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सीरीज जीतने के बाद रोहित शर्मा ने कहा, ‘बेहद कड़ी टक्कर वाली जीत हासिल करना मजेदार’
रांची, 26 फरवरी। इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के चौथे मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम की। इस जीत के बाद भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि वह बेहद कठिन मुकाबले में सीरीज जीतकर काफी खुश हैं।
रांची टेस्ट मैच जीतना भारत के लिए आसान नहीं रहा, क्योंकि शुरुआती दिनों में इंग्लैंड इस मैच में फ्रंटफुट पर रही।
सीरीज के पहले मैच में हार झेलने के बाद भारत ने अन्य दो मैचों में अपना दबदबा कायम किया, लेकिन चौथे मैच में एक बार फिर इंग्लैंड हावी नजर आई।
हालांकि, युवा भारतीय बल्लेबाज ध्रुव जुरेल की चमक और आर. अश्विन की फिरकी ने इंग्लैंड की हार की कहानी लिखी।
चौथे टेस्ट में ध्रुव जुरेल की 90 और नाबाद 39 रनों की पारियों ने भारत की जीत में बहुत मदद की।
इस मुकाबले में डेब्यूटेंट गेंदबाज आकाश दीप ने भी पहले दिन तीन विकेट लिए और अपनी चमक बिखेरी। फिर, रविचंद्रन अश्विन और कुलदीप ने दूसरी पारी में क्रमशः (5-51) और (4-22) विकेट लेकर भारत को घरेलू मैदान पर लगातार 17वीं टेस्ट सीरीज जीत दिलाई।
रोहित शर्मा ने कहा, ”इस सीरीज में कड़ी चुनौती देखने को मिली है। चार टेस्ट खत्म होने के बाद मैं कह सकता हूं कि इस टीम पर मुझे बेहद गर्व है। हम वो करने में कामयाब रहे जो हम करना चाहते थे। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों की बदौलत हम जीतने में कामयाब रहे हैं।”
कप्तान ने ध्रुव जुरेल की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अपने दूसरे ही टेस्ट मैच में बल्ले से जबरदस्त संयम दिखाया। पहली पारी में 90 रन बनाकर जुरेल ने अच्छी फाइट की और दूसरी पारी में भी जुरेल ने प्रेशर को हैंडल किया।
रोहित ने स्वीकार किया कि श्रृंखला में पहली पसंद के कई खिलाड़ियों को मिस करना भारत के लिए झटका था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में जुरेल, गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे युवाओं के आगे बढ़ने पर खुशी हुई।
रोहित ने कहा, “जब आपको प्रमुख खिलाड़ियों की कमी खलती है तो यह बुरा होता है, लेकिन एक समूह के रूप में हम कुछ नहीं कर सकते। उनकी जगह भरना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने वास्तव में अच्छी प्रतिक्रिया दी।”
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फीफा वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल में हार के बाद बेलिंगहम बोले- ‘मैं माफी चाहता हूं, काश एक या दो और जीत दिला पाता’

इंग्लैंड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ‘फीफा वर्ल्ड कप 2026’ के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से मिली दिल तोड़ने वाली हार से बहुत दुखी हैं। बेलिंगहैम को उम्मीद थी कि वे उस टीम का हिस्सा बनेंगे जो देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने के 60 साल लंबे इंतजार को खत्म करेगी।
बुधवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) अटलांटा स्टेडियम में एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट में गोल करने के बाद इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचता नजर आ रहा था, लेकिन मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच के आखिर में जबरदस्त वापसी की।
अर्जेंटीना की तरफ से एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में बराबरी का गोल दागा और फिर स्टॉपेज टाइम में लौटारो मार्टिनेज (90+2′) ने विनिंग गोल किया। इसी के साथ अर्जेंटीना ने फाइनल में जगह पक्की कर ली।
इंग्लैंड की हार पर बात करते हुए भावुक बेलिंगहम अपनी निराशा छिपा नहीं सके। ‘बीबीसी’ के अनुसार, मैच के बाद बेलिंगहम ने कहा, “मुझे लगता है कि हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन यह बहुत दुखद है। मैं इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा बनना चाहता था जो आखिरकार जीत हासिल करे और कामयाबी पाए। यहां आकर फैंस को वही बातें बताना जो वे वर्षों से सुनते आ रहे हैं, सच में बहुत दुखद है।”
23 वर्षीय खिलाड़ी ने इंग्लैंड के उन फैंस से भी माफी मांगी जो इस टीम के फाइनल में पहुंचने की उम्मीद लेकर आए थे। उन्होंने कहा, “काश मैं एक या दो और जीत दिला पाता, लेकिन अभी निराशा के कारण मेरा दिमाग थोड़ा सुन्न हो गया है, इसलिए मैं माफी चाहता हूं।”
इंग्लैंड के बाहर होने के बावजूद, बेलिंगहम का टूर्नामेंट शानदार रहा और वे थॉमस ट्यूशेल के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे। इस मिडफील्डर ने टूर्नामेंट में सात गोल दागे। इनमें नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल में दो भी शामिल हैं, जिससे इंग्लैंड अंतिम चार में पहुंचा। इससे पहले टूर्नामेंट में, उन्होंने ‘राउंड ऑफ 16’ में मैक्सिको के खिलाफ भी दो गोल किए थे।
नॉकआउट राउंड में इंग्लैंड ने डीआर कांगो, मैक्सिको और नॉर्वे को शिकस्त दी थी, जिससे फैंस को उम्मीद थी कि इंग्लैंड छह दशकों से चले आ रहे खिताबी सूखे को आखिरकार समाप्त कर देगा, लेकिन सेमीफाइनल में अर्जेंटीना की देर से की गई वापसी ने यह सुनिश्चित कर दिया कि इंग्लैंड का दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीतने का इंतजार अभी जारी रहेगा। अब ‘थ्री लायंस’ फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के लिए होने वाले प्ले-ऑफ पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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‘हमें कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला’, फाइनल में पहुंचने के बाद मेसी ने दिया आलोचकों को करारा जवाब

