राजनीति
204 पूर्व अधिकारियों ने लिखा खुला पत्र; संसद में राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए, माफी की मांग
नई दिल्ली, 17 मार्च : देश के 204 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने संसद की गरिमा को लेकर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। इन हस्ताक्षरकर्ताओं में 116 सेवानिवृत्त सशस्त्र बल अधिकारी, 84 सेवानिवृत्त नौकरशाह (जिनमें 4 राजदूत शामिल हैं) और 4 वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।
जारी पत्र में कहा गया है कि भारत की संसद देश की संवैधानिक व्यवस्था का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहां जनता की आवाज को अभिव्यक्ति मिलती है, कानून बनाए जाते हैं और गणराज्य की बुनियाद मजबूत होती है। ऐसे में संसद की गरिमा केवल परंपरा का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा का अहम हिस्सा है।
संसद भवन के भीतर सांसदों का आचरण उच्चतम मानकों के अनुरूप होना चाहिए। लोकसभा और राज्यसभा के कक्षों के साथ-साथ संसद परिसर के अन्य हिस्से (जैसे सीढ़ियां, गलियारे और लॉबी) भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं और वहां भी उसी गरिमा का पालन किया जाना चाहिए।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने 12 मार्च की घटना पर विशेष चिंता जताई। उनके अनुसार, उस दिन माननीय स्पीकर द्वारा संसद परिसर में किसी भी तरह के प्रदर्शन या विरोध पर स्पष्ट रोक लगाने के बावजूद विपक्ष ने इस निर्देश की अनदेखी की। खुले पत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने जानबूझकर इस आदेश का उल्लंघन किया, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संसदीय परंपराओं के प्रति अनादर भी दर्शाता है।
पत्र में यह भी कहा गया कि राहुल गांधी और कुछ अन्य सांसद संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्कुट लेते हुए दिखाई दिए, जो देश की सर्वोच्च विधायी संस्था के सदस्यों के अनुरूप आचरण नहीं है। संसद की सीढ़ियां किसी प्रदर्शन या राजनीतिक मंचन का स्थान नहीं हैं।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह व्यवहार अहंकार और विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है और संसद जैसी संस्था के प्रति सम्मान की कमी को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद को लोकतंत्र का मंदिर माना जाता है, जहां जनप्रतिनिधि गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए आते हैं, लेकिन इस तरह के व्यवहार से उसकी गरिमा को ठेस पहुंचती है।
पत्र में आगे कहा गया कि राहुल गांधी पहले भी संसद के भीतर और बाहर इस तरह के ‘नाटकीय’ व्यवहार के जरिए सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराते रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वे संसद को गंभीर बहस के मंच के बजाय एक राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी कहा कि ऐसे आचरण से न केवल संसद की कार्यवाही बाधित होती है, बल्कि जनता का समय और संसाधन भी व्यर्थ होते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार की आलोचना करने के प्रयास में राहुल गांधी देश और उसके लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि सांसदों को यह समझना चाहिए कि उनके हर कदम का प्रतीकात्मक और संस्थागत महत्व होता है। उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के इस व्यवहार को लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला बताया।
पत्र में राहुल गांधी से देश से माफी मांगने और आत्ममंथन करने की अपील की गई है। इस पत्र के समन्वयक जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य हैं, जिन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर जोर दिया है।
महाराष्ट्र
भिवंडी के डिंगाड में दो गुटों के बीच झड़प, मांसाहारी भोजन को लेकर विवाद में 6 लोग घायल

भिवंडी: भिवंडी के डिंगाड इलाके में युवाओं के दो गुटों के बीच कथित तौर पर मांसाहारी भोजन को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में छह लोगों के घायल होने की सूचना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंगाड पहाड़ी क्षेत्र में किसी बात को लेकर युवाओं के दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई। बताया जा रहा है कि वहां मांसाहारी भोजन लाने या खाने को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और मारपीट होने लगी।
घटना में घायल हुए छह लोगों को इलाज के लिए भिवंडी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बताया जाता है कि अस्पताल में भी दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों, इसमें शामिल लोगों और मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा का रूप न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
राष्ट्रीय समाचार
नीट-पीजी 2026: एनबीईएमएस 25 अगस्त को जारी करेगा एडमिड कार्ड

