Connect with us
Thursday,27-August-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

अदाणी ग्रुप ने ‘विल्मर’ में 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 4,850 करोड़ रुपये जुटाए

Published

on

अहमदाबाद, 11 जनवरी। अदाणी ग्रुप ने ‘विल्मर’ में अपनी 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 4,850 करोड़ रुपये जुटाए। ग्रुप ने पिछले महीने विल्मर से बाहर निकलने की घोषणा करने के साथ ही अपनी अधिकांश हिस्सेदारी एक जॉइंट वेंचर पार्टनर को बेच दी थी।

एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी गई थी कि कंपनी में 17.54 करोड़ शेयर (13.50 प्रतिशत इक्विटी) गैर-खुदरा निवेशकों को बेचा जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी 13 जनवरी को कंपनी खुदरा निवेशकों को 275 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेचेगी।

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी अदाणी कमोडिटीज एलएलपी ने शुक्रवार को विल्मर में 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए गैर-खुदरा निवेशकों को बिक्री का प्रस्ताव (ओएफएस) पूरा किया।

बिक्री के लिए प्रस्ताव (ओएफएस) में 8.44 करोड़ शेयर या 6.50 प्रतिशत इक्विटी तक एडिशनल सेल का विकल्प शामिल था।

अदाणी कमोडिटीज एलएलपी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “हम स्टॉक एक्सचेंजों को 1,96,29,910 इक्विटी शेयरों (कंपनी के कुल जारी और पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी का 1.51 प्रतिशत) की सीमा तक ऑफर में ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने के अपने इरादे से अवगत करवाना चाहते हैं।

इसके अलावा 17,54,56,612 इक्विटी शेयर (कंपनी के कुल जारी और पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी का 13.50 प्रतिशत ) बेस ऑफर साइज का हिस्सा हैं।”

“इसके अनुसार, ऑफर शेयरों की कुल संख्या 19,50,86,522 इक्विटी शेयर (कंपनी के कुल जारी और पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी का 15.01 प्रतिशत) तक होगी, जिसमें से 1,95,08,653 इक्विटी शेयर (कंपनी के कुल जारी और पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी का 1.50 प्रतिशत) टी प्लस वन डे पर ऑफर के हिस्से के रूप में उपलब्ध होगा।”

यह लेन-देन अदाणी ग्रुप की क्षमता को दर्शाता है कि ग्रुप बाजार की परिस्थितियों से स्वतंत्र रूप से सफलतापूर्वक पूंजी (ऋण और इक्विटी) जुटाना जारी रख सकता है।

इस लेन-देन के साथ, अदाणी ग्रुप ने इस वित्त वर्ष में कुल 3.15 बिलियन डॉलर की इक्विटी पूंजी जुटाई है।

विल्मर ने अब न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) मानदंडों के अनुपालन के लिए अपना कार्यक्रम पूरा कर लिया है, जिसमें प्रमोटरों की हिस्सेदारी 74.37 प्रतिशत है, और शेष 25.63 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारकों के पास है।

30 दिसंबर को, ग्रुप ने घोषणा की कि वह 2 बिलियन डॉलर से अधिक फंड जुटाने के लिए ज्वाइंट वेंचर में अपनी पूरी 44 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर विल्मर से बाहर निकल जाएगा।

इसके अलावा, विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड ने खाद्य तेल निर्माता में अदाणी फ्लैगशिप की 31 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने पर सहमति व्यक्त की है।

27 दिसंबर तक विल्मर का बाजार पूंजीकरण 42,785 करोड़ रुपये (5 बिलियन डॉलर) था।

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग एनर्जी और यूटिलिटी, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक और प्राइमरी इंडस्ट्री में दूसरे संबंधित क्षेत्रों में कोर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म में अपने निवेश को तेज करने के लिए करेगा।

विल्मर के पास 100 प्रतिशत शहरी कवरेज है और भारत में 30,600 से अधिक ग्रामीण कस्बों में उपस्थिति है। इसके अलावा, यह यह वैश्विक स्तर पर 30 से अधिक देशों को निर्यात करता है।

