Connect with us
Wednesday,13-May-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

जॉर्जिया में दोबारा हुई मतगणना में बाइडेन की जीत की पुष्टि

Published

on

Joe-Biden

अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत पर मुहर लग गई है। जॉर्जिया के स्टेट सेक्रेटरी ऑफिस ने यह घोषणा की। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खेमे द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद फिर से वोटों की गिनती कराई गई।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को 50 लाख वोटों की ऑडिट में पाया गया कि पूर्व उपराष्ट्रपति को पारंपरिक रिपब्लिकन गढ़ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना में 12,284 अधिक वोट मिले हैं। दोबारा मतगणना हाथों से करवाई गई।

जॉर्जिया के मतदान प्रणाली कार्यान्वयन प्रबंधक गेब्रियल स्टर्लिग ने कहा, “हर एक वोट को एक मानव ऑडिट टीम द्वारा छुआ गया और गिना गया।”

उन्होंने कहा, “जाहिर है, ऑडिट चुनाव के मूल परिणाम की पुष्टि करता है, अर्थात जो बाइडेन ने जॉर्जिया राज्य में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता है।”

स्टर्लिगने कहा कि किसी भी व्यक्ति के काउंटिंग मार्जिन में कोई अंतर 0.73 प्रतिशत से अधिक नहीं रहा और राज्य के 159 काउंटी में से 103 में मार्जिन में भिन्नता 0.05 प्रतिशत से कम थी।

7 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन ने जीत की घोषणा की थी।

हालांकि, ट्रंप ने हार स्वीकार नहीं किया है और मतदान में धांधली का आरोप लगाते हुए अदालत में चुनौतियां दी हैं।

अगले अमेरिकी राष्ट्रपति का औपचारिक रूप से चयन करने के लिए इलेक्टोरल कॉलेज के प्रतिनिधि छह दिन बाद 14 दिसंबर को मिलेंगे।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

चीन दौरे से पहले ट्रंप ने शी जिनपिंग की तारीफ की, बोले- अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकत

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे पर रवाना होने से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने रिश्तों की तारीफ की और कहा कि उन्हें इस यात्रा के दौरान बेहतरीन मुलाकात की उम्मीद है। ईरान संकट, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

व्हाइट हाउस से चीन रवाना होने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें हैं और दोनों देशों के बीच रिश्ते ‘मजबूत और स्थिर’ हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मेरे संबंध शानदार हैं। हम हमेशा अच्छी तरह साथ रहे हैं और चीन के साथ काम करना बहुत अच्छा रहा है।”

ट्रंप ने संकेत दिया कि इस शिखर वार्ता में व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा। उन्होंने कहा, “हमारे चीन के साथ बड़े संबंध हैं। हम दोनों सुपरपावर हैं और कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है। सबसे ज्यादा फोकस व्यापार पर रहेगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया कि शी जिनपिंग इस साल के अंत तक अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रपति शी इस साल के आखिर में अमेरिका आएंगे। यह भी काफी रोमांचक होगा।”

ईरान संकट पर भी ट्रंप ने चीन की संभावित भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर शी जिनपिंग इस मामले में मदद कर सकते हैं, तो उसका स्वागत होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर रहा है। ट्रंप ने कहा, “ईरान सैन्य रूप से कमजोर हो चुका है। या तो वे सही रास्ता अपनाएंगे या हम बाकी काम पूरा करेंगे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका-चीन आर्थिक संबंधों को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा, “हम चीन के साथ बहुत बड़ा व्यापार करते हैं। हम भी फायदा उठा रहे हैं और चीन भी। हमारे रिश्ते अच्छे हैं।”

अपनी यात्रा के मकसद पर ट्रंप ने कहा कि यह दौरा सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक संतुलन के हिसाब से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अमेरिका को दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य ताकत बताते हुए कहा कि चीन को दूसरा सबसे शक्तिशाली देश माना जाता है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के रिश्तों में व्यापार, तकनीक, ताइवान, सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर कई मतभेद रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देश लगातार उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि रिश्तों में और तनाव न बढ़े। वहीं भारत भी इस बदलते अमेरिका-चीन समीकरण पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर पड़ सकता है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

