राजनीति
यूपी में 9 मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जुलाई को सिद्धार्थ नगर जिले से नौ नए मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद नए मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हो जाएंगे।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन से सभी जरूरी इंतजाम समय से पूरे करने को कहा है। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जब नौ जिलों के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों का एक साथ उद्घाटन किया जाएगा।
देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, जौनपुर, मिजार्पुर, प्रतापगढ़ और सिद्धार्थ नगर में इस महीने से संचालित होने वाले मेडिकल कॉलेज होंगे।
2017 तक राज्य में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन योगी सरकार के सत्ता में आते ही संख्या बढ़ गई।
राज्य सरकार ने राज्य के उन 16 जिलों में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है, जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं है।
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को चिकित्सा शिक्षा का हब बनाने की तैयारी कर रही है, जहां न केवल राज्य के लोगों को बल्कि दुनिया भर के लोगों को हर तरह की चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
उत्तर प्रदेश में पहले से ही चार प्रमुख चिकित्सा संस्थान हैं, जिसमें संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआईएमएस), राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सैफई इंस्टीट्यूट और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) शामिल है।
राजनीति
मुख्यमंत्री विजय कैबिनेट बैठक की करेंगे अध्यक्षता, एजेंडे में उद्योग प्रस्ताव और विकास योजनाएं शामिल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय गुरुवार को चेन्नई के सचिवालय में एक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी, नए औद्योगिक उपक्रमों के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और प्रशासनिक निर्णयों पर चर्चा की जाएगी।
विधानसभा चुनाव में जीत के बाद ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह तीसरी बैठक है। इस बैठक में प्रशासन द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर विचार किया जाएगा।
बैठक में जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, उनमें नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी देना और सरकारी विभागों के कामकाज की समीक्षा करना शामिल है। इसके अलावा, चल रहे कार्यक्रमों की स्थिति और ऐसे प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है, जिनके लिए कैबिनेट स्तर पर फैसले लेने की जरूरत है।
सरकार की दीर्घकालिक विकास पहल, ‘वेत्री तमिलनाडु’ पर भी विशेष रूप से चर्चा होने की संभावना है। प्रशासन ने इसे अपने विकास एजेंडे का हिस्सा बताया है और इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
बैठक से पहले मिल रहे संकेतों के अनुसार, मंत्री इस पहल के तहत किए गए कार्यों, परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और उन्हें पूरा करने के लिए तय किए गए लक्ष्यों पर चर्चा करेंगे। इस चर्चा के जरिए यह समीक्षा करने का मौका मिलेगा कि संबंधित विभागों में यह कार्यक्रम किस तरह आगे बढ़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट इस प्रस्ताव पर भी चर्चा कर सकती है, जिसमें पट्टिनपक्कम में सरकार का प्रशासनिक मुख्यालय बनाने की बात है। मछुआरा समुदायों ने इस प्रस्तावित जगह का विरोध किया है, जिससे गुरुवार को होने वाली चर्चा से पहले यह मुद्दा अहम हो गया है। हालांकि, बैठक से पहले मिली जानकारी में इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि मुख्यालय के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर एजेंडे में शामिल किया जाएगा या इस पर कोई फैसला लिया जाएगा।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विजय प्रशासन सत्ता में आने के बाद घोषित की गई विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। बैठक में प्रमुख विकास प्रस्तावों के साथ-साथ विभागों के कामकाज की समीक्षा भी मुख्य रूप से शामिल रहने की उम्मीद है।
‘वेत्री तमिलनाडु’ कार्यक्रम को लेकर बैठक में इस बात की समीक्षा होने की उम्मीद है कि कार्यक्रम के तय लक्ष्यों और अलग-अलग परियोजनाओं की प्रगति के बीच क्या संबंध है। औद्योगिक निवेश, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन या प्रस्तावित प्रशासनिक मुख्यालय को लेकर कोई भी फैसला बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
राजनीति
जम्मू-कश्मीर में साइबर हमलों से निपटने की तैयारी, सरकार ने सभी विभागों को सुरक्षा मजबूत करने का दिया आदेश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सभी विभागों में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का आदेश दिया।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संगठनों को साइबर सुरक्षा मजबूत करने और सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को उभरते साइबर खतरों से बचाने का निर्देश दिया है।
सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों और संगठनों को ‘यूनिफाइड एंडपॉइंट मैनेजमेंट’ (यूईएम) और ‘एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स’ (ईडीआर) समाधानों के अपग्रेडेड वर्जन लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षित और जवाबदेह ई-गवर्नेंस के हित में सभी विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे यूईएम और ईडीआर के नए वर्जन को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।
यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सरकारी विभागों और संगठनों में अपग्रेडेड साइबर सुरक्षा समाधान लागू करने के संबंध में भेजे गए एक संदेश के बाद उठाया गया है।
सरकार ने कहा कि सरकारी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से ‘नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर नेटवर्क’ (एनआईसीएनईटी) और ‘जम्मू-कश्मीर स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क’ (जेकेएसडब्ल्यूएएन) से जुड़े एंडपॉइंट्स पर बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए, यूईएम और ईडीआर समाधानों को लागू करना बहुत महत्वपूर्ण है।
ये अपग्रेडेड सिस्टम सरकारी एंडपॉइंट्स का सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट प्रदान करेंगे, सुरक्षा नियमों के पालन और कमजोरियों की निगरानी में मदद करेंगे, साइबर खतरों का जल्द पता लगाने में सक्षम होंगे और सुरक्षा घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायता करेंगे। सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि मौजूदा यूईएम और ईडीआर समाधानों के लाइसेंस सपोर्ट की अवधि समाप्त होने वाली है।
इसके अनुसार, सुरक्षा सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और उभरते साइबर खतरों से बचाव के लिए एनआईसी मुख्यालय ने इनके अपग्रेडेड वर्जन हासिल कर लिए हैं। एनआईसी के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम, जिसे ‘साइबर वॉरियर्स’ नाम दिया गया है, संबंधित सरकारी विभागों और संगठनों में जाएगी। यह टीम एनआईसीएनईटी-जेकेएसडब्ल्यूएएन से जुड़े सभी एंडपॉइंट्स पर इन अपग्रेडेड समाधानों को इंस्टॉल और लागू करेगी।
इसे चरणों में लागू किया जाएगा। प्रशासनिक सचिवों और विभागों, पीएसयू और निगमों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक ये निर्देश पहुंचाएं और अपग्रेडेड सिस्टम को इंस्टॉल करने के लिए एनआईसी टीम को पूरा सहयोग दें।
सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, स्थापित आईटी गवर्नेंस नियमों का पालन सुनिश्चित करना और पूरे जम्मू-कश्मीर में एक सुरक्षित तथा जवाबदेह ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है।
राजनीति
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सीएम शर्मा का पलटवार, बोले- हार पर आत्ममंथन करे कांग्रेस

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी से लगातार चुनावी हार पर आत्मनिरीक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी आंतरिक कमियों को पहचानना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में की गई टिप्पणी की भी आलोचना की और इसे राजनीतिक चर्चा में अनुचित बताया।
जयपुर के सेंट्रल पार्क में सुबह की सैर के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व, संगठनात्मक कमजोरियों और जनता से जुड़ाव का आकलन करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी कमियों को पहचानना चाहिए। कोई और आपकी कमजोरियों को दूर नहीं कर सकता। जनता के बीच जाएं और उनके दिलों में जगह बनाएं। आपसी आरोप-प्रत्यारोप से कुछ हासिल नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस लंबे समय से चुनाव हार रही है और उसे अपनी चुनावी हार के कारणों की जांच करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, पार्टी को अपने नेतृत्व की गुणवत्ता और नेताओं द्वारा जनता के बीच बिताए जाने वाले समय का मूल्यांकन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर सवाल उठाने और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से संबंधित आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे तर्क आंतरिक मूल्यांकन का विकल्प नहीं हो सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में खड़गे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को संयम बरतना चाहिए और दिवंगत परिवार के सदस्यों से संबंधित व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहना चाहता हूं कि राजनीति में ऐसी भाषा का कोई स्थान नहीं है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। किसी को भी किसी के भी दिवंगत माता-पिता के बारे में ऐसी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तुष्टीकरण से संबंधित मुद्दों को बार-बार उठाने और आरोप फैलाने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से विवेकपूर्ण निर्णय लेने और राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा राजस्थान पंचायत चुनावों में पर्याप्त बहुमत हासिल करेगी। राज्य सरकार की ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रस्ताव की घोषणा के समय हुई आलोचनाओं को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव पहले ही हो चुके हैं और पंचायत चुनाव अब चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों के कल्याण पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमें राजस्थान की जनता पर पूरा भरोसा है। भाजपा पंचायत चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।
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