व्यापार
30 साल की उम्र में 5 करोड़ रुपए का रिटायरमेंट फंड बनाना है? जानिए हर महीने कितने की करनी होगी एसआईपी
रिटायरमेंट के लिए 5 करोड़ रुपए का फंड तैयार करना सुनने में भले ही एक बड़ा लक्ष्य लगे, लेकिन सही समय पर निवेश शुरू कर दिया जाए और लंबे समय तक नियमित निवेश जारी रखा जाए तो कंपाउंडिंग की ताकत से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खासतौर पर म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए लंबी अवधि का निवेश रिटायरमेंट प्लानिंग का एक प्रभावी तरीका बन सकता है। हालांकि, निवेश शुरू करने की उम्र जितनी कम होगी, उतना अधिक समय कंपाउंडिंग के लिए मिलेगा और हर महीने निवेश की जाने वाली रकम अपेक्षाकृत कम हो सकती है। आज हम आपको कैलकुलेशन के माध्यम से बताते हैं कि अगर कोई 30 साल की उम्र में 5 करोड़ रुपए का रिटायरमेंट फंड बनाना चाहता है तो उसे हर महीने कितने रुपए की एसआईपी करनी पड़ेगी।
अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो उसके पास 60 साल की उम्र तक 30 साल का समय होता है। वहीं, 25 साल की उम्र वाले व्यक्ति के पास करीब 35 साल का समय होता है। जबकि 35 साल की उम्र वाले को 25 साल और 40 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले निवेशक को केवल 20 साल का समय मिलता है। इसके अलावा मौजूदा आय, भविष्य में वेतन वृद्धि, मासिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, ईएमआई, स्वास्थ्य खर्च और रिटायरमेंट के बाद की जरूरतें भी यह तय करती हैं कि वास्तव में कितना रिटायरमेंट फंड चाहिए।
यदि 12 प्रतिशत सालाना औसत रिटर्न और पूरी अवधि के दौरान बिना एसआईपी बढ़ाए एक निश्चित मासिक निवेश का अनुमान लगाया जाए, तो 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले व्यक्ति को 60 साल की उम्र तक 5 करोड़ रुपए का कॉर्पस बनाने के लिए लगभग 14,500 रुपए प्रति माह की एसआईपी करनी पड़ सकती है। 30 साल तक लगातार इस रकम का निवेश करने पर कुल निवेश करीब 52.20 लाख रुपए होगा, जबकि अनुमानित रिटर्न के साथ रिटायरमेंट कॉर्पस लगभग 5.12 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
वहीं, 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले व्यक्ति को लगभग 5 करोड़ रुपए से अधिक का कॉर्पस तैयार करने के लिए करीब 8,000 रुपए प्रति माह की एसआईपी की जरूरत पड़ सकती है। 35 साल तक निवेश करने पर उसका कुल योगदान लगभग 33.60 लाख रुपए होगा और 12 प्रतिशत अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर कॉर्पस करीब 5.20 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
अगर निवेश की शुरुआत 35 साल की उम्र में की जाती है, तो निवेश की अवधि घटकर 25 साल रह जाती है। ऐसे में 5 करोड़ रुपए के आसपास का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए करीब 26,500 रुपए प्रति माह की एसआईपी करनी पड़ सकती है। इस दौरान कुल निवेश लगभग 79.50 लाख रुपए होगा और अनुमानित कॉर्पस करीब 5.03 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इसी तरह 40 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को केवल 20 साल में यह लक्ष्य हासिल करने के लिए करीब 50,000 रुपए प्रति माह की एसआईपी करनी पड़ सकती है। इस स्थिति में कुल निवेश लगभग 1.20 करोड़ रुपए होगा और अनुमानित कॉर्पस करीब 5 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
इन आंकड़ों से साफ है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ा फायदा जल्दी निवेश शुरू करने से मिलता है। जितनी जल्दी एसआईपी शुरू होगी, उतना ही ज्यादा समय निवेश को कंपाउंडिंग का लाभ मिलेगा और लक्ष्य हासिल करने के लिए मासिक निवेश का बोझ कम हो सकता है। हालांकि, 5 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय करते समय महंगाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आज जो मासिक खर्च 50,000 रुपए है, वह 25 या 30 साल बाद महंगाई के कारण काफी अधिक हो सकता है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों का अनुमान हमेशा भविष्य की महंगाई को ध्यान में रखकर लगाना चाहिए।
इसके साथ ही, यह भी समझना जरूरी है कि 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न केवल एक अनुमान है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। इक्विटी और इक्विटी-आधारित म्यूचुअल फंड में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है और वास्तविक रिटर्न अनुमान से कम या अधिक हो सकता है।
ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक निवेश विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश को अलग-अलग एसेट क्लास में बांटना बेहतर हो सकता है। पीपीएफ और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों के साथ म्यूचुअल फंड, शेयर और ईटीएफ जैसे बाजार से जुड़े निवेश साधनों का संतुलित मिश्रण लंबे समय में रिटायरमेंट पोर्टफोलियो को अधिक मजबूत बना सकता है।
