Connect with us
Wednesday,07-January-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

‘गांधी का भारत’ अब ‘गोडसे का भारत’ बनता दिख रहा : महबूबा मुफ्ती

Published

on

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, ‘गांधी का भारत’ अब ‘गोडसे के भारत’ बनता दिख रहा है।

महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को संवाददाताओं से बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान हुए क्रिकेट मैच को भी याद किया। इसके बाद उन्होंने इसी साल वल्र्ड कप में पाकिस्तान के हाथों टीम इंडिया को मिली शिकस्त पर भारत के कई इलाकों में जश्न के मुद्दे को भी उठाया।

महबूबा मुफ्ती ने कहा, मुझे एक क्रिकेट मैच याद है। भारत-पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच खेला गया था। तब केंद्र में वाजपेयी जी की सरकार थी। उस वक्त पाकिस्तान के नागरिकों ने भारतीय खिलाड़ियों को चीयर किया था। वहीं, भारतीय नागरिक पाकिस्तान की टीम को भी प्रोत्साहित कर रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मंगलवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के उस बयान को भी याद किया, जिसमें उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची के क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ की थी। टीम इंडिया के लिए पाकिस्तान में धोनी ने शानदार पारी खेली थी। मैच देखने के लिए स्टेडियम में आये परवेज मुशर्रफ ने उनकी जमकर तारीफ की थी।

उन्होंने कहा कि परवेज मुशर्रफ ने महेंद्र सिंह धोनी के हेयर स्टाईल की भी तारीफ की थी। साथ ही एमएस धोनी को सलाह दी थी कि धोनी अपना हेयर स्टाईल कभी न बदलें। महबूबा ने कहा है कि लेकिन कुछ दिनों पहले आगरा में कुछ युवाओं ने पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाया था। पड़ोसी देश की टीम का समर्थन किया, तो उनके खिलाफ यहां मुकदमा दर्ज कर दिया गया। ये गलत रवैया है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जिस तरह से पाकिस्तान के खेल की तारीफ करने वालों लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा दिया गया और आज की तारीख में इन युवाओं का मुकदमा लड़ने के लिए कोई वकील तैयार नहीं है। इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि गांधी का भारत अब गोडसे के भारत में तब्दील होने लगा है।

इससे पहले पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया था और मांग की थी कि जम्मू-कश्मीर में लोगों को कथित रूप से दबाना और बेगुनाह नागरिकों की हत्या फौरन बंद की जाए।

राजनीति

मुंबई: नकली पुलिस बनकर बुजुर्ग महिला से ठगी, उड़ा लिए 1 लाख के गहने

Published

on

मुंबई, 7 जनवरी: मुंबई शहर के कांदिवली पश्चिम इलाके में एक बुजुर्ग महिला से ठगी का मामला सामने आया है। डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के नीचे पुलिस होने का झांसा देकर तीन अज्ञात आरोपियों ने करीब 1 लाख रुपए कीमत के सोने के गहने चुरा लिए।

पुलिस के अनुसार पीड़िता की पहचान प्रीमा संजीवा पुजारी (66) के रूप में हुई है, जो पिछले 25 वर्षों से कांदिवली पश्चिम में अपने परिवार के साथ रह रही हैं। वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थीं। जब वह डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ से गुजर रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और उनसे कहा कि पीछे कोई उन्हें बुला रहा है।

इसी दौरान पीछे खड़े दूसरे आरोपी ने महिला को डराते हुए कहा कि आगे गहनों के लिए चाकू मारकर हत्या की गई है। उसने यह कहकर भय का माहौल बना दिया कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अपने गहने तुरंत उतार लेने चाहिए। महिला ने जब इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए भरोसा दिलाया।

आरोपियों ने महिला को एक काली प्लास्टिक की थैली दी और कहा कि वह अपने सारे गहने उसमें रख दे। डर और भ्रम की स्थिति में आकर महिला ने अपने सभी सोने के गहने थैली में रख दिए। इसके बाद आरोपियों ने थैली उन्हें लौटाई और सुरक्षित रखने की सलाह देकर मौके से फरार हो गए।

