Connect with us
Saturday,05-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अक्टूबर तक वैक्सीन लाने की जल्दबाजी करता अमेरिका

Published

on

vaccine

vaccine

कोरोना वायरस महामारी के असर के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। इस समय पूरे विश्व में 2 करोड़ 70 लाख से अधिक लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं जबकि 8 लाख 81 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस वायरस के कारण अमेरिका पूरे विश्व में सबसे अधिक प्रभावित है। अमेरिका में 60 लाख 30 हजार से अधिक लोग इस वायरस के संपर्क में आने के बाद संक्रमित हो चुके हैं जबकि 1 लाख 89 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। दुनिया को अभी तक कोरोना वायरस का वैक्सीन बनाने में सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस साल के अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरूआत में कोरोना वायरस का वैक्सीन आ जाएगा और उसने इसके लिए पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तैयारी शुरू करने के लिए कहा है।

दरअसल, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए थे कि 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले हाई-रिस्क समूहों तक कोरोना का वैक्सीन पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद से अमेरिका में वैक्सीन को विकसित करने का काम तेज हो गया है। अमेरिका एक साथ दो कोरोना वैक्सीन की तैयारी कर रहा है, जिन्हें वैक्सीन ए और वैक्सीन बी का नाम दिया है।

लेकिन अमेरिका के सबसे बड़े संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फाउची इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। वे अक्टूबर तक वैक्सीन के आने की संभावना को बेहद कम मानते हैं। उनका कहना है कि अक्टूबर के अंत तक एक कारगर कोरोना वायरस के वैक्सीन को वितरित करना, केवल अटकले ही हैं, दिसंबर से पहले कारगर वैक्सीन का आना बहुत मुश्किल है।

वहीं, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ के प्रमुख संपादक रिचार्ड होटन ने भी कहा कि अगर वैक्सीन को संपूर्ण परीक्षण के बगैर बाजार में उतारा गया तो जल्दबाजी होगी, इससे अमेरिकियों को भारी नुकसान पहुंचेगा। उनका भी मानना है कि अक्टूबर के अंत तक वैक्सीन का आना खतरे से खाली नहीं है।

कई विशेषज्ञों ने ट्रम्प के इस दावे पर सवालिया निशान लगाया है। उनका कहना है कि ट्रम्प ने वैज्ञानिक आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक कारण के चलते यह दावा किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रेस प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस ने तो साफ कहा है कि अगले साल के मध्य से पहले कोविड-19 के वैक्सीन को बड़े पैमाने पर लाने की संभावना न के बराबर है।

दरअसल, वैक्सीन देने के समय को राजनीतिक महत्व के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए वैक्सीन बनाने का ऐलान किया। उन्होंने अरबों डॉलर की प्रतिबद्धता के बाद लोगों से नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में खुद को जिताने की मांग की।

इससे साफ झलकता है कि ट्रम्प वैक्सीन को लाने की जल्दबाजी कर रहे हैं। वे इस वैक्सीन में अपना राजनीतिक और चुनावी फायदा देख रहे हैं, ताकि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में वे मतदाताओं को लुभा सकें। अगर ये वैक्सीन कारगर नहीं रही तो यकीनन कोरोना महामारी की रोकथाम में और ज्यादा अड़चने पैदा हो जाएंगी, और अमेरिका को लेने के देने पड़ जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 1,300 के पार

Published

on

नेपाल में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,300 के पार पहुंच गई है। हर गुजरते दिन के साथ अलग-अलग जिलों में शव बरामद किए जा रहे हैं।

नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के अनुसार ग्यारहवें दिन तक (शनिवार सुबह 8 बजे तक) 1,344 शव बरामद किए जा चुके हैं।

मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि 4,886 लोग (जिनमें 606 विदेशी भी शामिल हैं) अभी भी लापता हैं। इस बाढ़ ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा दिया और मध्य नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर के आस-पास लोगों की जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया।

माना जा रहा है कि लापता लोगों में से बड़ी संख्या उन लोगों की है जो इन दो नदी कॉरिडोर पर बने 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे हुए हैं; वहां बचाव कार्य जारी है।

शुक्रवार को रसुवा जिले में 60 एमडब्ल्यू के अपर त्रिशूली 3ए प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बचाया गया। नेपाल सरकार ने कहा कि लापता लोगों को खोजने के लिए बचाव कार्य जारी है, साथ ही शवों को निकालने, उनकी पहचान करने और राहत कार्यों में भी टीम सदस्य जुटे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने बाढ़ पीड़ित इलाकों में खोज और बचाव अभियान तेज कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक 8,962 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें 1,552 विदेशी शामिल हैं।

बरामद शवों की पहचान करने की कोशिशें भी तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, 1,260 मृतकों और मृतकों के 1,012 रिश्तेदारों से डीएनए सैंपल लिए गए हैं, जिससे कुल सैंपल की संख्या 2,272 हो गई है।

नेपाल पुलिस ने खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए 7,912 कर्मियों को तैनात किया है। पुलिस के 65 कर्मी इस आपदा का शिकार हुए हैं, जबकि 25 अभी भी लापता हैं।

बाढ़ ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के आस-पास के बुनियादी ढांचे और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बचाव और राहत कार्य पूरा होने के बाद नेपाल इनके पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग कर रहा है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद बचावकर्मियों को सुरंग से दो लोगों को सुरक्ष‍ित न‍िकाला