व्यापार
सोना इस हफ्ते 1,200 रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.21 लाख के पार

सोने इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे दाम 1,200 रुपए प्रति 10 ग्राम से अधिक बढ़ गया। हालांकि, इस दौरान चांदी में मामूली तेजी दर्ज की गई।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 1,292 रुपए बढ़कर 1,49,430 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,48,138 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,36,878 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 135694 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,12,073 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,11,104 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 9 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 1,49,614 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 6 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 1,47,278 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है।
चांदी का दाम 280 रुपए बढ़कर 2,21,109 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,20,829 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 5 अक्टूबर को शाम के सत्र में 2,24,157 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 7 अक्टूबर को शाम के सत्र में 2,20,866 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,200 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी एक दाम इस हफ्ते एक सीमित दायर में रहे। इसकी वजह बॉन्ड यील्ड का लगातार 5 प्रतिशत और कच्चे तेल का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना है। वहीं, मजबूत डॉलर दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजामों और ट्रैफिक पर लगी पाबंदियों को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट ने शनिवार को यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और उनसे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का आग्रह किया है।
यह एडवाइजरी राष्ट्रीय राजधानी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के ‘बिना मंजूरी वाले’ विरोध प्रदर्शन से पहले जारी की गई।
दिल्ली एयरपोर्ट ने एक बयान में कहा, “दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और ट्रैफिक पर संभावित पाबंदियों को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और आने-जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।”
बयान में आगे कहा गया, “यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट आने-जाने के लिए कैब, सिटी बस और अन्य उपलब्ध विकल्पों पर विचार करें। हम आपके सहयोग की सराहना करते हैं और आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो, इसकी कामना करते हैं।”
यह एडवाइजरी प्रस्तावित प्रदर्शनों से पहले दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैफ़िक पाबंदियों की घोषणा के बाद जारी की गई है।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी के ‘बिना मंजूरी वाले’ विरोध प्रदर्शन से जुड़ी कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की और यात्रियों को सलाह दी कि अगर वे नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली होते हुए रेलवे स्टेशनों, आईएसबीटी या एयरपोर्ट जा रहे हैं, तो यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे जरूरी न होने पर यात्रा न करें। साथ ही, यह भी कहा गया है कि ट्रैफ़िक मैनेजमेंट के उपाय बदलते हालात के हिसाब से तय किए जाएंगे और जमीनी स्थिति का रियल-टाइम आकलन करके उनमें ढील दी जाएगी या उन्हें रेगुलेट किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि लोग लाइव अपडेट, वैकल्पिक रास्तों और लगातार ट्रैफ़िक अलर्ट के लिए दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म देखते रह सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों, जैसे जनपथ-कर्तव्य पथ इलाके में इंटरनेट पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा, शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम तक दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं।
व्यापार
रिश्ता छिपाने के लिए 40 मिलियन डॉलर का ऑफर, एलन मस्क पर पूर्व पार्टनर का सनसनीखेज आरोप

अरबपति कारोबारी एलन मस्क के एक बच्चे की मां एश्ले सेंट क्लेयर ने दावा किया है कि उन्हें मस्क के साथ अपने रिश्ते को गुप्त रखने के बदले करीब 4 करोड़ डॉलर (लगभग 40 मिलियन डॉलर) की वित्तीय पेशकश की गई थी। हालांकि, मस्क ने सार्वजनिक तौर पर इस आरोप को खारिज कर दिया है।