कुछ ही देर बाद महिला को शक हुआ। जब उन्होंने थैली खोलकर देखी तो उसमें कुछ भी नहीं था। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता के अनुसार इस वारदात में तीन आरोपी शामिल थे। दो आरोपी सीधे महिला से बातचीत कर रहे थे, जबकि तीसरा थोड़ी दूरी पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। तीनों ने पुलिस होने का नाटक कर महिला का भरोसा जीत लिया।

घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी और कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

मुंबई पुलिस का कहना है कि नागरिक, खासकर बुजुर्ग, किसी भी व्यक्ति पर जो खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताए, बिना पहचान पत्र देखे भरोसा न करें। किसी भी हाल में गहने या कीमती सामान अजनबियों को न सौंपें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Continue Reading

राजनीति

बीएमसी चुनाव 2026: शिवसेना में फूट ने मुंबई-दक्षिण मध्य क्षेत्र को एक अहम चुनावी मैदान में बदल दिया है।

Published

on

मुंबई: मुंबई दक्षिण-मध्य, जिसमें वर्ली, दादर-महीम और परेल-लालबाग जैसे मुख्य रूप से मराठी भाषी क्षेत्र शामिल हैं, परंपरागत रूप से शिवसेना (यूबीटी) का मजबूत गढ़ रहा है। हालांकि, पार्टी के भीतर विभाजन ने 2026 के बीएमसी चुनावों से पहले राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है।

लालबाग-परेल और दादर-महीम जैसे क्षेत्रों में, मुकाबला अब शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सीधी लड़ाई में बदल गया है।

वहीं, वर्ली में पार्टी के पुराने वफादार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे संभावित रूप से वोटों के बंटवारे के कारण पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के लिए चुनौती खड़ी हो रही है। कुल मिलाकर, इन क्षेत्रों में होने वाले चुनावों में प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुटों और बागी उम्मीदवारों के बीच कड़े और करीबी मुकाबले देखने को मिलने की उम्मीद है।

दादर और माहिम में कभी दबदबा रखने वाली शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को बीएमसी चुनावों में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे अपने गठबंधन के माध्यम से मराठी मतदाताओं को एकजुट करने का लक्ष्य रखते हैं, जबकि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक मजबूत चुनौती पेश कर रही है।

अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए यूबीटी ने तीन पूर्व महापौरों को मैदान में उतारा है, जबकि शिंदे गुट ने यूबीटी के पूर्व नेता सदा सर्वंकर के परिवार के सदस्यों को नामांकित किया है, जो 2022 में शिंदे गुट में शामिल हुए थे। इससे मराठी वोटों में विभाजन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे परिणाम अनिश्चित हो जाता है।

वार्ड नं. 182 (दादर)
मिलिंद वैद्य-शिवसेना (यूबीटी), पूर्व मेयर
राजन पारकर-भाजपा

वार्ड नं. 191 (शिवाजी पार्क)
विशाखा राऊत-शिवसेना (यूबीटी), पूर्व महापौर
प्रिया सरवनकर-शिवसेना (शिंदे), पूर्व विधायक सदा सरवनकर की बेटी

वार्ड नं. 198 (मफतलाल मिल-हाजी अली)
वंदना गवली – शिव सेना (शिंदे), अखिल भारतीय सेना (एबीएस) के पूर्व नगरसेवक
अबोली खाडये – शिव सेना (यूबीटी), स्थानीय शाखा प्रमुख की पत्नी

वार्ड नं. 199 (धोबी घाट)
किशोरी पेडणेकर-शिवसेना (यूबीटी), पूर्व महापौर
रूपाली कुसले-शिवसेना (शिंदे)

सेवरी-लालबाग-परेल

श्रमिक वर्ग के गढ़ में गुटों के बीच संघर्ष तेज हो गया है।

सेवरी-लालबाग-परेल क्षेत्र, जिसमें पारंपरिक श्रमिक वर्ग के मोहल्ले और तेजी से विकसित हो रहे वाणिज्यिक केंद्र शामिल हैं, लंबे समय से शिवसेना का गढ़ रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रभुत्व वाले इस क्षेत्र में पार्टी विभाजन के बाद से प्रतिस्पर्धा में वृद्धि देखी जा रही है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना इन वार्डों में सक्रिय रूप से चुनाव लड़ रही है, जिसके चलते आगामी बीएमसी चुनावों में यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण चुनावी मैदान बन गया है। मतदाताओं की वफादारी, विशेष रूप से मराठी भाषी निवासियों के बीच, निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है।