Published

on

नेपाल में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचावकर्मियों ने शुक्रवार को त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा निकाला। इसके बाद यह उम्मीद जगी है कि अंदर अभी और लोग भी फंसे हो सकते हैं।

त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ को नौ दिन बीत चुके हैं। बाढ़ अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गई थी। इस दौरान दर्जनों जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।

इसी बीच, त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले दो कर्मचारियों को जिंदा बचा लिया गया। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने बताया कि बचाए गए लोगों में काठमांडू के रहने वाले 45 वर्षीय कबीर महर्जन और सप्तरी जिले के 30 वर्षीय संजय साह शामिल हैं। महर्जन अपर त्रिशूली 3-ए की हाइड्रोपावर ऑटोमेशन परियोजना में सुपरवाइजर हैं, जबकि साह फोरमैन के रूप में काम कर रहे थे।

सचिवालय के अनुसार, दोनों को हेलिकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया। शुक्रवार को सबसे पहले संजय साह को बचाया गया और उसके बाद कबीर महर्जन को सुरक्षित निकाला गया।

इस सफल बचाव अभियान से पहले बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद अंदर फंसे लोगों से संपर्क भी स्थापित कर लिया गया था।

आवाज सुनने के बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने उन्हें निकालने की कोशिशें और तेज कर दीं। लगातार की गई मेहनत के बाद आखिरकार यह प्रयास सफल रहा।

26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने त्रिशूली नदी घाटी में भारी तबाही मचाई थी। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुरुवार शाम तक 5,053 लोग लापता थे।

बाढ़ की वजह से 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली 3ए परियोजना समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा। तब से बचाव दल कठिन परिस्थितियों में उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जो सुरंगों और अन्य ढांचों के भीतर फंस गए हो सकते हैं।

मंत्री के सचिवालय के अनुसार, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और चीनी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। बचाव कार्य में पांच खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर), कंप्रेसर और ब्रेकर लगाए गए हैं। सुरंग तक पहुंच बनाने के लिए ड्रिलिंग और अन्य खुदाई का काम भी तेज कर दिया गया है।

सुरंग के अंदर एक बड़ी चट्टान मिली थी, जिसे हटाने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, ताकि रास्ता साफ हो सके और खोज एवं बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा सके।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल त्रासदी : अब तक 1252 शव बरामद, 95 की हो पाई शिनाख्त, चितवन में सबसे ज्यादा मौतें

Published

on

नेपाल में अचानक आई व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर तक ‘नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी’ (एनडीआरआरएमए) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मरने वाले वालों की संख्‍या 1252 पहुंच गई है जबकि 4,216 लोग अब भी लापता हैं।

काठमांडू पोस्‍ट की र‍िपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्‍यादा मौतें चितवन में दर्ज की गई हैं, जहां 355 शव मिले। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 218, नवलपरासी वेस्ट में 208 और नुवाकोट में 177 मौतें हुई हैं। रसुवा, जहां से यह आपदा शुरू हुई थी, वहां 127 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा गोरखा, धाडिंग और तनाहुन जिलों में भी शव बरामद किए गए हैं।

इनमें से केवल 95 लोगों की पहचान हो पाई है। पहचान के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप द‍िया गया। काठमांडू पोस्‍ट की र‍िपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभ‍ियान जारी है। हजारों लोग अभी भी लापता हैं, उनकी तलाश की जा रही है। इनमें व‍िदेशी नागर‍िकों के साथ-साथ पनबिजली परियोजनाओं के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी शाम‍िल हैं।

काठमांडू पोस्‍ट की र‍िपोर्ट के अनुसार, अध‍िकार‍ियों ने बताया क‍ि लापता लोगों में स‍िर्फ पनबिजली परियोजनाओं के लगभग 900 कर्मचारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों से और जानकारी मिलेगी तथा रिपोर्टों का सत्यापन होगा, लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

अधिकारियों ने बताया क‍ि अब तक 11,913 लोगों को सुरक्षित क‍िया जा चुका है। खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। करीब 3,950 विस्थापित लोग फिलहाल नुवाकोट, धाडिंग, रसुवा और काठमांडू में बने अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं।

काठमांडू पोस्‍ट की र‍िपोर्ट के अनुसार, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ऐसे इलाकों में सड़क और हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संचार सेवाओं को भी धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र17 minutes ago

मुंबई में दही-हांडी उत्सव को लेकर महिलाओं में उत्साह, बोलीं- हर साल रहता है इस दिन का इंतजार

अंतरराष्ट्रीय समाचार23 minutes ago

नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 1,300 के पार

राजनीति30 minutes ago

शिक्षक दिवस पर अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

शिक्षक दिवस पर राहुल गांधी और खड़गे ने दी शुभकामनाएं, डॉ. एस राधाकृष्णन को किया नमन

मनोरंजन18 hours ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

खेल18 hours ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार20 hours ago

ऑपरेशन चक्र-वीआई: सीबीआई ने 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर मारा छापा, डिजिटल अरेस्ट के 3 आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल कंपनियों के सीईओ को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

व्यापार21 hours ago

बैंक ऑफ बड़ौदा में 1,100 ह्यूमन रिसोर्स पदों पर बंपर भर्ती शुरू, युवाओं के पास 24 सितंबर तक मौका

व्यापार4 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

अंतरराष्ट्रीय समाचार7 days ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

महाराष्ट्र3 days ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राजनीति4 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

अपराध24 hours ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राजनीति2 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल18 hours ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

व्यापार5 days ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान