व्यापार
टेस्ला के शेयरधारक 3 दिसंबर को मस्क की बोर्ड सीट और 158 अरब डॉलर के वेतन पैकेज पर करेंगे मतदान
टेस्ला ने अपनी वार्षिक शेयरधारक बैठक 3 दिसंबर को निर्धारित की है। इस बैठक में निवेशक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क और अन्य निदेशकों के पुनर्निर्वाचन के साथ-साथ कार्यकारी अधिकारियों के वेतन पर सलाहकारी प्रस्ताव और कंपनी के ऑडिटर की नियुक्ति पर मतदान करेंगे।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के पास दाखिल प्रॉक्सी दस्तावेज के अनुसार, टेस्ला ने मस्क, चेयरपर्सन रॉबिन डेनहोल्म और निदेशक जेबी स्ट्रॉबेल को बोर्ड में तीन साल के नए कार्यकाल के लिए नामित किया है।
शेयरधारकों से 2025 के कार्यकारी अधिकारियों के वेतन पैकेज को गैर-बाध्यकारी आधार पर मंजूरी देने और 31 दिसंबर को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (पीडब्ल्यूसी) को टेस्ला के स्वतंत्र ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने की पुष्टि करने को भी कहा जाएगा।
इसके अलावा, प्रॉक्सी स्टेटमेंट में 2025 के लिए मस्क को दिए गए वेतन और अन्य पारिश्रमिक का लेखांकन मूल्य लगभग 158.36 अरब डॉलर बताया गया है। इसमें पूरी राशि शेयर आधारित पुरस्कारों के रूप में शामिल है।
यह आंकड़ा प्रदर्शन से जुड़े इक्विटी पुरस्कारों को दिया गया लेखांकन मूल्य दर्शाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि अरबपति उद्यमी को इतनी राशि नकद में मिली है।
टेस्ला ने कहा कि ये पुरस्कार कंपनी के बाजार पूंजीकरण और परिचालन प्रदर्शन से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने की शर्त पर निर्भर हैं।
कंपनी ने इससे पहले मई में बताया था कि 2025 के लिए मस्क को वास्तव में प्राप्त पारिश्रमिक शून्य था। प्रोत्साहन कार्यक्रम से जुड़ी 12 किस्तों में से कोई भी किस्त अर्जित नहीं की गई थी।
इस इक्विटी पैकेज में लगभग 42.37 करोड़ प्रतिबंधित शेयर शामिल हैं, जो केवल पूर्व निर्धारित लक्ष्य पूरे होने के बाद ही मस्क को मिलेंगे।
इसके अलावा, अर्जित किए गए किसी भी शेयर को आम तौर पर पांच साल तक अपने पास रखने की शर्त होगी। हालांकि, कुछ सीमित परिस्थितियों में इससे छूट मिल सकती है।
वार्षिक बैठक टेक्सास के ऑस्टिन स्थित टेस्ला की गीगाफैक्ट्री में सेंट्रल टाइम के अनुसार दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। इसमें ऑनलाइन भी शामिल हुआ जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, प्रॉक्सी दस्तावेज में टेस्ला और स्पेसएक्स के बीच बोर्ड स्तर पर कई संबंधों का जिक्र किया गया है।
हालांकि, प्रॉक्सी स्टेटमेंट में टेस्ला और स्पेसएक्स के संभावित विलय का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
इस बीच, एलन मस्क समर्थित कंपनी स्पेसएक्स मंगलवार को तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा करने वाली है। कंपनी के शेयर अपने लिस्टिंग के बाद के उच्चतम स्तर से लगभग 35 प्रतिशत गिर चुके हैं।
जून में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद यह कंपनी की दूसरी तिमाही की आय रिपोर्ट होगी। इस दौरान कंपनी के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
लिस्टिंग के तुरंत बाद दर्ज किए गए रिकॉर्ड उच्च स्तर से कंपनी का शेयर लगभग 35 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
व्यापार
ओवरसाइट बोर्ड ने मेटा की आलोचना की, कहा- चुनाव से जुड़े नियमों को लागू करने में पारदर्शिता लाना जरूरी

इंडिपेंडेंट ओवरसाइट बोर्ड ने मंगलवार को मेटा की आलोचना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया कंपनी को चुनाव से जुड़े नियमों को लागू करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता लानी चाहिए।
बोर्ड की ओर से यह आलोचना अमेरिका और ब्राजील में राजनीतिक खातों से जुड़ी कंटेंट मॉडरेशन की कई विफलताओं के बाद की गई है।
बोर्ड ने एक बयान में कहा कि मेटा के चुनाव एकरूपता प्रयासों में बार-बार सामने आ रही कमियों को लेकर वह चिंतित है। बोर्ड ने चेतावनी दी कि कंटेंट मॉडरेशन में होने वाली गलतियों से वैध राजनीतिक बातचीत दब सकती है या चुनावी प्रक्रियाओं में जनता का भरोसा कम हो सकता है।
