राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली: एलपीजी की कालाबाजारी रैकेट का भंडाफोड़, 57 सिलेंडर जब्त, एक गिरफ्तार
एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने कालाबाजारी गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने रोहिणी से 57 एचपी गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता बताया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एनआर-1) ने विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली के रोहिणी इलाके में कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की। इन छापों से एलपीजी सिलेंडरों के अनधिकृत भंडारण और रिफिलिंग से जुड़े एक बड़े पैमाने पर अवैध धंधे का पर्दाफाश हुआ।
अभियान के दौरान पुलिस ने 57 एचपी गैस सिलेंडर और रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए, जो सुरक्षा नियमों और नियामक दिशानिर्देशों के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस जब्ती से एलपीजी वितरण प्रणाली के जानबूझकर दुरुपयोग का पता चलता है।
एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर व्याप्त चिंताओं को देखते हुए ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
टीम में इंस्पेक्टर पुखराज सिंह, सब-इंस्पेक्टर निरंजन सिंह, सब-इंस्पेक्टर राहुल, सहायक सब-इंस्पेक्टर प्रदीप, हेड कांस्टेबल विक्रांत, हेड कांस्टेबल हरजीत और कांस्टेबल मनोज शामिल थे। यह अभियान एनआर-1 के एसीपी अशोक शर्मा के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
अधिकारियों के अनुसार लगातार छानबीन के बाद हेड कांस्टेबल नरेंद्र और हेड कांस्टेबल विक्रांत को रोहिणी जिले के रामा विहार क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और रिफिलिंग के संबंध में विशिष्ट और विश्वसनीय गुप्त सूचनाएं संयुक्त रूप से प्राप्त हुईं।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहिणी के सेक्टर-22 स्थित सुरसुमन गैस एजेंसी के पास एक सुनियोजित छापेमारी की गई। इस अभियान के दौरान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा निवासी लोकपाल नामक 55 वर्षीय व्यक्ति कथित तौर पर एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
छापेमारी के बाद शनिवार को क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 57 सिलेंडरों में से 50 भरे हुए थे, दो खाली थे और पांच में गैस की मात्रा कम थी। सिलेंडरों के अलावा, सिलेंडरों को ले जाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक टाटा पिकअप ट्रक और एक वजन मशीन भी मौके से जब्त की गई।
जांचकर्ताओं ने आगे खुलासा किया कि आरोपी एचपी एलपीजी की वितरक एक अधिकृत गैस एजेंसी में पंजीकृत डिलीवरी कर्मी के रूप में काम करता था और रोहिणी क्षेत्र में सिलेंडर वितरण का प्रभारी था। एजेंसी का अधिकृत भंडारण गोदाम भी रोहिणी में ही स्थित है।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी ने डिलीवरी के लिए भेजे गए एलपीजी सिलेंडरों को अवैध रूप से अपने वाहन में जमा कर लिया था और अपने दैनिक वितरण लक्ष्यों को पूरा नहीं किया था।
अधिकारियों ने बताया कि उसने अनधिकृत स्टॉक बना रखा था और अवैध उपकरणों का उपयोग करके भरे हुए सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में गैस स्थानांतरित करने में कथित तौर पर शामिल था। फिर इन भरे हुए सिलेंडरों को खुले बाजार में बेचकर वह आर्थिक लाभ कमाता था।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
मौसम
असम में बाढ़ : आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से शिवसागर जिले में दिखौ नदी से दूर रहने को कहा, क्योंकि पानी का स्तर घटने के बावजूद अभी भी खतरनाक रूप से ऊंचा बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि यह चेतावनी तब जारी की गई जब सेंट्रल वॉटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) ने रिपोर्ट दी कि शुक्रवार सुबह शिवसागर में दिखौ नदी में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
सीडब्ल्यूसी के अनुसार, सुबह 9 बजे नदी का जलस्तर 94.26 मीटर था, जो 92.40 मीटर के खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर कम होने लगा है, फिर भी यह गंभीर बाढ़ की श्रेणी में बना हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी एक एडवाइजरी में एएसडीएमए ने कहा, “असम के शिवसागर जिले में दिखौ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे नदी से दूर रहें।”
अधिकारियों ने बताया कि यह चेतावनी शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लागू रहेगी और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
सीडब्ल्यूसी ने यह भी बताया कि भले ही नदी का जलस्तर 2 जुलाई, 2024 को दर्ज किए गए पिछले सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर यानी 94.35 मीटर से 0.09 मीटर नीचे है, फिर भी यह नदी के किनारे बसे निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