‘ट्रंप का पूरा कार्यकाल थेरेपी सेशन है’, ईरान के नए प्रस्ताव को खारिज करने पर ईरानी दूतावास ने कसा तंज

Published

on

ईरान ने अमेरिका के 14 पाइंट वाले प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया और एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव वाशिंगटन को भेजा। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए ड्राफ्ट को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिका के प्लान पर ईरान के जवाब की डिटेल्स, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘मंजूर नहीं’ कहा। अमेरिका के प्लान के जवाब में पेश किया गया ईरान का प्रस्ताव, ईरानी देश के मूल अधिकारों पर जोर देता है। ईरान ने अमेरिका के प्लान को रिजेक्ट कर दिया है। अगर ईरान प्रस्ताव स्वीकार कर लेता, तो इसका मतलब होता कि तेहरान ट्रंप की बहुत ज्यादा मांगों के आगे झुक जाता है।”

ईरानी दूतावास ने आगे कहा, “ईरान का प्लान इस बात पर जोर देता है कि अमेरिका को युद्ध का हर्जाना देना जरूरी है और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को सुनिश्चित करता है। ईरान ने बैन खत्म करने और देश के जब्त किए गए एसेट्स और संपत्तियों को रिलीज करने की जरूरत पर जोर दिया है।”

वहीं घाना में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उन्होंने कुछ ‘पढ़ा’ है, जबकि वास्तविकता यह है कि उस सामग्री का मूल सार उनके लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है। इसके बावजूद वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उन्हें वह पसंद नहीं आया। कहा जा रहा है कि ट्रंप केवल वैश्विक ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस के आंतरिक सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनका पूरा कार्यकाल दरअसल एक ‘मल्टी-बिलियन डॉलर थेरेपी सेशन’ के अतिरिक्त और कुछ नहीं है, एक ऐसा उपचार, जो उन्हें उनके बचपन के दिनों में कभी प्राप्त नहीं हो सका।

दरअसल, ईरान की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया था कि मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ का जवाब पढ़ा है। मुझे यह पसंद नहीं आया, बिल्कुल मंजूर नहीं!

ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अमेरिका के प्लान का मतलब है ईरान का ट्रंप के लालच के आगे सरेंडर करना और तेहरान का जवाब ईरान के बुनियादी अधिकारों पर जोर देता है।

इसके साथ ही ईरान के नए प्रस्ताव में अमेरिका द्वारा युद्ध के मुआवजे की जरूरत और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता पर भी जोर दिया गया है। वहीं प्रतिबंधों को खत्म करने और देश के जब्त किए गए पैसे और संपत्ति को वापस करने की जरूरत पर भी जोर देता है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यूएन प्रमुख ने यूक्रेन व रूस के बीच युद्धविराम और कैदियों के आदान-प्रदान का किया स्वागत

Published

on

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा कि यूक्रेन व रूस के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम और कैदियों के आदान-प्रदान का स्वागत किया है।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बयान में कहा, “महासचिव ने यूएन चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधित यूएन प्रस्तावों के अनुरूप, न्यायपूर्ण, स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम की अपील को दोहराया।”

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, रूस और यूक्रेन 9 मई से 11 मई तक युद्धविराम और “हजार के बदले हजार” कैदियों के आदान-प्रदान पर सहमत हुए।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम पर सहमति हो गई है, जिसे उन्होंने इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में संभावित कदम बताया।

ट्रम्प ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तीन दिवसीय युद्धविराम (9, 10 व 11 मई) होगा।”

उन्होंने कहा कि युद्धविराम रूस के विजय दिवस समारोह के साथ होगा और द्वितीय विश्व युद्ध में यूक्रेन की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “रूस में विजय दिवस का जश्न मनाया जा रहा है लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध में यूक्रेन की भी बड़ी भूमिका थी।”

