राष्ट्रीय समाचार
केयरएज ईएसजी रेटिंग्स ने बढ़ाया अदाणी पोर्ट्स का ईएसजी स्कोर, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में फिर साबित की मजबूत स्थिति
पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन (ईएसजी) के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को और मजबूत करते हुए अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) को केयरएज ईएसजी रेटिंग्स ने 84.3 का ईएसजी स्कोर दिया है।
यह स्कोर बताता है कि ईएसजी से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन, पारदर्शी खुलासों, मजबूत नीतियों और बेहतर प्रदर्शन के मामले में अदाणी पोर्ट्स “लीडरशिप” स्थिति में है। वहीं कंपनी के पिछले 81 अंकों के मुकाबले इस बार उसका स्कोर 3.3 अंक बढ़ा है।
कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह रेटिंग केयरएज ईएसजी रेटिंग्स की वार्षिक समीक्षा के बाद दी गई है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 की इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट में किए गए नए खुलासों को भी शामिल किया गया है।
कंपनी के अनुसार, यह रेटिंग बढ़ोतरी ईएसजी प्रदर्शन और पारदर्शिता में लगातार हुए सुधार को दर्शाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण के क्षेत्र में उत्सर्जन, ऊर्जा, पानी और कचरे की तीव्रता में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक उपयोग और पूरी वैल्यू चेन में पर्यावरण संबंधी पहलुओं को शामिल करने जैसे कदमों ने कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर बनाया है।
सामाजिक क्षेत्र में सुरक्षा प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने, विविधता, समान वेतन और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने जैसे प्रयासों का भी सकारात्मक असर देखने को मिला।
कंपनी ने बताया कि बोर्ड स्तर पर ईएसजी की निगरानी, व्यापक गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम और वैल्यू चेन से जुड़े साझेदारों के साथ बेहतर समन्वय जैसी पहल ने उसके कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे को और मजबूत किया है।
कंपनी ने कहा, “यह रेटिंग इस बात की पुष्टि करती है कि पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अदाणी पोर्ट्स ईएसजी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों में शामिल है। यह पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन से जुड़े सभी पहलुओं में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, पारदर्शिता और लगातार सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
इसी सप्ताह एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी अदाणी पोर्ट्स की लंबी अवधि की इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग और सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की रेटिंग को “बीबीबी-” से बढ़ाकर “बीबीबी” कर दिया था। साथ ही कंपनी के लिए “स्टेबल” आउटलुक भी बरकरार रखा था।
एसएंडपी ने यह अपग्रेड कंपनी की मजबूत नकदी प्रवाह क्षमता और स्वस्थ वित्तीय स्थिति बनाए रखते हुए बड़े विस्तार कार्यक्रम को पूरा करने की क्षमता को देखते हुए दिया है।
इस अपग्रेड के बाद एसएंडपी की ओर से अदाणी पोर्ट्स की रेटिंग भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर पहुंच गई है।
राष्ट्रीय समाचार
अदाणी ग्रुप का 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करना है लक्ष्य: सागर अदाणी

