राजनीति
इंडिया एनर्जी वीक 2025 में पीएम मोदी ने कहा- भारत विकास और पर्यावरण दोनों को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध
New Delhi : Prime Minister Narednra Modi addresses a programme marking 20 years of completion of SWAGAT initiative in Gujarat through video conferencing onThursday, April 27, 2023. (Photo:IANS/Video Grab)
पेरिस, 11 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा के दौरान वर्चुअली ‘इंडिया एनर्जी वीक 2025’ को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है। भारत केवल अपनी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की विकास यात्रा को गति दे रहा है, और इसमें ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं पांच स्तंभों पर आधारित हैं। संसाधनों का कुशल दोहन, नवाचार को बढ़ावा, मजबूत अर्थव्यवस्था और स्थिर राजनीतिक स्थिति, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और वैश्विक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ने, भारतीय रेलवे को नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन की ओर ले जाने और हर साल 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये लक्ष्य महत्वाकांक्षी लग सकते हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछले 10 वर्षों में दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सफर तय किया है। भारत की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 32 गुना बढ़ी है, जिससे देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है। गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता भी तीन गुना बढ़ी है।
मोदी ने कहा कि भारत पेरिस समझौते के लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने वाला पहला जी-20 देश है। उन्होंने इथेनॉल सम्मिश्रण की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि आज भारत में 19 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण किया जा रहा है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, किसानों की आय बढ़ी है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। भारत अक्टूबर 2025 से पहले 20 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लेगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के नेतृत्व में बने ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस’ से 28 देश और 12 अंतरराष्ट्रीय संगठन जुड़ चुके हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने हाइड्रोकार्बन संसाधनों की संभावनाओं को पूरी तरह से तलाशने के लिए सुधार कर रहा है। बड़ी खोजों और गैस बुनियादी ढांचे के विस्तार के कारण भारत का गैस क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब है और सरकार इसे 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तलछटी घाटियों (सेडीमेंटरी बेसिन) में कई हाइड्रोकार्बन संसाधन हैं, जिनमें से कुछ की खोज हो चुकी है और कुछ की खोज बाकी है। सरकार ने ‘ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी’ बनाई है, जिससे अपस्ट्रीम सेक्टर अधिक आकर्षक हुआ है। सरकार ने समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस संसाधनों की खोज, उत्पादन और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाए रखने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं।
मोदी ने कहा कि भारत में पाइपलाइन बुनियादी ढांचे में वृद्धि के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बढ़ रही है और भविष्य में इसका उपयोग और बढ़ेगा। उन्होंने निवेशकों को ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने के तहत भारत में फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल और अन्य हार्डवेयर के निर्माण की विशाल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता पिछले दस वर्षों में 2 गीगावॉट से बढ़कर 70 गीगावॉट हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैटरियों और ऊर्जा भंडारण क्षमता के क्षेत्र में नवाचार और निर्माण की विशाल संभावनाएं हैं। भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और बैटरियों की मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में तेजी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में ग्रीन एनर्जी को समर्थन देने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने ईवी और मोबाइल फोन बैटरियों के निर्माण से जुड़ी कई सामग्रियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
पीएम मोदी ने ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत में एक सशक्त आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार गैर-लिथियम बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा दे रही है और इस साल के बजट में न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र को भी निजी निवेश के लिए खोला गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हर निवेश युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा कर रहा है और ग्रीन जॉब्स के अवसर बना रहा है। सरकार जनता को ऊर्जा क्षेत्र से जोड़कर इसे और मजबूत बना रही है। उन्होंने ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सौर क्षेत्र में नई स्किल्स विकसित हो रही हैं, नया सेवा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है और निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऐसे ऊर्जा समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश की विकास यात्रा को ऊर्जा प्रदान करें और पर्यावरण को भी समृद्ध करें। ‘इंडिया एनर्जी वीक’ इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करेगा और दुनिया भर के निवेशक भारत में उभरते अवसरों का लाभ उठाएंगे।
महाराष्ट्र
महाडा मुंबई बोर्ड हाउसिंग लॉटरी-2026 : 2640 हाउसिंग यूनिट्स के लिए अब तक 78976 एप्लीकेशन मिले, एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 28 मई है।

मुंबई : महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (महाडा) द्वारा ऑर्गनाइज़ मुंबई हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड के 2,640 हाउसिंग यूनिट्स की बिक्री के लिए कंप्यूटराइज़्ड लॉटरी सिस्टम में अब तक 78,976 एप्लीकेशन मिले हैं। इनमें से 55,244 एप्लीकेंट्स ने ज़रूरी डिपॉज़िट अमाउंट जमा करके अपनी हिस्सेदारी कन्फर्म कर दी है। एप्लीकेंट्स को लॉटरी प्रोसेस में हिस्सा लेने का ज़्यादा से ज़्यादा मौका देने के मकसद से, बोर्ड ने ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 28 मई 2026, रात 11:59 बजे तक बढ़ा दी है। इसके अलावा, कन्नूर नगर विक्रोली (ईस्ट) प्रोजेक्ट की लॉटरी में शामिल 1,221 हाउसिंग यूनिट्स में से 610 यूनिट्स अब खास तौर पर हाई इनकम ग्रुप (एचआईजी) के लिए उपलब्ध करा दी गई हैं।
इस ड्रॉ में, विक्रोली (पूर्व) में कन्नूर नगर परियोजना में स्थित, मुंबई बोर्ड द्वारा बिक्री के लिए उपलब्ध 2,640 घरों में से 1,221 इकाइयों की कीमतों में 7.5% की कमी की गई है। मार्च 2026 में बोर्ड द्वारा घोषित ड्रॉ में, संदर्भ कोड 538 और 538-ए के तहत बिल्डिंग नंबर 2 ए और बी, पॉकेट -2, कन्नूर नगर, विक्रोली, मुंबई में स्थित 240 इकाइयों और 240 इकाइयों (क्रमशः) की बिक्री कीमतें 1,34,66,434/- रुपये से लेकर 1,36,88,143/- रुपये तक थीं। इसी तरह, संदर्भ कोड 539 और 539-ए के तहत, बिल्डिंग नंबर 3 ए, बी और सी, पॉकेट नंबर 2, कन्नूर नगर, विक्रोली में 371 इकाइयों और 370 इकाइयों (क्रमशः) की बिक्री कीमतें रु। Rs. 1,37,03,783 से Rs. 1,34,81,821 की प्राइस रेंज को 7.5 परसेंट कम कर दिया गया है। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में हर घर खरीदने वाले को एक फ़्री पार्किंग स्पेस दिया जाएगा। इसलिए, बोर्ड ने ज़्यादा से ज़्यादा इच्छुक एप्लिकेंट्स से इस मौके का फ़ायदा उठाने की अपील की है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घर खरीदने के सपने को पूरा करने में मदद के लिए, मुंबई बोर्ड ने लॉटरी सिस्टम के ज़रिए यह मौका दिया है। बोर्ड द्वारा बताए गए बदले हुए शेड्यूल के अनुसार, इच्छुक आवेदक 28 मई, 2026 को रात 11:59 बजे तक अपने ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं, और 29 मई, 2026 को रात 11:59 बजे तक स्टेटमेंट डिपॉज़िट का ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, स्टेटमेंट डिपॉज़िट एन ई बैंक के ज़रिए 29 मई, 2026 को एफ टी/आर टी बंद होने तक जमा किया जा सकता है। इसके बाद, ड्रॉ के लिए मिले एप्लीकेशन की एक ड्राफ़्ट लिस्ट 10 जून, 2026 को दोपहर 3:00 बजे वेबसाइट https://housing.mhada.gov.in पर पब्लिश की जाएगी। म्हाडा वेबसाइट 16 जून, 2026 को दोपहर 3:00 बजे अपडेट की जाएगी। इन घरों की बिक्री के लिए मिले एप्लीकेशन के बारे में कंप्यूटराइज़्ड लॉटरी की तारीख, जगह और समय बोर्ड द्वारा बाद में वेबसाइट पर बताया जाएगा। 30 मार्च, 2026 को, मुंबई डिवीज़न ने मुंबई में मौजूद रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग इनकम ग्रुप के 2,640 हाउसिंग यूनिट्स की बिक्री के लिए एक कंप्यूटराइज़्ड लॉटरी की घोषणा की—खासकर, कन्नूर नगर-विक्रोली, पत्राचल सिद्धार्थ नगर-गोरेगांव, जूना मगठाणे-बोरीवली, गांधी बोरीवली, गांधी बोरीवली नगर-बांद्रा, पंतनगर-घाटकोपर, गुड़गांव, वडाला, कोपरी-पवई, मझगांव, तुंगा पवई, लोकमान्य नगर-दादर, पहाड़ी गोरेगांव, एंटिप हिल-वडाला, और दूसरे इलाकों में। इनमें से, 145 यूनिट्स इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के लिए, 858 यूनिट्स लो इनकम ग्रुप (एलआईजी) के लिए, 798 यूनिट्स मिडिल इनकम ग्रुप (एमआईजी) के लिए और 839 यूनिट्स हायर इनकम ग्रुप (एचआईजी) के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में ईंधन की कीमतों में 4 प्रतिशत की वृद्धि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम

भारत में इस सप्ताह घोषित पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3.91 रुपए प्रति लीटर या 4.4 प्रतिशत की वृद्धि तेल उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब को छोड़कर किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था द्वारा की गई सबसे कम वृद्धि है। यह जानकारी ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेजडॉटकॉम के द्वारा संकलित आंकड़ों में दी गई।
