएमसी के अधिकारियों से मुलाकात की और स्थानीय लोगों के विचार भी इसे लेकर जाना…बाद में मीडिया से बातचीत में प्रवीण दरेकर ने कहा कि इस जमीन पर उर्दू भवन का निर्माण न हो.. बल्कि इसे सभी भाषाओं का प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाए ताकि सभी वर्ग व समुदाय के लोग इसका फायदा उठा सके…
वहीं मनसे के नेताओं से जब मुंबई प्रेस ने इस बारे में सवाल पूछा तो उन्होने कहा कि वो पहले इसके रिकॉर्ड की सही जानकारी अधिकारियों से हासिल करेंगे..इसके बाद ही कुछ आधिकारिक बयान देंगे..हैरानी की बात ये है कि बीएमसी में भले ही शिवसेना,कांग्रेस,एनसीपी व समाजवादी पार्टी की मिलीभगत की सत्ता है लेकिन यहां मौके पर कोई भी कांग्रेस या समाजवादी पार्टी का कोई नेता इसका समर्थन करते हुए नहीं दिखा..जबकि इस इलाके से कई मुस्लिम नेता आपने आप को कौम का रहनुमा बताकर वोट हासिल करते हैं…इसी इलाके से नेशनल टीवी पर छाए रहने वाले नेता वारिस पठान ताल्लुक रखते हैं…जबकि समाजवादी पार्टी के नगरसेवक व भिवंड़ी के विधायक रईस कासिम शेख ने इसी इलाके से अपनी राजनीति की शुरूआत की…
कांग्रेस के युसुफ अब्राहनी और सपा के प्रदेश मुखिया अबु आसिम आजमी का नाता भी इसी इलाके की राजनीति से है..लेकिन आज आग्रीपाड़ा में प्रस्तावित इस उर्दू भवन के सपोर्ट में कोई खड़ा नजर नहीं आया…जबकि ऐसे ही वक्त में समाज अपने नेताओं की ओर से मदद की अपेक्षा रखता है..एक तरफ इनकी खामोशी है तो दूसरी तरफ बीजेपी खुले तौर पर इसका विरोध कर रही है…अब इस इलाके के बड़े मुस्लिम नेताओं की चुप्पी आगे क्या गुल खिलाती है ये तो हमें जल्द ही पता लग जाएगा…
आपको बता दे कि इस जमीन का मालिकाना हक पहले राज्य सरकार का था लेकिन अब ये बीएमसी की प्रॉपर्टी है…बीएमसी सदन में इस जमीन पर उर्दू भवन बनाने का प्रस्ताव यशवंत जाधव ने ऱखा है लेकिन अभी तक सदन में ये पास नहीं हुआ है…
अपराध
मुंबई में चोरी का संदिग्ध गिरफ्तार, 6 मामले सुलझाए गए

मुंबई; मुंबई पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार करने का दावा किया है जिसने एमएचबी पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर चार चोरियां की हैं, साथ ही उसके खिलाफ मुंबई और उसके उपनगरों में चोरी और डकैती के मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी के छह मामले सुलझ गए हैं। मुंबई पुलिस के डीसीपी संदीप घोगे ने कहा कि पुलिस ने चोर को एमएचबीसी की सीमा के भीतर ट्रेस किया। पुलिस को पता चला कि वह कोपर खेरनार, नवी मुंबई में रहता है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कमलजीत कलजीत सिंह, 26, को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से सोने के गहने और नकदी सहित 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त कर ली। पुलिस ने उसके पास से 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त करने का भी दावा किया है। आरोपी एक अपराधी है और उस पर दादर, माहिम, काला चौकी, आरसीएफ, धारावी में चोरी और डकैती के मामलों में शामिल होने का भी आरोप है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोर और चोर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र एटीएस ने ऑनलाइन आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी, 6 अगस्त से लागू