ट्रम्प के अनुसार, समझौते में सक्रिय युद्ध अभियानों को रोकना शामिल है। इस युद्धविराम में सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को फिलहाल निलंबित करना शामिल होगा।

ट्रम्प ने कहा कि दोनों पक्ष बड़ी संख्या में कैदियों की अदला-बदली पर भी सहमत हुए हैं। साथ ही, दोनों देशों से 1,000 कैदियों की अदला-बदली भी होगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल सीधे उनकी ओर से की गई थी। ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की दोनों को शर्तों पर सहमत होने के लिए आभार व्यक्त किया।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र3 hours ago

पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी कनेक्शन: मुंबई एटीएस ने पूरे महाराष्ट्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें 9 जिले शामिल हैं, 57 संदिग्ध गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

गुजरात में 20,667 करोड़ रुपए की डबल लाइन रेलवे परियोजना को मिली कैबिनेट की मंजूरी

मनोरंजन6 hours ago

वेदांता में चल रहा था इलाज, 39 की उम्र में प्रतीक यादव का जाना चौंकाने वाला: रविकिशन

खेल10 hours ago

रियल बेटिस ने एल्चे पर जीत के साथ चैंपियंस लीग में जगह बनाई

व्यापार10 hours ago

कस्टम ड्यूटी बढ़ने का असर! सोने और चांदी के दाम करीब 6.66 प्रतिशत तक बढ़े

अंतरराष्ट्रीय समाचार11 hours ago

चीन दौरे से पहले ट्रंप ने शी जिनपिंग की तारीफ की, बोले- अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकत

राजनीति11 hours ago

एन. रंगासामी ने पांचवी बार ली पुडुचेरी के सीएम पद की शपथ, ए नमशिवायम और मल्लादी कृष्ण राव भी बने मंत्री

राजनीति11 hours ago

प्रतीक यादव के निधन से दुखी अखिलेश, बोले- कानून और परिवार जो तय करेगा, वही मानेंगे

महाराष्ट्र1 day ago

हज कमेटी की लापरवाही से हज यात्रियों को परेशानी, 10,000 रुपये की अतिरिक्त वसूली, सीओ हज कमेटी ने आज़मी को ज़रूरी कार्रवाई का भरोसा दिया

महाराष्ट्र1 day ago

ओवैसी में ओसामा बिन लादेन का पुनर्जन्म! नीतीश राणे ने एक बार फिर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी की कड़ी आलोचना की

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: नागपाड़ा के गैंगस्टर कालिया के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए मुखबिर को मारा, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कालिया का भतीजा और साथी गिरफ्तार

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

अपराध3 weeks ago

नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

अपराध3 weeks ago

मुंबई : हाथी दांत को 3.5 करोड़ रुपए में बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

राजनीति4 weeks ago

यूसीसी प्रक्रिया पर टीएस सिंह देव का सरकार से सवाल—पहले कैबिनेट में मंजूरी, फिर जनता से राय, ये कैसी उल्टी प्रोसेस?

व्यापार4 weeks ago

सोने की चमक बढ़ी, चांदी का दाम 2.55 लाख रुपए हुआ

राजनीति4 weeks ago

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के फैसले से जनता दुखी: रामकृपाल यादव

महाराष्ट्र1 week ago

अबू आसिम ने ईद-उल-अज़हा के दौरान जानवरों के ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट डालने और उन्हें ज़ब्त करने पर रोक लगाने की मांग की

महाराष्ट्र3 weeks ago

लेंसकार्ट स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि बीजेपी नेता नाजिया इलाही ने की

व्यापार4 weeks ago

मार्च में इक्विटी फंड में निवेश 11 प्रतिशत बढ़ा; मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रा और डिफेंस सेक्टर बने निवेशकों की पहली पसंद

रुझान