राष्ट्रीय समाचार

2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत में भारत में कई आर्थिक संकेतों ने दिखाई मजबूती : रिपोर्ट

Published

on

भारत ने 2026 की छमाही की शुरुआत कई सकारात्मक आर्थिक संकेतों के साथ की है, जिसमें विदेशी निवेशकों की खरीदारी, मानसून की रिकवरी, घरेलू वृद्धि और कंपनियों की आय का मजबूत होना शामिल हैं। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

पीएल वेल्थ के ताजा अगस्त 2026 के मार्केट आउटलुक में बताया गया कि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में अनिश्चितता से बाजारों में व्यापक स्तर पर तेजी आने की संभावना कम है।

पीएल वेल्थ के सीईओ इंदरबीर जॉली ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर निवेश करने, क्वालिटी पर ध्यान देने और किस्तों में पैसा लगाने का है। भारत को लेकर हमारा लंबे समय का भरोसा बना हुआ है, जिसे घरेलू निवेश, वित्तीय क्षेत्र के विस्तार, डेमोग्राफिक्स और देश में स्ट्रक्चरल ग्रोथ के मौकों का समर्थन मिल रहा है।”

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की घरेलू विकास की गति मजबूत बनी हुई है। इसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के नेट खरीदार के तौर पर लौटने, बेहतर होते मानसून और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के सीजन की आम तौर पर स्थिर शुरुआत से सहारा मिल रहा है।

भारत की वित्त वर्ष 2026 की जीडीपी विकास दर का शुरुआती अनुमान 7.7 प्रतिशत है, जबकि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए विकास दर का अनुमान 6.7 प्रतिशत लगाया है।

जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की गतिविधियां वृद्धि के दायरे में रहीं, जिसमें पीएमआई क्रमशः 53.9 और 53.1 रहा।

बैंक क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर बढ़कर 18.6 प्रतिशत हो गई, जिससे जून 2026 तक कुल बकाया क्रेडिट 219.3 ट्रिलियन रुपए तक पहुंच गया, जबकि कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 75.2 प्रतिशत के अच्छे स्तर पर बना रहा, जो इसके लंबे समय के औसत से अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई पर नजर रखना जरूरी है। जुलाई में सीपीआई बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गया, जो आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है। इसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ना है। वहीं, आरबीआई ने वित्त वर्ष 27 के लिए सीपीआई का अनुमान 5.1 प्रतिशत पर बनाए रखा है, जिसमें तीसरी तिमाही में इसके 5.9 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।

हालांकि, विदेशी निवेशकों का निवेश एक सकारात्मक संकेत रहा। साल की पहली छमाही में लगातार इक्विटी की निकासी के बाद, जुलाई में एफपीआई नेट खरीदार बन गए और लगभग 20,200 करोड़ रुपए का इक्विटी निवेश दर्ज किया गया, जो फरवरी के बाद से पहला सकारात्मक महीना था।

रिपोर्ट में मानसून की स्थितियों में मजबूत सुधार का भी जिक्र किया गया है। जुलाई में बारिश सामान्य से लगभग 1 प्रतिशत अधिक रही, जिससे जून-जुलाई की कुल कमी कम होकर लंबे समय के औसत से लगभग 13 प्रतिशत नीचे आ गई।

बाहरी दबावों के बावजूद भारत का मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल काफी मजबूत बना हुआ है। बाहरी मोर्चे पर, व्यापार से जुड़ी गतिविधियां मध्यम अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत के फ्लेक्स स्पेस सेगमेंट ने जनवरी-जून के दौरान दर्ज की 68.4 प्रतिशत की वृद्धि

Published

on

भारत के शीर्ष आठ शहरों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने 2026 की पहली छमाही में 1,91,306 सीटें लीज पर दीं, जो सालाना आधार पर 68.4 प्रतिशत की वृद्धि है। यह जानकारी गुरुवार को जारी हुई एक रिपोर्ट दी गई।

कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेटरों ने ऑफिस मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। उन्होंने 2026 की पहली छमाही में 8.4 मिलियन वर्ग फुट (एमएसएफ) का ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम (जीएलवी) दर्ज किया, जो इस सेगमेंट का अब तक का सबसे अधिक छमाही स्तर है। यह सालाना आधार पर 55 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखाता है।

फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी इस अवधि के दौरान कुल लगभग 43 एमएसएफ की ऑफिस लीजिंग गतिविधि में करीब 20 प्रतिशत रही, जो 2025 की पहली छमाही के आंकड़े से 13 प्रतिशत अधिक थी। इसकी प्रमुख वजह एंटरप्राइजेज, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और अधिक फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की तलाश कर रही कंपनियों से लगातार मांग बने रहना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जीसीसी फ्लेक्स वर्कस्पेस सेगमेंट के लिए मांग का प्रमुख स्रोत बने रहे। कुल सीट लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो 2025 में दर्ज 37 प्रतिशत से अधिक है।

बेंगलुरु भारत के सबसे बड़े फ्लेक्स मार्केट के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। 2026 की पहली छमाही में यहां 57,487 सीटें लीज पर दी गईं, जो कुल सीट लीजिंग का 30 प्रतिशत हैं। इसमें सालाना आधार पर 31.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हैदराबाद 40,451 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और यहां सालाना आधार पर 170.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसे टेक्नोलॉजी कंपनियों और जीसीसी से लगातार मिल रही मांग का समर्थन मिला।

मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में भी मजबूत वृद्धि देखी गई। यहां लीजिंग वॉल्यूम में क्रमशः 130 प्रतिशत और 152.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

पुणे में सीटों की मांग 27.8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चेन्नई में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अहमदाबाद में फ्लेक्स सीट लीजिंग में सबसे तेज वृद्धि हुई, जहां अपेक्षाकृत छोटे आधार पर सालाना आधार पर 570.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कुशमैन एंड वेकफील्ड की एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर, बेंगलुरु और हेड-फ्लेक्स, इंडिया, रमीता अरोड़ा ने कहा, “आज कारोबार अत्यधिक कस्टमाइज्ड और बेहतर अनुभव देने वाले वर्कप्लेस की तलाश कर रहे हैं। फ्लेक्स ऑपरेटर तेजी से ऐसे विशेष वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं, जो वैश्विक ऑफिस मानकों, ब्रांड पहचान और कार्यस्थल संस्कृति के अनुरूप हैं।”

टेक्नोलॉजी आधारित वर्कप्लेस अनुभव, वेलनेस-केंद्रित डिजाइन और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए ये समाधान उद्यमों और जीसीसी दोनों के बीच फ्लेक्स वर्कस्पेस की लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं।

इस बीच, सूचीबद्ध फ्लेक्स ऑपरेटरों की बढ़ती मौजूदगी से पारदर्शिता, बेहतर गवर्नेंस मानकों और कारोबारों के भरोसे में सुधार हो रहा है। इससे भारत के फ्लेक्स वर्कस्पेस मार्केट के लगातार परिपक्व होने में मदद मिल रही है।

Continue Reading

व्यापार

चैटजीपीटी भारत में फ्री और गो टियर यूजर्स के लिए शुरू करेगा विज्ञापन

Published

on

अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी ओपनएआई ने भारत में ‘चैटजीपीटी ऐड’ का विस्तार करने की घोषणा की है। भारत कंपनी के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यह कदम प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले अपने लोकप्रिय चैटबॉट से कमाई बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।

इसकी शुरुआत फ्री और गो टियर पर लॉग-इन करने वाले वयस्क यूजर्स के लिए की जाएगी। भारत में चैटजीपीटी के गो टियर प्लान की कीमत 399 रुपए प्रति माह है। विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले प्रायोजित उत्पाद या सेवाएं चैटजीपीटी के जवाबों के नीचे दिखाई देंगी।

कंपनी ने कहा कि इन विज्ञापनों पर स्पष्ट रूप से लेबल लगा होगा और उन्हें चैटजीपीटी के जवाबों से अलग तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइस और एजुकेशन टियर के पेड सब्सक्राइबर्स को पहले की तरह विज्ञापन-मुक्त सेवा मिलती रहेगी।

