राजनीति
तमिलनाडु कैबिनेट की बैठक में चार अहम फैसले, सामाजिक न्याय सर्वेक्षण के लिए आयोग का होगा गठन : मंत्री निर्मल कुमार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में गुरुवार को चेन्नई के सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई। तमिलनाडु के कानून और ऊर्जा संसाधन मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने बताया कि कैबिनेट बैठक में चार अहम फैसले लिए गए। इनमें आठ उद्योगों को अपना कामकाज शुरू करने की मंजूरी देना और सामाजिक न्याय सर्वेक्षण कराने के लिए एक आयोग का गठन करना शामिल है, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार इस सर्वेक्षण के लिए रूपरेखा तैयार करेगी और धर्म परिवर्तन करने वाले मुसलमानों के आरक्षण के मुद्दे पर एक पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटिशन) दायर करने की योजना बना रही है।
थलाम्बुर ‘पोराम्बोके’ (सरकारी) भूमि विवाद पर निर्मल कुमार ने कहा कि लगभग 600 एकड़ जमीन से जुड़ा यह मुद्दा करीब 30 वर्षों से अनसुलझा है, जिससे लगभग 3,000 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस इलाके में 15 से अधिक शैक्षणिक संस्थान भी स्थित हैं।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने इसके संभावित समाधानों पर चर्चा की है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में कई अनियमितताएं हुई थीं, जिनमें ‘कासाग्रैंड’ द्वारा संपत्तियों की धोखाधड़ी से की गई बिक्री भी शामिल है।
प्रोफेसर कलैयारासन को हिरासत में लिए जाने के मामले पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था और बताया कि यह घटना स्थानीय पुलिस की एक गलती के कारण हुई। मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पूर्वोत्तर मानसून की तैयारियों को प्राथमिकता दें और जनता की शिकायतों का समाधान करें। निर्मल कुमार ने बताया कि बिजली विभाग में फील्ड असिस्टेंट के लगभग 8,000 पद खाली पड़े हैं।
डीएमके के पूर्व मंत्रियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिन पर पार्टी के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप है? उन्होंने दावा किया कि पूर्व मंत्री अनबिल महेश ने 200 से अधिक बिचौलियों के जरिए 3,000 से ज्यादा स्कूलों को धमकाया और 400 करोड़ रुपए वसूले। उन्होंने इसकी तुलना पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े कथित नौकरी घोटाले से की।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई शिकायतों के आधार पर की जा रही है, न कि किसी राजनीतिक बदले की भावना से। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवीके सरकार का डीएमके को प्रतिशोध के लिए निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली डीएमके सरकार के दौरान महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के कई मामलों को दबा दिया गया था, जो बाद में केवल अदालती कार्यवाही के जरिए सामने आए।
उन्होंने आगे दावा किया कि जी. वीरमणि से जुड़े मामले को दो महीने तक समझौते की बातचीत के जरिए दबाने की कोशिश की गई थी और आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी इसकी जानकारी थी।
निर्मल कुमार ने ‘डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन’ (डीवीएसी) की जांच के बाद पूर्व मंत्री के. एन. नेहरू के खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक नौकरी रैकेट के जरिए लगभग 2,300 लोगों के साथ करीब 800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं और अदालत की अनुमति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिंजी में लापता बच्चे की तलाश के बारे में मंत्री ने कहा कि खोज अभियान तेज कर दिया गया है और उम्मीद जताई कि बच्चा जल्द ही मिल जाएगा।
जेल सुधारों पर बात करते हुए निर्मल कुमार ने कहा कि सुरक्षा कमियों और प्रक्रियात्मक खामियों को दूर करने के लिए तमिलनाडु की सभी 11 केंद्रीय जेलों में आधुनिक तकनीकें लागू की जाएंगी। उप-जेलों में भी सुधार किए जाएंगे, जिसमें जरूरत पड़ने पर कैदियों को केंद्रीय जेलों में स्थानांतरित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय किए जाएंगे, जिससे कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की जरूरत कम से कम पड़े। सरकार उस व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पिछले 30 से 40 वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त रही है।
महाराष्ट्र
मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में 66 लाख रुपए का हाइड्रो गांजा बरामद, तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस के एमआईडीसी (महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) पुलिस थाने की एंटी नारकोटिक्स टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 66 लाख 36 हजार रुपए बताई जा रही है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे और उनकी टीम गुरुवार को शाम 7:50 बजे गश्त पर थी। इसी दौरान जे.के. इंडस्ट्रियल इस्टेट, पेपर बॉक्स रोड, एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व) में दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते दिखे।
पुलिस को देखकर दोनों ने हाथ में मौजूद लाल रंग की प्लास्टिक बैग छिपाने की कोशिश की और वहां से भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले टालमटोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने बताया कि बैग में हाइड्रो गांजा है।
तलाशी में उनके पास से 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों की पहचान ओंकार राजेंद्र पवार (उम्र 28 वर्ष, निवासी – भाकरवाडी, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) और पियुष मधुकर घोंगडे (उम्र 22 वर्ष, निवासी – वाठार स्टेशन, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) के रूप में हुई है।
