व्यापार
हरे निशान में भारतीय शेयर बाजार, निफ्टी 24,700 स्तर से ऊपर
मुंबई, 23 मई। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में एफएमसीजी, आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखी गई।
सुबह करीब 9.29 बजे, सेंसेक्स 281.75 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 81,233.74 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 109.75 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 24,719.45 पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी बैंक 69.85 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 55,011.15 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 258.10 अंक या 0.46 प्रतिशत जोड़कर 56,582.95 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 58.30 अंक या 0.33 प्रतिशत चढ़कर 17,561.40 पर था।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार के दृष्टिकोण से अच्छी बात यह है कि भारत की अर्थव्यवस्था के मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक मजबूत हैं।
सेंसेक्स पैक में, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, एसबीआई, एचसीएल टेक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स और इटरनल टॉप गेनर्स थे। जबकि, सन फार्मा, एमएंडएम, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी और आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स थे।
एशियाई बाजारों में, चीन, हांगकांग, बैंकॉक, सोल, जकार्ता और जापान हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में डॉव जोन्स 1.35 अंक या 0.00 प्रतिशत की गिरावट के साथ 41,859.09 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 2.60 अंक या 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,842.01 पर बंद हुआ और नैस्डैक 53.09 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,925.74 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों ने कहा, “अस्थिर सत्र के बाद गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रूप से बंद हुए, जिसमें प्रमुख सूचकांक शुरुआती नुकसान को खत्म करने में सफल रहे क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कर और व्यय विधेयक को सदन ने बहुत कम अंतर से पारित कर दिया और इसके बाद ट्रेजरी यील्ड हाल के उच्च स्तर से कुछ पीछे हट गए।”
संस्थागत मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध विक्रेता थे क्योंकि उन्होंने 22 मई को 5,045.36 करोड़ रुपए की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,715.00 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, “यहां तक कि जब बाजार कमजोर होता है, तब भी फाइनेंशियल, टेलीकॉम, विमानन आदि जैसे घरेलू मांग आधारित क्षेत्र मजबूत होते हैं। यह इन क्षेत्रों में आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और इंटरग्लोब एविएशन जैसे बड़े प्लेयर्स के शेयर की कीमतों में मजबूती से दिखाई देता है। बाजार से यह संदेश महत्वपूर्ण है।”
राष्ट्रीय समाचार
इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो जून में 26 प्रतिशत बढ़ा, मिडकैप फंड्स में आया सबसे अधिक निवेश

इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो जून में मासिक आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि मई में 22,907 करोड़ रुपए था। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा में दी गई।
एम्फी द्वारा जारी डेटा में बताया गया कि 11 इक्विटी म्यूचुअल फंड सब-कैटेगरी में से सबसे अधिक 6,090 करोड़ रुपए का निवेश मिडकैप फंड कैटेगरी में आया है।
इसके बाद स्मॉलकैप फंड्स में 5,602 करोड़ रुपए का और फ्लेक्सी कैप फंड्स में 5,231 करोड़ रुपए का निवेश आया है।
वहीं, जून में मल्टीकैप फंड्स में 3,070 करोड़ रुपए, लार्जकैप फंड्स में 2,067 करोड़ रुपए, लार्ज एवं मिडकैप फंड्स में 4,321 करोड़ रुपए, वैल्यू फंड्स/कॉन्ट्रा फंड्स में 686 करोड़ रुपए, फोकस्ड फंड्स में 1,118 करोड़ रुपए और सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में 1,469 करोड़ रुपए का निवेश आया है।
इसके अलावा, समीक्षा अवधि में ईएलएसएस फंड्स से 634 करोड़ रुपए और डिविडेंड यील्ड फंड्स से 49 करोड़ रुपए की निकासी हुई है।
डेट म्यूचुअल फंड्स से निकासी का सिलसिला जारी है। जून में आउटफ्लो करीब 1.09 लाख करोड़ रुपए रहा है, जबकि मई में यह राशि 96,948 करोड़ रुपए थी।
डेट म्यूचुअल फंड्स की 16 कैटेगरी में से सबसे अधिक 42,293 करोड़ रुपए की निकासी लिक्विड फंड्स में देखी गई है। इसमें 16,484.01 करोड़ रुपए की निकासी के साथ लो ड्यूरेशन फंड्स दूसरे और 10,595 करोड़ रुपए की निकासी के साथ मनी मार्केट्स फंड्स तीसरे स्थान पर थे।
जून में गोल्ड ईटीएफ में 3,443.23 करोड़ रुपए का निवेश आया है। इस दौरान अन्य ईटीएफ में 13,237 करोड़ रुपए का निवेश आया। वहीं, इंडेक्स फंड्स में 58 करोड़ की निकासी देखी गई।
इस निवेश से भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 30 जून तक बढ़कर 82,22,480.04 करोड़ रुपए हो गया है। पूरी जून माह में औसत एयूएएम का आकार 84,18,485.5 करोड़ रुपए रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, घबराने की जरूरत नहीं: डब्ल्यूटीसी चेयरमैन विजय कलंत्री