इंडियन ऑयल के एक अधिकारी ने बताया कि ईंधन की कीमतों में 3.91 रुपए की बढ़ोतरी से केवल आंशिक रूप से कच्चे तेल में आए उछाल की भरपाई हुई है। यह कदम क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा 76 दिनों तक पूरी तरह से वहन करने के बाद उठाया गया है। इसके विपरीत, बाकी दुनिया कच्चे तेल की लागत में हुई वृद्धि को समायोजित करने के लिए दोनों ईंधनों की खुदरा कीमतों में 10 से 90 प्रतिशत तक की वृद्धि कर रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, ” म्यांमार, मलेशिया, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में पेट्रोल की कीमत युद्ध-पूर्व मूल्य से आधे से अधिक बढ़ गई है, जबकि डीजल की कीमत वैश्विक व्यापार और माल ढुलाई से प्रत्यक्ष संबंध के कारण और भी तेजी से बढ़ी है। पाकिस्तानी उपभोक्ता आज पेट्रोल के लिए तीन महीने पहले की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत अधिक भुगतान कर रहा है, मलेशियाई उपभोक्ता लगभग 56 प्रतिशत अधिक और संयुक्त अरब अमीरात के उपभोक्ता लगभग 52 प्रतिशत अधिक कीमत चुका रहे हैं।”
रिपोर्ट में बताया गया कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 45 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूके में पेट्रोल की कीमतों में करीब 19 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 34 प्रतिशत, जर्मनी में पेट्रोल की कीमतों में करीब 14 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, फ्रांस में पेट्रोल की कीमतों में 21 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी 20 प्रतिशत से कम रही है। वहीं डीजल की कीमतों में भी काफी तेज वृद्धि हुई है, सिंगापुर में तो डीजल की कीमत 65 प्रतिशत बढ़ गई है।
इंडियन ऑयल के अधिकारी ने कहा कि भारत में 3.91 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि से सरकारी तेल कंपनियों को आयातित कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण हो रहे दैनिक नुकसान में कमी आई है, जो पहले 1,000 करोड़ रुपए प्रतिदिन था और अब घटकर 750 करोड़ रुपए रह गया है। खुदरा ईंधन की कीमतों में वृद्धि से नुकसान में केवल 25 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने आगे कहा, “भारत एक स्पष्ट अपवाद है क्योंकि 15 मई 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को 23 फरवरी 2026 के स्तर पर लगभग अपरिवर्तित रखा, रिफाइनरी गेट पर कच्चे तेल की लागत को वहन किया और प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए की कम वसूली दर्ज की।”
राष्ट्रीय समाचार
भुवन चंद्र खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी और विकास की राजनीति का उदाहरण पेश किया : राष्ट्रपति मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा स्मरणीय रहेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। मैं उनके शोक संतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करती हूं।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, मेजर जनरल बी. सी. खंडूरी (सेवानिवृत्त) के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, एक सक्षम प्रशासक और असाधारण ईमानदारी वाले एक राजनेता को खो दिया है। स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के माध्यम से भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को बदलने की दिशा में उनका दूरदर्शी योगदान देश की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर बना रहेगा। हाल ही में देहरादून की अपनी यात्रा के दौरान मुझे उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था; उस समय हमने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने जुड़ाव को स्नेहपूर्वक याद किया। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, उनके अनगिनत प्रशंसकों और उत्तराखंड की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी जी का निधन उत्तराखंड एवं भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। तीन दशकों से अधिक समय तक सेना में अपनी सेवाएं देने वाले बीसी खंडूरी जी आजीवन राष्ट्र प्रथम के संकल्प के प्रति समर्पित रहे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। शोक की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने बड़े अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ देश और समाज की सेवा की। उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण अतुलनीय था। उनके शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”
इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी उत्तराखंड के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर दुख जाहिर किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। खंडूरी जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सादगी, अनुशासन और सुशासन के मूल्यों को समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।”
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मे.ज. (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी का निधन अत्यंत दुखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल ( रिटा.) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। सैन्य सेवाओं से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका संपूर्ण व्यक्तित्व राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भगवान बद्रीनाथ दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें।”
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