राष्ट्रीय समाचार
भारत के प्रसिद्ध व्यवहार वैज्ञानिक डॉ. संजीव पी. साहनी वल्र्ड सोसाइटी ऑफ विक्टिमोलॉजी के उपाध्यक्ष चुने गए
जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज (जेआईबीएस) के प्रधान निदेशक और भारत के प्रसिद्ध व्यवहार वैज्ञानिक डॉ. संजीव पी. साहनी ने बास्क देश, स्पेन के सैन सेबेस्टियन में 17वें अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में वल्र्ड सोसाइटी ऑफ विक्टिमोलॉजी (डब्ल्यूएसवी) के उपाध्यक्ष के रूप में अपना पद ग्रहण किया है। डॉ साहनी डब्ल्यूएसवी के उपाध्यक्ष के रूप में चुने जाने वाले भारत के दूसरे व्यक्ति हैं। नए उपाध्यक्ष के रूप में, डॉ साहनी इस जून से शुरू होने वाले दो साल के कार्यकाल की सेवा करेंगे। डब्ल्यूएसवी एक गैर-सरकारी संगठन है जो शिक्षा, नीति निर्माण और शासन जैसे क्षेत्रों के सदस्यों के साथ विक्टिमोलॉजी में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करता है। इसे संयुक्त राष्ट्र के साथ विशेष सलाहकार का दर्जा प्राप्त है।
इससे पहले, डॉ साहनी को पांच साल की अवधि के लिए डब्ल्यूएसवी के कार्यकारी सदस्य के रूप में चुना गया था। दोनों पद साथ-साथ चलेंगे। डब्ल्यूएसवी के सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्षों सहित कार्यकारी समिति का चुनाव करते हैं, जो सोसायटी को नियंत्रित करती है और सदस्यता की ओर से कार्य करती है। डब्लूएसवी के उपाध्यक्ष के रूप में चुने जाने वाले इंडियन सोसाइटी ऑफ विक्टिमोलॉजी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ के चोकलिंगम के बाद वे एकमात्र दूसरे भारतीय हैं।
डॉ. साहनी को पीड़ितों की सहायता के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विभिन्न संस्करणों के आयोजन में उनकी अग्रणी भूमिका के लिए पुरस्कृत किया गया है। वह डब्ल्यूएसवी के साथ साझेदारी में एशियाई पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स इन विक्टिमोलॉजी, विक्टिम असिस्टेंस और क्रिमिनल जस्टिस के सह-संयोजक रहे हैं।
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर विक्टिमोलॉजी एंड साइकोलॉजिकल स्टडीज (सीवीपीएस) के निदेशक डॉ साहनी ने कहा, “मैं इस तरह के एक प्रतिष्ठित कार्यालय के लिए चुने जाने के लिए उत्साहित हूं। मैं भविष्य के प्रयासों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, पाठ्यक्रमों और परियोजनाओं के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विक्टिमोलॉजी को बढ़ावा देना जारी रखूंगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि मेरी उम्मीदवारी क्षेत्र में अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और डब्ल्यूएसवी के उद्देश्यों में सकारात्मक योगदान देगी।”
यह उल्लेख करना उचित है कि डॉ. साहनी डब्ल्यूएसवी के साथ संयुक्त राष्ट्र संपर्क समिति में अपनी सदस्यता के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पीड़ित सहायता कार्यक्रमों में योगदान दे रहे हैं। वह ‘ग्लोबल एडवांसेज ऑफ विक्टिमोलॉजी एंड साइकोलॉजिकल स्टडीज’ पत्रिका के प्रधान संपादक के रूप में अपनी भूमिका के माध्यम से विक्टिमोलॉजी अनुसंधान को बढ़ावा देने में भी शामिल रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट को जयपुर में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार सुबह सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में कथित हाईजैक खतरे से जुड़ा संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और विमान को दिल्ली के बजाय जयपुर डायवर्ट कर दिया गया।
एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2030 फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। भारतीय हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचने के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को एक सुरक्षा अलर्ट प्राप्त हुआ, जिसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। विमान को जयपुर के राजस्थान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया, जहां उसे सुरक्षा जांच के लिए अलग-थलग (आइसोलेशन बे) क्षेत्र में ले जाया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सुबह करीब 9 बजे कुछ सेकंड के लिए इमरजेंसी सिग्नल प्राप्त हुआ। इसके बाद करीब 9:10 बजे विमान को जयपुर की ओर मोड़ने का फैसला लिया गया। विमान ने लगभग 9:45 बजे जयपुर हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की।
लैंडिंग के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने विमान की गहन जांच शुरू की। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान से कथित तौर पर “स्क्वॉड 7500” सिग्नल प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका उपयोग पायलट किसी संभावित हाईजैकिंग या विमान में अवैध हस्तक्षेप की स्थिति की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को गोपनीय तरीके से देने के लिए करते हैं।
इसी संकेत के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और विमान की प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया। किसी के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए यात्रियों के बीच चिंता का माहौल जरूर बना, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान से हाईजैक अलर्ट क्यों प्रसारित हुआ। यह तकनीकी त्रुटि थी, गलत संकेत था या फिर किसी अन्य कारण से यह कोड सक्रिय हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
घटना के समय तक एयर इंडिया और जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
