राष्ट्रीय समाचार
एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल : असम में भाजपा तय, तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर, केरल-पुडुचेरी का भी सामने आया हाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे और आखिरी चरण के साथ मतदान समाप्त हो गया। अब, 4 मई को नतीजों का इंतजार है। इसी बीच, बुधवार की शाम पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों को लेकर कई एजेंसियों के एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। इन सभी एग्जिट पोल में चुनावी राज्यों की अलग-अलग सियासी तस्वीर पेश की गई है।
एग्जिट पोल में तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में रुझान एक जैसे नहीं हैं। एग्जिट पोल में जहां असम में एनडीए की जीत की हैट्रिक लगाने का अनुमान जताया गया है, वहीं केरल में सत्ता परिवर्तन की उम्मीद जताई गई है। इस बीच एक्सिस माई इंडिया भी चुनावी राज्यों का एग्जिट पोल लेकर सामने आया है।
सबसे पहले असम की बात करें तो, एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में एनडीए में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबसे ज्यादा 70-80 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि एनडीए में शामिल अन्य दल, एजीपी को 7-9 और बीपीएफ को 9-11 सीटें मिल सकती हैं। एक्सिस माई इंडिया के अनुसार, राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से एनडीए को 88-100 सीटें मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में कांग्रेस गठबंधन को 24-36 और अन्य को 0-3 सीट मिल सकती है।
वहीं, असम के वोट शेयर पर नजर डालें तो एग्जिट पोल में एनडीए को 48 प्रतिशत, कांग्रेस गठबंधन को 38 प्रतिशत, एआईयूडीएफ को 2 प्रतिशत, यूपीपीएल को 3 प्रतिशत और अन्य को 9 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
एग्जिट पोल में मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन हैं? इसको लेकर भी लोगों की राय ली गई है। एग्जिट पोल में हिमंता बिस्वा सरमा को 48 प्रतिशत, गौरव गोगोई को 32 प्रतिशत और सर्बानंद सोनोवाल को 3 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद बताया है।
एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने का इशारा किया गया है। एग्जिट पोल के अनुसार, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (टीवीके) सत्ताधारी डीएमके को कड़ी टक्कर देते हुए सबसे बड़ा उलटफेर कर सकती है। राज्य में एक्टर विजय की पार्टी को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है।
एग्जिट पोल के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन को 92 से 110 सीटें मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में डीएमके, कांग्रेस, डीएमडीके, वीसीके, सीपीआई (एम), सीपीआई और आईयूएमएल शामिल हैं।
एआईएडीएमके गठबंधन को 22 से 32 सीटें मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में एआईएडीएमके, भाजपा, पीएमके और एएमएमके शामिल हैं। इसके अलावा, एनटीके और अन्य दलों के खाते में सीटें जाती नहीं दिख रही हैं।
एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के अनुसार, डीएमके गठबंधन को लगभग 35 प्रतिशत वोट शेयर रह सकता है, जबकि टीवीके को भी 35 प्रतिशत, एआईएडीएमके गठबंधन को करीब 23 प्रतिशत, एनटीके को 3 प्रतिशत, और अन्य दलों को 4 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
केरल में यूडीएफ को 78-90, एलडीएफ को 49-62, और एनडी को 0-3 सीटें मिलने का अनुमान है। वोट प्रतिशत की बात करें तो एग्जिट पोल में यूडीएफ को 44 प्रतिशत, एलडीएफ को 39 प्रतिशत, एनडीए को 14 प्रतिशत, और अन्य को 3 प्रतिशत वोट शेयरिंग रहने का अनुमान है।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के अनुसार एनआरसी+ (एनडीए) गठबंधन को 16 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में एआईएनआरसी को 10 से 12 सीटें, भाजपा को 4 से 6 सीटें, एआईएडीएमके को 1 से 2 सीटें और एलजेके को 1 से 2 सीटें मिल सकती हैं।
वहीं, कांग्रेस (डीएमके) गठबंधन को 6 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है, जिसमें डीएमके को 5 से 7 सीटें और कांग्रेस को 1 से 2 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा टीवीके गठबंधन को 2 से 4 सीटें मिलने का अनुमान है, जिसमें टीवीके को 1 से 2 सीटें और एनएमके को 1 से 2 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों और निर्दलीयों को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के अनुसार, एनआरसी (एनडीए) गठबंधन को 40 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में एआईएनआरसी को 23 प्रतिशत, भाजपा को 12 प्रतिशत, एआईएडीएमके को 2 प्रतिशत और एलजेके को 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस (डीएमके) गठबंधन को 30 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जिसमें डीएमके को 17 प्रतिशत और कांग्रेस को 13 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।