ओपनएआई ने कहा कि यूजर्स की चैट, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या व्यक्तिगत जानकारी विज्ञापनदाताओं के लिए उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि कंपनी यूजर्स का डेटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचती है। इसके बजाय विज्ञापनदाताओं को कैंपेन के प्रदर्शन से जुड़ी समेकित जानकारी, जैसे विज्ञापन कितनी बार दिखा और कितने क्लिक मिले, उपलब्ध कराई जाएगी।

ओपनएआई ने यह भी कहा कि जिन अकाउंट्स में यूजर ने खुद को 18 साल से कम उम्र का बताया है, या जहां कंपनी यह निर्धारित करती है कि यूजर नाबालिग है, वहां विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य या राजनीति जैसे संवेदनशील अथवा विनियमित विषयों से जुड़े जवाबों के साथ भी विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

ओपनएआई ने बताया कि इस सप्ताह 50 से अधिक ब्रांडों के विज्ञापन लाइव होने की उम्मीद है। कंपनी भारत में 4 सितंबर से चैटजीपीटी ऐड मैनेजर की सेल्फ-सर्विस सुविधा भी शुरू करने की योजना बना रही है। ब्रांड 725 रुपए प्रतिदिन से शुरू होने वाले बजट के साथ विज्ञापन अभियान चला सकेंगे।

इस महीने की शुरुआत में चैटजीपीटी के वैश्विक साप्ताहिक यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई थी। फरवरी 2026 तक भारत इसके लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ था, जहां छात्रों, डेवलपर्स, शिक्षकों और उद्यमों सहित 10 करोड़ से अधिक साप्ताहिक यूजर्स थे।

ओपन एआई ने पहली बार जनवरी 2026 में चैटजीपीटी के भीतर विज्ञापनों का परीक्षण शुरू करने की योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य आय के स्रोतों में विविधता लाना और विस्तार को गति देना था।

विज्ञापन का पायलट प्रोग्राम फरवरी में अमेरिका में शुरू हुआ था। लॉन्च के छह सप्ताह के भीतर यह 10 करोड़ डॉलर के वार्षिकीकृत राजस्व के आंकड़े को पार कर गया। इसके बाद इसे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, मैक्सिको, ब्राजील, जापान और दक्षिण कोरिया तक विस्तार दिया गया।

पिछले सप्ताह ओपनएआई ने 31 यूरोपीय देशों में चैटजीपीटी ऐड लॉन्च किए, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और इटली भी शामिल हैं।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति9 hours ago

नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

योगी सरकार को महिलाओं की याद देर से आई, योजनाएं जमीन पर दिखें: इमरान मसूद

महाराष्ट्र9 hours ago

महाराष्ट्र: सुप्रिया सुले पर ओबीसी प्रमाणपत्र के आरोप को लेकर मचा बवाल

मनोरंजन9 hours ago

नेपाल में बाढ़ की तबाही देख भावुक हुए अनुपम खेर, कहा- ‘ऐसे समय में शब्द बहुत छोटे पड़ जाते हैं’

मनोरंजन10 hours ago

गुजरात के सीएम का 14 महिला विधायकों को राखी का तोहफा, उनके क्षेत्रों में 28 करोड़ की स्पेशल ग्रांट

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

जापान दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने अधिक निवेश और मजबूत औद्योगिक साझेदारियों का किया आह्वान, भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मिली नई गति

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

नेपाल में 21 भारतीयों को बचाया गया, सभी तमिलनाडु से: विदेश मंत्रालय

महाराष्ट्र10 hours ago

मुंबई के लालबाग परेल में ईद मिलाद-उन-नबी जुलूस से लौटते समय हिंसा

मनोरंजन11 hours ago

अमिताभ बच्चन ने शादीशुदा पुरुषों को दी मजेदार सलाह, बोले-‘विवाह की तिथि कभी मत भूलिएगा’

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत में भारत में कई आर्थिक संकेतों ने दिखाई मजबूती : रिपोर्ट

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

मनोरंजन3 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

रुझान