वार्ड नं. 202 (सेवरी पश्चिम)
श्रद्धा जाधव – शिवसेना (यूबीटी), पूर्व महापौर और छह बार के नगरसेवक
पार्थ नावकर – भाजपा
विजय इंदुलकर – निर्दलीय, पूर्व यूबीटी शाखा प्रमुख जिन्होंने टिकट से वंचित होने के बाद विद्रोह किया था

वार्ड नं. 204 (लालबाग-परेल)
अनिल कोकिल-शिवसेना (शिंदे), पूर्व यूबीटी नगरसेवक
किरण तड़वे-शिवसेना (यूबीटी)

वार्ड संख्या 206 (सेवरी किला)
सचिन पडवाल – शिवसेना (यूबीटी), पूर्व पार्षद
नाना अंबोले – शिवसेना (शिंदे), पूर्व पार्षद और भाजपा के पूर्व सदस्य

वर्ली

विद्रोही यूबीटी के गढ़ को खतरा पहुंचा रहे हैं

वर्ली, जो शिवसेना (यूबीटी) का एक और मजबूत गढ़ है और जिसका प्रतिनिधित्व आदित्य ठाकरे विधायक के रूप में करते हैं, में पार्टी द्वारा पूर्व यूबीटी पार्षदों के परिवार के सदस्यों को मनोनीत करने के बाद आंतरिक असहमति देखी गई है।

इससे शाखा प्रमुखों में असंतोष फैल गया है—जो पार्टी की एकता और जन समर्थन के लिए महत्वपूर्ण जमीनी स्तर के नेता हैं। चारों वार्डों में बागी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे वोटों के बंटवारे की संभावना बढ़ गई है और यूबीटी के लिए अपने गढ़ को बरकरार रखना मुश्किल हो गया है।

वार्ड नं. 193
हेमांगी वर्लिकर-शिवसेना (यूबीटी), पूर्व उपमहापौर
प्रल्हाद वर्लिकर-शिवसेना (शिंदे)
सूर्यकांत कोली-निर्दलीय, यूबीटी शाखा प्रमुख जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर दी

वार्ड नं. 194
निशिकांत शिंदे-शिवसेना (यूबीटी), एमएलसी सुनील शिंदे के भाई
समाधान सरवणकर-शिवसेना (शिंदे), पूर्व नगरसेवक और पूर्व विधायक सदा सर्वंकर के बेटे
सोनल पवार-निर्दलीय, स्थानीय पार्टी पदाधिकारी जिन्होंने यूबीटी उम्मीदवार के खिलाफ विद्रोह किया था

वार्ड नं. 196
पद्मजा चेंबूरकर – शिवसेना (यूबीटी), पूर्व नगरसेवक आशीष चेंबूरकर की पत्नी
सोनाली सावंत – भाजपा
संगीता जगताप – निर्दलीय, यूबीटी पदाधिकारी जिन्होंने उम्मीदवारी के खिलाफ विद्रोह किया

वार्ड नं. 197 (महालक्ष्मी रेसकोर्स-हाजी अली)
वनिता नरवणकर – शिवसेना (शिंदे), पूर्व यूबीटी नगरसेवक दत्ता नरवणकर की पत्नी
रचना साल्वी – एमएनएस
श्रावणी देसाई – निर्दलीय, पूर्व नगरसेवक परशुराम (छोटू) देसाई की पत्नी, गठबंधन के हिस्से के रूप में मनसे को सीट आवंटित होने के बाद विद्रोही उम्मीदवार।

Continue Reading

राजनीति

पश्चिम बंगाल में डीजीपी की नियुक्ति पर पेंच, यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की दी सलाह

Published

on

कोलकाता, 6 जनवरी: पश्चिम बंगाल में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर जटिलता बढ़ती नजर आ रही है। मौजूदा डीजीपी राजीव कुमार का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने वाला है, लेकिन उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति पर अब तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

इसी बीच, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आवश्यक अनुमति लेने की सलाह दी है।