इसके अलावा टीवीके गठबंधन को 17 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में टीवीके को 16.8 प्रतिशत और एनएमके को 0.2 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। अन्य दलों और निर्दलीयों को 13 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।
हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे अंतिम नहीं हैं। चुनाव परिणाम 4 मई को सामने आएंगे। इसके बाद ही पता चलेगा कि असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी किसके सिर ताज सजता है।
राष्ट्रीय समाचार
‘विंग्स ओवर गंगा’ भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति का उत्सव : राजनाथ सिंह

वाराणसी में रविवार को गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना गूंजी। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ हवाई प्रदर्शन में वायुसेना के राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के हवाई करतब आकर्षण का केंद्र रहे।
भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने आसमान में अपनी उड़ान क्षमता, सटीक नियंत्रण और पायलटों के असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आयोजन के पर मौजूद रहे व इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। भारतीय वायुसेना के 94 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा के ऊपर विमानों की तेज उड़ान और रोमांचक हवाई करतबों ने आयोजन को खास बनाया। आसमान में विमानों की गर्जना और उनकी कलाबाजियों ने भारतीय वायुसेना की ताकत और पेशेवर दक्षता की झलक पेश की। इस प्रदर्शन के जरिए वायुसेना की तकनीकी क्षमता, सटीक उड़ान और हवाई अभियानों में उसके कौशल को सामने लाया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘विंग्स ओवर गंगा’ को भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति का उत्सव बताया। उन्होंने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि काशी भारतीय वायुसेना के पराक्रम को देखने के लिए तैयार है। उन्होंने वाराणसी को सशक्त, आत्मनिर्भर और नए भारत की उभरती ताकत का प्रतीक भी बताया। गंगा के ऊपर आसमान में उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की गर्जना ने हवाई प्रदर्शन को खास बना दिया। तेज रफ्तार से उड़ान भरना, हवा में दिशा बदलना और सटीक नियंत्रण के साथ अलग-अलग हवाई करतब दिखाना लड़ाकू विमानों की क्षमताओं को सामने लाता है। राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस जैसे विमानों की मौजूदगी ने भारतीय वायुसेना की विविध लड़ाकू क्षमताओं की झलक पेश की। इन विमानों को उड़ाने वाले पायलटों के लिए बेहद सटीक नियंत्रण, समय का सही आकलन और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेना जरूरी होता है।
गौरतलब है कि हवाई प्रदर्शन केवल रोमांच और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजनों के जरिए वायुसेना अपनी उड़ान दक्षता, तकनीकी क्षमता और हवाई अभियानों के लिए जरूरी तालमेल को भी प्रदर्शित करती है। लड़ाकू विमानों की गति, उनके संचालन और हवा में सटीक गतिविधियों के पीछे पायलटों का कठोर प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारी होती है। इस तरह के प्रदर्शन आम लोगों को भी यह समझने का अवसर देते हैं कि देश की हवाई सुरक्षा के लिए वायुसेना किस स्तर की तैयारी और कौशल के साथ काम करती है।
इस आयोजन में भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी उड़ान क्षमताओं का प्रदर्शन किया। गंगा के विस्तृत जलक्षेत्र के ऊपर हवाई करतबों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली काशी में इस तरह का आयोजन भारतीय वायुसेना की शक्ति को आम लोगों के करीब लाने का अवसर भी बना। कार्यक्रम के लिए वाराणसी में विशेष स्वागत तैयारियां भी की गईं। विभिन्न स्थानों पर स्वागत केंद्र बनाए गए, जहां पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, डमरू की गूंज, शंखनाद और पुष्पवर्षा के साथ लोगों का स्वागत किया गया। इस तरह आयोजन में काशी की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय वायुसेना के शौर्य का संगम देखने को मिला।
भारतीय वायुसेना का ध्येय वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ है, जिसका अर्थ है ‘गर्व के साथ आकाश को छुओ’। वाराणसी में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ ने इसी भावना को केंद्र में रखते हुए भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमताओं और उसके पायलटों के कौशल को प्रदर्शित किया।
अपराध