दोनों के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी सतारा जिले से मुंबई में हाइड्रो गांजा बेचने के लिए आए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे के लिंक की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह आयुक्त (का. व सु.) डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अपर आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) डॉ. अभिनव देशमुख, पुलिस उप आयुक्त (परिमंडल-3) दत्ता नलावडे, सहायक आयुक्त (अंधेरी विभाग) योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक धनंजय नायर और निरीक्षक सुनील कांडे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे, पुलिस हवलदार गौतम बडे, पुलिस हवलदार बाबू येडगे, पुलिस हवलदार सचिन थोंबरे, पुलिस कांस्टेबल लोखंडे और पुलिस कांस्टेबल बिनल शिंगणे की टीम ने की।
राष्ट्रीय समाचार
हरियाणा पुलिस की समीक्षा बैठक, डीजीपी ने सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम पर दिया जोर

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक में सीसीटीवी निगरानी, फेस रिकग्निशन सिस्टम, सक्रिय अपराधियों के सत्यापन, रात्रि नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के 24 जिलों में मौजूद 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा कुल 6,644 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हों और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कैमरों की स्थिति, तकनीकी खामियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश भी दिए।
अपराधियों के डेटा सत्यापन और फेस रिकग्निशन सिस्टम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। वहीं, 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड की गई हैं। राज्य के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया गया है। डीजीपी ने अधिकारियों को घोषित अपराधियों, बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा भी अगले दो सप्ताह में सिस्टम पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में रात्रि नाकाबंदी की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरजिला नाकाबंदी से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को नाकों की नियमित निगरानी करने और वहां सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश में फिलहाल 40 संवेदनशील स्थानों और सीमा क्षेत्रों में नियमित नाके लगाए जा रहे हैं, जबकि 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं।
बिना नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में बताया गया कि 1 जून 2026 से 28 अक्टूबर 2026 तक 31.22 लाख से अधिक वाहनों की जांच की गई। इस दौरान बिना नंबर प्लेट के 1.14 लाख से अधिक और बिना एचएसआरपी के 1.57 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए। इसी अवधि में 22,269 वाहन जब्त भी किए गए। कुल मिलाकर 2.72 लाख से अधिक चालान किए गए हैं।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि आपात स्थिति में पुलिस का त्वरित पहुंचना नागरिकों के विश्वास और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ईआरवी का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सतत निगरानी और जवाबदेही के साथ काम करना आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमित समीक्षा जारी रखने के निर्देश दिए।
राजनीति
संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी नियुक्ति पर जयराम रमेश का आरोप

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को भाजपा द्वारा आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी 2014 से लगातार संसद संस्था को कमजोर कर रही है।
एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि भाजपा के समर्थकों द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करना ‘बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं’ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर विधेयकों को जबरदस्ती पारित करने, जनहित के मुद्दों पर बहस से इनकार करने, संसदीय संस्थाओं को बदनाम करने और दोनों सदनों को आत्म-प्रशंसा का मंच बनाने के द्वारा संसदीय लोकतंत्र का बार-बार मजाक उड़ाने का आरोप लगाया।
रमेश ने विशेष रूप से दिसंबर 2023 की घटना का जिक्र किया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त को अभूतपूर्व ‘आजीवन प्रतिरक्षा’ प्रदान करने वाला विधेयक दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया गया था। जबकि इस दौरान 145 विपक्षी सांसद निलंबित थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक पारित होने के तुरंत बाद ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया ताकि वे करोड़ों भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित कर सकें।
कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चल रहे राजनीतिक टकराव और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के अभियान की पृष्ठभूमि में आई हैं।
इंडिया ब्लॉक केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है और उसने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें एक मॉक पार्लियामेंट सत्र भी शामिल है।
भाजपा लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही है और दावा करती रही है कि संसदीय कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित होती है और चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करता है।
सत्ताधारी दल ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास बताया है।
भाजपा से जुड़े संगठन ‘सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली के एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर निगम) कन्वेंशन सेंटर में ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर एक नकली संसद का आयोजन किया।
इंडिया ब्लॉक के समानांतर आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया और सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भूमिका निभाई।
रमेश का बयान विपक्ष के उस व्यापक आरोप को दर्शाता है कि पिछले एक दशक में संसदीय नियमों का हनन हुआ है और महत्वपूर्ण कानूनों को पर्याप्त चर्चा के बिना ही पारित कर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और कामकाज ने उसकी स्वतंत्रता को खतरे में डाल दिया है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड4 weeks agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
