राजनीति
बिहार : नीतीश ने सीपी सिंह को अध्यक्ष बनाकर खेला नया सियासी दांव!

बिहार में अब तक जनता दल (युनाइटेड) के सर्वेसर्वा माने जाने वाले नीतीश कुमार ने अपने सबसे विश्वासपात्र आर सी पी सिंह को पार्टी की कमान सौंपकर इतना तो तय कर ही दिया है कि वे अब संगठन नहीं बिहार पर ध्यान देंगे। कहा जाता रहा है कि नीतीश कोई भी काम बिना मकसद के नहीं करते, इस निर्णय के भी अब मायने निकाले जाने लगे हैं।
जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार ने सिंह को पार्टी के सर्वोच्च पद पर बैठाकर एक नया सियासी दांव चला है। जदयू के प्रवक्ता अभिषेक झा कहते हैं कि सिंह के अध्यक्ष बनने पर पार्टी आशान्वित है कि ये पार्टी को बहुत आगे लेकर जाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौर में पार्टी के लाभ को समझते हैं, यही कारण है कि उन्होंने अनुभवी व्यक्ति के हाथ में पार्टी को सौंपा है।
इधर, माना जा रहा है कि नीतीश ने सिंह को पार्टी का ‘बॉस’ बनाकर उन्होंने क्षेत्रीय दलों को एक संदेश दिया है कि पार्टी वंशवाद और परिवारवाद से अलग है। भाजपा के प्रवक्ता और भाजपा के पूर्व विधायक मनोज शर्मा भी कहते हैं कि भाजपा पहले से ही पार्टी में परिवारवाद और वंशवाद के खिलाफ रही है।
उन्होंने कहा कि यह मामला जदयू का आंतरिक मामला है। कई पार्टियां हैं जो वंशवाद और परिवारवाद के नाम पर राजनीति चला रही है, उनके लिए नीतीश कुमार ने पार्टी के कर्मठ नेता को पार्टी का नेतृत्व सौंपने का फैसला लेकर एक संदेश दिया है।
सिंह को प्रारंभ से ही नीतीश का विश्वासी माना जाता रहा है। जदयू में काफी दिनों से नीतीश के बाद दूसरे नंबर को लेकर प्रश्न उठाए जाते रहे हैंै। नीतीश ने यह जिम्मेदारी तय कर इस प्रश्न का उत्तर भी दे दिया है कि उनके सबसे भरोसमंद लोगों में सिंह सबसे आगे हैं।
इधर, राजनीतिक विश्लेषक कन्हैया भेल्लारी का कहना है कि आमतौर पर देखा जाता है कि पार्टी उसी नेता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपती है जो संगठनकर्ता के रूप में दक्ष हो। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए सिंह ना केवल भरोसेमंद रहे हैं बल्कि संगठन को मजबूत करने में भी उनकी भूिमका शुरू से रही है।
इधर, कहा यह भी जा रहा है कि ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के माहिर समझे जाने वाले नीतीश ने स्वजातीय को पार्टी की कमान सौंपकर जातीय कार्ड भी खेला है। भेल्लारी भी इसे स्वीकार करते हुए कहते हैं कि आज के दौर में सभी नेता जातीय और क्षेत्रीय कार्ड खेलकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं, नीतीश भी उन्हीं में से एक हैं।
इधर, भारतीय प्रशासनिक अधिकारी रह चुके सिंह को सामंजस्य बैठाने में भी माहिर समझा जाता है। कहा जा रहा है कि भाजपा के नेताओं के साथ सामंजस्य बैठाए रहने के लिए पहले नीतीश कुमार को खुद बात करनी पड़ती थी अब सिंह को यह जिम्मेदारी सौंप कर नीतीश खुद बिहार की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बहरहाल, जदयू के सर्वेसर्वा रहे नीतीश ने सिंह को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी में सेकंड लाइन के नेताओं को आगे कर पार्टी के नेताओं को भी एक संदेश दिया है जिसका सभी ने स्वागत किया है।
राजनीति
बिहार : एसआईआर समय-सीमा बढ़ाने की याचिका पर 1 सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

