राजनीति
दिल्ली में युवक की हत्या पर भड़के तेजस्वी , कहा- भाजपा सरकार में ‘बिहारी’ होना सबसे बड़ा अपराध
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में बिहार के खगड़िया निवासी पांडव कुमार की हत्या को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पांडव कुमार की सिर्फ इसलिए गोली मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि वह ‘बिहारी’ था।
‘बिहारी होने के अपराध’ में ही उसका दोस्त कृष्ण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में जिस जगह ‘बिहारी’ जानकर गोली मारी गई है, वहां निगम पार्षद, विधायक, सांसद भाजपा के हैं।
उन्होंने आगे लिखा, “यही नहीं, सीएम भी भाजपा की हैं, बिहार सीएम भी भाजपा के हैं और आधा दर्जन ‘निष्क्रिय बड़बोले’ केंद्रीय मंत्री बिहार के, उपराज्यपाल भाजपा के, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री भी भाजपा के हैं। भाजपा बिहारियों के लिए काल बन चुकी है।”
राजद नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इन भाजपाइयों में किसी में हिम्मत है कि एक गरीब मेहनतकश बिहारी की हत्या करने वाले उस हत्यारे पुलिसकर्मी को सजा दिलवा सके? उन्होंने कहा कि असल में, 21 वर्षों की नीतीश-भाजपा की खराब नीतियों के कारण बिहारवासियों को मजबूरन दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है, और दूसरे राज्यों की भाजपा सरकार और प्रशासन मेहनतकश बिहारियों को सम्मान नहीं बल्कि शक, नफरत और हीनभावना की नजर से देखती है।
उन्होंने कहा कि हर बार बिहारी पर अत्याचार होता है, प्रवासी बिहारी प्रताड़ना के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली जिस दिल्ली पुलिस पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी ने ‘बिहारी होने’ मात्र से अपराधी मान लिया और गोली मार दी। इससे अधिक निंदनीय घटना क्या हो सकती है? बड़बोले एनडीए नेता इस घटना पर बिल में छिपे हुए हैं।
उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर बिहारियों को प्रताड़ित करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बिहार और बिहारवासियों के सम्मान पर आघात है, इसलिए न्याय चाहिए और अभी अविलंब चाहिए।
राजनीति
मुझे तेज लहरों के बीच तैरना पसंद, सीईसी के खिलाफ महाभियोग की मांग के बीच राहुल गांधी का पोस्ट

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक ऐसा पोस्ट किया है जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। राहुल गांधी ने लिखा, “मुझे समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब लहरें तेज हों। इससे यह सीखने को मिलता है कि उथल-पुथल भी शांति का ही एक रूप है।”
राहुल का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की मीडिया रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग तेज कर दी है।
इससे पहले कांग्रेस समेत ‘इंडी’ गठबंधन के कई दलों ने सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली समेत पूरे देश में धरना प्रदर्शन किया था। दरअसल केरल कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया और उन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा, यहां तक कि मंत्री पद की पेशकश भी की। ज्ञानेश कुमार को ऐसा प्रस्ताव देने का अधिकार किसने दिया? वे किसके अधिकार से बोल रहे थे और 2016 में भाजपा के लिए राजनीतिक भर्ती में चुनाव आयुक्त की कथित संलिप्तता क्यों थी?
इस पर राहुल गांधी ने पोस्ट किया, “पहले ज्ञानेश कुमार, जो उस समय एक सेवारत आईएएस अधिकारी थे – का इस्तेमाल भाजपा के लिए भर्ती करने में किया गया। फिर मोदी और शाह ने उन्हें अंपायर बनाया और उन्हें भारत के चुनावों में मैच फिक्सिंग का जिम्मा सौंप दिया।”
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है और एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक अहम बैठक की और प्रेस नोट जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। आयोग ने कहा कि हाल के महीनों में देशभर में एसआईआर समेत कई फैसले लिए गए हैं।
इस प्रेस नोट के बाद से भाजपा कांग्रेस पर हमलावर है और कह रही है कि जब सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं तो फिर एक आयुक्त के मतभेद की बात कहां से आ रही है।
प्रेस रिलीज में कहा गया था, “24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का आदेश जारी किया गया था। इसकी शुरुआत बिहार से हुई, जिसके बाद पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू की गई। यह आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।”
आयोग ने आगे बताया था कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर का कार्यक्रम 27 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। वहीं 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह कार्यक्रम 14 मई 2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि तीसरे चरण के बाकी 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की कुल संख्या का पता चल सकेगा।
राजनीति
राहुल गांधी की बातों से समाज में जाता है गलत संदेश : किरेन रिजिजू

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “राहुल गांधी की बातों को समाज में बेवजह फैलाना सही नहीं है क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है।”
बता दें कि राहुल गांधी ने 24 सितंबर को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि देश में सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इनकम्बेंसी कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है लेकिन भाजपा के खिलाफ गायब हो जाती है। राहुल गांधी ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
राहुल गांधी ने कहा था कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देख रहे हैं। उनके मुताबिक, भारत में एंटी-इनकम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है। उन्होंने कहा था कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी लेकिन कुछ ही समय में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया। यही स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है लेकिन भाजपा के मामले में ऐसा नहीं दिखता।
उन्होंने कहा था, “मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।”
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने दावा किया था कि अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि “पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा था कि जिन सांसदों का चुनाव कथित “वोट चोरी” के जरिए हुआ है, उनके द्वारा बनाए गए कानून भी अवैध हैं। इस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बताया था।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार : वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा गंडक नदी का जलस्राव, 5 लाख क्यूसेक पहुंचने की संभावना

बिहार में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर जल संसाधन विभाग ने रविवार को अपडेट जारी किया। विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर बराज पर रविवार पूर्वाह्न 10 बजे गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया। जलस्राव की प्रवृत्ति बढ़ने की है। नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण नदी में पानी बढ़ा है।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल के देवघाट में दर्ज किए गए उच्चतम जलस्तर के प्रभाव से वाल्मीकिनगर बराज पर रविवार शाम तक करीब 5 लाख क्यूसेक जलस्राव पहुंचने की संभावना है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और लगातार निगरानी करने की बात कही है। विभाग ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और गंडक के बढ़ते जलस्राव से व्यापक स्तर पर जलजमाव या बाढ़ की संभावना कम है।
इसका प्रमुख कारण गंगा नदी का जलस्तर कम होना बताया गया है। गंगा का जलस्तर कम रहने से गंडक नदी के पानी की निकासी गंगा में सुचारू रूप से हो रही है। विभाग के अनुसार, गंडक नदी के जलस्राव में वृद्धि के बावजूद पानी की निकासी की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। ऐसे में नदी के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलजमाव की आशंका फिलहाल कम है। जल संसाधन विभाग ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और संबंधित तंत्र को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश और वहां दर्ज जलस्तर के आधार पर वाल्मीकिनगर बराज पर आने वाले पानी की निगरानी की जा रही है। विभाग ने लोगों से स्थिति को लेकर अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं होने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी जारी है। जलस्राव में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कई इलाकों में लोगो को सतर्क रखा गया है।
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