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने आलोचकों को आड़े हाथों लिया है। मेसी ने उन आलोचकों को जवाब दिया है, जो पूरे टूर्नामेंट के दौरान यह आरोप लगाते रहे हैं कि फीफा में अर्जेंटीना को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
मेसी ने कहा कि लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचना इस बात का सबूत है कि अर्जेंटीना की टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में शामिल है। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता किसी संयोग या किस्मत का नतीजा नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। मैच में इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट में किए गए गोल से मुकाबले में बढ़त बना ली थी, लेकिन अर्जेंटीना ने शानदार वापसी की। कप्तान मेसी ने दो अहम असिस्ट किए, जिनकी मदद से एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।
टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना को लेकर कुछ विवाद भी हुए थे। कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठे और आलोचकों ने दावा किया कि टीम को फायदा मिल रहा है। हालांकि, मेसी ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। मेसी ने कहा, “लोग चाहे कुछ भी कहें, पिछले 4 सालों में हम लगातार दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक रहे हैं। लगातार दो वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचना आसान उपलब्धि नहीं है। यह दिखाता है कि हमने जो हासिल किया है, वह मेहनत और संघर्ष से मिला है। हमें कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला।”
उन्होंने कहा कि अगर इंग्लैंड के खिलाफ टीम हार जाती, तो आलोचक कई तरह की बातें करते, लेकिन खिलाड़ियों ने ऐसा कोई मौका नहीं दिया। मेसी ने माना कि इंग्लैंड एक मजबूत टीम थी और इतने बड़े मुकाबले में दबाव बहुत ज्यादा होता है। ऐसे मैचों में छोटी-छोटी बातें भी इतिहास बना देती हैं।
लियोनेल मेसी ने इस जीत को अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप मुकाबले में माराडोना ने अहम भूमिका निभाई थी और यह दिन उनके लिए भी खास होता। मेसी ने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि डिएगो ऊपर से इस पल का आनंद ले रहे होंगे। उन्हें यह खुशी देना हमारे लिए भी खास है। वह इस सफलता को जिस तरह महसूस करना चाहें, उन्हें इसका पूरा हक है।” फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में अब अर्जेंटीना की भिड़ंत स्पेन से होगी।
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अर्जेंटीना के विश्व कप फाइनल में पहुंचने पर कोच स्कालोनी बोले-‘यह टीम मुझे हमेशा हैरान करती है’

अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचने के बाद अपनी टीम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की टीम में कुछ खास है और खिलाड़ियों का प्रदर्शन उन्हें हर बार हैरान कर देता है। स्कालोनी ने कहा कि टीम की प्रशंसा करना घमंड नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बे पर भरोसा है।
सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन द्वारा मैच के 55वें मिनट में किए गए गोल की बदौलत सेमीफाइनल मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली थी। एक समय पर ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड लंबे समय बाद फाइनल में पहुंचने में सफल रहेगा। हालांकि, अर्जेंटीना ने बेहतरीन वापसी करते हुए अंत के सात मिनट में दो गोल दागे और लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट हासिल किया।
एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना के लिए गोल किया। दोनों गोलों में कप्तान लियोनेल मेसी ने अहम भूमिका निभाई। यह अर्जेंटीना की एक और यादगार वापसी रही। इससे पहले, टीम ने राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ भी पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत हासिल की थी।
मैच के बाद स्कालोनी ने कहा कि उनके पास अपनी टीम के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह हमारे देश और लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशी है। यह टीम मुझे हमेशा हैरान करती है। इन खिलाड़ियों की क्षमता को समझाना आसान नहीं है। हम सच में अनोखे हैं और यह कोई घमंड नहीं, बल्कि दिल से निकली बात है।” स्कालोनी ने फैंस का भी धन्यवाद किया और कहा कि मैदान में मौजूद समर्थकों ने टीम का हौसला बढ़ाकर जीत में अहम भूमिका निभाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच ने मैच के घटनाक्रम के बारे में बात करते हुए कहा, “सच कहूं तो, टीम तब सबसे अच्छा खेलती है जब वह दबाव में होती है। हम जब दबाव में होते हैं और विरोधी टीम थोड़ी भी हिचकिचाती है, तो हम मौके को भांप लेते हैं और पूरी ताकत से हमला करते हैं। ऐसा लगता है जैसे गोल में कोई वैक्यूम क्लीनर हो जो आपको अपनी ओर खींच रहा हो। “इंग्लैंड के गोल करने के बाद से, यह एक ऐसा प्रदर्शन था जो फुटबॉल से हमारी हर उम्मीद को पूरा करता है। फुटबॉल सिर्फ तकनीक, रणनीति और बेहतरीन खेल के बारे में नहीं है। फुटबॉल वह सब कुछ है जो उन 40 मिनटों में दिखा। जब हमने स्कोर 2-1 किया, तो हमें डटकर खेलना पड़ा, और हमने अंत तक ऐसा किया। टीम का यह प्रदर्शन वही जज्बा दिखाता है, जो खिलाड़ियों को बचपन से फुटबॉल के बारे में सिखाया जाता है।” फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना की भिड़ंत अब स्पेन से होगी।
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