बोर्ड ने उदाहरण के तौर पर अमेरिका में ‘नो किंग्स’ आंदोलन से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अकाउंट हटाए जाने और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से जुड़े अकाउंट्स पर चुनाव के दौरान लगाई गई पाबंदियों का जिक्र किया। बोर्ड के अनुसार, ऐसी कार्रवाइयों ने चुनावों में दखलंदाजी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बोर्ड के अनुसार, ‘नो किंग्स’ इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ की गई गलत कार्रवाई का पता मेटा के उन सुरक्षा उपायों से लग जाना चाहिए था, जिन्हें मॉडरेशन संबंधी गलतियों को रोकने के लिए बनाया गया है।
साथ ही, बोर्ड ने यह सवाल भी उठाया कि इन अकाउंट्स को मेटा के ‘क्रॉस-चेक’ प्रोग्राम में क्यों शामिल नहीं किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत, प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी को प्रभावित कर सकने वाली कोई भी कार्रवाई करने से पहले, हाई-प्रोफाइल नागरिक और राजनीतिक हस्तियों के अकाउंट्स की इंसानों द्वारा अतिरिक्त समीक्षा की जाती है।
बोर्ड ने कहा कि ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान लूला से जुड़े विज्ञापन खातों के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ी नीतियों को लागू करने में मेटा की कार्रवाई एक तरह की विफलता थी। इस मामले को स्पेशलिस्ट रिव्यूअर्स के पास भेजा जाना चाहिए था।
ये टिप्पणियां उन चिंताओं को फिर से सामने लाती हैं जिन्हें बोर्ड ने ब्राजील के 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद उठाया था। उस समय बोर्ड ने मेटा से कहा था कि वह अपने इलेक्शन इंटीग्रिटी प्रोग्राम्स की प्रभावशीलता को मापने के लिए स्पष्ट मानक तय करे और इससे जुड़े प्रदर्शन के आंकड़े सार्वजनिक करे।
हालांकि मेटा नियमित रूप से कुछ सामान्य आंकड़े जारी करता है, जैसे कि कितने विज्ञापनों को आर्काइव किया गया या कितने खातों को हटाया गया, लेकिन बोर्ड का कहना है कि कंपनी ने अभी तक ऐसे सार्वजनिक आंकड़े नहीं दिए हैं जिनसे उसकी प्रवर्तन प्रणालियों की प्रभावशीलता को ठीक से मापा जा सके या उनकी बड़ी कमियों की पहचान की जा सके।
इसके अलावा, बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी कि चुनावों से पहले राजनीतिक सामग्री को गलत तरीके से हटा देने से राजनीतिक भागीदारी पर बुरा असर पड़ सकता है और इससे चुनावी एकरूपता भी कमजोर हो सकती है।
ओवरसाइट बोर्ड के अनुसार, “ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट टूल्स को भाषा, बारीकियों और राजनीतिक संदर्भ को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि ऐसी राजनीतिक अभिव्यक्ति को बेहतर ढंग से सुरक्षित रखा जा सके जिससे हिंसा न भड़कती हो।”
मेटा ने 2025 में यह वादा किया था कि वह मॉडरेशन से जुड़ी गलतियों को कम करेगा, और साथ ही चुनावों तथा राजनीतिक बहसों के दौरान अभिव्यक्ति की अधिक स्वतंत्रता देगा।
बोर्ड का कहना है कि हाल की घटनाएं बताती हैं कि इस वादे को पूरा करने के लिए कंपनी को अभी और सुधार करने की जरूरत है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से सभी निर्यात को मिली ड्यूटी-फ्री पहुंच, व्यापार और निवेश संबंधों को मिलेगी नई गति: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के लिए अवसरों के एक नए अध्याय की शुरुआत है। समझौते के लागू होने के साथ ही न्यूजीलैंड में जाने वाले सभी भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) पहुंच मिल गई है, जिससे व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते हुए गोयल ने कहा कि अब भारतीय निर्यात पर 100 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा, “भारतीय वस्तुएं अब न्यूजीलैंड में सभी टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) के साथ प्रवेश कर सकेंगी।”
मंत्री ने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश को सुगम बनाएगा, जो आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
साथ ही गोयल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा, “लेकिन हमने अपने किसानों के हितों की रक्षा की है। डेयरी, प्रमुख कृषि उत्पादों और पशु-आधारित उत्पादों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इस बीच, अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी इस समझौते के लागू होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता का प्रमाण है और ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूत करेगा।
खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कृषि उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड जैसे भारतीय क्षेत्रों के लिए बड़े निर्यात अवसर पैदा करेगा।