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले जो उम्मीदवार एडमिट कार्ड जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने नीट-पीजी 2026 की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख 24 अगस्त से बदलकर 25 अगस्त कर दी है।
एनबीईएमएस की ओर से नीट-पीजी 2026 एडमिट कार्ड सोमवार को नहीं, बल्कि मंगलवार को जारी किए जाएंगे। इसी को लेकर एनबीईएमएस ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर कर साफ किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश पत्र जारी करने की तिथि को पूर्व निर्धारित तिथि 27 अगस्त से संशोधित कर 24 अगस्त किया गया था, जिसे किन्हीं अपरिहार्य परिस्थितियों तथा असम और मेघालय से संबंधित प्राप्त अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए 24 अगस्त के स्थान पर 25 अगस्त को जारी किया जाएगा।
इसी के साथ एनबीईएमएस ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी या आधिकारिक संचार माध्यमों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। कैंडिडेट्स अफवाहों, सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली पोस्ट या तीसरे पक्ष द्वारा फैलाए गए संदेशों पर ध्यान न दें।
नीट-पीजी 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा। वहां लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज कर सबमिट कर दें। फिर एडमिट कार्ड आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा। प्रवेश पत्र चेक करने के बाद डाउनलोड कर लें। भविष्य के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकाल कर रख लें।
बता दें कि एनबीईएमएस की ओर से नीट-पीजी 2026 का आयोजन देश भर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 30 अगस्त को एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, एग्जाम में शामिल होने के लिए जिन अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की थी, उनके लिए टेस्ट सिटी इंटिमेशन 11 अगस्त को जारी कर दिए गए हैं, जिसे उम्मीदवार एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
कनाडा और अमेरिका दौरे पर जाएंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आर्थिक और वित्तीय साझेदारी मजबूत करने पर रहेगा फोकस

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर तक कनाडा और अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत की आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को मजबूत करना, निवेश संबंधों को गहरा करना और वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के पहले चरण में सीतारमण कनाडा के टोरंटो पहुंचेंगी, जहां वह कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के साथ आयोजित होने वाले पहले आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में भाग लेंगी। यह मंच दोनों देशों को व्यापक आर्थिक परिस्थितियों, वित्तीय क्षेत्र सहयोग, द्विपक्षीय निवेश अवसरों और साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा। इसके साथ ही भारत-कनाडा संबंधों के आर्थिक और वित्तीय स्तंभ को और मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
टोरंटो में वित्त मंत्री एक विशेष निवेश गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगी, जिसमें ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, उद्योग प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इस बैठक का उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाना, नए निवेश अवसरों की पहचान करना और दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान गिफ्ट सिटी-आईएफएससी में उपलब्ध अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सीतारमण कनाडा स्थित विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन चर्चाओं में भारत की विकास संभावनाओं, निवेश वातावरण और भारतीय बाजार में कनाडाई कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर विशेष ध्यान रहेगा।
कनाडा के बाद वित्त मंत्री अमेरिका जाएंगी, जहां उनका कार्यक्रम शिकागो, एशविल (नॉर्थ कैरोलिना) और न्यूयॉर्क में आयोजित होगा। शिकागो में वह प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगी और निजी क्षेत्र के अग्रणी उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। इन चर्चाओं का केंद्र भारत में निवेश अवसर, आर्थिक परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना होगा।
इस दौरान वह यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन का भी दौरा करेंगी, जहां नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है।
यात्रा के अगले चरण में एशविल में वित्त मंत्री जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वैश्विक आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, निवेश और अन्य प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी।
न्यूयॉर्क में सीतारमण अग्रणी कंपनियों के मुख्य अधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ निवेशक गोलमेज बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, उन्हें नैस्डैक द्वारा विशेष बेल-रिंगिंग समारोह में भी आमंत्रित किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा वित्तीय बाजारों में तेजी से बढ़ती तकनीकी भूमिका, प्रौद्योगिकी और पूंजी बाजारों के बदलते संबंधों तथा वैश्विक निवेश रुझानों को समझने का भी अवसर प्रदान करेगी।
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