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मौसम की पहली बर्फबारी का जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में पर्यटक उठा रहे लुफ्त

पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई ऊंचे इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी खराब मौसम का पूर्वानुमान लगाया है।
गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट में ताजा हिमपात हुआ, जबकि जोजिला दर्रा, राजदान दर्रा, सिंथन टॉप और कई अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया।
मंगलवार को हुई ताजा बर्फबारी से गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट में पर्यटक रोमांचित हो गए। उनमें से अधिकांश ने कहा कि उन्होंने कश्मीर में जितनी सुंदरता और भव्यता देखी, उसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
कुछ युवाओं ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार किसी सिनेमाघर के बाहर बर्फबारी देखी है। पर्यटक बर्फ के गोले खेलते और नाचते हुए नजर आए, क्योंकि पर्यटक स्थल बर्फ की एक निर्मल सफेद चादर से ढका हुआ था।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और अधिक वर्षा होने का पूर्वानुमान लगाया है और कहा है कि 15 अक्टूबर की दोपहर से मौसम में सुधार होगा और अगले दस दिनों के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में आमतौर पर शुष्क मौसम रहेगा।
आसपास के पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण, श्रीनगर में मंगलवार को अधिकतम तापमान गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि पहलगाम और गुलमर्ग में यह क्रमशः 14.2 डिग्री और 11.8 डिग्री रहा।
किसानों और सेब उत्पादकों को सलाह दी गई है कि वे कटाई किए गए अनाज और सेब की फसल का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें, क्योंकि 15 अक्टूबर तक ऊंचे इलाकों में आंधी, तेज हवाएं, बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
यात्रियों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जबकि पर्वतारोहियों को मौसम में सुधार होने तक पर्वतीय यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। कश्मीरियों ने ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दिया है, और सबसे पसंदीदा परिधान ट्वीड का बना ‘फिरेन’ नामक वस्त्र है। घाटी में धान की सारी फसल पहले ही काटी जा चुकी है, जबकि सेब की लगभग 90 प्रतिशत फसल भी अब तक तोड़ ली गई है।
स्थानीय किसान अब अपने खेतों में रबी की फसल, जैसे कि तिलहन आदि बोने की तैयारी कर रहे हैं और हाल ही में हुई बारिश उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई है।
पहाड़ों में ताजा बर्फबारी के साथ, विभिन्न झरनों, पहाड़ी धाराओं, झीलों और कुओं में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो आगामी सर्दियों के महीनों के लिए पर्याप्त होगा।
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मध्य प्रदेश के मैहर में मोटरसाइकिल और कार में आमने-सामने की टक्कर, दो लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर तामस नदी के पुल पर एक माइक्रोफाइनेंस ब्रांच मैनेजर और एक कोयला खदान कर्मचारी की मोटरसाइकिल की स्कॉर्पियो से आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दोनों की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, यह दुखद हादसा रविवार रात करीब 11:30 बजे मैहर-रीवा रूट पर हुआ। मोटरसाइकिल रीवा की ओर जा रही थी, जबकि कार उल्टी दिशा में मैहर की ओर आ रही थी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने बताया कि कार में सवार लोग गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गए।
मोटरसाइकिल पर सवार दोनों लोगों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें पुलिस की मदद से मैहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद उनके शवों को अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया।
मृतकों की पहचान जबलपुर जिले के शाहपुरा भिटौनी निवासी शिवम बाथरे (28) और सतना जिले के मौहारी गाँव निवासी सुजीत कोल (32) के तौर पर हुई है।
शिवम बाथरे अमरपाटन में एक फाइनेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के तौर पर काम करते थे और वहीं किराए के मकान में रहते थे। वह अपने परिवार में इकलौते बेटे थे और उनकी शादी 2024 में हुई थी। हादसे से ठीक 15 दिन पहले ही उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था।
सुजीत कोल अंबिकापुर की एक कोयला खदान में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। उनकी शादी को पाँच साल हो चुके थे और परिवार में उनकी पत्नी और बेटी हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शिवम बाथरे छुट्टी पर जबलपुर स्थित अपने घर गए थे और अपनी मोटरसाइकिल मैहर रेलवे स्टेशन पर खड़ी की थी। ट्रेन से मैहर लौटते समय उनकी मुलाक़ात कोल से हुई। इसके बाद दोनों बाथरे की मोटरसाइकिल से अमरपाटन के लिए निकले, जहां यह हादसा हुआ।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “स्कॉर्पियो में सवार लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए। हम हादसे की जांच कर रहे हैं और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।” हादसे में शामिल गाड़ियों में एक मोटरसाइकिल और एक स्कॉर्पियो कार शामिल थीं। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच चल रही है।
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