कैट ने कहा कि न्यूजीलैंड के बाजार में मिलने वाली जीरो-ड्यूटी पहुंच भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी और इससे एमएसएमई, कारीगरों, किसानों, निर्माताओं, महिला उद्यमियों और निर्यातकों को लाभ मिलेगा।
यह समझौता न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।
भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उद्योग जगत का मानना है कि यह एफटीए निर्यात, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूत गति प्रदान करेगा।
खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यापार-केंद्रित कूटनीति भारतीय कारोबारों के लिए नए वैश्विक बाजार खोल रही है, जबकि घरेलू संवेदनशील क्षेत्रों के हित भी सुरक्षित रखे जा रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों, निर्माताओं और एमएसएमई से ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया।
व्यापार
दशहरा के अवसर पर आज शेयर बाजार बंद, एनएसई-बीएसई में नहीं हो रहा कारोबार; जानिए एमसीएक्स का शेड्यूल

दशहरा (विजयादशमी) के अवसर पर मंगलवार यानी 20 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार बंद है। इसलिए प्रमुख बेंचमार्कों- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कारोबार नहीं हो रहा। दोनों एक्सचेंजों ने अपने 2026 के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर में दशहरा को पूर्ण ट्रेडिंग अवकाश के रूप में शामिल किया है। ऐसे में निवेशक आज न तो शेयर खरीद-बिक्री कर सकेंगे और न ही इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग होगी।
यह अवकाश ऐसे समय आया है जब सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। कमजोर निजी बैंकिंग शेयरों, उम्मीद से कमजोर कॉर्पोरेट नतीजों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में निफ्टी 50 करीब 257 अंक टूटकर 22,888.95 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 876.37 अंक गिरकर 73,852.90 पर आ गया था। बाजार में बिकवाली का असर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स पर देखने को मिला, हालांकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपवाद रहा।
दशहरा अवकाश के कारण आज इक्विटी सेगमेंट के साथ-साथ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में भी ट्रेडिंग नहीं हो रही। इसके अलावा, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (एसएलबी), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स से जुड़े सभी कारोबारी सत्र भी बंद हैं।
इसलिए जो निवेशक शेयर, डेरिवेटिव्स या करेंसी बाजार में सक्रिय रहते हैं, उन्हें कारोबार के लिए अगले कारोबारी दिन का इंतजार करना होगा।
जहां इक्विटी बाजार पूरे दिन बंद रहेगा, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में कारोबार आंशिक रूप से जारी रहेगा। एमसीएक्स का मॉर्निंग सेशन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से कमोडिटी ट्रेडिंग दोबारा शुरू होगी।
इवनिंग सेशन रात 11:30 बजे या 11:55 बजे तक चलेगा। इसका मतलब है कि सोना, चांदी, कच्चा तेल और अन्य कमोडिटी फ्यूचर्स में ट्रेड करने वाले निवेशक शाम के सत्र में कारोबार कर सकेंगे।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब घरेलू शेयर बाजार बंद होता है, तब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना, चांदी, क्रूड ऑयल और अन्य कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। ऐसे में एमसीएक्स का इवनिंग सेशन निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों के अनुसार पोजिशन लेने का अवसर देता है।
यही कारण है कि कमोडिटी निवेशकों को एक्सचेंज के ट्रेडिंग समय और अनुबंध संबंधी सूचनाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
दशहरा अवकाश के बाद एनएसई और बीएसई में नियमित कारोबार बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 से फिर से शुरू होगा। निवेशक सामान्य समय के अनुसार शेयरों की खरीद-बिक्री और अन्य कारोबारी गतिविधियां कर सकेंगे।
दशहरा के बाद शेयर बाजार में इस वर्ष तीन प्रमुख अवकाश और रहेंगे, जिसमें 10 नवंबर 2026 को दिवाली बलिप्रतिपदा, 24 नवंबर 2026 को प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव जी और 25 दिसंबर 2026 को क्रिसमस शामिल है।
वहीं एमसीएक्स पर दिवाली बलिप्रतिपदा और गुरु नानक जयंती के दिन सुबह का सत्र बंद रहेगा, लेकिन शाम का सत्र खुला रहेगा। क्रिसमस के दिन एमसीएक्स का पूरा कारोबार बंद रहेगा।
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