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा है कि अदाणी ग्रुप दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो में से एक तैयार कर रहा है। इसके लिए समूह ने वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान लंदन के साइंस म्यूजियम में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन (ईटीसी) की साझेदारी में आयोजित पहले अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम पंप्ड हाइड्रो और यूटिलिटी-स्केल बैटरी सहित बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं। साथ ही देश भर में कुशलतापूर्वक बिजली वितरण के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं और हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम यह सब ऐसे पैमाने और गति से कर रहे हैं, जैसा दुनिया ने शायद ही कभी देखा हो। क्योंकि छोटे-छोटे बदलाव अब पर्याप्त नहीं होंगे।”
सागर अदाणी ने कहा कि पिछले तीन महीनों की घटनाओं ने दुनिया के हर देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि आज विकसित और विकासशील दोनों देशों को अपनी अर्थव्यवस्था को लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक संकटों से सुरक्षित रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विकासशील देशों में करोड़ों लोग मध्यम वर्ग में शामिल हो रहे हैं और बेहतर जीवन के लिए उनकी ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना एक बुनियादी आवश्यकता बन गया है।
सागर अदाणी ने कहा कि लगातार बढ़ रहे वैश्विक तनावों ने ऊर्जा की जरूरत को अब अस्तित्व की लड़ाई बना दिया है।
उन्होंने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा की किफायती उपलब्धता और टिकाऊ ऊर्जा – यही आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है।”
उन्होंने कहा कि भारत में विद्युतीकरण की जरूरत सबसे अधिक है और यह सबसे चुनौतीपूर्ण भी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भारत ने कोयला, तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा सहित सभी स्रोतों से मिलाकर करीब 10,000 टेरावाट-घंटे ऊर्जा की खपत की।
सागर अदाणी ने कहा कि भारत की चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले दो दशकों में देश को लगभग 2,000 गीगावाट नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़नी होगी।
उन्होंने कहा कि यह क्षमता ऐसी होनी चाहिए जो सस्ती, सभी तक पहुंचने वाली और अधिक से अधिक स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित हो। यही भारत के सामने सबसे बड़ा अवसर और सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए आगे का रास्ता पूरी तरह स्पष्ट है। भारत को हर क्षेत्र में तेजी से विद्युतीकरण करना होगा, ताकि आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सके। देश को ऐसी ऊर्जा व्यवस्था तैयार करनी होगी, जो घरेलू संसाधनों पर आधारित हो।
उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यावहारिक सोच अपनानी होगी और नवीकरणीय ऊर्जा, जलविद्युत, आधुनिक तापीय ऊर्जा तथा परमाणु ऊर्जा जैसे सभी उपलब्ध स्रोतों का उपयोग करना होगा।
सागर अदाणी ने कहा, “मजबूत और बड़े पैमाने पर उपलब्ध बेसलोड बिजली के बिना यह लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।”
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत सरकार के नेतृत्व ने अनावश्यक नियमों और लालफीताशाही को कम करने, सार्वजनिक उपक्रमों को मजबूत करने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की कई बड़ी और छोटी नीतिगत पहलों ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां उद्योग तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। बुनियादी ढांचे का विकास, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना और दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहे हैं।
सागर अदाणी ने कहा, “सरकार की नीतियों में स्पष्टता और निरंतरता ने भारत की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक मजबूत और लचीला बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
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सोना इस हफ्ते धड़ाम, चांदी का दाम 15 हजार रुपए से अधिक घटा

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वैश्विक स्तर पर अस्थिरता कम होने से सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 5 हजार रुपए और 15 हजार रुपए से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 5,097 रुपए कम होकर 1,39,873 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,44,970 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,28,124 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,32,793 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,04,905 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,08,728 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 25 जून को शाम के सत्र में 1,39,461 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 22 जून को सुबह के सत्र में 1,47,310 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 15,432 रुपए कम होकर 2,16,541 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,31,973 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 22 जून को शाम के सत्र में 2,37,801 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 25 जून को सुबह के सत्र में 2,15,485 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
वैश्विक अस्थिरता में कमी आने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 60 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने के चलते फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ने के संकेत देना है। इससे ट्रेडर्स ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली करना शुरू कर दी है। वहीं, डॉलर की मजबूती ने दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली को बढ़ाने का काम किया है।
सोने में बीते एक महीने में करीब 10 प्रतिशत और चांदी में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
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केतन मर्डर केस : घंटों की पूछताछ में सिया के भाई का बयान- अगर बहन ने मना किया होता तो शादी ही रद्द कर देते

केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साहिल ने जांच अधिकारियों से कहा कि अगर सिया ने परिवार को पहले ही बता दिया होता कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार खुद यह रिश्ता तोड़ देता।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साहिल शुक्रवार सुबह पूछताछ के लिए पहुंचा था और देर शाम उसे जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने उससे सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते, उनके संपर्क और मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर सवाल पूछे। साहिल ने पुलिस से कहा, “अगर सिया ने कहा होता कि उसे केतन पसंद नहीं है, तो हम शादी रुकवा देते।”
लोनावला ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि साहिल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और कई घंटे तक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोनावला के लोहगढ़ किले पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की पहाड़ से धक्का देकर हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों ने यह साजिश इसलिए रची क्योंकि सिया नवंबर में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी।
केतन अग्रवाल अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी सक्सेस ग्रुप में निदेशक और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर था। शुरुआत में उनकी मौत को ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच में इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया गया।
यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल के पिता से मुलाकात कर परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिवार की मांग पर महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
सीएम फडणवीस ने इस घटना को बेहद चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज को यह सोचने की जरूरत है कि अच्छे परिवारों और शिक्षित युवाओं में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता और बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है।
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