अंतरराष्ट्रीय
टेस्ला के एक मैनेजर के खिलाफ अमेरिका में एक और यौन उत्पीड़न का मुकदमा दायर
एलन मस्क द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला एक महीने के भीतर अमेरिका में एक दूसरे यौन उत्पीड़न के मुकदमे की चपेट में आ गई है, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने एक मैनेजर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया स्थित फैक्ट्री टेस्ला के फ्रेमोंट में असेंबली लाइन वर्कर एरिका क्लाउड ने मुकदमा दायर किया है।
मुकदमे में दावा किया गया है कि उन्हें अपने पूर्व मैनेजर से ‘लगभग रोजाना ही यौन उत्पीड़न’ का सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने कई मौकों पर अग्रिमों को खारिज कर दिया।
क्लाउड ने इलेक्ट्रिक कार निर्माता पर कैलिफोर्निया में अपने फ्रेमोंट कारखाने में ‘निरंतर और व्यापक’ यौन उत्पीड़न के एक पैटर्न को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
टेस्ला को अभी तक दूसरे मुकदमे पर टिप्पणी नहीं है जो एक महीने के भीतर दायर किया गया था।
टेस्ला की एक महिला कर्मचारी ने पिछले महीने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसमें ऑटोमेकर पर एक शत्रुतापूर्ण कार्य वातावरण बनाने का आरोप लगाया गया था जहां यौन उत्पीड़न ‘बड़े पैमाने पर’ था।
द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला मॉडल 3 पर काम करने वाली प्रोडक्शन एसोसिएट जेसिका बाराजा ने एक मुकदमे में कहा कि उसे कैलिफोर्निया के फ्रेमोंट में टेस्ला की फैक्ट्री में लगातार उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा, जिसमें ‘कैटकॉलिंग और अनुचित शारीरिक स्पर्श शामिल है।’
रिपोर्ट में उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया गया, “लगभग तीन वर्षों से सभी उत्पीड़न का अनुभव करने के बाद, यह आपको लगभग अमानवीय बनाता है।”
टेस्ला अपने मॉडल एस, मॉडल 3, मॉडल एक्स और मॉडल वाई इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन फ्रेमोंट प्लांट में करती है।
अक्टूबर में, टेस्ला को उसी संयंत्र में एक पूर्व ठेकेदार को 137 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया गया था, जिस पर आरोप लगा था कि वह नस्लीय उत्पीड़न के अधीन था।
व्यापार
टाटा मोटर्स ने कमर्शियल वाहनों के दाम 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाए, 1 जुलाई से लागू होंगी नई कीमतें

टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (टीएमसीवी) ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है और नई कीमतें 1 जुलाई से लागू होंगी। यह जानकारी गुरुवार को कंपनी की ओर से दी गई।
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि इस बढ़ोतरी की वजह कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी होना और लागत का बढ़ना है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल पर विभिन्न होगी और 2.5 प्रतिशत तक सीमित होगी।
इस बढ़ोतरी से टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स भी उन कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने मध्य पूर्व संकट के चलते कच्चे माल और लागत में बढ़ोतरी के कारण कीमतों में इजाफा किया है।
इससे पहले, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) ने 12 जून को अपनी ईंधन (पेट्रोल, डीजल और सीएनजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। नई कीमतें एक जुलाई से लागू होंगी।
कंपनी की ओर से जारी की गई एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह इनपुट लागत में बढ़ोतरी होना था।
टीएमपीवी ने कहा कि वह लागत में हुई बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है, जबकि हालिया कीमत संशोधन के जरिए बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल रही है।
कंपनी ने कहा कि कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। वहीं, मध्य पूर्व तनाव के चलते मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया जैसी कंपनियां गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में, टीएमसीवी के मुनाफे में सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि आय 22 प्रतिशत बढ़कर 24,452 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 13.90 प्रतिशत रहा है। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपए का डिविडेंड भी घोषित किया।
व्यापार
शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह घरेलू बाजार में मजबूती रैली थी।
इस दौरान सेंसेक्स 1,284.61 अंक या 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,527.95 और निफ्टी 256.20 अंक या 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता में कमी आई, जिसमें भारत के साथ दुनिया के बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष एक शांति समझौता करने के अंतिम दौर में है। जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक डील हो सकती है।
समीक्षा अवधि में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एलएंडटी और एचयूएल के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई है, जबकि टीसीएस और एलआईसी के वैल्यूएशन में कमी देखने को मिली है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 56,223 करोड़ रुपए बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 38,571 करोड़ रुपए बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 36,138 करोड़ रुपए बढ़कर 9.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 18,367 करोड़ रुपए बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 14,380 करोड़ रुपए बढ़कर 11.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
एलएंडटी का मार्केटकैप 13,241 करोड़ रुपए बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 10,984 करोड़ रुपए बढ़कर 5.09 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, टीसीएस का मार्केटकैप 13,296 करोड़ रुपए घटकर 7.82 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एलआईसी का मार्केटकैप 822 करोड़ रुपए कम होकर 5.05 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
व्यापार
सोना एक हफ्ते में करीब 6,400 रुपये और चांदी 14,300 रुपये से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6,400 रुपये और 14,300 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,438 रुपये कम होकर 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,54,238 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को सुबह के सत्र में 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को सुबह के सत्र में 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 14,326 रुपये कम होकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,56,908 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को शाम के सत्र में 2,45,938 रुपये प्रति किलो देखा गया।
वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 68 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका – ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर रहना है। इसके साथ ही ब्याज दरों के बढ़ाने की आसान कहां है निवेशकों को सोने और चांदी में मुनाफा वसूली पर मजबूर किया है।
बीते एक वर्ष में सोने और चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। डॉलर में इस दौरान सोने ने 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