मुंबई; मुंबई महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने अब ऑनलाइन आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले कंटेंट और मटेरियल के खिलाफ एक्शन लेने का ऑर्डर जारी किया है। एटीएस ने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ अपने एक्शन के दौरान पाया कि ऑनलाइन आतंकवाद फैलाने के साथ-साथ युवाओं को ऑनलाइन गुमराह किया जा रहा है। एटीएस की एनालिसिस में पता चला है कि ऑनलाइन और डिजिटल और सोशल मीडिया मीडिया के जरिए ऑडियो और वीडियो के जरिए गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए, अगर कोई सोशल मीडिया पर विवादित कंटेंट, पीडीएफ पब्लिश और प्रोपेगैंडा करता है, जो देश की एकता के लिए खतरा है और भाईचारे और एकता को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। एटीएस ने अपनी जांच के दौरान पाया कि 114 पीडीएफ, मैगजीन, डिजिटल कंटेंट में गुमराह करने वाला प्रोपेगैंडा किया गया है, जिसके बाद एटीएस ने उन्हें भी सीज कर दिया है। अगर कोई सोशल मीडिया पर विवादित कंटेंट और मटेरियल पब्लिश करता है, तो उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। यह ऑर्डर जीएटीएस पब्लिक सेफ्टी एक्ट 2023 के तहत जारी किया गया है। यह ऑर्डर 6 अगस्त से लागू हो गया है। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। महाराष्ट्र एटीएस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले गुमराह करने वाले और प्रोपेगैंडा वीडियो और दूसरे कंटेंट और चीज़ों से दूर रहें, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। एटीएस चीफ नोएल बजाज ने लोगों से सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल न करने की अपील की है। इसके साथ ही एटीएस ने शहजाद भट्टी समेत दूसरे गैंगस्टर्स के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी थी। इसी के तहत एटीएस ने शहजाद भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में रहने वालों से भी पूछताछ की थी। उनके सोशल मीडिया अकाउंट चेक किए गए और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एटीएस ने अब सोशल मीडिया पर भी नज़र रखना शुरू कर दिया है। अगर कोई सोशल मीडिया पर आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र सरकार ने 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों पर लगाया प्रतिबंध, अधिसूचना जारी

महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने एक असाधारण राजपत्र अधिसूचना जारी करते हुए आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं और अन्य साहित्य के प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही, सभी भौतिक व डिजिटल प्रतियों को सरकार के पक्ष में जब्त करने की घोषणा की गई है।
राजपत्र के अनुसार, एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की जांच, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं और साइबर निगरानी में यह सामने आया कि कुछ कट्टरपंथी साहित्य और डिजिटल सामग्री का प्रसार लगातार जारी है। सरकार का कहना है कि इस तरह की सामग्री हिंसक उग्रवाद का महिमामंडन करती है, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करती है, आतंकवादी संगठनों में भर्ती को बढ़ावा देती है और देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
अधिसूचना में कहा गया, “खुफिया जानकारी, साइबर निगरानी रिपोर्ट और मुंबई के एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) की जांच से पता चला है कि आतंकवादी और गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल या उनका समर्थन करने वाले संगठनों से जुड़े कट्टरपंथी और चरमपंथी साहित्य, प्रकाशन और प्रचार सामग्री का लगातार प्रसार किया जा रहा है। ऐसी सामग्री पाई गई, जिसमें हिंसक चरमपंथ और जिहाद का महिमामंडन किया जा रहा था। कट्टरपंथ को बढ़ावा देना, वैचारिक रूप से प्रेरित करना, भर्ती में मदद करना और भारत की संप्रभुता व अखंडता के खिलाफ कार्यों के लिए उकसाना भी शामिल था।”
मुंबई के एंटी-टेररिज्म स्क्वाड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च के पत्र के माध्यम से राज्य सरकार को सूचित किया कि कुछ समाचार पत्रों, पुस्तकों, दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों को जब्त करने की जरूरत है, क्योंकि वे भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों से जुड़े हैं।
इसी आधार पर राज्य सरकार ने कदम उठाया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 98(1) के तहत अधिसूचना जारी कर सूचीबद्ध सभी प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाया।
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