अधिकारियों ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वालों से अपील की है कि जब तक बाढ़ की स्थिति में सुधार न हो, वे मछली पकड़ने, नहाने या किसी अन्य गतिविधि के लिए नदी के पास न जाएं।
अधिकारियों ने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें और जिला प्रशासन नदी की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। अगर जलस्तर फिर से बढ़ता है या नई बारिश से स्थिति बिगड़ती है, तो वे जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
लोगों से यह भी कहा गया है कि वे आधिकारिक सलाह का पालन करें, अफवाहें न फैलाएं और बाढ़ से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन अधिकारियों को दें।
अपराध
450 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में ईडी का एक्शन, दिल्ली-यूपी-पंजाब में आठ ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एम/एस संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ शुक्रवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई करीब 450 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में की गई।
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है। आरोप है कि संतोष ओवरसीज लिमिटेड ने बैंकों के एक कंसोर्टियम से लगभग 450 करोड़ रुपए का ऋण लिया था। जांच में सामने आया है कि इस लोन की राशि को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों, एंट्री ऑपरेटरों और संबंधित संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए इधर-उधर किया गया। इसके लिए फर्जी बिल और सर्कुलर वित्तीय लेनदेन का सहारा लिया गया ताकि पैसों की असली आवाजाही को छिपाया जा सके।
ईडी ने इस मामले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में स्थित आठ ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इन स्थानों में कंपनी के प्रमोटरों, उनसे जुड़ी कंपनियों और कथित सहयोगियों के परिसरों को शामिल किया गया है। ईडी के मुताबिक, तलाशी की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
इससे पहले 20 जुलाई को भी ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने एक बड़े फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेज मामले में कार्रवाई की थी। उस दौरान एजेंसी ने 25.44 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।
अटैच की गई संपत्तियों में एक फार्महाउस, कई फ्लैट और वाहन शामिल थे। यह जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ था कि हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर एक बड़ा गिरोह फर्जी डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने, बेचने और उनकी फर्जी पुष्टि कराने का अवैध कारोबार चला रहा था।
राजनीति
बरनाला में लाठीचार्ज के खिलाफ हड़ताल पर पंजाब के 25 हजार सफाई कर्मचारी, शहरों में गहरा सकता है कचरा संकट

बरनाला में पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। इस घटना के रोष स्वरूप पंजाबभर के हजारों सफाई कर्मचारी सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस बड़े फैसले से आने वाले दिनों में राज्य के शहरों में कचरा उठाने और साफ-सफाई की भारी समस्या पैदा होना तय माना जा रहा है।
पंजाब नगर पालिका कर्मचारी संगठन के पंजाब अध्यक्ष गोपाल थापर ने हड़ताल का ऐलान करते हुए पुलिस प्रशासन की सख्त शब्दों में निंदा की। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह हड़ताल लगातार जारी रहेगी।
संगठन ने मांग की है कि बरनाला घटना के लिए जिम्मेदार एसएचओ, डीएसपी और एसएसपी को तुरंत सस्पेंड किया जाए। गोपाल थापर ने यह भी मांग की कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो। पुलिसकर्मियों पर इरादा कत्ल और महिलाओं से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के तहत पर्चा दर्ज किया जाए।
संगठन के पंजाब अध्यक्ष गोपाल थापर ने दावा किया कि हड़ताल में पंजाब की 166 नगर काउंसिलों, नगर पंचायतों और नगर निगमों के लगभग 25 हजार सफाई कर्मचारी शामिल हो चुके हैं। राज्यभर में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया गया है। शहरों से कचरा न उठाए जाने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर चुप है। अरविंद केजरीवाल के कहे अनुसार पंजाब सरकार काम कर रही है। गोपाल थापर ने कहा, “अरविंद केजरीवाल दिल्ली में मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं और पंजाब में अत्याचार हो रहा है।”
गोपाल थापर ने कहा कि पंजाब में कभी भी सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज नहीं हुआ था। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
