महाराष्ट्र
वैश्विक तनावों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार पर दबाव; सेंसेक्स 365 अंक टूटा, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों के 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में बिलवाली देखने को मिली है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,728.16 से 309.19 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 77,418.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,287.65 से 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,223.85 लेवल पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 263.98 अंकों यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,464.18 पर कारोबार करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 77,575.21 का हाई और 77,362.19 का लो बनाया, जो 365 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
वहीं निफ्टी 50 42.40 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर करीब 24,245.25 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 24,211.10 का लो और 24,269.65 का हाई बनाया।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप में 0.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टोरल मोर्चे पर सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी आईटी इंडेक्स में देखने को मिला, जो 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मीडिया, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी बिकवाली का रुख रहा।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में मजबूती भी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स लगभग 0.40 प्रतिशत चढ़ा, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 4.73 प्रतिशत पर पहुंचने से इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए उभरते बाजारों में निवेश को कम आकर्षक बना सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में कच्चे तेल के ऊंचे भाव भारतीय बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, चालू खाते के घाटे और कॉरपोरेट लागत पर पड़ सकता है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कॉरपोरेट आय में सुधार के संकेत घरेलू बाजार को सहारा दे सकते हैं। उनका कहना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के पास पर्याप्त नकदी है और वे बड़ी गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं। साथ ही खुदरा निवेशक भी बाजार में कमजोरी का उपयोग लंबी अवधि के लिए अच्छे शेयरों में निवेश बढ़ाने के अवसर के रूप में कर सकते हैं।
बाजार में यह दबाव ऐसे समय आया है जब रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि ईरान अधिक आक्रामक रणनीति अपना सकता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम व्यवस्था को आगे बढ़ाने की संभावना से इनकार किया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
इन घटनाक्रमों के बाद ब्रेंट क्रूड पिछले बंद स्तर से करीब 0.60 प्रतिशत बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 85.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और तेल बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी हुई है।
महाराष्ट्र
मुंबई स्थित आवास में नौसेना के नाविक, उसकी पत्नी और दो बच्चों के शव मिले

पुलिस ने बताया कि भारतीय नौसेना के एक नाविक, उनकी पत्नी और उनके दो नाबालिग बच्चे दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर में अपने आवास पर मृत पाए गए।
यह घटना 15 अगस्त को सामने आई। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाविक की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चों, जिनकी उम्र दो महीने और तीन वर्ष बताई गई है, की मौत जहर देने के कारण होने की आशंका है। हालांकि, मौतों की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हो सकी हैं।
पुलिस ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की आगे जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं से मौत के कारणों तथा घटनाक्रम की पुष्टि होने की उम्मीद है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनीष कलवानिया ने कहा कि प्रथमदृष्टया जांच में संकेत मिले हैं कि नाविक की मौत फांसी लगाने से हुई जबकि उनकी पत्नी और बच्चों की मौत का कारण विषाक्तता प्रतीत होता है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग दे रही है।
नौसेना ने एक बयान में कहा, “कोलाबा के नेवी नगर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 15 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना के एक नाविक, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव उनके आवास पर पाए गए। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और भारतीय नौसेना हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।”
इस घटना के बाद पुलिस और नौसेना दोनों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी मौतों से पहले की परिस्थितियों और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। अब तक उपलब्ध जानकारी में मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम के माध्यम से मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र
संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 106 शहीदों को एयर इंडिया की नई प्रशासनिक इमारत में मिलेगा स्थायी सम्मान

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में प्राण देने वाले 106 शहीदों की याद को अब स्थायी सम्मान मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि मुंबई में एयर इंडिया की नई प्रशासनिक इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार के दर्शनीय हिस्से पर इन सभी शहीदों के नाम प्रमुखता से लिखे जाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है और राज्य के मुख्य सचिव को इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त महाराष्ट्र के गठन के लिए हुए ऐतिहासिक आंदोलन में 106 आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया था। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि इन शहीदों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
आशीष शेलार ने पत्र में कहा कि सरकार के कब्जे में आई एयर इंडिया की नई इमारत का नवीनीकरण अभी चल रहा है और जल्द ही यहां प्रशासनिक कामकाज शुरू होगा। ऐसे में इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार पर संयुक्त महाराष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी 106 लोगों के नाम सम्मानजनक तरीके से स्थायी रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा, “जिनके बलिदान से हमें महाराष्ट्र मिला, उनका स्मरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। शहीदों के त्याग का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके नाम प्रशासनिक इमारत पर लगाना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब इन 106 शहीदों को राज्य की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक इमारत में सम्मानजनक जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है। प्रस्ताव के मुताबिक शहीदों के नाम मुख्य द्वार के ऐसे हिस्से पर लगाए जाएंगे जो आने-जाने वाले हर व्यक्ति को दिखाई दे।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इमारत के नवीनीकरण के साथ ही इस काम को भी पूरा किया जाएगा ताकि जब यहां काम शुरू हो तो शहीदों के नाम पहले से ही सम्मान के साथ मौजूद हों। संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन राज्य के इतिहास की सबसे अहम घटनाओं में से एक है।
महाराष्ट्र
मुंबई: गणेश मंडल बनाने की परमिशन के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम लॉन्च, आम लोग एक साल या पांच साल की परमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं

मुंबई मंडप मर्मिया बनाने के लिए ज़रूरी परमिशन लेने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने एक बार फिर मुंबई में पब्लिक गणेश चतुर्थी मंडलों के लिए एक ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। पब्लिक गणेश चतुर्थी फेस्टिवल के दौरान टेम्पररी मंडप बनाने की परमिशन देने के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर एक कंप्यूटराइज़्ड सिस्टम चालू किया गया है। यह सिस्टम शुक्रवार, 14 अगस्त, 2026 से ऑनलाइन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।
इसके अलावा, चूंकि पब्लिक गणेश चतुर्थी के बारे में सुनवाई अभी चल रही है। मंडल कोर्ट के दिए गए ऑर्डर मानने को तैयार हैं और इन निर्देशों के हिसाब से परमिशन दी जा रही है।
पब्लिक गणेश चतुर्थी मंडलों को मंडप की परमिशन के लिए अपनी एप्लीकेशन बीएमसी वेबसाइट (https://portal.mcgm.gov.in) पर ‘नागरिकों के लिए मंडप (पब्लिक गणेश चतुर्थी/दूसरे फेस्टिवल)’ नाम से जमा करनी होगी। एप्लीकेशन मिलने पर संबंधित वार्ड ऑफिस उनकी जांच करेगा। इसके बाद, संबंधित लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) लेने का प्रोसेस कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से किया जाएगा। पूरा प्रोसेस डिविजनल असिस्टेंट कमिश्नर और जोनल डिप्टी कमिश्नर की गाइडेंस में लागू किया जाएगा।
नए मंडलों के लिए प्रोसेस
सरकारी या प्राइवेट ज़मीन पर पब्लिक गणेश चतुर्थी मंडप* (शाखा) बनाने के लिए पहली बार अप्लाई करने वाले मंडलों को नगर निगम की वेबसाइट के ज़रिए ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करनी होगी। डिविजनल ऑफिस द्वारा एप्लीकेशन की जांच और लोकल और ट्रैफिक पुलिस से एनओसी मिलने के बाद, एप्लीकेशन को अप्रूवल के लिए जोनल डिप्टी कमिश्नर को जमा किया जाएगा। डिप्टी कमिश्नर से अप्रूवल मिलने और मंडल द्वारा 100 रुपये की फीस देने के बाद, डिविजन लेवल पर मंडप के लिए परमिशन दे दी जाएगी।
पांच साल की परमिशन वाले मंडलों के लिए रिन्यूअल की सुविधा जिन मंडलों ने पहले पांच साल (सरकारी या प्राइवेट ज़मीन पर) के लिए परमिशन ली थी, उनके लिए परमिशन का रिन्यूअल कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से किया जाएगा। जिन गणेशोत्सव मंडलों को पिछले साल पांच साल के लिए परमिशन मिली थी, उन्हें साल 2026 के लिए अपनी परमिशन के रिन्यूअल के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन देनी होगी।
डिवीजनल ऑफिस खुद वेरिफाई करेगा कि साइट की लोकेशन और एरिया पहले से मिली परमिशन से मैच करता है या नहीं। इसके बाद, लोकल और ट्रैफिक पुलिस से कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से एनओसी ली जाएगी। मंडल के ₹100 फीस देने के बाद 2026 की परमिशन रिन्यू हो जाएगी।
मंडलों के लिए दो ऑप्शन: 2025 में एक साल की परमिशन मिलेगी
जिन गणेशोत्सव मंडलों को 2025 में सिर्फ एक साल के लिए (सरकारी या प्राइवेट जमीन पर) मंडप बनाने की परमिशन मिली थी, उनके लिए इस साल एक जरूरी सुविधा दी गई है। ऐसे मंडल सिर्फ साल 2026 के लिए, या 2026 से 2030 तक पांच साल के समय के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इन एप्लीकेशन की जांच डिवीजनल ऑफिस करेगा, और लोकल और ट्रैफिक पुलिस से कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से एनओसी ली जाएगी। इसके बाद, एप्लीकेशन के आधार पर वार्ड लेवल पर 100 रुपये की फीस देकर परमिशन दी जाएगी।
मंडप की परमिशन के लिए एप्लीकेशन का समय
पब्लिक फेस्टिवल के लिए मंडप* (शाम का पंडाल) बनाने की परमिशन के लिए एप्लीकेशन 14 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 के बीच कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से जमा किए जा सकते हैं। गणेशोत्सव मंडप की परमिशन 26 सितंबर 2026 तक वैलिड है। 10 अक्टूबर 2026; नवरात्रि के लिए मंडप की परमिशन 21 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
दो वॉलंटियर्स के लिए ज़रूरी ट्रेनिंग
गणेश उत्सव मंडप साइट्स पर डिसिप्लिन पक्का करने के लिए, वार्ड ऑफिस लेवल पर क्राउड मैनेजमेंट, फायर सेफ्टी और फर्स्ट एड जैसे टॉपिक पर एक दिन की ट्रेनिंग वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ की जाएगी। हर अवामी गणेशोत्सव मंडल (ऑर्गनाइजिंग कमिटी) से दो वॉलंटियर्स का इस ट्रेनिंग में शामिल होना ज़रूरी है। गड्ढों से मुक्त मंडप बनाने पर ज़ोर
मंडप बनाने के लिए सड़कों या फुटपाथों पर गड्ढे नहीं खोदे जाने चाहिए। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने ऑर्गनाइज़र से कहा है कि वे ऐसे असरदार तरीके इस्तेमाल करें जिनमें गड्ढे खोदने की ज़रूरत न हो। अगर मंडप बनाने के लिए सड़कों या फुटपाथों पर गड्ढे खोदे जाते हैं, तो संबंधित सर्कुलर के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, आवामी गणेशोत्सव मंडलों को लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट के सर्कुलर में बताए गए विज्ञापनों से जुड़ी शर्तों और नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। मंडप बनाने के लिए आग से सुरक्षा के ज़रूरी उपायों का पालन करना भी ज़रूरी है।
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