शुक्रवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक इंटरव्यू में पूर्व कंजर्वेटिव सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सेंट क्लेयर ने कहा कि उन्होंने प्रस्तावित नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) समझौते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था क्योंकि इसके तहत उन्हें मस्क और उनके रिश्ते के बारे में बात करने से हमेशा की रोक दिया जाता। सेंट क्लेयर के मुताबिक, इस प्रस्ताव में 1.5 करोड़ डॉलर की एकमुश्त रकम और 21 साल तक हर महीने एक लाख डॉलर देने की बात शामिल थी। कुल मिलाकर यह राशि 4.02 करोड़ डॉलर तक पहुंचती है।
इससे पहले भी इस कथित समझौते को लेकर आई रिपोर्टों के बाद मस्क ने आरोपों को खारिज किया था। अखबार के अनुसार, मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था, “उन्हें कभी ऐसी कोई पेशकश नहीं की गई। उनका झूठे दावे करने का पुराना इतिहास रहा है।”
सेंट क्लेयर ने 2024 में एक बच्चे को जन्म दिया था। सेंट क्लेयर ने दावा किया कि बच्चे के जन्म के करीब दो महीने बाद मस्क के वित्तीय प्रबंधक जेरेड बर्चल ने उन्हें यह गोपनीयता समझौता भेजा था। उनका आरोप है कि यह दस्तावेज एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल के जरिए भेजा गया था और इसकी शर्तों के तहत वह अपने परिवार के सदस्यों से भी इस रिश्ते के बारे में बात नहीं कर सकती थीं। सेंट क्लेयर का कहना है कि ये प्रतिबंध उनके उत्तराधिकारियों (वारिसों) तक पर लागू होते। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह समझौता इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि इसकी शर्तें, खासकर उनके बच्चों से जुड़ी बातें, उन्हें स्वीकार्य नहीं थीं।
अखबार के अनुसार, मस्क ने इंटरव्यू से जुड़े सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की। सेंट क्लेयर की कहानी उस समय सामने आई है जब वह ऑस्कर विजेता फिल्मकार एलेक्स गिबनी की लगभग चार घंटे लंबी डॉक्यूमेंट्री ‘मस्क’ में दिखाई दे रही हैं। यह डॉक्यूमेंट्री मस्क की निजी जिंदगी, कारोबारी हितों और सार्वजनिक प्रभाव की पड़ताल करती है।
पूर्व इन्फ्लुएंसर ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री में हिस्सा लेने का एक कारण धन और शक्ति के प्रभाव को लेकर उनकी बढ़ती चिंता भी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सोच परेशान करने लगी थी कि सिर्फ आर्थिक सफलता के आधार पर लोगों को शक्तिशाली व्यक्तियों पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेना चाहिए।
सेंट क्लेयर ने बताया कि 2023 में उनकी मुलाकात मस्क से तब हुई थी, जब मस्क ने ट्विटर (अब एक्स) पर उनसे संपर्क किया। उस समय वह अपने कंजर्वेटिव राजनीतिक विचारों की वजह से सोशल मीडिया पर लोकप्रिय थीं।
उस दौरान वह कंजर्वेटिव व्यंग्य प्रकाशन ‘द बैबिलॉन बी’ के लिए काम कर रही थीं और अपने पिछले रिश्ते से हुए एक बच्चे की परवरिश कर रही थीं। उनके मुताबिक, दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हुई और बाद में यह एक निजी रिश्ते में बदल गई।
सेंट क्लेयर का दावा है कि जनवरी 2024 में सेंट बार्ट्स की यात्रा के दौरान मस्क ने उनके साथ बच्चे को लेकर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह इस रिश्ते को सकारात्मक मानती थीं लेकिन बाद में उनकी चिंताएं बढ़ने लगीं। खासकर तब, जब उन्हें गायिका ग्राइम्स और मस्क के बीच चल रहे बच्चों की कस्टडी विवाद के बारे में अधिक जानकारी मिली। मस्क और ग्राइम्स के तीन बच्चे हैं।
सेंट क्लेयर ने कहा कि समय के साथ वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े राजनीतिक आंदोलन से भी निराश होने लगीं, जिसका वह पहले समर्थन करती थीं। इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में उन्होंने नस्ल, लिंग और ट्रांसजेंडर लोगों से जुड़े कुछ ऐसे राजनीतिक विचारों और बयानों का समर्थन किया था, जिन पर अब उन्हें पछतावा है। उन्होंने कहा कि उनके विचारों में बदलाव धीरे-धीरे आया और यह केवल मस्क के साथ उनके व्यक्तिगत विवाद की वजह से नहीं था।
दूसरी ओर, मस्क ने एलेक्स गिबनी की डॉक्यूमेंट्री की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि इसमें अधिकतर ऐसे लोगों की बातें शामिल की गई हैं जो उनसे नाराज हैं या उन्हें व्यक्तिगत रूप से अच्छी तरह नहीं जानते।
सेंट क्लेयर के वित्तीय समझौते संबंधी आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इंटरव्यू में भी यह साबित नहीं हुआ है कि सेंट क्लेयर की ओर से बताई गई शर्तों को मस्क ने व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी थी।
एलन मस्क इस समय टेस्ला और स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के मालिक भी हैं। उनके कारोबारी हित इलेक्ट्रिक वाहन, अंतरिक्ष अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल संचार जैसे कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिसके चलते अमेरिकी तकनीकी और सार्वजनिक जीवन में उनका बड़ा प्रभाव माना जाता है।
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