suprim court
नई दिल्ली, 29 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के बाद भारतीय चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार किया। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 1 सितंबर को करने पर सहमति जताई।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि राष्ट्रीय जनता दल और कुछ अन्य राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 1 सितंबर की समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन दायर किए हैं।
पिछली सुनवाई में न्यायमूर्ति कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पक्षकारों को मौखिक रूप से आश्वासन दिया था कि समय सीमा बढ़ाने के उनके अनुरोध पर बाद में विचार किया जा सकता है। इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर के लिए निर्धारित की थी।
इसके साथ-साथ चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह मसौदा मतदाता सूची में शामिल न किए गए मतदाताओं से ऑनलाइन दावा प्रपत्र स्वीकार करे और उन पर दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा करने पर जोर न डाला जाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए क्लेम फॉर्म को चुनाव आयोग द्वारा पहले सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों में से किसी एक या आधार कार्ड के साथ जमा किया जा सकता है। कोर्ट ने बिहार में सभी राजनीतिक दलों और उनके बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं (बीएलए) को निर्देश दिया कि वे उन लोगों की मदद करें जो गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाए और जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।
14 अगस्त को जस्टिस कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक अंतरिम आदेश में चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह बिहार में चुनाव से पहले तैयार मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं का जिला-वार डेटा अपलोड करे। साथ ही, उनके नाम हटाने के कारण, जैसे मृत्यु, निवास स्थान में बदलाव या दोहरी प्रविष्टि, भी स्पष्ट किए जाएं।
अपराध
मुंबई हादसा: अंधेरी पश्चिम में टेंपो की चपेट में आने से 28 वर्षीय पैदल यात्री की मौत; चालक गिरफ्तार

मुंबई: अंधेरी पश्चिम में मंगलवार को एक सड़क दुर्घटना में 28 वर्षीय एक पैदल यात्री की मौत हो गई। अंधेरी पश्चिम निवासी 28 वर्षीय भरतनाथ बिष्ट, वीरा देसाई रोड पर पैदल जा रहे थे, तभी आज़ाद नगर मेट्रो स्टेशन से उत्तर दिशा की ओर आ रहे एक टेम्पो ने उन्हें सामने से कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
अंधेरी पश्चिम निवासी 37 वर्षीय टेंपो चालक नमिश वाल्मीकि ने राहगीरों की मदद से पीड़ित को जुहू स्थित कूपर अस्पताल पहुँचाया। अंबोली पुलिस ने टेंपो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
राष्ट्रीय समाचार
2025 में भारत का निर्यात पिछले साल से अधिक रहेगा : पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 29 अगस्त। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि इस वर्ष भारत का निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा, जो घरेलू उद्योग की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और मजबूती को दर्शाता है। साथ ही सरकार नए अवसरों को खोलने के लिए दुनिया भर के साझेदार देशों से संपर्क कर रही है।
राष्ट्रीय राजधानी में ‘भारत बिल्डकॉन 2026’ कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने से भारत का नेटवर्क बढ़ रहा है। भारत ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया, यूएई, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन, आइसलैंड और यूके के साथ एफटीए किया है और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ इस पर चर्चा चल रही है।
इन एग्रीमेंट्स से भारतीय कंपनियों के लिए निर्माण, स्टील और उससे जुड़े सेक्टर में मौके खुल रहे हैं।
गोयल ने आगे कहा कि कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार संबंधों का विस्तार करने के इच्छुक हैं।
केंद्रीय मंत्री का बयान ऐसे समय पर आया है, जब रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए हैं।
गोयल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उद्योग जगत को कुछ देशों की एकतरफा कार्रवाइयों से उत्पन्न अनावश्यक तनाव या कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से उन क्षेत्रों को उजागर करने का आग्रह किया, जहां वैकल्पिक बाजारों की आवश्यकता है, और आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय नए अवसर खोलने के लिए दुनिया भर के भागीदारों से संपर्क कर रहा है।
उन्होंने इस्पात और लौह अयस्क में व्यापक निर्यात संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत सालाना 15 मिलियन टन इस्पात का निर्यात कर सकता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले, प्रतिस्पर्धी मूल्य वाले उत्पादों के साथ उसका निर्यात क्षेत्र मजबूत हो सकता है।
गोयल ने कहा कि देश ‘विकसित भारत 2047’ की ओर अग्रसर है। इस कारण ‘भारत बिल्डकॉन 2026’ देश की ताकत, इनोवेशन, मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रदर्शित करेगा।
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