यूपीएससी के निदेशक नंद किशोर कुमार ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पत्र लिखकर कहा है कि राजीव कुमार के उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए। यूपीएससी ने राज्य सरकार द्वारा भेजी गई आईपीएस अधिकारियों की सूची भी लौटा दी है, जिनमें से किसी एक को नया डीजीपी बनाए जाने की सिफारिश की गई थी।

नियमों के अनुसार, किसी भी राज्य सरकार को डीजीपी पद के लिए राज्य में कार्यरत तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजनी होती है। इसके बाद यूपीएससी इन तीन नामों में से एक नाम को अंतिम रूप से मंजूरी देता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई।

इस पूरे विवाद की जड़ दिसंबर 2023 में तत्कालीन डीजीपी मनोज मालवीय के सेवानिवृत्त होने से जुड़ी है। उस समय राज्य सरकार को उनके उत्तराधिकारी के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजना था, लेकिन ऐसा करने के बजाय राज्य सरकार ने राजीव कुमार को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर दिया। राज्य सरकार ने बाद में उनके स्थायी उत्तराधिकारी के लिए आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा, जिसे यूपीएससी ने स्वीकार नहीं किया।

यूपीएससी के निदेशक ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2018 के आदेश का हवाला दिया है। इस आदेश के अनुसार, किसी भी राज्य सरकार को मौजूदा डीजीपी के सेवानिवृत्त होने से कम से कम तीन महीने पहले नए डीजीपी के लिए आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजना अनिवार्य है।

इस आधार पर यूपीएससी का कहना है कि पश्चिम बंगाल सरकार को सितंबर 2023 में ही पैनल भेज देना चाहिए था, क्योंकि मनोज मालवीय दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्त हुए थे। पत्र में यह भी बताया गया है कि इस मामले में आयोग ने भारत के अटॉर्नी जनरल से भी सलाह ली थी। अटॉर्नी जनरल ने भी यही राय दी है कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेकर ही राजीव कुमार के उत्तराधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार6 minutes ago

भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में लाल निशान में खुला, सेंसेक्स करीब 200 अंक फिसला

राजनीति19 minutes ago

मुंबई: नकली पुलिस बनकर बुजुर्ग महिला से ठगी, उड़ा लिए 1 लाख के गहने

राजनीति44 minutes ago

बीएमसी चुनाव 2026: शिवसेना में फूट ने मुंबई-दक्षिण मध्य क्षेत्र को एक अहम चुनावी मैदान में बदल दिया है।

व्यापार17 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, ऑयल और गैस शेयरों में बिकवाली हुई

राजनीति18 hours ago

पश्चिम बंगाल में डीजीपी की नियुक्ति पर पेंच, यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की दी सलाह

महाराष्ट्र19 hours ago

फुटपाथ से उठाकर विधायक बनाया, लेकिन पार्टी के लिए कुछ नहीं किया: अबू आसिम आज़मी का रईस शेख पर बड़ा हमला

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

दिल्ली हाईकोर्ट में होगी दुष्यंत गौतम के मानहानि मामले की सुनवाई, 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा

राजनीति21 hours ago

विलासराव देशमुख के खिलाफ रवींद्र चव्हाण की टिप्पणी पर नवाब मलिक बोले- मर्यादा का पालन करें

अपराध22 hours ago

दिल्ली: द्वारका पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 361 विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेजा

अपराध22 hours ago

युवक की पीटकर हत्या करने के मामले में दो वांछित बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार

राजनीति4 weeks ago

न्यायपालिका को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: शिवसेना (यूबीटी)

व्यापार2 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 367 अंक फिसला

अपराध2 weeks ago

मुंबई: रिटायर्ड अधिकारी से 4.10 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच उच्च स्तर पर खुला भारतीय शेयर बाजार

महाराष्ट्र1 week ago

अंदरूनी कलह पड़ी भारी, 211 वार्ड में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी खेल

व्यापार3 weeks ago

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें मार्केट में आज की कीमत

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पटना में बढ़ती ठंड पर डीएम का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के समय में बदलाव

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई बिरयानी में ज़्यादा नमक होने पर पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार

व्यापार4 weeks ago

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इन पांच कारण से तेजी को मिल रही हवा

अपराध4 weeks ago

कल्याण: सिद्धेश्वर एक्सप्रेस से 5.5 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी; सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश संदिग्ध दिखे

रुझान