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) के चेयरमैन विजय कलंत्री ने गुरुवार को कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था इस चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
न्यूज एजेंसी से बातचीत में विजय कलंत्री ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं और भारतीय रुपए पर भी दबाव बना है।
उन्होंने कहा कि इस अनिश्चित माहौल का असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है, जिसके कारण शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली है।
विजय कलंत्री ने कहा, “कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव आ सकता है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।”
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा, “भारत पहले भी ऐसे दौर का सफलतापूर्वक सामना कर चुका है, जब कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर पहुंच गई थीं। हमारी अर्थव्यवस्था ने पहले भी कई वैश्विक संकटों के दौरान मजबूती दिखाई है और मौजूदा परिस्थितियों से निपटने में भी सक्षम है।”
कलंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति अभी लगातार बदल रही है और आगे क्या होगा, यह अमेरिका, ईरान और अन्य वैश्विक पक्षों के अगले कदमों पर निर्भर करेगा। ऐसे में भारत को घबराने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “स्थिति लगातार बदल रही है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। लेकिन भारत पहले भी ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुका है और मुझे विश्वास है कि देश मौजूदा अनिश्चितताओं से भी मजबूती के साथ निपटेगा।”
डब्ल्यूटीसी के चेयरमैन ने दोहराया, “घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता जरूर है, लेकिन भारत पहले भी ऊंची तेल कीमतों के दौर से सफलतापूर्वक निकल चुका है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।”
व्यापार
मध्यपूर्व तनाव के बीच सोने और चांदी का दाम करीब आधा प्रतिशत फिसला

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सोने और चांदी की शुरुआत शुक्रवार को लाल निशान में हुई और इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब आधा प्रतिशत कम हो गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,45,300 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 410 रुपए प्रति 10 ग्राम या 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,44,890 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।
शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें और गिरावट देखी गई। यह सुबह 10 बजे 696 रुपए प्रति 10 ग्राम या 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,44,603 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
सोने के साथ चांदी में भी गिरावट देखने को मिली, हालांकि, यह काफी सीमित थी।
चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,26,377 रुपए प्रति किलो के मुकाबले करीब सपाट 2,26,368 रुपए प्रति किलो पर खुला।
खबर लिखे जाने तक यह 244 रुपए प्रति किलो या 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,26,133 रुपए प्रति किलो पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। कॉमेक्स पर सोना 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,128 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 60.86 डॉलर प्रति औंस पर था।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है और अमेरिका की ओर से हवाई हमले करने के बाद ईरान ने भी करार जवाब दिया है और मध्य पूर्व में अमेरिका के कई ठिकानों को निशाना बनाया है।
रिपोर्ट्स में बताया गया कि गुरुवार को ईरान के दक्षिणी तटीय और पूर्वी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरानी सेना ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
बाद में ईरानी मीडिया ने दक्षिणी ईरान में कई धमाकों की खबर दी, जिनमें बुशहर (जहां देश का एक परमाणु संयंत्र है), कोनारक, चोघादक और बंदर अब्बास शामिल हैं।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