तेलंगाना में मिठाई की दुकानों पर छापा, गंदगी और मिलावट का खुलासा

तेलंगाना में मिठाई बनाने और बेचने वाली दुकानों पर की गई स्पेशल ड्राइव में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (टीजी सेफ) ने पूरे राज्य में यह अभियान चलाया।
‘टीजी सेफ’ के फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने 53 मिठाई बनाने और रिटेल यूनिट्स पर छापेमारी की। ‘टीजी सेफ’ ने रविवार को एक बयान में बताया कि शुक्रवार को हुई जांच के दौरान अधिकारियों ने कुछ दुकानों में कई खामियां पाईं।
जांच में फर्श टूटा हुआ मिला और वहां खाने का कचरा बिखरा पड़ा था। धुलाई वाली जगह गंदी थी, नालियां खाने के कचरे से जाम थीं। दीवारों पर गंदगी, धूल और खाने के कचरे के दाग लगे थे। कई जगह कीट नियंत्रण रिकॉर्ड, फूड हैंडलर्स के हेल्थ रिकॉर्ड जैसे जरूरी कागजात भी नहीं थे। फूड हैंडलर्स बिना हेयरनेट और दस्तानों के काम कर रहे थे। एग्जॉस्ट और चिमनियां चिकनाई से भरी थीं और स्टोरेज का तरीका भी गलत था, जैसे खाने का सामान जमीन पर रखा होना और खाने और गैर-खाने के सामान को एक साथ रखना।
अधिकारियों ने मिलावट के शक में 38 सैंपल लिए। जांच में मिली खामियों को सुधारने के लिए 20 दुकानों को सुधार नोटिस दिया जाएगा।
‘टीजी सेफ’ कमिश्नर ने कहा कि इन दुकानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि उन्होंने फूड सेफ्टी के नियमों का पालन किया है या नहीं। दोबारा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और एक दुकान को जांच के दौरान मिली खामियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह स्पेशल ड्राइव मंचेरियल, जंगांव, सिद्दीपेट, खम्मम, नारायणपेट, जोगुलाम्बा गडवाल, वनपर्थी, नलगोंडा, सूर्यापेट, पेद्दापल्ली, कामारेड्डी, नागरकुरनूल, निर्मल, निजामाबाद, हनुमाकोंडा, मेडक, वारंगल, राजन्ना सिरसिला, जगतियाल, महबूबनगर और कोठागुडेम जैसे जिलों में चलाई गई।
इससे पहले पिछले हफ्ते हैदराबाद में ‘टीजी सेफ’ की छापेमारी के बाद तीन मिठाई की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे। अधिकारियों ने जांच के दौरान साफ-सफाई में कमी और फूड सेफ्टी से जुड़ी दूसरी गड़बड़ियां पाईं और जनहित में तीन दुकानों को तुरंत कारोबार बंद करने का निर्देश दिया।
छापेमारी में मकड़ी के जाले, चिकनाई से भरे एग्जॉस्ट, गलत स्टोरेज और फूड हैंडलर्स की खराब व्यक्तिगत सफाई मिली, जिनमें से कुछ के नाखून बढ़े हुए थे। अधिकारियों ने खाने के सामान में कीड़े, कॉकरोच और अचार में फंगल संदूषण की भी सूचना दी।
ये तीन दुकानें उन 21 खोवा और मिठाई बनाने और बेचने वाली इकाइयों में से थीं, जिनकी 11 प्रवर्तन टीमों ने जांच की थी, जिसमें फूड सेफ्टी ऑफिसर और पुलिस कर्मी शामिल थे।
पूरी जांच के दौरान अधिकारियों ने मिलावट के शक में 21 सैंपल लिए और 7,75,850 रुपए मूल्य के 1,035 किलो खाद्य पदार्थ जब्त किए।
राजनीति
तेलंगाना में सूखे और अल नीनो के असर पर सर्वदलीय बैठक, 28 अक्टूबर को होगा मंथन

तेलंगाना सरकार ने राज्य में कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव से पैदा हुए सूखे के खतरे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है।
यह बैठक 28 अक्टूबर को होगी। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क करेंगे। बैठक दोपहर 2:30 बजे हैदराबाद में डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय की छठी मंजिल पर कमरा नंबर 33 में होगी।
इस बैठक में मुख्य रूप से मौजूदा बारिश की कमी, सूखे की स्थिति की गंभीरता और उसके असर को कम करने के उपायों पर फोकस किया जाएगा। सरकार विपक्षी नेताओं से कई अहम मुद्दों पर सुझाव और सिफारिशें मांगेगी। इनमें पीने के पानी की कमी को रोकना, जल संसाधनों का संरक्षण, खेती के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसानों की मदद के लिए वैकल्पिक फसल योजनाएं तैयार करना शामिल है।
सरकार का लक्ष्य सभी राजनीतिक दलों के साथ समन्वित प्रयासों और रचनात्मक परामर्श के जरिए उभरती सूखे की स्थिति से निपटना है।
इस सर्वदलीय बैठक के जरिए सरकार सभी राजनीतिक दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सूखे के खतरे से निपटने और किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा करने में सहयोग करने का आह्वान करेगी।
बता दें कि राज्य में इस बार बारिश सामान्य से कम हुई है, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। अल नीनो के असर से स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि लोगों को पीने के पानी या किसानों को खेती के लिए परेशानी हो।
इसी को देखते हुए सरकार ने सभी दलों को एक मंच पर लाने का फैसला किया है ताकि एक साझा रणनीति बनाई जा सके। सरकार का मानना है कि इस तरह की चुनौती से निपटने के लिए सबका साथ जरूरी है।
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